भाभी बोली — तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है
मेरा नाम राहुल है। उम्र 22 साल। मैं कॉलेज में पढ़ता हूँ। हमारे घर में मम्मी-पापा, भैया और भाभी रहते हैं। भैया की शादी को तीन साल हो चुके हैं। भैया जॉब में बहुत व्यस्त रहते हैं। अक्सर सुबह 8 बजे निकल जाते और रात 10-11 बजे तक आते।
भाभी का नाम पूजा है। उम्र 27 साल। गोरी, सुंदर और बेहद सेक्सी। उनकी बॉडी देखकर कोई भी दीवाना हो जाए। खासकर उनकी बड़ी-बड़ी छातियाँ और मोटी गांड। हम दोनों में काफी हँसी-मजाक चलती थी, लेकिन कभी कोई गलत बात नहीं हुई थी।
गर्मी के मौसम की बात है। एक दिन भैया 4 दिन के लिए बाहर गए थे। घर में सिर्फ मम्मी-पापा, भाभी और मैं थे। गर्मी इतनी थी कि सब तरफ से पसीना छूट रहा था।
एक शाम मैं हॉल में सोफे पर लेटा टीवी देख रहा था। भाभी किचन में खाना बना रही थीं। मैंने सिर्फ शॉर्ट्स पहना हुआ था। गर्मी की वजह से मेरा लंड अचानक खड़ा हो गया और शॉर्ट्स में साफ उभर रहा था।
भाभी किचन से पानी लेने आईं। जैसे ही उनकी नजर मेरे लंड पर पड़ी, वे कुछ सेकंड के लिए रुक गईं। फिर कुछ बोले बिना चली गईं। लेकिन उस दिन के बाद भाभी मुझे अलग नजर से देखने लगी थीं।
दूसरे दिन दोपहर को मम्मी-पापा रिश्तेदारों के यहाँ चले गए। घर में सिर्फ भाभी और मैं अकेले थे। गर्मी बहुत ज्यादा थी। भाभी ने पतला कुर्ता और पजामा पहना हुआ था। पसीने से उनका कुर्ता कहीं-कहीं चिपक रहा था।
भाभी ने कहा, “राहुल, आज गर्मी ने तो मार ही डाला है।”
मैंने कहा, “हाँ भाभी, सच में बहुत गर्मी है।”
थोड़ी देर बाद भाभी बाथरूम में नहाने चली गईं। नहाने के बाद जब बाहर आईं तो उनका कुर्ता थोड़ा गीला था और बाल खुले थे। वे बहुत हॉट लग रही थीं।
भाभी ने कहा, “राहुल, थोड़ी बर्फ ले आ ना… पानी बहुत गर्म पड़ रहा है।”
मैं बर्फ लेकर बाथरूम के पास गया। भाभी ने दरवाजा खोला और हाथ बाहर निकाला। बर्फ का टुकड़ा उनके हाथ से गिर गया। भाभी “आह!” करके चीख पड़ीं। मुझे लगा कुछ हो गया है, इसलिए मैंने बिना सोचे दरवाजा खोल दिया।
अंदर भाभी सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थीं। पानी की बूँदें उनके गोरे बदन पर चमक रही थीं। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।
भाभी ने कहा, “राहुल! तुमने दरवाजा क्यों खोला?”
मैंने घबराकर कहा, “मुझे लगा तुम गिर गई हो भाभी…”
भाभी हँसने लगीं और बोलीं, “अब आ ही गए हो तो अंदर आ जाओ। मेरी पीठ पर बर्फ लगा दो।”
मैं अंदर चला गया। भाभी ने कहा, “किसी को कुछ मत बताना।”
मैंने बर्फ उनके कंधे और पीठ पर लगानी शुरू कर दी। भाभी की साँसें भारी हो रही थीं।
“वाह… राहुल… बहुत अच्छा लग रहा है…”
थोड़ी देर बाद भाभी ने कहा, “अब तू भी कपड़े उतार। गर्मी लग रही होगी ना?”
