अनन्या की सील तोड़ी पहली बार जमकर चोदा | first time girlfriend chudai

पहली बार गर्लफ्रेंड अनन्या की चुदाई

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मैं राहुल हूँ, 23 साल का। मेरी गर्लफ्रेंड अनन्या 21 साल की है। हम पिछले 10 महीनों से डेटिंग कर रहे हैं। हमारी मुलाकात एक फ्रेंड की पार्टी में हुई थी। शुरू में सिर्फ दोस्ती थी, लेकिन धीरे-धीरे हम एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए।

हमने बहुत बार गहरी किसिंग की थी, गले मिले थे, एक-दूसरे के शरीर को छुआ था, लेकिन कभी भी पूरा सेक्स नहीं किया था। अनन्या ने मुझे पहले ही बता दिया था कि वो virgin है। उसे दर्द का बहुत डर था। मैंने हमेशा कहा था कि जब वो पूरी तरह तैयार होगी, तभी करेंगे — और मैं बहुत प्यार से करूंगा।

एक शुक्रवार की शाम अनन्या ने मुझे कॉल किया। उसकी आवाज में थोड़ी nervousness और excitement दोनों थी।

अनन्या: राहुल, पापा-मम्मी आज रात को शादी में जा रहे हैं। कल दोपहर तक लौटेंगे। घर पर अकेली हूँ… आ जाना। राहुल: ठीक है बेबी, शाम 8 बजे आ रहा हूँ।

मेरा दिल तेज धड़कने लगा। क्या आज वो रात आने वाली है? क्या अनन्या आज मुझे अपनी पहली बार देने के लिए तैयार है?

जब मैं उसके घर पहुँचा, अनन्या ने डोर खोला। वो एक लाइट पिंक टॉप और ब्लैक शॉर्ट्स पहने हुए थी। बाल खुले थे और वो थोड़ी घबराई हुई लग रही थी।

“आओ ना राहुल… अंदर आओ,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।

हम लिविंग रूम में बैठे। कुछ देर बातें कीं। फिर मैंने उसे अपनी बाहों में लिया और गाल पर किस किया।

“तुम nervous क्यों लग रही हो?” मैंने पूछा।

अनन्या ने आँखें नीची कर लीं और बोली, “राहुल… आज मैं सोच रही हूँ कि हम… पूरा कर लें। लेकिन मुझे बहुत डर लग रहा है। दर्द होगा ना? खून भी निकलेगा? और… तुम मुझे बहुत प्यार से करोगे ना?”

मैंने उसे और कसकर गले लगा लिया। “होगा थोड़ा दर्द बेबी, लेकिन मैं बहुत धीरे-धीरे और बहुत प्यार से करूंगा। अगर ज्यादा दर्द हो तो तुरंत बता देना। मैं रुक जाऊंगा। मैं तुम्हें चोट नहीं पहुँचाऊंगा।”

हम गहरे किस करने लगे। मेरी जीभ उसकी मुंह में घुस गई और वो भी धीरे-धीरे जोश में आने लगी। मैंने उसके टॉप के अंदर हाथ डाला और उसकी नंगी कमर सहलाई। फिर उसके स्तनों को ऊपर से धीरे से दबाया।

“आह…” वो हल्की सिसकारी ली।

“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा। “अच्छा… लेकिन दिल बहुत तेज धड़क रहा है।”

मैंने उसे उठाकर उसके बेडरूम में ले जाया। बेड पर लेटते ही हम फिर से एक-दूसरे पर टूट पड़े। मैंने उसका टॉप उतार दिया। अब वो ब्लैक ब्रा में थी। मैंने ब्रा के ऊपर से उसके स्तनों को चूमा। अनन्या ने मेरे बालों में हाथ डाल लिया।

“राहुल… आज सच में करोगे ना? बहुत प्यार से?” उसने पूछा। “हाँ बेबी। मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ। आज मैं सिर्फ तुम्हें खुश करना चाहता हूँ।”

