भाई के मोटे लंड से चुदते-चुदते चीख-चीखकर पानी छोड़ने लगी

मेरा नाम प्रिया है। उम्र 25 साल। मेरी शादी हो चुकी है, लेकिन मैं अक्सर मायके आती रहती हूँ। मेरे छोटे भाई का नाम रोहन है। उम्र 22 साल।

रोहन की बॉडी बहुत अच्छी है। खासकर उसका लंड… वो बहुत मोटा है। मैंने कई बार नहाते वक्त या कपड़े बदलते वक्त उसका लंड देखा था। तब से मेरे मन में उसके लिए गंदे ख्याल आने लगे थे।

इस बार मैं 10 दिन के लिए मायके आई थी। मम्मी-पापा शादी में गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं और रोहन अकेले थे।

पहले दो दिन तो मैंने खुद को कंट्रोल किया। लेकिन तीसरे दिन शाम को जब रोहन नहाकर टॉवल लपेटे बाहर आया, तो उसका मोटा लंड टॉवल में साफ उभर रहा था। मेरी आँखें वहीं टिक गईं।

उस रात मैंने फैसला कर लिया कि आज मैं रोहन को पटाऊंगी।

रात को जब रोहन अपने कमरे में था, मैं नहाकर सिर्फ नाइटी पहनकर उसके कमरे में गई। रोहन बेड पर लेटा मोबाइल देख रहा था। जैसे ही उसने मुझे देखा, उसकी नजर मेरी छातियों पर चली गई।

मैं सीधे उसके बेड पर जाकर बैठ गई और बोली, “रोहन, तू मुझे बहुत घूर रहा है ना?”

रोहन शर्मा गया। मैं हँसकर बोली, “शर्मा मत… मैंने भी देख लिया है कि तू मेरी छातियाँ और गांड कैसे देखता है।”

फिर मैंने सीधे कहा, “आज रात तू मुझे चोदेगा?”

रोहन हैरान रह गया। मैंने उसके लंड पर हाथ रख दिया। वो पहले से ही खड़ा हो चुका था। मैंने कहा, “कितना मोटा है तेरा… आज मेरी बुर फाड़ देना।”

रोहन कुछ बोल नहीं पाया। मैंने खुद उसका टॉवल खोल दिया। उसका लंड देखकर मेरी साँस रुक गई। सच में बहुत मोटा था।

मैंने नाइटी उतार दी और बेड पर लेट गई। टाँगें फैला दीं। रोहन मेरे ऊपर आ गया। मैंने कहा, “कंडोम मत लगा… आज मुझे रॉ चोदना।”

रोहन ने अपना मोटा लंड मेरी चूत पर रखा और जोर से दबाया। जैसे ही उसका मोटा लंड अंदर घुसा, मुझे बहुत दर्द हुआ। मैं जोर से चीख पड़ी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मोटा लंड… फट गई… आह्ह…”

रोहन ने रुका नहीं। उसने दूसरा जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड मेरी बुर में घुस गया। मैं जोर से चीखने लगी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मर गई… फट गई मेरी बुर… आह्ह… बहुत मोटा है तेरा… आह्ह… निकाल… आह्ह…”

रोहन ने मेरी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ मेरी चीख निकल रही थी।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

मैं दोनों हाथों से चादर पकड़े हुए जोर से चीख रही थी। रोहन का मोटा लंड मेरी बुर को फाड़ रहा था। दर्द भी हो रहा था, लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था।

10 मिनट बाद मेरा शरीर अचानक अकड़ गया। मेरी आँखें बंद हो गईं और मैं जोर से काँपने लगी। उसी वक्त मेरी बुर से पानी की तेज धार निकलने लगी।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मैं गई… आह्ह…”

पानी की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मैं चीख-चीखकर पानी छोड़ रही थी। रोहन ने रफ्तार और बढ़ा दी। मैं और जोर से चीखने लगी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… रुक… आह्ह… पानी बंद नहीं हो रहा… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार चोदने के बाद रोहन भी झड़ गया। उसने लंड बाहर निकालकर मेरे पेट और छातियों पर माल छोड़ दिया।

