होटल में गर्लफ्रेंड प्रिया की सील तोड़कर जमकर चोदा
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मैं आर्यन हूँ, 24 साल का। मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया 21 साल की है। हम पिछले 8 महीनों से गहरे प्यार में थे। कॉलेज में मिले, दोस्ती से प्यार हो गया। कई बार हमने किसिंग की, गले मिले, मैंने उसके स्तनों को छुआ, उसने मेरे लिंग को हाथ लगाया, लेकिन सेक्स तक कभी नहीं पहुँचे। प्रिया वर्जिन थी और उसे बहुत डर लगता था। वो अक्सर कहती, “आर्यन, पहली बार बहुत दर्द होता है, खून निकलता है… मैं सह नहीं पाऊंगी।”
मैं उसे कभी फोर्स नहीं करता था। लेकिन अब हमारे रिश्ते में वो स्टेज आ चुकी थी कि दोनों को और आगे बढ़ना था। मैंने प्लान बनाया। शहर से 60 किलोमीटर दूर एक खूबसूरत पहाड़ी होटल में रूम बुक कर लिया। वीकेंड पर “रोमांटिक घूमने” का बहाना बनाकर हम दोनों निकल पड़े। प्रिया खुश थी, लेकिन मन में शक भी था।
कार में जाते समय सस्पेंस बढ़ गया। प्रिया चुपचाप बैठी थी, कभी-कभी मुझे घूरती।
प्रिया: “आर्यन… होटल में क्यों रुक रहे हैं? हम घर भी तो लौट सकते थे।”
मैं (स्टीयरिंग घुमाते हुए, मुस्कुराते हुए): “बेबी, घर पर प्राइवेसी नहीं मिलती। मम्मी-पापा, भाई-बहन सब हैं। मैं चाहता हूँ कि हम दोनों कुछ घंटे पूरी तरह अकेले रहें… खुलकर बात करें, प्यार करें।”
प्रिया (शर्मा कर, सिर झुकाकर): “प्यार… मतलब वो वाला प्यार?”
मैं (उसका हाथ अपने हाथ में लेकर, गंभीर होकर): “हाँ जान। अगर तुम तैयार हो। मैं तुम्हें कभी फोर्स नहीं कर रहा। लेकिन मैं चाहता हूँ कि हमारी पहली बार स्पेशल हो। होटल में अच्छा रूम बुक किया है… बड़ा बेड, डिम लाइट्स, बालकनी से पहाड़ों का नजारा। मैंने सब प्लान किया है।”
प्रिया (घबराई हुई, आँखों में डर): “लेकिन आर्यन… मुझे बहुत डर लग रहा है। दर्द बहुत होगा ना? क्या मैं चीखूंगी? खून निकलेगा? तुम मुझे छोड़ तो नहीं दोगे ना?”
मैं (कार साइड में रोककर, उसकी तरफ मुड़कर, उसकी आँखों में देखते हुए): “प्रिया, देखो मेरी आँखों में। मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगा। तुम मेरी जान हो। अगर दर्द बहुत हो तो मैं तुरंत रुक जाऊंगा। पहले मैं तुम्हें अच्छे से तैयार करूंगा… तुम्हें बहुत सारा फोरप्ले दूंगा। कंडोम यूज करेंगे, और अगर जरूरत पड़ी तो लुब्रिकेंट भी लगाऊंगा। तुम सिर्फ एन्जॉय करो। यकीन करो बेबी, पहली बार के बाद तुम खुद और माँगोगी।”
प्रिया की आँखों में आँसू आ गए, लेकिन वो धीरे से मुस्कुराई। “ठीक है आर्यन… मैं तुम पर भरोसा करती हूँ। लेकिन प्लीज… बहुत धीरे से करना।”
मैंने उसे गले लगाया और उसके माथे पर लंबा किस किया। “प्रॉमिस बेबी। आज रात सिर्फ तुम्हारा आर्यन हूँ… तुम्हें दर्द नहीं, सिर्फ प्यार दूंगा।”
हम फिर आगे बढ़े। मेरे मन में एक्साइटमेंट था, दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। प्रिया चुप बैठी थी, लेकिन उसकी साँसें थोड़ी तेज थीं।
आखिरकार होटल पहुँच गए। 4 स्टार होटल, खूबसूरत बिल्डिंग, पहाड़ों से घिरा। मैंने रिसेप्शन पर चेक-इन किया। प्रिया लॉबी में बैठी थी, हाथ जोड़कर, घबराई हुई। रूम की चाबी मिली।
