ससुर ने बहू को नंगी करके उसके मुंह में लंड ठूंस दिया | sasur bahu gandi chudai

ससुर ने बहू को नंगी करके उसके मुंह में लंड ठूंस दिया

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शाम के सात बज रहे थे। घर में सन्नाटा छाया हुआ था। रिया अपने कमरे में अकेली बैठी थी। उसकी सास मंदिर गई हुई थीं और पति ऑफिस के काम से बाहर शहर गया था। सिर्फ ससुर जी, रमेश, घर पर थे।

रिया २४ साल की युवती थी – गोरी, नाजुक काया, लंबे काले बाल, और शादी के बाद भी उसकी जवानी फूली हुई थी। वह हल्के गुलाबी सलवार कमीज पहने हुए थी, जिसकी डुपट्टा उसने ढीला रखा था।

रमेश ५५ साल के थे, लेकिन उम्र से ज्यादा ताकतवर और कामुक नजर आते थे। उनकी पत्नी के साथ संबंध ठंडे हो चुके थे, और घर में बहू को देखकर उनके मन में गंदी इच्छाएं जाग रही थीं। पिछले कई दिनों से वह रिया को छुपकर देखते रहते थे – उसके नितंबों की लचक, स्तनों की उभार, और जब वह झुककर कुछ काम करती तो उसकी कमीज से दिखता गहरा cleavage। आज मौका मिल गया था।

रिया रसोई में पानी पीने गई। अचानक पीछे से रमेश आ गए। “बेटा, अकेली हो? डर तो नहीं लग रहा?” उन्होंने धीमी लेकिन भारी आवाज में पूछा।

रिया चौंक गई। “नहीं ससुर जी, बस थोड़ा अकेलापन लग रहा है। आप बैठिए, चाय बना दूं?”

रमेश करीब आ गए। उनकी आंखों में अजीब चमक थी। “चाय बाद में। पहले ये बताओ, तुम्हें कभी पति से संतोष मिलता है? इतनी सुंदर बहू को देखकर मैं सोचता रहता हूं कि मेरा बेटा कितना भाग्यशाली है।”

रिया शर्म से लाल हो गई। वह पीछे हटने लगी, लेकिन रसोई की दीवार आ गई। “ससुर जी, ऐसा मत बोलिए… ये गलत है।”

रमेश ने मुस्कुराते हुए उसका हाथ पकड़ लिया। “गलत? बेटा, घर में सब सोए हुए हैं। कोई नहीं देखेगा। तुम्हारी ये जवानी बेकार जा रही है। मैं तुम्हें वो खुशी दे सकता हूं जो तुमने कभी नहीं पाई।” उनकी आवाज में सस्पेंस और लालच था। उन्होंने धीरे से रिया की कमर पकड़ ली और उसे अपनी तरफ खींचा।

रिया कांप रही थी। “प्लीज ससुर जी… छोड़ दीजिए… अगर किसी ने देख लिया तो…” लेकिन रमेश ने उसे नहीं छोड़ा। उन्होंने उसकी डुपट्टा खींचकर फेंक दिया। रिया की सांसें तेज हो गईं।

“डरो मत बहू… आज मैं तुम्हें असली मर्द दिखाता हूं।” रमेश ने रिया की कमीज के ऊपर वाले बटन खोलने शुरू कर दिए। एक-एक करके बटन खुले। उसकी गोरी ब्रा दिखने लगी, जिसमें से भरे हुए स्तन उभर रहे थे। रिया विरोध कर रही थी लेकिन डर और अजीब सी उत्तेजना के मिश्रण से उसका शरीर कमजोर पड़ रहा था।

रमेश ने कमीज पूरी उतार दी। फिर सलवार की नाड़ा खींची। सलवार नीचे सरक गई। रिया अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी, कांपते हुए। “ससुर जी… ये मत कीजिए… मैं आपकी बहू हूं…” उसकी आवाज फटी हुई थी।

रमेश की आंखें भूख से चमक रही थीं। “बहू… आज तुम मेरी हो।” उन्होंने ब्रा का हुक पीछे से खोला। भरे हुए, गुलाबी निप्पल वाले स्तन बाहर आ गए। फिर उन्होंने झुककर पैंटी उतारी। रिया पूरी तरह नंगी हो चुकी थी। उसकी चिकनी योनि दिख रही थी।