मैं थककर लेटी रही। मेरी साँसें बहुत तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद मैंने रोहन को गले लगाते हुए कहा —

“रोहन… आज तूने सच में मेरी बुर फाड़ दी। इतनी जोर से चीख-चीखकर पानी मैंने कभी नहीं छोड़ा था। तेरा मोटा लंड मुझे पागल कर रहा है।”

रोहन ने मुझे गले लगाते हुए कहा, “दीदी, कल फिर से चोदूंगा।”

मैं मुस्कुराकर बोली, “हाँ… लेकिन कल और जोर से। आज रात मुझे तेरे मोटे लंड के साथ सोना है।”

अगले दिन मेरा भाई सुबह से मेरे पीछे पड़ गया

पिछली रात रोहन ने मुझे इतना जोर से चोदा था कि मेरी बुर में अभी भी हल्का दर्द था। सुबह 7 बजे जब मैं नहाने के बाद नाइटी पहनकर किचन में चाय बना रही थी, तभी रोहन पीछे से आ गया।

उसने मेरी कमर पकड़ ली और मेरे कान में फुसफुसाया, “दीदी… आज सुबह से ही मन कर रहा है।”

मैंने कहा, “रोहन, अभी सुबह हो गई है। थोड़ा रुक।”

लेकिन रोहन ने मेरा मना करना मानने का नाम नहीं लिया। उसने मेरी नाइटी ऊपर कर दी और मेरी गांड पर हाथ फेरने लगा। उसका लंड पहले से ही मेरी गांड से सटकर खड़ा हो चुका था। बहुत मोटा था।

मैंने कहा, “रोहन… अभी मत कर।”

लेकिन वो नहीं माना। उसने मुझे किचन के स्लैब से लगा दिया और मेरी नाइटी पूरी तरह ऊपर कर दी। फिर उसने अपना मोटा लंड मेरी चूत पर रख दिया और एक जोरदार धक्का मारा।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… सुबह-सुबह… आह्ह… मोटा लंड… फट गई… आह्ह…”

रोहन ने रुका नहीं। उसने दूसरा जोरदार धक्का लगाया। पूरा लंड मेरी बुर में घुस गया। मैं जोर से चीख पड़ी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मर गई… फट गई मेरी बुर… आह्ह… बहुत मोटा है… आह्ह… निकाल… आह्ह…”

रोहन ने मेरी कमर दोनों हाथों से पकड़ ली और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। किचन में सिर्फ मेरी चीखें और “पचक-पचक” की आवाज गूँज रही थी।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

हर धक्के के साथ मेरी चीख निकल रही थी। रोहन आज और ज्यादा जोर से चोद रहा था। उसका मोटा लंड मेरी बुर को फाड़ रहा था।

5 मिनट बाद ही मेरा शरीर काँपने लगा। मैं जोर से चीखते हुए पानी छोड़ने लगी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह…”

पानी की धार मेरे पैरों से होती हुई फर्श पर गिर रही थी। रोहन ने रफ्तार और बढ़ा दी। मैं चीख-चीखकर पानी छोड़ रही थी।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… रुक… आह्ह… पानी बंद नहीं हो रहा… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

रोहन ने मुझे घुमाकर डॉगी स्टाइल में कर दिया। अब वो पीछे से जोर-जोर से चोद रहा था। मेरी चीखें और भी तेज हो गईं।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

10 मिनट तक लगातार चोदने के बाद रोहन मेरी बुर में ही झड़ गया। मैं थककर स्लैब पर गिर पड़ी। मेरी साँसें बहुत तेज चल रही थीं।

रोहन ने मुझे पीछे से गले लगाते हुए कहा, “दीदी… आज पूरा दिन तुझे चोदूंगा।”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ… लेकिन अब थोड़ा आराम कर लेने दे। मेरी बुर में दर्द हो रहा है।”

लेकिन रोहन ने मेरा मना नहीं माना। दो घंटे बाद ही वो फिर मेरे पीछे पड़ गया। इस बार उसने मुझे बाथरूम में पकड़ लिया और खड़े-खड़े मेरी बुर चोद दी। फिर से मेरी चीखें निकलने लगीं।