मैंने टी-शर्ट और शॉर्ट्स उतार दिए। जैसे ही मैंने कच्छा उतारा, मेरा मोटा और लंबा लंड बाहर आ गया। भाभी उसे देखकर चौंक गईं।
“अरे वाह… ये इतना बड़ा है?” भाभी ने कहा।
मैंने कुछ नहीं कहा। भाभी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगीं।
“बाप रे… भैया से तो बहुत ज्यादा मोटा और लंबा है तेरा।”
ये सुनकर मेरा जोश दोगुना हो गया। मैंने भाभी को दीवार से लगा लिया और उनके होंठों पर जोर से किस किया। भाभी ने भी गहरा किस किया। फिर मैंने उनकी ब्रा खोली और पैंटी नीचे उतार दी। भाभी की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी।
भाभी ने कहा, “राहुल… आराम से… तेरा लंड बहुत बड़ा है।”
मैंने भाभी को बाथरूम के फर्श पर लिटा दिया। जैसे ही मैंने लंड उनकी चूत पर रखा और दबाया, लंड आधा अंदर चला गया। भाभी की आँखें बंद हो गईं।
“आह… राहुल… धीरे… उउम्म्ह…”
जब मैंने दूसरा जोरदार झटका लगाया तो पूरा लंड अंदर चला गया। भाभी जोर से चीख पड़ीं —
“आह्ह… यार… तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है!”
ये सुनकर मैं पागल हो गया। मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। भाभी की छातियाँ उछल रही थीं। बाथरूम में सिर्फ हमारी साँसें और “पचक-पचक” की आवाज गूँज रही थी।
“आह… राहुल… और जोर से… हाँ… भैया ने कभी इतना नहीं चोदा… तेरा लंड सच में कमाल का है…”
मैंने भाभी की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और तेजी से चोदने लगा। भाभी दो बार जोर से काँपकर झड़ चुकी थीं। कुछ देर बाद मैं भी रुक नहीं पाया और भाभी की गोरी छातियों पर माल छोड़ दिया।
भाभी साँस लेते हुए बोलीं,
“राहुल… तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है। आज के बाद मैं तेरे बिना नहीं रह पाऊँगी।”
मैं भाभी के ऊपर लेट गया और उनके होंठों पर लंबा किस किया।
भाभी ने कहा, “अब नहा ले… और रात को फिर आना। आज रात पूरा मौका है।”
रात वाली लंबी चुदाई
दोपहर की बाथरूम वाली चुदाई के बाद भाभी और मैं दोनों बहुत थक गए थे। भाभी ने कहा था, “रात को फिर आना… आज रात पूरा मौका है।”
शाम को मम्मी-पापा घर आ गए। रात का खाना सबने साथ खाया। भाभी मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थीं, लेकिन भाई के सामने कुछ नहीं बोल रही थीं। भैया अभी 3 दिन और बाहर थे, इसलिए हमें पूरा मौका मिलने वाला था।
रात के करीब 11:30 बजे मम्मी-पापा अपने कमरे में सो गए। भाभी ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया —
भाभी: “अभी 15 मिनट बाद मेरे कमरे में आ जाना। दरवाजा खुला छोड़ दूँगी। और हाँ… कंडोम ले आना।”
मेरा दिल जोर से धड़कने लगा। ठीक 11:45 बजे मैं चुपके से भाभी के कमरे में घुस गया। भाभी बेड पर लेटी हुई थीं। उन्होंने सिर्फ एक पतला नाइट सूट पहना हुआ था। जैसे ही मैं अंदर आया, भाभी ने दरवाजा बंद किया और ताला लगा दिया।
भाभी ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और जोर से गले लगा लिया। “राहुल… आज रात तुझे रोकने वाला कोई नहीं है। जितना मन करे उतना चोदना मुझे।”
मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ गया। हम दोनों जोर से किस करने लगे। भाभी की जीभ मेरे मुंह में घुस रही थी। मैंने उनका नाइट सूट उतार दिया। अंदर उन्होंने कुछ नहीं पहना था। उनकी गोरी छातियाँ और चमकदार चूत सामने आ गई।
पहले मैंने उनकी छातियाँ चूसनी शुरू कर दीं। भाभी की साँसें तेज हो गईं। “आह… राहुल… चूस… और जोर से चूस…”