रमेश ने अपना लुंगी उतारा। उनका मोटा, लंबा और सख्त लंड बाहर निकला। रिया की आंखें फैल गईं। “ये… इतना बड़ा…”

रमेश ने रिया के बाल पकड़े और उसका मुंह अपनी तरफ खींचा। “मुंह खोलो बहू… अपना ससुर का लंड चूसो।” उन्होंने बिना इंतजार किए अपना लंड रिया के गर्म, नरम मुंह में ठूंस दिया। रिया का मुंह भर गया। वह गैग होने लगी लेकिन रमेश ने धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू कर दिया।

“हां… ऐसे… अच्छी बहू… चूसो इसे…” रमेश की आंखें बंद थीं, आनंद से। रिया की आंखों में आंसू थे, लेकिन उसका शरीर गर्म हो रहा था।

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रिया थोड़ा विरोध करती है लेकिन रमेश उसे दीवार से सटाकर खड़े-खड़े ही चोदना शुरू कर देते हैं

रमेश ने रिया के बालों को मुठ्ठी में कसकर पकड़ रखा था। उनका मोटा, नसों वाला लंड रिया के मुंह में आधा घुसा हुआ था। रिया की आंखों से आंसू बह रहे थे, उसके गाल फूले हुए थे। “ग्लक… ग्लक…” की आवाजें निकल रही थीं जब रमेश धीरे-धीरे अपना लंड आगे-पीछे कर रहे थे।

“हां बहू… बहुत अच्छा चूस रही हो… अपनी जीभ घुमाओ… ससुर का लंड स्वाद लो…” रमेश की आवाज भारी और कामुक थी। उनकी आंखें आनंद से बंद थीं। रिया का नंगा शरीर कांप रहा था – उसके स्तन हिल रहे थे, निप्पल सख्त हो चुके थे।

कुछ मिनट बाद रमेश ने लंड मुंह से निकाला। लार की लकीर रिया के होंठ से लंड तक झूल रही थी। रिया हांफ रही थी। “ससुर जी… बस… काफी है…”

लेकिन रमेश ने उसे सुनकर नहीं दिया। उन्होंने रिया को उठाकर रसोई की दीवार से सटाकर खड़ा कर दिया। रिया की पीठ ठंडी दीवार से लगी। रमेश ने उसकी एक टांग को अपनी कमर पर चढ़ा लिया। उनका सख्त लंड रिया की चिकनी, गीली योनि के मुंह पर रगड़ रहा था।

“अब असली मजा लो बहू…” रमेश ने कहा और एक जोरदार धक्का दिया।

“आह्ह्ह्ह…!” रिया की चीख निकल गई। रमेश का मोटा लंड आधा हिस्सा एक ही झटके में उसके अंदर घुस गया। रिया की योनि तन गई, आंखें फैल गईं। दर्द और अनजानी खुशी का मिश्रण था उसके चेहरे पर। रमेश की आंखों में विजयी भूख थी।

उन्होंने रिया की दूसरी टांग भी उठा ली, अब रिया पूरी तरह दीवार से टिकी हुई थी और उसके दोनों पैर रमेश की कमर पर थे। रमेश ने तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।

“पक… पक… पक…” की आवाज रसोई में गूंज रही थी। रमेश का लंड पूरी तरह अंदर-बाहर हो रहा था। रिया के स्तन उनके सीने से रगड़ खा रहे थे।

“कैसा लग रहा है बहू? ससुर का लंड अंदर कैसा महसूस हो रहा है?” रमेश ने हांफते हुए पूछा।

रिया की आंखें आधी बंद थीं, मुंह खुला था। “उफ्फ… ससुर जी… बहुत बड़ा है… फट जाएगी… आह्ह… धीरे…” लेकिन उसके नितंब खुद-ब-खुद रमेश के धक्कों के साथ हिल रहे थे।