रूम में घुसते ही दोनों की साँसें रुक सी गईं। बड़ा किंग साइज बेड, सफेद चादरें, डिम गोल्डन लाइट्स, एसी की ठंडी हवा, बालकनी से हरे-भरे पहाड़ों का नजारा। मैंने दरवाजा बंद किया और अंदर से लॉक लगा दिया। प्रिया बेड के पास खड़ी थी, घबराई हुई।
मैं उसके पास गया और उसे धीरे से गले लगाया। “वेलकम टू आवर फर्स्ट स्पेशल नाइट बेबी।”
वो मेरी छाती से सट गई। मैंने उसके बाल सूंघे, उसके कान के पास किस किया। फिर धीरे से उसके होंठों पर किस किया। शुरू में हल्का… फिर गहरा। हम दोनों की साँसें एक हो गईं। मेरी जीभ उसकी जुबान से खेलने लगी। प्रिया भी जोश से किस कर रही थी।
हम बेड पर लेट गए। मैं उसके ऊपर था, वो नीचे। किसिंग जारी रही। मेरे हाथ उसकी कमर से नीचे जांघों पर घूमने लगे। फिर ऊपर… उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके स्तनों को सहलाया।
प्रिया: “mmm… आर्यन… आह… धीरे…”
मैं (उसके कान में फुसफुसाते हुए): “तुम बहुत सेक्सी लग रही हो प्रिया। आज मैं तुम्हें पागल कर दूंगा।”
उसने मेरी टी-शर्ट उठाकर मेरी नंगी पीठ पर हाथ फेरा। मैंने उसके ब्लाउज का पहला बटन खोला… फिर दूसरा… तीसरा… अब उसका ब्रा का ऊपरी हिस्सा दिखने लगा था।
प्रिया ने अचानक मेरी कलाई पकड़ ली। “आर्यन… रुको… मुझे अभी भी बहुत डर लग रहा है।”
लेकिन उसकी आँखें कुछ और कह रही थीं। उसका चेहरा लाल हो चुका था, साँसें तेज, शरीर हल्का काँप रहा था। मेरा लिंग पूरी तरह खड़ा हो चुका था और उसकी जांघ से रगड़ रहा था। प्रिया भी गीली हो चुकी थी, मैं महसूस कर सकता था।
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रोमांटिक + स्लो सेक्स
मैंने प्रिया की कलाई पकड़कर धीरे से उसके हाथ हटाए और उसे गले लगाते हुए फुसफुसाया, “शश… बेबी, कोई बात नहीं। मैं बहुत धीरे-धीरे करूंगा। अगर दर्द हो तो बस एक बार बोलना, मैं रुक जाऊंगा। आज रात सिर्फ तुम्हारा आर्यन हूँ… तुम्हें दर्द नहीं, सिर्फ प्यार दूंगा।”
प्रिया ने आँखें बंद कर लीं और सिर हिलाया। मैंने फिर से उसके होंठों पर लंबा, गहरा किस किया। इस बार वो भी जोश से किस करने लगी।
मैंने उसके ब्लाउज के बाकी बटन एक-एक करके खोले। हर बटन खोलने पर मैं उसके होठों पर किस करता जाता था। ब्लाउज पूरी तरह खुल गया। मैंने उसे उसके कंधों से उतार दिया। अब वो सिर्फ ब्लैक ब्रा और जींस में थी। उसके गोरे स्तन ब्रा के अंदर दबे हुए थे, साँस लेते हुए ऊपर-नीचे हो रहे थे।
मैंने उसे बेड पर पीठ के बल लिटा दिया। उसके ऊपर झुककर मैंने उसके गले, कॉलरबोन और ब्रा के ऊपरी हिस्से पर गीले-गीले किस किए। प्रिया की साँसें तेज हो गईं।
“आर्यन… मmm…” वो धीरे से कराह रही थी।
मैं उसके पीछे हाथ डालकर ब्रा का हुक खोलने लगा। एक बार… दो बार… हुक खुल गया। मैंने ब्रा की स्ट्रैप्स धीरे-धीरे उसके कंधों से नीचे उतारीं। ब्रा हटाते ही उसके दोनों स्तन बाहर आ गए — गोरे, गोल, निप्पल हल्के गुलाबी और खड़े हुए। मैं कुछ सेकंड उनको देखता रहा, फिर मुस्कुराते हुए बोला, “तुम्हारे स्तन कितने खूबसूरत हैं प्रिया…”