कुछ देर बाद मैं नीचे की तरफ गया। भाभी की टाँगें फैला दीं और मुंह लगा दिया। उनकी चूत पहले से ही गीली थी। मैंने जीभ से उनकी चूत चाटनी शुरू कर दी। भाभी ने मेरे बाल पकड़ लिए।
“आह… राहुल… तेरी जीभ बहुत अच्छी है… आह… चाट… और चाट…”
मैंने उनकी चूत को अच्छे से चाटा। भाभी दो बार जोर से काँपकर झड़ चुकी थीं। फिर भाभी ने मुझे ऊपर खींच लिया।
“अब मेरी बारी है,” भाभी ने कहा।
उन्होंने मुझे लिटा दिया और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। भाभी बहुत अच्छे से चूस रही थीं। उनका मुंह पूरा भर रहा था। “तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है… मुंह में ही दर्द हो रहा है,” भाभी बोलीं और फिर जोर से चूसने लगीं।
10 मिनट बाद भाभी ने कहा, “अब अंदर डाल… मैं और नहीं सह पा रही।”
मैंने कंडोम लगाया और भाभी के ऊपर चढ़ गया। जैसे ही लंड उनकी चूत में घुसा, भाभी की आँखें बंद हो गईं।
“आह्ह… यार… पूरा अंदर चला गया… भैया का लंड इतना अंदर कभी नहीं जाता था…”
मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। भाभी मेरी पीठ पर नाखून गड़ा रही थीं। “और जोर से… राहुल… आज मुझे फाड़ डाल…”
मैंने रफ्तार बढ़ा दी। भाभी की छातियाँ उछल रही थीं। कमरे में सिर्फ हमारी साँसें और “पचक-पचक” की आवाज आ रही थी। भाभी दो बार और झड़ चुकी थीं।
पहला राउंड करीब 20 मिनट चला। आखिर में मैं भी झड़ गया।
हम दोनों 10 मिनट तक एक-दूसरे से लिपटे रहे। भाभी मेरे बाल सहला रही थीं।
“राहुल… तेरा लंड सच में भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है। आज मुझे इतना मजा आया जितना पहले कभी नहीं आया।”
थोड़ी देर बाद भाभी ने फिर से मेरा लंड हाथ में लिया। 5 मिनट में ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।
“अब दूसरा राउंड,” भाभी ने कहा।
इस बार भाभी ने खुद ऊपर आकर बैठना चाहा। उन्होंने मेरे लंड को अपनी चूत में उतारा और ऊपर-नीचे होने लगीं। उनकी गोरी छातियाँ मेरे चेहरे के सामने झूल रही थीं। मैं उन्हें चूस रहा था।
“आह… राहुल… कितना मोटा है तेरा… भैया का तो इतना मोटा नहीं था…”
भाभी तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थीं। उनका शरीर पसीने से भीग रहा था। करीब 15 मिनट बाद भाभी फिर से जोर से काँपकर झड़ गईं।
तीसरा राउंड डॉगी स्टाइल में हुआ। भाभी घुटनों के बल हो गईं। मैं पीछे से आया और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा। भाभी की मोटी गांड मेरे सामने थी। मैं एक हाथ से उनकी गांड मार रहा था।
“आह… राहुल… और मार… हाँ… ऐसे ही… भैया कभी पीछे से नहीं चोदता था…”
रात के 3 बजे तक हमने कुल चार राउंड पूरे कर लिए थे। हर बार नया कंडोम। भाभी तीन बार से ज्यादा झड़ चुकी थीं। आखिरी राउंड में भाभी इतनी थक चुकी थीं कि बस लेटी हुई थीं और मैं धीरे-धीरे उनको चोद रहा था।
सुबह 5 बजे के करीब भाभी ने कहा, “राहुल… अब जा अपने कमरे में। सुबह मम्मी-पापा उठ जाएंगे।”
मैंने आखिरी बार भाभी को जोर से गले लगाया और उनके होंठों पर लंबा किस किया।
भाभी ने कहा, “कल रात फिर आना… और इस बार और ज्यादा देर तक चोदना मुझे।”
डॉगी स्टाइल में भाभी की लंबी चुदाई
रात के 1 बजे के करीब भाभी ने मुझे फिर से मैसेज किया। आज भाभी का मूड कुछ और ही था।
भाभी: “आज रात मुझे डॉगी स्टाइल में चोदना… बहुत जोर से। और कोई पोजीशन नहीं। सिर्फ पीछे से।”