रमेश ने रफ्तार बढ़ा दी। वे रिया को दीवार पर दबाकर जोर-जोर से चोद रहे थे। उनका लंड हर बार गहरी तक जा रहा था। रिया की योनि से रस निकलकर उनकी जांघों पर बह रहा था। रिया का चेहरा लाल हो गया था, पसीना चमक रहा था। उसके निप्पल एकदम सख्त थे।

“हां… चोदो मुझे… और जोर से…” रिया के मुंह से अनजाने में निकल गया।

रमेश मुस्कुराए। “ये ली बहू… मेरी रंडी बहू…” उन्होंने रिया के स्तनों को जोर से मसला, निप्पल को चूसा और काटा। फिर उन्होंने रिया को दीवार से लगाकर खड़े-खड़े ही तेजी से पेलना जारी रखा। रिया की चीखें और कराह अब पूरी तरह आनंद में बदल चुकी थीं।

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मेश रिया को बेडरूम ले जाकर उसे चारों खाने चित लिटाकर मिशनरी पोजीशन में लंबी और गहरी चुदाई करते हैं

रमेश ने रिया को अपनी मजबूत बाहों में उठा लिया। रिया का नंगा शरीर पसीने से चिपचिपा हुआ था। “अब असली खेल बेडरूम में होगा बहू,” उन्होंने कहा और रिया को कंधे पर डालकर सीधे मास्टर बेडरूम में ले गए।

बेडरूम में पहुंचते ही रमेश ने रिया को बेड पर पटक दिया। रिया चारों खाने चित लेट गई, उसके स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे, सांसें तेज थीं। उसकी योनि चुदाई से लाल और गीली हो चुकी थी। रमेश ने अपनी कमीज उतारी। उनकी चौड़ी छाती, सफेद बालों वाली छाती और खड़ा मोटा लंड देखकर रिया के मुंह से सिसकारी निकल गई।

रमेश रिया के ऊपर चढ़ गए। उन्होंने रिया की दोनों टांगें फैलाकर अपने कंधों पर रख लीं। अब रिया पूरी तरह खुली हुई थी। रमेश ने अपना लंड रिया की योनि के मुंह पर रगड़ा।

“देख बहू… अब मैं तुझे अपनी पत्नी की तरह चोदूंगा,” रमेश ने कहा और एक लंबा, गहरा धक्का मारा।

“आआआह्ह्ह्ह…!” रिया की चीख पूरे कमरे में गूंज गई। रमेश का पूरा लंड एक ही झटके में रिया की योनि के सबसे अंदर तक चला गया। रिया की आंखें उलट गईं, मुंह खुला रह गया। दर्द के साथ-साथ अजीब सी तृप्ति उसके चेहरे पर दिख रही थी।

रमेश ने धीमी लेकिन जोरदार गति से चोदना शुरू किया। हर धक्के पर बेड हिल रहा था। “कैसी लग रही है मेरी बहू? ससुर का मोटा लंड अंदर कैसा महसूस हो रहा है?”

रिया दोनों हाथों से चादर पकड़े हुए थी। “बहुत… गहरा… जा रहा है ससुर जी… उफ्फ… फाड़ दोगे… आह्ह… हां… और जोर से…” उसकी आवाज कांप रही थी।

रमेश ने रफ्तार बढ़ाई। अब वे पूरी ताकत से रिया को पेल रहे थे। “पक… पक… पक… पक…” की आवाजें तेज हो गईं। रिया के स्तन उछल-उछलकर उनके मुंह के पास आ रहे थे। रमेश ने एक स्तन मुंह में ले लिया, जोर से चूसा और निप्पल को दांतों से काटा। रिया की कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी।

“हां… चूसो ससुर जी… मैं आपकी रंडी हूं आज… चोदो मुझे… जोर से चोदो…” रिया अब पूरी तरह लालच में थी। उसकी आंखें आनंद से बंद थीं, होंठ काटे जा रहे थे।

रमेश ने रिया की टांगें और फैला दीं और मिशनरी पोजीशन में तेज-तेज धक्के मारने लगे। उनका पेट रिया के पेट से टकरा रहा था। लंड हर बार पूरी गहराई तक जा रहा था और निकल रहा था। रिया की योनि से सफेद रस निकलकर चादर गीली कर रहा था।