शाम को रोहन ने मुझे तीन बार चोदा। हर बार मेरी चीखें और पानी की धार निकलती रही।

रात को जब हम बेड पर थे, रोहन ने कहा, “दीदी, तू सच में बहुत सेक्सी है। तेरा भाई तुझे चोदे बिना नहीं रह पाता।”

मैंने उसे गले लगाते हुए कहा, “रोहन… तेरा मोटा लंड मुझे पागल कर रहा है। जितना मारना हो, मार ले।”

उस रात रोहन ने मुझे चार बार चोदा। आखिरी बार जब वो मेरी बुर में झड़ रहा था, मैं जोर से चीखते हुए फिर से पानी छोड़ रही थी।

दोपहर में भी मुझे जमकर चोदा

सुबह रोहन ने मुझे किचन में और बाथरूम में दो बार चोदा था। मेरी बुर में दर्द हो रहा था, लेकिन मन अभी भी शांत नहीं हुआ था।

दोपहर के करीब 1 बजे मैं अपने कमरे में लेटी हुई थी। नाइटी पहने हुए थी। रोहन अचानक कमरे में आ गया। उसने दरवाजा बंद किया और ताला लगा दिया।

मैंने कहा, “रोहन, अभी दोपहर है। थोड़ा आराम कर ले।”

लेकिन रोहन ने मेरी बात नहीं सुनी। वह सीधे बेड पर आ गया और मेरी नाइटी ऊपर कर दी। उसका लंड पहले से ही खड़ा था — मोटा और तना हुआ।

उसने कहा, “दीदी, आज दोपहर में भी मुझे तुझे चोदना है।”

मैंने मना करने की कोशिश की, लेकिन रोहन ने मेरी टाँगें फैला दीं और अपना मोटा लंड मेरी चूत पर रख दिया। एक जोरदार धक्का मारा।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… दोपहर में… आह्ह… मोटा लंड… फट गई… आह्ह…”

रोहन ने रुका नहीं। उसने दूसरा जोरदार धक्का लगाया। पूरा लंड मेरी बुर में घुस गया। मैं जोर से चीख पड़ी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मर गई… फट गई मेरी बुर… आह्ह… बहुत मोटा है… आह्ह… निकाल… आह्ह…”

रोहन ने मेरी कमर दोनों हाथों से पकड़ लिया और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। आज वो पहले से भी ज्यादा जोर से चोद रहा था। हर धक्के के साथ मेरी चीख निकल रही थी।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

मैं दोनों हाथों से चादर पकड़े हुए जोर से चीख रही थी। रोहन का मोटा लंड मेरी बुर को फाड़ रहा था। दर्द भी हो रहा था, लेकिन मुझे मजा भी आ रहा था।

रोहन ने मेरी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और और तेजी से धक्के लगाने लगा। मेरी चीखें और भी तेज हो गईं।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… जोर से… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

10 मिनट बाद मेरा शरीर फिर से काँपने लगा। मैं जोर से चीखते हुए पानी छोड़ने लगी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह…”

पानी की धार निकलकर रोहन के लंड और बेड पर गिर रही थी। रोहन ने रफ्तार और बढ़ा दी। मैं चीख-चीखकर पानी छोड़ रही थी।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… रुक… आह्ह… पानी बंद नहीं हो रहा… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

रोहन ने मुझे घुमाकर डॉगी स्टाइल में कर दिया। अब वो पीछे से और जोर से चोद रहा था। मेरी चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार जोरदार चुदाई के बाद रोहन मेरी बुर में ही झड़ गया। मैं थककर बेड पर गिर पड़ी। मेरी साँसें बहुत तेज चल रही थीं।

रोहन ने मुझे पीछे से गले लगाते हुए कहा, “दीदी… दोपहर में भी तुझे चोदने का मजा ही कुछ और है।”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “रोहन… आज तूने मुझे सच में मार डाला। मेरी बुर में अभी भी दर्द हो रहा है।”

रोहन ने कहा, “शाम को फिर से चोदूंगा।”