मैंने पहले दाएँ स्तन को मुंह में लिया और चूसने लगा। जीभ से निप्पल को घुमाया, हल्के से दाँतों से काटा। प्रिया की कमर ऊपर उठ गई। “आह… आर्यन… उफ्फ…” उसकी आँखें बंद थीं, होंठ काट रही थी, चेहरा लाल हो चुका था।
मैंने बाएँ स्तन को भी चूसा, चाटा, दोनों हाथों से दबाया। प्रिया मेरे बालों में उंगलियाँ फंसा रही थी।
फिर मैं नीचे उतरा। उसके जींस के बटन खोले, जिप खोली। जींस को दोनों तरफ से पकड़कर धीरे-धीरे नीचे उतारने लगा। प्रिया ने कूल्हे ऊपर उठाकर मदद की। जींस निकल गई। अब वो सिर्फ ब्लैक पेंटी में थी। पेंटी के बीच में पहले से ही गीला धब्बा था।
मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया और उसके अंदरूनी जांघों पर किस करने लगा। जांघों को चूमता-चाटता हुआ ऊपर बढ़ा। पेंटी के ऊपर से ही मैंने उसके चूत के पास किस किया। प्रिया काँप गई।
“आर्यन… प्लीज…” वो फुसफुसाई।
मैंने पेंटी के किनारे पकड़कर बहुत धीरे से नीचे उतारना शुरू किया। पहले एक तरफ, फिर दूसरी तरफ। पेंटी उसके घुटनों तक आ गई, फिर पैरों से निकाल दी। अब प्रिया पूरी तरह नंगी मेरे सामने लेटी थी। उसकी चूत साफ, गुलाबी, हल्की-हल्की बालों वाली और चमकदार गीली थी।
मैंने उसकी चूत को देखा और मुस्कुराते हुए कहा, “तुम कितनी गीली हो चुकी हो बेबी… तुम्हारी चूत मुझे बुला रही है।”
मैंने उसके चूत के होठों पर किस किया, फिर जीभ से चाटना शुरू किया। प्रिया की कमर ऊपर उठ गई। “आह… आर्यन… नहीं… उफ्फ… मम्मा…” वो जोर-जोर से कराह रही थी, दोनों हाथों से चादर पकड़ रही थी।
मैंने उसकी चूत चाटी, क्लिट को चूसा, फिर एक उंगली धीरे से अंदर डाली। वो बहुत टाइट थी। मैंने दूसरी उंगली भी डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया की साँसें फूल रही थीं।
“आर्यन… मैं… मैं तैयार हूँ…” वो सिसकते हुए बोली।
मैं उठा, अपनी टी-शर्ट और पैंट उतार दी। अंडरवियर भी निकाल दिया। मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था — मोटा, नसों से भरा, सिरा चमक रहा था। प्रिया ने उसे देखा और डरते हुए भी आँखें नहीं हटाईं।
मैंने कंडोम लगाया, फिर उसके ऊपर आ गया। मेरे घुटने उसके दोनों तरफ थे। मैंने अपना लंड उसकी चूत के प्रवेश द्वार पर रखा और रगड़ने लगा।
प्रिया ने मेरी बाहें पकड़ लीं। उसकी आँखों में डर और चाहत दोनों थे।
“बेबी, relax करो… साँस लो…” मैंने कहा और धीरे से आगे बढ़ा।
पहले सिर्फ सिरा अंदर गया। प्रिया ने आँखें बंद कर लीं और होंठ काट लिए। “उफ्फ… आर्यन… दर्द…”
मैं रुक गया, उसके होंठों पर किस किया और धीरे-धीरे और अंदर धकेलने लगा। अचानक मुझे हल्का सा रुकावट महसूस हुई — उसकी सील। मैंने थोड़ा और जोर लगाया।
“आह… आर्यन… दर्द हो रहा है… मम्मा… रुको…” प्रिया चीख पड़ी, उसकी आँखों से आँसू निकल आए, नाखून मेरी पीठ में गड़ गए।
मैं रुक गया, उसके माथे पर किस किया। “शश… मैं रुक गया हूँ… breathe baby… मैं तुम्हारे अंदर हूँ… बस थोड़ा और…”
फिर मैंने बहुत धीरे से और जोर लगाया। सील टूट गई। प्रिया की चीख निकली, “आह्ह्ह… आर्यन…” लेकिन मैंने तुरंत उसके होंठों पर किस करके चीख दबा दी।