रमेश ने रिया के गले पर हल्का काटा, फिर उसके होंठ चूस लिए। दोनों की जीभें आपस में लिपट गईं। “तेरी चूत बहुत टाइट है बहू… मेरे बेटे ने कभी ठीक से चोदा नहीं होगा तुझे…” रमेश ने डर्टी टॉक किया।

रिया ने जवाब में रमेश की पीठ पर नाखून गड़ा दिए। “हां ससुर जी… आपका लंड ही असली है… मुझे रोज चोदना… आह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूं…”

रमेश की गति और तेज हो गई। वे रिया को बेड पर दबाकर लगातार चोद रहे थे। रिया का पूरा शरीर तन गया। उसकी योनि सिकुड़ने लगी। “आआआह्ह्ह… ससुर जी… मैं आ गई…!” रिया जोर से कांपी और पहली बार झड़ गई। उसके रस ने रमेश के लंड को और गीला कर दिया।

रमेश अभी नहीं रुके। वे रिया की चुदाई जारी रखे हुए थे। उनकी सांसें भी तेज हो चुकी थीं।

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रमेश रिया को मुंह में चुदाई के बाद उसके स्तनों पर झड़ते हैं।

रिया का शरीर पहली चरम सीमा पर पहुंचकर पूरी तरह ढीला पड़ गया था। वह हांफ रही थी, आंखें बंद किए हुए, मुंह खुला। उसकी योनि से लगातार रस टपक रहा था। रमेश ने धीरे से अपना लंड निकाला। लंड अभी भी पूरा सख्त और चमकदार था, रिया के रस से भीगा हुआ।

रमेश रिया के बगल में लेट गए। दोनों कुछ मिनट चुपचाप सांसें संभाल रहे थे। रमेश ने रिया के स्तनों पर हाथ फेरा और धीरे से बोले, “बहुत मजा आया ना बहू? लेकिन खेल अभी खत्म नहीं हुआ।”

रिया ने शर्म से आंखें झुकाई, लेकिन उसके चेहरे पर संतोष था। “ससुर जी… आपने मुझे पहली बार इतना जोर से चोदा… मेरा पूरा शरीर कांप रहा है।”

थोड़ी देर आराम करने के बाद रमेश उठे। उन्होंने रिया के बाल पकड़े और उसे बेड के किनारे पर घुटनों के बल बिठा दिया। रिया का चेहरा अब रमेश के खड़े लंड के सामने था।

“मुंह खोल बहू… ससुर का लंड फिर से चूस,” रमेश ने आदेश दिया।

रिया ने अब बिना विरोध के मुंह खोल दिया। रमेश ने अपना मोटा लंड उसके गर्म, नरम मुंह में ठेल दिया। रिया की आंखें फिर से भर आईं, लेकिन वह अब खुद सक्रिय थी। उसकी जीभ लंड के नीचे घुमने लगी, वह जोर-जोर से चूसने लगी। “स्लर्प… स्लर्प…” की आवाजें निकल रही थीं।

रमेश ने रिया के सिर को दोनों हाथों से पकड़कर मुंह में चुदाई शुरू कर दी। “हां… ऐसी चूस… गहरी ले… तेरी सास कभी इतना अच्छा मुंह नहीं देती…” उनकी आवाज में लालच था। रिया का मुंह पूरी तरह भर गया था, गाल फूल रहे थे। लार उसके ठोड़ी पर बह रही थी।

कुछ मिनट तेज मुंह चुदाई के बाद रमेश ने लंड बाहर निकाला। वे रिया को फिर से बेड पर लिटा दिया। अब वे रिया के ऊपर घुटनों के बल बैठ गए, लंड उसके स्तनों के बीच था।

“अपने स्तन दबा बहू,” रमेश ने कहा।

रिया ने दोनों हाथों से अपने भरे हुए स्तन दबाकर लंड को उनके बीच ले लिया। रमेश ने स्तनों के बीच लंड को आगे-पीछे करना शुरू किया। रिया नीचे से ऊपर देख रही थी, उसकी आंखों में शर्म और उत्तेजना दोनों थे।

रमेश की सांसें तेज हो गईं। “बहू… मैं झड़ने वाला हूं… तेरे इन गोरे स्तनों पर…”

उन्होंने तेजी बढ़ाई। कुछ ही देर में रमेश का शरीर तन गया। “आह्ह्ह… ले बहू…!”