अब मैंने उसके शॉर्ट्स उतार दिए। वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गई। मैंने भी अपनी शर्ट और जींस उतार दी। मेरा लंड खड़ा हो चुका था। अनन्या ने उसे देखा और थोड़ा डर गई।

मैं उसके ऊपर चढ़ गया। उसकी पैंटी के किनारे पकड़कर धीरे-धीरे नीचे खींचने लगा। पैंटी उतारते ही उसकी चिकनी, गुलाबी और virgin चूत सामने आ गई।

मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा। अनन्या का शरीर काँप रहा था।

“राहुल… डर लग रहा है…” “मैं हूँ ना बेबी। बहुत धीरे से करूंगा।”

अब हम पहली बार के कगार पर थे।

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अनन्या की सील तोड़ी पहली बार जमकर चोदा


अनन्या बेड पर लेटी हुई थी। मैं उसके ऊपर था। मेरा लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा हुआ था। वो बहुत nervous थी।

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए धीरे से कहा, “अनन्या… मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ। आज मैं सिर्फ तुम्हें खुश करना चाहता हूँ।”

अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और धीरे से बोली, “राहुल… बहुत धीरे से अंदर डालो।”

मैंने पहले उसे गहरा किस किया। फिर उसके गाल, गर्दन और होंठों पर कई बार किस किया। मैंने उसकी ब्रा के हुक खोले और ब्रा को धीरे से उतार दिया। उसके गोरे स्तन बाहर आ गए। मैंने दोनों स्तनों को प्यार से चूमा और धीरे से चूसा। अनन्या ने सिर पीछे झुकाया और “आह…” किया।

अब मैंने उसकी पैंटी के किनारे पकड़े और बहुत धीरे से नीचे खींचा। पैंटी उतरते ही उसकी चिकनी, गुलाबी और virgin चूत सामने आ गई।

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा। अनन्या ने मेरी आँखों में देखा। उसकी आँखों में डर और प्यार दोनों थे।

मैंने फिर से उसे चूमा और धीरे से कहा, “अगर दर्द हो तो तुरंत बता देना। मैं रुक जाऊंगा।”

अनन्या ने सिर हिलाया।

मैंने बहुत धीरे से दबाव डाला। लंड का सिरा उसकी चूत में घुसने लगा। अनन्या ने “उफ्फ…” किया। मैं रुक गया।

“दर्द हो रहा है?” मैंने पूछा। “थोड़ा… लेकिन आगे बढ़ो,” वो बोली।

मैंने फिर से उसे चूमा और धीरे-धीरे और दबाव डाला। लंड का आधा हिस्सा अंदर चला गया। अनन्या की आँखों में आँसू आ गए।

“आह… राहुल… दर्द हो रहा है…” मैंने तुरंत रुककर उसे गले लगा लिया और उसके होंठों पर किस किया। “शांत हो जाओ बेबी… मैं हूँ ना। बहुत धीरे से कर रहा हूँ।”

कुछ सेकंड बाद अनन्या ने कहा, “अब आगे बढ़ो।”

मैंने फिर से बहुत धीरे से दबाव डाला। पूरा लंड अंदर चला गया। अनन्या चीख पड़ी — “आह… उफ्फ… राहुल…”

मैंने देखा कि मेरे लंड पर थोड़ा सा खून लगा हुआ था। उसकी सील टूट गई थी।

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए धीरे से कहा, “सील टूट गई है बेबी। अब दर्द धीरे-धीरे कम होगा।”

अनन्या ने मुझे कसकर गले लगा लिया। आँसू उसके गालों से बह रहे थे। मैंने उसके आँसू चूम लिए और उसके होंठों पर फिर से किस किया।

मैं बहुत धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। हर धक्का बहुत प्यार से और धीरे से। अनन्या की चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी।

“आह… राहुल… अब… थोड़ा अच्छा लग रहा है…” वो बोली।

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए धीरे-धीरे चोदना जारी रखा। बीच-बीच में मैं उसे चूमता, उसके स्तनों को प्यार से चूसता और उसके कान में कहता, “तुम मेरी जान हो… मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।”

अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… और चूमो मुझे…”