अब मेरा आधा लंड उसके अंदर था। प्रिया की साँसें फूल रही थीं, आँखें बंद, चेहरा दर्द से तना हुआ था। मैंने आगे नहीं बढ़ाया। उसके स्तनों को चूमते हुए बोला, “तुम मेरी हो प्रिया… अब पूरी तरह मेरी… relax करो…”
धीरे-धीरे मैंने पूरा लंड अंदर घुसा दिया। प्रिया की चूत मेरे लंड को इतनी टाइट पकड़ रही थी कि मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
“फक… प्रिया… तुम कितनी टाइट हो… आह…” मैंने गुर्राते हुए कहा।
मैंने धीरे-धीरे बाहर निकाला और फिर अंदर घुसाया। पहली बार… दूसरी बार… तीसरी बार। हर बार प्रिया की कमर हिल रही थी।
धीरे-धीरे दर्द कम होने लगा। प्रिया की कराह बदलने लगी। “आर्यन… अब… अब अच्छा लग रहा है… और… और अंदर…” वो फुसफुसाई।
मैंने रफ्तार थोड़ी बढ़ाई। उसकी चूत से चिक-चिक की आवाजें आने लगीं। प्रिया की आँखें आधी खुली थीं, होंठ खुले हुए, जीभ बाहर निकल रही थी। वो बार-बार मेरी पीठ में नाखून गड़ा रही थी।
“हाँ… आर्यन… चोदो मुझे… धीरे… आह… हाँ…”
मैं भी जोश में आ गया था। “तुम्हारी चूत मेरे लंड को कितनी अच्छे से चूस रही है बेबी… आह… प्रिया…”
मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रख लिए और गहरे-गहरे धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। प्रिया की चीखें अब सिर्फ मजा वाली थीं।
“आर्यन… मैं… मैं कुछ होने वाली हूँ… आह… मम्मा… आर्यन…”
उसका शरीर अचानक कड़क गया। उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। प्रिया जोर से चीखी और झड़ गई। उसकी आँखें पीछे की तरफ चली गईं, मुंह खुला रहा, पूरा शरीर काँप रहा था।
मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया। “प्रिया… आह… फक… मैं भी…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और उसके अंदर झड़ गया। मेरी सारी ताकत निकल गई। मैं उसके ऊपर ही ढेर हो गया, दोनों साँसें फूल रही थीं।
कुछ देर बाद मैंने अपना लंड धीरे से बाहर निकाला। कंडोम में थोड़ा खून भी लगा था। प्रिया की चूत थोड़ी सूजी हुई और लाल थी।
मैंने उसे गले लगाया। “तुम ठीक हो बेबी?”
प्रिया ने आँखें खोलीं, मुस्कुराई और मेरी छाती पर सिर रख दिया। “हाँ… अब ठीक हूँ… दर्द था लेकिन… अब बहुत अच्छा लग रहा है।”
मैंने उसे चूमा और बालों में हाथ फेरा।
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काउगर्ल पोजीशन में दूसरी राउंड
पहली राउंड के बाद हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे से चिपककर बेड पर लेटे थे। प्रिया मेरी छाती पर सिर रखे थी, उसकी साँसें अभी भी थोड़ी तेज थीं। मैं उसके बालों में उंगलियाँ फेर रहा था और उसके नंगे कंधे पर किस कर रहा था।
“कैसा लगा बेबी?” मैंने धीरे से पूछा।
प्रिया ने शर्मा कर मेरी छाती पर सिर और गड़ा दिया। “पहले बहुत दर्द हुआ था… लेकिन बाद में… बहुत अच्छा लगा। तुम बहुत धीरे-धीरे और प्यार से किया।”
मैंने उसे और पास खींचा। “तुम मेरी हो प्रिया… हमेशा।”
हम लगभग 12-15 मिनट तक चुपचाप लेटे रहे। मैं उसकी पीठ और कमर पर हाथ फेरता रहा। धीरे-धीरे मेरा लंड फिर से सख्त होने लगा और प्रिया की जांघ से टकराने लगा। प्रिया ने महसूस किया। उसने सिर उठाकर मेरी तरफ देखा। उसकी आँखें चमक रही थीं।