उनका गर्म, गाढ़ा वीर्य जोर-जोर से निकला। पहली फुहार रिया के बाएं स्तन और गले पर पड़ी, दूसरी उसके दाएं स्तन पर, तीसरी उसके निप्पल पर। सफेद वीर्य रिया के गोरे स्तनों पर फैल गया। रिया ने आंखें बंद कर लीं, उसके चेहरे पर अजीब सी संतुष्टि थी।

रमेश ने लंड रिया के स्तनों पर रगड़कर आखिरी बूंदें भी निकाल दीं। फिर वे रिया के बगल में लेट गए। रिया हांफ रही थी, उसका पूरा ऊपरी शरीर वीर्य से सना हुआ था।

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अगला दिन

अगले दिन सुबह के दस बज रहे थे। रिया बेडरूम में लेटी हुई थी। कल रात की चुदाई के निशान अभी भी उसके शरीर पर थे – स्तनों पर हल्के निशान, योनि में हल्का दर्द और थकान। वह कल की याद में शर्म से लाल हो रही थी। “मैंने ससुर जी के साथ इतना गंदा काम कैसे कर लिया…” लेकिन साथ ही उसके शरीर में एक अजीब सी लालसा भी जाग रही थी।

सास जी बाजार गई हुई थीं। पति अभी भी बाहर था। रमेश सुबह से ही घर में घूम रहे थे। उनकी नजर बार-बार रिया के कमरे की तरफ जा रही थी।

रिया नहाकर आई। वह हल्के नीले रंग की साड़ी पहने थी, जिसमें उसकी काया और भी आकर्षक लग रही थी। ब्लाउज काफी टाइट था, जिससे उसके स्तन उभरकर दिख रहे थे।

रमेश रसोई में पहुंच गए जहां रिया चाय बना रही थी। उन्होंने पीछे से आकर रिया को अपनी बाहों में जकड़ लिया।

“कल रात के बाद भी शर्माती हो बहू?” रमेश ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा। उनकी सांस रिया के गले पर पड़ रही थी।

रिया कांपी। “ससुर जी… दिन में… कोई देख लेगा तो…”

रमेश ने हंसकर उसकी साड़ी की पल्लू खींचा। “कोई नहीं है घर में। आज मैं तुझे दिन के उजाले में चोदूंगा।” उन्होंने रिया को घुमाकर चूम लिया। रिया पहले विरोध कर रही थी, लेकिन कुछ ही सेकंड में उसकी जीभ रमेश की जीभ से लिपट गई।

रमेश ने रिया की साड़ी पूरी उतार दी। ब्लाउज के हुक खोले। ब्रा बाहर आई, जिसे उन्होंने झटके से खोल दिया। रिया के गोरे, भरे स्तन बाहर आ गए। फिर पेटीकोट और पैंटी भी उतर गई। रिया फिर से पूरी नंगी खड़ी थी।

रमेश ने अपनी धोती उतारी। उनका लंड फिर से सख्त होकर तना हुआ था। उन्होंने रिया को रसोई के टेबल पर लिटा दिया। रिया की टांगें फैली हुई थीं।

“आज मैं तुझे आराम से चखूंगा,” रमेश ने कहा और घुटनों के बल बैठ गए। उन्होंने रिया की योनि पर जीभ फेरी। रिया की कमर उछल गई। “आह्ह ससुर जी… वहां मत…”

लेकिन रमेश ने रुकना नहीं था। वे जोर-जोर से उसकी योनि चाटने लगे, क्लिटोरिस को चूसने लगे। रिया के मुंह से कराह निकल रही थी। “उफ्फ… हां… चूसिए… बहुत अच्छा लग रहा है…”

रमेश ने काफी देर तक ओरल प्लेजर दिया। रिया पहली बार झड़ गई। फिर वे उठे और अपना लंड रिया की योनि पर रखा।

एक जोरदार धक्के के साथ पूरा लंड अंदर चला गया। रिया की आंखें फैल गईं। “मम्मी… मार डाला…”