मैंने उसे और गहरा किस किया और धीरे-धीरे चोदता रहा। अनन्या अब दर्द से ज्यादा pleasure महसूस कर रही थी। उसने अपनी टांगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं।

कुछ देर बाद अनन्या का शरीर हल्का सा काँपने लगा। “राहुल… मैं… मैं झड़ने वाली हूँ…”

उसने मुझे कसकर गले लगा लिया और जोर से चीखते हुए झड़ गई। मैंने भी कुछ धीरे-धीरे धक्के मारे और उसकी चूत के अंदर झड़ गया।

चुदाई के बाद भी मैं बाहर नहीं निकला। मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसे प्यार से चूमता रहा। अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… तुमने बहुत प्यार से किया… मुझे बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे गले लगा लिया और कहा, “मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूंगा।”

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दूसरी बार बहुत प्यार से missionary में चुदाई


पहली बार चुदाई के बाद मैं अभी भी अनन्या के ऊपर ही लेटा हुआ था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर था। अनन्या ने मुझे कसकर गले लगा रखा था। मैं उसके होंठों पर धीरे-धीरे किस कर रहा था।

“कैसा लगा बेबी?” मैंने पूछा।

अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “शुरू में दर्द हुआ… लेकिन तुमने बहुत प्यार से किया। अब अच्छा लग रहा है।”

मैंने उसे और गहरा किस किया और कहा, “मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूंगा।”

हम कुछ देर चुपचाप लेटे रहे। मैं उसके बालों में हाथ फेर रहा था और वो मेरे सीने पर हल्के-हल्के किस कर रही थी। धीरे-धीरे हम दोनों फिर से excited होने लगे। मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा। अनन्या ने महसूस किया और मुस्कुरा दी।

“फिर से?” उसने पूछा।

“हाँ… अगर तुम्हें अच्छा लग रहा हो तो,” मैंने कहा।

अनन्या ने सिर हिलाया। “हाँ… इस बार और अच्छा लगेगा।”

मैं धीरे से अपना लंड बाहर निकाला और उसके बगल में लेट गया। हम दोनों आमने-सामने लेटे थे। मैंने उसे फिर से चूमा — इस बार धीरे और लंबे समय तक। मेरे हाथ उसके नंगे शरीर पर घूम रहे थे। मैंने उसके स्तनों को प्यार से सहलाया और निप्पल्स को उंगलियों से छुआ। अनन्या की साँसें तेज होने लगीं।

कुछ मिनट बाद मैं फिर से उसके ऊपर चढ़ गया। अनन्या ने खुद अपने पैर फैला दिए। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा।

इस बार मैंने उसकी आँखों में देखते हुए बहुत धीरे से दबाव डाला। लंड आसानी से अंदर चला गया। अनन्या ने सिर्फ हल्का सा “आह…” किया।

“दर्द हो रहा है?” मैंने पूछा। “नहीं… अब बहुत कम है। आगे बढ़ो,” वो बोली।

मैं बहुत धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। हर धक्का बहुत प्यार से और धीरे था। मैं बीच-बीच में रुककर उसे चूमता और उसकी आँखों में देखता।

“तुम मेरी जान हो अनन्या… मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ,” मैंने कहा।

अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… और चूमो मुझे।”

मैंने उसे और गहरा किस किया और धीरे-धीरे चोदना जारी रखा। अनन्या अब पहले से ज्यादा relaxed थी। उसने अपनी टांगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं।

मैं झुककर उसके स्तनों को प्यार से चूसा। अनन्या ने सिर पीछे झुकाया और “आह…” किया। मैंने फिर से उसकी आँखों में देखा और धीरे-धीरे चोदता रहा।

“आह… राहुल… बहुत अच्छा लग रहा है…” वो बोली।

मैंने रफ्तार थोड़ी बढ़ाई, लेकिन फिर भी बहुत प्यार भरे अंदाज में। हर धक्के के साथ मैं उसे चूमता और उसकी आँखों में देखता। अनन्या अब खुलकर साँस ले रही थी।

