जीजा ने साली की टाइट कुँवारी चूत को पहली बार फाड़ा | sali jiija hardcore chudai

जीजा ने साली की टाइट कुँवारी चूत को पहली बार फाड़ा

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विक्रम और उसकी पत्नी प्रिया पिछले तीन साल से शादीशुदा थे। विक्रम का सरकारी जॉब था, इसलिए वो अक्सर ट्रांसफर पर रहते थे। इस बार वो दिल्ली में पोस्टेड थे। प्रिया की छोटी बहन अनन्या, जो अभी 19 साल की थी, कॉलेज के लिए दिल्ली आई हुई थी।

अनन्या बेहद खूबसूरत थी – गोरी, नाजुक काया, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें और एक ऐसी मुस्कान जो किसी को भी पागल कर दे। उसकी उम्र के हिसाब से उसका शरीर बहुत ही आकर्षक था, खासकर उसकी टाइट कमर और नुकीली छातियाँ। अनन्या अभी तक कुंवारी थी।

विक्रम अनन्या को हमेशा छोटी बहन की तरह ही देखता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से कुछ बदल रहा था। जब भी अनन्या उनके घर आती, विक्रम का ध्यान उसकी बढ़ती जवानी पर जाने लगता। अनन्या भी जीजा जी के साथ रहकर काफी खुलकर बातें करने लगी थी। प्रिया अक्सर ऑफिस या अपनी मम्मी के पास जाती रहती थी, जिससे विक्रम और अनन्या अकेले ज्यादा समय बिताने लगे।

एक शाम की बात है। प्रिया अपनी माँ के घर गई हुई थी और रात को लौटने वाली थी। विक्रम घर पर अकेला था। अनन्या कॉलेज से थकी-हारी लौटी। उसने शॉर्ट्स और टॉप पहना हुआ था, जो उसके गोरे जांघों को अच्छे से दिखा रहा था।

“जीजा जी, आज कितनी गर्मी है ना!” अनन्या ने कहा और सोफे पर बैठते हुए अपने बालों को पीछे किया।

विक्रम ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हाँ अनन्या, बहुत गर्मी है। पानी पी ले।”

अनन्या ने पानी पिया और फिर अचानक बोली, “जीजा जी, आप मुझे हमेशा ऐसे घूरते क्यों हो? क्या बात है?”

विक्रम चौंक गया। उसका दिल जोरों से धड़कने लगा। “नहीं अनन्या, ऐसा कुछ नहीं है। तू मेरी साली है ना…”

अनन्या हँसी, “बस साली? या कुछ और भी सोचते हो?” उसकी आँखों में एक शरारत भरी चमक थी।

विक्रम का मुँह सूख गया। वो समझ गया कि अनन्या भी कुछ महसूस कर रही है। उसने हिम्मत करके कहा, “अनन्या, सच कहूँ तो पिछले कुछ दिनों से तुझे देखकर मन अजीब सा हो जाता है। तू बहुत सुंदर हो गई है।”

अनन्या शर्मा गई लेकिन उसने नजरें नहीं चुराईं। “जीजा जी… मैं भी सोचती हूँ। आप प्रिया दीदी से इतने अलग हो। आप मजबूत हो, समझदार हो। कभी-कभी मन करता है कि…” उसने बात अधूरी छोड़ दी।

वातावरण में सन्नाटा छा गया। विक्रम उठा और अनन्या के पास आकर बैठ गया। उसने धीरे से अनन्या का हाथ पकड़ा। “अनन्या, अगर तू नहीं चाहती तो मैं कुछ नहीं कहूँगा। लेकिन सच बोलूँ तो तुझे छूने का मन बहुत बार करता है।”

अनन्या ने नीचे देखते हुए धीरे से कहा, “जीजा जी… मैं डर रही हूँ। मैंने कभी कुछ किया ही नहीं। लेकिन… आपसे तो डर नहीं लगता।”

विक्रम ने अनन्या के गाल पर हाथ फेरा। अनन्या की साँसें तेज हो गईं। उसने आँखें बंद कर लीं। विक्रम धीरे से अनन्या के होंठों पर अपने होंठ रख दिए। पहला किस बहुत धीमा और प्यार भरा था, लेकिन धीरे-धीरे वो गहरा होता गया। अनन्या ने भी जवाब दिया।

किस के दौरान विक्रम का हाथ अनन्या की कमर पर गया और उसकी टॉप के अंदर घुसने लगा। अनन्या काँप रही थी। “जीजा जी… धीरे… मैं बहुत नर्वस हूँ।”