रमेश ने टेबल पर रिया को चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के के साथ टेबल हिल रहा था। रिया के स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। रमेश उन्हें मसल रहे थे और तेजी से चोद रहे थे।

“कल रात से ज्यादा टाइट लग रही है आज तेरी चूत बहू…” रमेश ने डर्टी टॉक किया।

रिया अब पूरी तरह लिप्त थी। “जोर से चोदिए ससुर जी… मुझे अपनी बनाइए…”

रमेश रिया को टेबल पर चोदने के बाद उसे फ्लोर पर डॉगी स्टाइल में चोदते हैं और अंदर झड़ते हैं।

रमेश ने रिया को रसोई के टेबल पर लिटाकर काफी देर तक जोर-जोर से चोदा। रिया के स्तन बार-बार उनके हाथों में आ रहे थे, निप्पल लाल हो चुके थे। रिया की चीखें और कराह अब पूरी तरह आनंद में बदल चुकी थीं।

“बहुत मजा आ रहा है ससुर जी… और गहरा… आह्ह्ह…” रिया हांफते हुए बोल रही थी।

रमेश ने अचानक लंड बाहर निकाला। रिया की योनि खुली हुई, गीली और लाल दिख रही थी। उन्होंने रिया को टेबल से नीचे उतारा और फ्लोर पर चारों खाने चित घुटनों के बल कर दिया। रिया अब कुत्ते की मुद्रा (डॉगी स्टाइल) में थी – उसकी पीठ झुकी हुई, नितंब ऊपर उठे हुए, योनि पूरी तरह खुली।

रमेश ने पीछे से रिया के नितंबों को दोनों हाथों से पकड़ा और एक जोरदार झटका दिया।

“आआआह्ह्ह…!” रिया की चीख निकल गई। पूरा मोटा लंड एक ही बार में गहरी तक चला गया। इस पोजीशन में लंड और भी गहराई तक पहुंच रहा था। रमेश ने रफ्तार बढ़ा दी।

“पक… पक… पक… पक…” की तेज आवाजें रसोई में गूंज रही थीं। रमेश के पेट रिया के नितंबों से हर बार जोर से टकरा रहा था। रिया के स्तन नीचे लटककर हिल रहे थे।

“कैसा लग रहा है बहू? ससुर पीछे से चोद रहा है…” रमेश ने रिया के बाल खींचते हुए पूछा।

रिया की आंखें बंद थीं, मुंह खुला था। “बहुत… गहरा… जा रहा है… फाड़ दीजिए मुझे… हां… जोर से चोदिए ससुर जी…” उसकी आवाज में पूरी लालसा थी।

रमेश ने एक हाथ से रिया की कमर पकड़ रखी थी, दूसरे हाथ से उसके स्तन मसल रहे थे। वे लगातार तेज धक्के मार रहे थे। रिया का पूरा शरीर आगे-पीछे हिल रहा था। उसकी योनि से रस टपक-टपककर फ्लोर पर गिर रहा था।

“मैं फिर झड़ने वाली हूं… ससुर जी… तेज… तेज…” रिया चीखी।

रमेश ने और तेजी पकड़ी। उनके लंड के हर धक्के पर रिया का शरीर कांप रहा था। कुछ ही देर बाद रिया जोर से कांपी और दूसरी बार झड़ गई। उसकी योनि सिकुड़-फैल रही थी।

रमेश भी अब कगार पर थे। “बहू… मैं भी आने वाला हूं… अंदर ही झड़ूंगा आज…”

रिया ने हां में सिर हिलाया। रमेश ने आखिरी कुछ जोरदार धक्के मारे और गहराई तक घुसकर रुक गए। उनका गर्म वीर्य रिया की योनि के अंदर फुहारों में निकलने लगा। “आह्ह्ह… ले बहू… ससुर का पूरा माल अंदर ले…”

रमेश का वीर्य रिया के अंदर भरता गया। जब उन्होंने लंड निकाला तो सफेद वीर्य रिया की योनि से बाहर बहने लगा। रिया थककर फ्लोर पर लेट गई, सांसें तेज, चेहरा संतुष्ट लेकिन शर्म से लाल।

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