मैं भाभी के कमरे में गया। भाभी पहले से ही नंगी बेड पर घुटनों के बल बैठी हुई थीं। उनकी मोटी और गोरी गांड मेरी तरफ थी। जैसे ही मैं अंदर आया, भाभी ने पीछे मुड़कर कहा —
“आज कोई फोरप्ले नहीं… सीधे अंदर डाल। और जोर-जोर से चोदना।”
मैंने कंडोम लगाया और भाभी के पीछे आ गया। उनका शरीर पहले से ही पसीने से भीगा हुआ था। मैंने भाभी की कमर पकड़ ली और अपना लंड उनकी चूत पर रखा।
“राहुल… धीरे मत करना… आज मुझे दर्द चाहिए,” भाभी बोलीं।
मैंने एक जोरदार झटका लगाया। मेरा पूरा लंड एक ही बार में भाभी की चूत में घुस गया। भाभी का मुंह खुल गया और जोर से साँस ली।
“आह्ह्ह… यार… पूरा अंदर चला गया… भैया का कभी इतना अंदर नहीं जाता था…”
मैंने भाभी की कमर दोनों हाथों से पकड़ ली और धीरे-धीरे बाहर निकालकर फिर जोर से धक्का लगाया। भाभी की गोरी गांड थोड़ी हिल गई।
“आह… राहुल… और जोर से… हाँ… ऐसे ही…”
मैंने रफ्तार बढ़ा दी। अब हर धक्के के साथ मेरा लंड भाभी की चूत में पूरा अंदर तक जा रहा था। भाभी की छातियाँ नीचे लटक रही थीं और हर धक्के के साथ उछल रही थीं।
“तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है… आह… गहराई तक मार रहा है…” भाभी सिसक रही थीं।
मैंने भाभी के बाल पकड़ लिए और पीछे की तरफ खींचे। भाभी का सिर ऊपर उठ गया। मैंने एक हाथ से उनकी गांड पर थप्पड़ मारा।
“आह… राहुल… और मार… गांड मार… और जोर से मार…”
अब मैं पूरा जोश में था। भाभी की गोरी गांड लाल हो रही थी। मैं एक हाथ से उनकी कमर पकड़े हुए था और दूसरे हाथ से उनकी गांड मार रहा था। हर थप्पड़ के साथ भाभी की चूत और भी ज्यादा कस जाती थी।
“आह… आह… राहुल… मेरा राजा… आज तो मेरी चूत फाड़ डालेगा… भैया ने कभी इतना जोर से नहीं चोदा…”
मैंने भाभी को और नीचे झुकाया। अब उनकी गांड और ऊपर उठ गई थी। इस पोजीशन में मेरा लंड और भी गहराई तक जा रहा था। भाभी की साँसें बहुत तेज हो गई थीं।
“राहुल… रुक मत… जारी रख… आह… गहरा… और गहरा मार…”
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। भाभी की चूत से चिकना पानी निकल रहा था और मेरे लंड पर फैल रहा था। कमरे में सिर्फ भाभी की चीखें और “पचक-पचक” की तेज आवाजें आ रही थीं।
भाभी तीन बार जोर से काँपकर झड़ चुकी थीं। आखिरी बार जब वे झड़ीं तो उनकी टाँगें काँपने लगीं।
“राहुल… मैं गई… आह्ह्ह… रुक मत… और चोद…”
मैंने भी रुकने का नाम नहीं लिया। भाभी की गोरी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। भाभी का शरीर आगे-पीछे हो रहा था।
करीब 25 मिनट तक लगातार डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद मैं भी झड़ने वाला था। मैंने भाभी के बाल फिर से पकड़े और आखिरी कुछ जोरदार धक्के लगाए।
“आह… राहुल… अंदर मत छोड़… बाहर निकाल…”
मैंने लंड बाहर निकाला और कंडोम उतारकर भाभी की गोरी गांड पर माल छोड़ दिया। मोटा-मोटा पानी भाभी की गांड पर फैल गया।
भाभी थककर बेड पर गिर पड़ीं। उनकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं। मैं भी उनके बगल में लेट गया।
भाभी ने मुड़कर मुझे देखा और कहा —
“राहुल… आज तूने मुझे सच में फाड़ दिया। डॉगी स्टाइल में तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा लग रहा था। गहराई तक मार रहा था।”
मैंने भाभी को गले लगा लिया और उनके गाल पर किस किया।
भाभी ने कहा, “कल रात फिर डॉगी स्टाइल में ही चोदना… लेकिन इस बार और ज्यादा देर तक।”