“फिर से…?” वो फुसफुसाई।
“हाँ जान… इस बार तुम ऊपर आओ। तुम खुद कंट्रोल करो। जितना चाहो उतना अंदर लेना, जितना दर्द हो रुक जाना।”
प्रिया शर्मा गई लेकिन उसने सिर हिलाया। “ठीक है… लेकिन धीरे से।”
मैं बेड पर पीठ के बल लेट गया। मेरा लंड अब पूरी तरह खड़ा हो चुका था — मोटा, नसों से भरा, सिरा चमक रहा था। प्रिया धीरे से उठी और मेरे दोनों तरफ घुटनों के बल बैठ गई। वो मेरे ऊपर सवार होने वाली थी।
उसके दोनों स्तन मेरे सामने लटक रहे थे। मैंने हाथ बढ़ाकर दोनों स्तनों को पकड़ लिया और दबाया। प्रिया की साँस अटक गई।
“आर्यन…” वो कराह उठी।
फिर उसने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर मेरा लंड पकड़ लिया। उसकी उंगलियाँ मेरे गर्म और सख्त लंड को छू रही थीं। वो उसे थोड़ा ऊपर-नीचे हिलाने लगी। मैंने आँखें बंद कर लीं। “आह… प्रिया… तुम्हारे हाथ में अच्छा लग रहा है…”
प्रिया ने मेरे लंड के सिरे को अपनी चूत के गीले होठों पर रखा और धीरे से रगड़ने लगी। उसकी चूत अभी भी पहली बार की वजह से थोड़ी सूजी हुई और संवेदनशील थी, लेकिन गीली भी थी।
धीरे-धीरे उसने कमर नीचे की। मेरा लंड का सिरा उसकी चूत में घुसने लगा।
“उफ्फ…” प्रिया ने होंठ काट लिए। उसकी आँखें आधी बंद हो गईं। वो और नीचे आई। आधा लंड अंदर चला गया। प्रिया रुक गई। उसका चेहरा दर्द और pleasure के मिश्रण से तन गया था।
“दर्द हो रहा है?” मैंने पूछा, उसके कूल्हों को दोनों हाथों से पकड़कर।
“थोड़ा… लेकिन… अब पहले जितना नहीं।” वो सिसकते हुए बोली।
मैंने उसे ऊपर खींचा और उसके स्तनों को चूसा। “relax करो बेबी… अपनी रफ्तार से करो।”
प्रिया ने गहरी साँस ली और फिर धीरे-धीरे कमर नीचे की। पूरा लंड उसके अंदर घुस गया। “आह्ह्ह… आर्यन…” उसकी आँखें बंद हो गईं, मुंह खुला रहा, जीभ हल्की बाहर निकली। उसकी चूत ने मेरे लंड को इतनी टाइट पकड़ लिया कि मुझे सांस लेने में दिक्कत हुई।
“फक… प्रिया… तुम कितनी टाइट हो आज भी…” मैं गुर्राया।
प्रिया ने आँखें खोलीं और मेरी तरफ देखा। उसका चेहरा लाल था, पसीना आ रहा था। वो धीरे-धीरे ऊपर उठी, फिर नीचे आई। फिर ऊपर… फिर नीचे।
हर बार जब वो नीचे आती, मेरा पूरा लंड उसकी गर्म चूत में समा जाता। चिक-चिक की गीली आवाजें कमरे में गूँज रही थीं। प्रिया की साँसें भारी हो गईं। उसके स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। मैंने दोनों हाथों से उसके स्तनों को पकड़ लिया और दबाने लगा।
“हाँ… प्रिया… ऐसे ही… तुम कितनी सेक्सी लग रही हो ऊपर से…” मैंने कहा, उसकी कूल्हों को पकड़कर थोड़ा ऊपर की तरफ धक्का लगाते हुए।
प्रिया अब थोड़ी तेज हो गई। वो ऊपर-नीचे होने लगी। हर बार जब वो नीचे आती, वो जोर से कराहती — “आह… आर्यन… गहरा… हाँ… उफ्फ…”
उसकी आँखें कभी बंद होतीं, कभी मेरी तरफ देखतीं। होंठ काट रही थी, बाल उसके चेहरे पर बिखर गए थे। वो मेरी छाती पर हाथ रखकर बैलेंस बना रही थी।
मैं नीचे से ऊपर की तरफ धक्के मारने लगा, उसकी रफ्तार के साथ मैच करते हुए। “तुम्हारी चूत मेरे लंड को कितना अच्छे से निगल रही है बेबी… आह… प्रिया…”