कुछ देर बाद अनन्या का शरीर हल्का सा काँपने लगा। “राहुल… मैं फिर से… झड़ने वाली हूँ…”

उसने मुझे कसकर गले लगा लिया और जोर से चीखते हुए झड़ गई। मैंने भी धीरे-धीरे धक्के मारे और उसकी चूत के अंदर झड़ गया।

चुदाई के बाद भी मैं बाहर नहीं निकला। मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसे प्यार से चूमता रहा। अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… तुमने फिर से बहुत प्यार से किया। मुझे बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे गले लगा लिया और कहा, “मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूंगा।”

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सुबह बहुत प्यार से चुदाई


दूसरी बार चुदाई के बाद मैं अभी भी अनन्या के ऊपर ही लेटा हुआ था। मैंने धीरे से अपना लंड बाहर निकाला और उसके बगल में लेट गया। अनन्या ने तुरंत मुझे कसकर गले लगा लिया।

मैंने उसे और पास खींचा और उसके बालों में हाथ फेरते हुए कहा, “थक गई हो ना बेबी?”

अनन्या ने मेरी छाती पर सिर रखा और बोली, “हाँ… लेकिन बहुत अच्छा लगा। तुमने बहुत प्यार से किया।”

मैंने उसे गाल पर किस किया और कहा, “मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूंगा।”

हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मैं उसके शरीर को प्यार से सहला रहा था। अनन्या की साँसें धीरे-धीरे सामान्य हो गईं। कुछ देर बाद उसकी आँखें बंद हो गईं। मैंने भी उसे कसकर गले लगाए हुए सो गया।


अगले दिन सुबह…

सुबह के 8 बजे के आसपास धूप कमरे में आ रही थी। अनन्या अभी भी मेरी बाहों में सो रही थी। मैं जाग चुका था। मेरा लंड सुबह की हार्डनेस से खड़ा हो चुका था और वो अनन्या की जांघ से सटा हुआ था।

मैंने धीरे से उसके गाल पर किस किया। फिर उसके होंठों पर। अनन्या हल्की सी हिली और आँखें खोलीं। नींद में ही उसने मुस्कुराते हुए कहा, “राहुल… सुबह हो गई?”

“हाँ बेबी…” मैंने उसके कान में फुसफुसाया।

उसने मेरे सीने पर सिर रखा और बोली, “रात को बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे और कसकर गले लगा लिया और कहा, “मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।”

हम दोनों कुछ देर चुपचाप लेटे रहे। मैं उसके नंगे शरीर को प्यार से सहला रहा था। धीरे-धीरे अनन्या भी excited होने लगी। उसने मेरे लंड को हाथ से छुआ। मैंने उसके स्तनों को धीरे से दबाया।

कुछ मिनट बाद मैं फिर से उसके ऊपर चढ़ गया। अनन्या ने खुद अपने पैर फैला दिए।

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए बहुत धीरे से अपना लंड उसकी चूत पर रखा। अनन्या ने मुझे देखा और बोली, “राहुल… आज भी बहुत प्यार से करना।”

“हाँ बेबी,” मैंने कहा।

मैंने बहुत धीरे से दबाव डाला। लंड आसानी से अंदर चला गया। अनन्या ने हल्का सा “आह…” किया।

मैंने उसकी आँखों में देखते हुए धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। हर धक्का बहुत प्यार से और धीरे था। मैं बीच-बीच में रुककर उसे चूमता और उसकी आँखों में देखता।

“तुम मेरी जान हो अनन्या… मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ,” मैंने कहा।

अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… और चूमो मुझे।”

मैंने उसे और गहरा किस किया और धीरे-धीरे चोदता रहा। अनन्या अब पूरी तरह relaxed थी। उसने अपनी टांगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं।

मैं झुककर उसके स्तनों को प्यार से चूसा। अनन्या ने सिर पीछे झुकाया और “आह…” किया। मैंने फिर से उसकी आँखों में देखा और बहुत धीरे से चोदता रहा।