मैंने कहा, “हाँ… लेकिन अब थोड़ा आराम कर लेने दे।”

लेकिन रोहन ने दो घंटे बाद ही फिर मुझे पकड़ लिया। इस बार उसने मुझे लिविंग रूम के सोफे पर लिटाया और फिर से जमकर चोदा।

दोपहर में कुल तीन बार रोहन ने मुझे चोदा। हर बार मेरी चीखें और पानी की धार निकलती रही।

शाम और रात की और ज्यादा रफ चुदाई

दोपहर में रोहन ने मुझे तीन बार चोदा था। मेरी बुर में दर्द हो रहा था, लेकिन मन अभी भी शांत नहीं हुआ था। शाम होते ही रोहन का मूड और भी ज्यादा खराब हो गया।

शाम 6 बजे – लिविंग रूम में

मैं सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी। रोहन अचानक आया और मुझे सोफे पर ही लिटा दिया। उसने मेरी नाइटी ऊपर कर दी और बिना कुछ बोले अपना मोटा लंड मेरी चूत में घुसा दिया।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… शाम को… आह्ह… मोटा लंड… फट गई… आह्ह…”

रोहन ने आज पहले से भी ज्यादा जोर से चोदना शुरू कर दिया। वह मेरी कमर पकड़े हुए जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। सोफे हिल रहा था। मेरी चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

रोहन ने मेरी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और और तेजी से चोदने लगा। मेरी चीखें और भी तेज हो गईं।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… जोर से… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

10 मिनट बाद मैं फिर से जोर से काँपने लगी। मेरी बुर से पानी की धार निकलने लगी। मैं चीखते हुए बोली —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह…”

रोहन ने रफ्तार और बढ़ा दी। मैं चीख-चीखकर पानी छोड़ रही थी।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… रुक… आह्ह… पानी बंद नहीं हो रहा… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

शाम को रोहन ने मुझे दो बार चोदा। दोनों बार मेरी चीखें और पानी की धार निकलती रही।

रात 10 बजे – बेड पर सबसे रफ चुदाई

रात को जब हम बेड पर गए, रोहन का मूड और भी ज्यादा खतरनाक था। उसने कहा, “आज रात मुझे तुझे बहुत जोर से चोदना है।”

मैं बेड पर लेट गई। रोहन ने मेरी टाँगें फैला दीं और अपना मोटा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। जैसे ही लंड अंदर गया, मैं जोर से चीख पड़ी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… रात को… आह्ह… मोटा लंड… फट गई… आह्ह…”

रोहन ने आज रात पहले से कहीं ज्यादा जोर से चोदना शुरू कर दिया। वह मेरी कमर पकड़े हुए बहुत तेजी से धक्के लगा रहा था। बेड जोर-जोर से हिल रहा था। मेरी चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

रोहन ने मेरी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और और जोर से चोदने लगा। मेरी चीखें अब चीख में बदल गई थीं।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… जोर से… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

15 मिनट बाद मैं फिर से जोर से काँपने लगी। मेरी बुर से पानी की तेज धार निकलने लगी। मैं चीखते हुए बोली —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह…”

रोहन ने रफ्तार और बढ़ा दी। मैं चीख-चीखकर पानी छोड़ रही थी। रोहन ने मेरे बाल पकड़ लिए और और जोर से चोदने लगा।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… रुक… आह्ह… पानी बंद नहीं हो रहा… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

20 मिनट तक लगातार बहुत रफ चुदाई के बाद रोहन मेरी बुर में ही झड़ गया। मैं थककर बेड पर गिर पड़ी। मेरी साँसें बहुत तेज चल रही थीं।

रोहन ने मुझे गले लगाते हुए कहा, “दीदी… आज रात तूने बहुत जोर से चीखी। तेरा भाई तुझे चोदे बिना नहीं रह पाता।”

मैंने थककर कहा, “रोहन… आज तूने सच में मुझे मार डाला। मेरी बुर और गांड दोनों में दर्द हो रहा है।”

रोहन ने कहा, “कल फिर से चोदूंगा।”

मैंने कहा, “हाँ… लेकिन अब मुझे सोने दे।”

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