प्रिया की रफ्तार बढ़ गई। वो अब जोर-जोर से ऊपर-नीचे हो रही थी। उसके स्तन जोर से उछल रहे थे। मैंने एक हाथ से उसके एक स्तन को पकड़ा और दूसरे हाथ से उसकी गांड पर थप्पड़ मारा — हल्का सा।
“आह… आर्यन…” प्रिया चीख पड़ी, लेकिन उसकी चूत और ज्यादा गीली हो गई।
“तुम्हें थप्पड़ पसंद आया?” मैंने पूछा।
“हाँ… और… और मारो…” वो लजाते हुए बोली।
मैंने फिर थप्पड़ मारा और नीचे से जोरदार धक्के मारने लगा। प्रिया अब चीख-चीख कर कराह रही थी।
“आर्यन… मैं… मैं फिर झड़ने वाली हूँ… आह… मम्मा… आर्यन… नहीं रुक पा रही…”
उसका शरीर अचानक कड़क गया। उसने मेरे लंड को अंदर गहराई तक ले लिया और जोर से काँपने लगी। उसकी चूत ने मेरे लंड को बार-बार दबाया। प्रिया की आँखें पीछे की तरफ चली गईं, मुंह खुला रहा, पूरी तरह झड़ गई।
मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया। “प्रिया… आह… फक… मैं भी…”
मैंने उसकी कूल्हों को दोनों हाथों से पकड़ लिया और आखिरी जोरदार धक्के मारे। फिर उसके अंदर ही झड़ गया।
प्रिया मेरे ऊपर ही ढेर हो गई। दोनों की साँसें फूल रही थीं। मैंने उसे गले लगाया और उसके पसीने से भीगे बालों को चूमा।
“तुम बहुत अच्छी हो प्रिया…” मैंने फुसफुसाया।
प्रिया ने मेरी छाती पर सिर रख दिया और मुस्कुराते हुए कहा, “दोनों बार… बहुत अच्छा लगा।”
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डॉगी स्टाइल में रफ तीसरी राउंड
दूसरी राउंड (काउगर्ल) खत्म होने के बाद प्रिया मेरे ऊपर ही लेटी हुई थी। दोनों की साँसें अभी भी तेज थीं। मैंने उसे गले लगाया और उसके कान में फुसफुसाया, “बेबी… अब तुम्हें उल्टा कर देता हूँ। इस बार थोड़ा रफ होगा… पर अगर बहुत दर्द हो तो बोलना, ठीक है?”
प्रिया ने मेरी छाती पर सिर हिलाया। “हाँ… आज रात तुम जो चाहो करो… मैं तैयार हूँ।”
मैंने उसे धीरे से उठाया और बेड पर उल्टा कर दिया। प्रिया अब पेट के बल लेटी थी। मैंने उसके दोनों कूल्हों को पकड़कर ऊपर उठाया। अब वो डॉगी स्टाइल में थी — घुटनों के बल, गांड ऊपर उठी हुई, चेहरा तकिये में दबा हुआ। उसकी चूत अभी भी गीली और थोड़ी सूजी हुई थी, पहली बार की वजह से।
मैं उसके पीछे घुटनों के बल बैठ गया। उसकी गोरी और गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने दोनों हाथों से उसकी गांड के गालों को फैलाया और उसकी चूत को देखा। फिर मैंने अपना लंड (जो फिर से सख्त हो चुका था) उसकी चूत के होठों पर रगड़ना शुरू किया।
प्रिया ने सिर घुमाकर मेरी तरफ देखा। उसकी आँखें पहले से ही आधी बंद थीं। “आर्यन… धीरे से… पहली बार के बाद अभी भी थोड़ा दर्द है…”
“शश… बेबी। पहले धीरे… फिर जोर से।” मैंने कहा और धीरे से आगे बढ़ा।
मेरा लंड का सिरा उसकी चूत में घुसा। प्रिया ने तकिये में मुंह दबा लिया। “उफ्फ… आर्यन…”
मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर घुसा दिया। इस पोजीशन में मेरा लंड और गहरा जा रहा था। प्रिया की चूत ने मुझे और टाइट पकड़ लिया।
“फक… प्रिया… इस पोजीशन में तुम कितनी टाइट लग रही हो…” मैंने गुर्राते हुए कहा।
मैंने उसके कूल्हों को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ा और धीरे-धीरे बाहर-भीतर करने लगा। प्रिया की साँसें तकिये में दब रही थीं।