“आह… राहुल… बहुत अच्छा लग रहा है…” वो बोली।

कुछ देर बाद अनन्या का शरीर हल्का सा काँपने लगा। “राहुल… मैं फिर से… झड़ने वाली हूँ…”

उसने मुझे कसकर गले लगा लिया और जोर से चीखते हुए झड़ गई। मैंने भी धीरे-धीरे धक्के मारे और उसकी चूत के अंदर झड़ गया।

चुदाई के बाद भी मैं बाहर नहीं निकला। मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसे प्यार से चूमता रहा। अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… सुबह की चुदाई भी बहुत प्यार से की। मुझे बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे गले लगा लिया और कहा, “मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूंगा।”

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दोपहर में बहुत प्यार से चुदाई


सुबह की चुदाई के बाद हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटे हुए सो गए। अनन्या मेरे सीने पर सिर रखकर गहरी नींद में थी। मैं भी उसे कसकर गले लगाए हुए सो गया।

हम दोनों करीब 2 घंटे तक सोए रहे। जब आँखें खुलीं तो दोपहर के 1 बजे हो चुके थे। अनन्या अभी भी मेरी बाहों में थी। मैंने धीरे से उसके गाल पर किस किया।

अनन्या ने आँखें खोलीं और मुस्कुराते हुए बोली, “राहुल… दोपहर हो गई।”

“हाँ बेबी,” मैंने कहा और उसे और पास खींच लिया।

हम दोनों अभी भी नंगे थे। मैंने उसके नंगे शरीर को प्यार से सहलाना शुरू किया। उसके स्तनों को धीरे से छुआ, कमर पर हाथ फेरा। अनन्या भी मेरे शरीर को छूने लगी। धीरे-धीरे हम दोनों फिर से excited होने लगे।

मैंने अनन्या को पीठ के बल लिटा दिया। वो मेरी आँखों में देख रही थी। मैं उसके ऊपर चढ़ गया।

“फिर से करना है?” मैंने पूछा।

अनन्या ने सिर हिलाया और बोली, “हाँ… आज दोपहर में भी बहुत प्यार से करना।”

मैंने पहले उसे गहरा किस किया। फिर उसके होंठों, गाल और गर्दन पर कई बार किस किया। अनन्या ने मेरे बालों में हाथ डाल लिया।

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा। अनन्या ने मेरी आँखों में देखा।

मैं बहुत धीरे से दबाव डाला। लंड आसानी से अंदर चला गया। अनन्या ने हल्का सा “आह…” किया।

“दर्द तो नहीं हो रहा ना?” मैंने पूछा। “नहीं… अब बिल्कुल नहीं। आगे बढ़ो,” वो बोली।

मैं बहुत धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। हर धक्का बहुत प्यार से और धीरे था। मैं बीच-बीच में रुककर उसे चूमता और उसकी आँखों में देखता।

“अनन्या… तुम मेरी जान हो। मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ,” मैंने कहा।

अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… और चूमो मुझे।”

मैंने उसे और गहरा किस किया और धीरे-धीरे चोदता रहा। अनन्या अब पूरी तरह relaxed और comfortable थी। उसने अपनी टांगें मेरी कमर के चारों ओर लपेट लीं।

मैं झुककर उसके स्तनों को प्यार से चूसा। अनन्या ने सिर पीछे झुकाया और “आह…” किया। मैंने फिर से उसकी आँखों में देखा और बहुत धीरे से चोदता रहा।

“आह… राहुल… दोपहर में भी इतना अच्छा लग रहा है…” वो बोली।

मैंने रफ्तार थोड़ी बढ़ाई, लेकिन फिर भी बहुत प्यार भरे अंदाज में। हर धक्के के साथ मैं उसे चूमता और उसकी आँखों में देखता। अनन्या अब खुलकर साँस ले रही थी।

कुछ देर बाद अनन्या का शरीर हल्का सा काँपने लगा। “राहुल… मैं फिर से… झड़ने वाली हूँ…”

उसने मुझे कसकर गले लगा लिया और जोर से चीखते हुए झड़ गई। मैंने भी धीरे-धीरे धक्के मारे और उसकी चूत के अंदर झड़ गया।

चुदाई के बाद भी मैं बाहर नहीं निकला। मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसे प्यार से चूमता रहा। अनन्या ने मेरी आँखों में देखा और बोली, “राहुल… दोपहर की चुदाई भी बहुत प्यार से की। मुझे बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे गले लगा लिया और कहा, “मैं तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार करूंगा।”

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उसके मम्मी-पापा आने वाले थे आखिरी चुदाई


दोपहर की चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही बेड पर लेटे हुए थे। अनन्या मेरे सीने पर सिर रखकर आराम कर रही थी। मैं उसके बालों में हाथ फेर रहा था।

अचानक अनन्या का फोन बज उठा। वो उठकर फोन देखने लगी।

“क्या हुआ?” मैंने पूछा।

अनन्या ने फोन रखते हुए कहा, “पापा ने मैसेज किया है… वो और मम्मी 2 घंटे में आ रहे हैं।”

मेरा दिल तेज धड़कने लगा। समय बहुत कम था।

अनन्या ने मेरी तरफ देखा और बोली, “राहुल… अब जल्दी जाना पड़ेगा।”

लेकिन उसकी आँखों में अभी भी चाहत थी। मैंने उसे कसकर गले लगा लिया और कहा, “एक बार और… आखिरी बार।”

अनन्या ने बिना कुछ बोले मुझे चूमा। हम दोनों फिर से जोश में आ गए। इस बार जल्दी में थे, इसलिए चुदाई भी थोड़ी अलग होने वाली थी।

मैं अनन्या को अचानक घुमा दिया। अब वो घुटनों के बल हो गई। मैं उसके पीछे आ गया।

“जमकर चोदना है आज आखिरी बार,” मैंने कहा।

अनन्या ने सिर हिलाया।

मैंने उसकी कमर पकड़ी और अपना लंड उसकी चूत में जोर से घुसा दिया। अनन्या चीख पड़ी — “आह… राहुल…”

इस बार मैं धीरे नहीं था। मैं जोर-जोर से चोदने लगा। हर धक्का तेज और गहरा था। अनन्या की गांड मेरे पेट से जोर से टकरा रही थी।

“आह… आह… राहुल… और जोर से… उफ्फ…” वो चीख रही थी।

मैंने उसके बाल खींचे और और तेजी से चोदता रहा। अनन्या का चेहरा बेड पर दबा हुआ था। वो “आह… आह… राहुल…” निकाल रही थी।

“मम्मी-पापा आने वाले हैं… जल्दी कर… आह…” अनन्या बोली।

मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। अब बहुत जोर-जोर से चोद रहा था। अनन्या की चूत पहले से ज्यादा गीली हो चुकी थी। कमरे में “पच… पच… पच…” की तेज आवाज आ रही थी।

अनन्या अब जोर-जोर से चीख रही थी। “आह… आह… राहुल… मेरी चूत फाड़ दो… उफ्फ… और जोर से…”

मैंने उसकी गांड पर जोर से थप्पड़ मारा और और तेजी से चोदता रहा। अनन्या का शरीर काँपने लगा।

“राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ… आह… आह… उफ्फ…”

उसने जोर से चीखते हुए झड़ दी। मैंने भी कुछ जोरदार धक्के मारे और उसकी चूत के अंदर झड़ गया।

हम दोनों थककर बेड पर गिर पड़े। साँसें बहुत तेज चल रही थीं।

अनन्या ने मुझे गले लगा लिया और बोली, “राहुल… आज आखिरी बार बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे चूमा और कहा, “मुझे भी… लेकिन अब मुझे जाना चाहिए।”

मैं जल्दी से कपड़े पहनने लगा। अनन्या भी उठकर कपड़े पहनने लगी। मैंने उसे आखिरी बार गले लगा लिया और कहा, “जल्दी मिलेंगे।”

अनन्या ने दरवाजे तक मुझे छोड़ा और बोली, “मम्मी-पापा आने से पहले निकल जाओ।”

मैं बाहर निकला और घर चला गया।

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