धीरे-धीरे मैंने रफ्तार बढ़ाई। अब मेरे धक्के तेज और गहरे हो गए। हर बार जब मैं जोर से अंदर घुसता, प्रिया की गांड मेरी जांघों से टकराती और “चप-चप” की आवाज आती।
“आह… आर्यन… गहरा… उफ्फ… हाँ…” प्रिया कराह रही थी।
मैंने एक हाथ आगे बढ़ाकर उसके बाल पकड़ लिए और सिर पीछे की तरफ खींचा। प्रिया का चेहरा तकिये से ऊपर आ गया। उसकी आँखें आधी खुली थीं, मुंह खुला हुआ, जीभ बाहर निकली हुई।
“देखो मुझे प्रिया… जब मैं तुम्हें चोद रहा हूँ…” मैंने कहा और जोर से एक धक्का मारा।
“आह्ह्ह… आर्यन… दर्द… लेकिन… अच्छा भी लग रहा है…” प्रिया चीख पड़ी। उसकी आँखों में आँसू आ गए थे, लेकिन वो पीछे की तरफ धक्का दे रही थी।
मैंने और तेज होकर चोदना शुरू किया। अब मेरे धक्के बहुत रफ और गहरे थे। प्रिया की गांड लाल हो रही थी। मैंने उसके एक गाल पर जोर से थप्पड़ मारा।
“आह… आर्यन… फिर मारो…” प्रिया चीखी।
मैंने फिर थप्पड़ मारा — इस बार थोड़ा जोर से। प्रिया की चूत और ज्यादा गीली हो गई। मैंने उसके बाल और जोर से खींचे और तेज-तेज धक्के मारने लगा।
“तुम्हारी चूत आज रात मेरे लंड की गुलाम बन गई है प्रिया… आह… कितनी गीली है…” मैंने गंदी बातें करते हुए कहा।
प्रिया अब चीख-चीख कर कराह रही थी। “आर्यन… जोर से… चोदो मुझे… हाँ… उफ्फ… मम्मा… आर्यन…”
उसका चेहरा तकिये में दबा हुआ था, बाल बिखरे हुए थे, आँखें बंद, मुंह खुला। वो बार-बार मेरी तरफ देख रही थी। उसकी गांड लाल हो चुकी थी थप्पड़ों से।
मैंने दोनों हाथों से उसकी कमर पकड़ ली और जितना जोर से हो सकता था, धक्के मारने लगा। मेरा लंड पूरी तरह उसकी चूत में समा जा रहा था। प्रिया की चीखें अब सिर्फ “आह… हाँ… चोदो… आर्यन…” बन गई थीं।
“मैं झड़ने वाला हूँ प्रिया…” मैंने कहा, पसीने से भीगा हुआ।
“अंदर… अंदर ही झड़ो… आह… मैं भी… आर्यन…” प्रिया चीखी।
उसका शरीर अचानक कड़क गया। उसने तकिये को जोर से काट लिया और जोर से काँपने लगी। उसकी चूत ने मेरे लंड को बार-बार निचोड़ा। प्रिया जोर से चीखी और झड़ गई।
मैं भी नहीं रुक पाया। आखिरी दो-तीन जोरदार धक्के मारे और उसके अंदर ही झड़ गया। “फक… प्रिया… आह…”
मैं उसके ऊपर ही गिर पड़ा, दोनों साँसें फूल रही थीं। मैंने उसके बालों को सहलाया और उसकी पीठ पर किस किया।
“तुम ठीक हो बेबी?” मैंने पूछा।
प्रिया ने सिर हिलाया। “हाँ… बहुत… अच्छा लगा। रफ होने के बावजूद…”
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प्रिया मेरे लंड को मुंह में लेकर चाट-चाटकर साफ करती है
डॉगी स्टाइल वाली रफ चुदाई खत्म होने के बाद मैं प्रिया के ऊपर ही लेटा हुआ था। दोनों की साँसें अभी भी बहुत तेज थीं। मेरा लंड अभी भी उसकी चूत के अंदर आधा अंदर था, और उसमें हम दोनों का मिश्रित रस लगा हुआ था।
मैंने धीरे से अपना लंड बाहर निकाला। प्रिया ने तकिये से सिर उठाया और पीछे की तरफ देखा। मेरा लंड पूरी तरह चमक रहा था — उसके रस और मेरे वीर्य से भीगा हुआ।
प्रिया ने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा, “आर्यन… तुम्हारा लंड गंदा हो गया है… मैं इसे साफ कर दूँ?”
मैं हैरान होकर उसकी तरफ देखा। “कैसे साफ करेगी बेबी?”
प्रिया ने शर्मा कर लेकिन आँखों में चमक लिए कहा, “मुंह से… चाट-चाटकर।”
मैं बेड पर पीठ के बल लेट गया। मेरा लंड अभी भी आधा खड़ा था। प्रिया घुटनों के बल मेरे पास आई। उसके बाल बिखरे हुए थे, चेहरा लाल, होंठ सूजे हुए। वो मेरे दोनों पैरों के बीच बैठ गई।
उसने पहले मेरे लंड को हाथ में लिया और ऊपर-नीचे सहलाया। फिर वो झुकी और मेरे लंड के सिरे पर एक लंबा, गीला किस किया।
“mmm…” प्रिया ने आँखें बंद कर लीं और जीभ बाहर निकालकर मेरे लंड के सिरे को चाटना शुरू किया। उसने हम दोनों का मिश्रित स्वाद चखा और फिर पूरी जीभ से नीचे की तरफ लंबा चाटा।
मैंने सिर पीछे की तरफ झुकाया। “आह… प्रिया… फक… तुम क्या कर रही हो…”
प्रिया ने मेरे लंड को मुंह में ले लिया। पहले सिर्फ सिरा, फिर धीरे-धीरे आधा लंड उसके गले तक चला गया। वो जोर-जोर से चूसने लगी। “चुप-चुप” की गीली आवाजें कमरे में फैल रही थीं।
उसकी आँखें आधी बंद थीं, लेकिन वो मेरी तरफ देख रही थी। उसके गाल अंदर की तरफ धँस रहे थे। वो मेरे लंड को चूसते हुए जीभ से नीचे की नसों को भी चाट रही थी।
“प्रिया… आह… तुम बहुत अच्छे से चूस रही हो…” मैंने गुर्राते हुए कहा। मेरे हाथ उसके बालों में फँस गए थे।
प्रिया ने लंड को मुंह से बाहर निकाला और नीचे की तरफ जीभ फेरते हुए बोली, “तुम्हारा और मेरा… दोनों का स्वाद मिला हुआ है… बहुत अच्छा लग रहा है…”
फिर उसने फिर से पूरा लंड मुंह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। इस बार वो और गहराई तक ले रही थी। मेरे लंड का सिरा उसके गले को छू रहा था। प्रिया की आँखों से आँसू आ गए थे, लेकिन वो रुकी नहीं। वो चूसते-चूसते नीचे की तरफ भी चाट रही थी — मेरे अंडकोष तक जीभ फेर रही थी।
मैं पूरी तरह खड़ा हो चुका था। “फक… प्रिया… अगर ऐसे ही चूसेगी तो मैं फिर झड़ जाऊंगा…”
प्रिया ने लंड को मुंह से निकालकर मुस्कुराते हुए कहा, “झड़ जाना… मैं सब पी लूंगी…”
उसने फिर से लंड मुंह में लिया और इस बार और तेजी से चूसने लगी। उसका एक हाथ मेरे अंडकोष को सहला रहा था, दूसरा हाथ लंड के नीचे वाले हिस्से को ऊपर-नीचे कर रहा था। उसकी जीभ लगातार घूम रही थी।
मैं अब कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। “प्रिया… आह… हाँ… बस… बस…”
प्रिया ने मेरे लंड को गले तक लिया और जोर से चूसा। मैंने उसके बाल पकड़ लिए और जोर से झड़ गया — सीधे उसके गले में। प्रिया ने सब कुछ निगल लिया। कुछ बूँदें उसके होंठों से बाहर निकल आईं, जिन्हें उसने जीभ से चाट लिया।
उसने मेरा लंड पूरी तरह साफ कर दिया — चमकदार, साफ। फिर उसने आखिरी बार सिरे पर किस किया और मेरी तरफ देखा।
उसके होंठ गीले थे, आँखें चमक रही थीं, चेहरा संतुष्टि से भरा हुआ था।
“अब साफ हो गया…” प्रिया ने शरारत से कहा।
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