“डर मत अनन्या, मैं तुझे बहुत प्यार से करूँगा। आज तुझे औरत बनाऊँगा।” विक्रम ने उसके कान में फुसफुसाया।

अनन्या की आँखों में शर्म और उत्तेजना दोनों थे। उसने विक्रम को कसकर पकड़ लिया।

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विक्रम अनन्या को सोफे पर ही लिटाकर उसके कपड़े उतारना शुरू करता है।

विक्रम ने अनन्या को कसकर चूमते हुए उसे सोफे पर लिटा दिया। अनन्या की साँसें बहुत तेज चल रही थीं। उसकी छाती ऊपर-नीचे हो रही थी। विक्रम उसके ऊपर झुका हुआ था।

“अनन्या… तू बहुत सुंदर है। आज मैं तुझे पूरी तरह अपना बना लूँगा,” विक्रम ने गहरी आवाज में कहा।

अनन्या ने शर्म से आँखें बंद कर लीं और सिर्फ सिर हिला दिया। विक्रम ने अनन्या की टॉप के नीचे हाथ डाला और धीरे-धीरे उसे ऊपर की तरफ खींचा। अनन्या ने हाथ ऊपर कर दिए। टॉप उसके सिर से निकलते ही विक्रम ने उसे फर्श पर फेंक दिया। अनन्या अब सिर्फ काले रंग की लेस वाली ब्रा और शॉर्ट्स में थी। उसकी गोरी छातियाँ ब्रा के अंदर से फटने को तैयार थीं।

विक्रम ने ब्रा के हुक पर हाथ लगाया। अनन्या काँप उठी। “जीजा जी… धीरे से…” अनन्या ने फुसफुसाते हुए कहा।

विक्रम ने ब्रा का हुक खोल दिया। ब्रा के दोनों कप दोनों तरफ सरक गए। अनन्या की गुलाबी-गुलाबी, टाइट और नुकीली छातियाँ बाहर आ गईं। विक्रम की आँखें फैल गईं। “वाह अनन्या… कितनी खूबसूरत हैं तेरी चूचियाँ,” कहते हुए विक्रम ने एक छाती को हाथ में ले लिया और जोर से दबाया।

अनन्या ने “आह्ह्ह…” की आवाज निकाली। विक्रम ने दूसरे स्तन को मुँह में ले लिया और चूसने लगा। अनन्या की कमर टेढ़ी हो गई। वो विक्रम के बालों में हाथ फेर रही थी। विक्रम दोनों छातियों को बारी-बारी चूसता रहा, काटता रहा और चाटता रहा। अनन्या के मुँह से बार-बार “उम्म्म… जीजा जी… आह…” की सिसकारियाँ निकल रही थीं।

थोड़ी देर बाद विक्रम ने अनन्या की शॉर्ट्स की नाडी खोल दी और उसे जांघों से नीचे खींचा। अब अनन्या सिर्फ एक पतली सी गुलाबी पैंटी में थी। पैंटी पर हल्का सा गीला धब्बा दिख रहा था। विक्रम ने पैंटी पर हाथ फेरा।

“अनन्या, तू तो पहले ही गीली हो गई है,” विक्रम मुस्कुराया।

अनन्या शर्म से मुँह दूसरी तरफ कर लिया। विक्रम ने पैंटी को दोनों जांघों से नीचे खींचकर पूरी तरह उतार दिया। अनन्या की टाइट, कुंवारी, बिना बाल वाली गुलाबी चूत अब पूरी तरह नंगी हो गई। छोटी-सी फाँक, जो अभी तक किसी ने नहीं छुई थी।

विक्रम ने अपनी शर्ट और पैंट उतार दी। उसका मोटा, 7 इंच लंबा लंड पूरी तरह खड़ा और नसों से फटा हुआ था। अनन्या ने उसे देखा तो उसकी आँखें डर से फैल गईं।

“जीजा जी… ये तो बहुत बड़ा है… मुझे दर्द होगा ना?” अनन्या ने डरते हुए पूछा।

“पहली बार थोड़ा दर्द होगा बेटी, लेकिन फिर बहुत मज़ा आएगा,” विक्रम ने कहा और अनन्या की जांघों को फैला दिया।

विक्रम ने अपने लंड पर थूक लगाया और अनन्या की चूत पर रगड़ने लगा। अनन्या काँप रही थी। फिर विक्रम ने धीरे से अपना लंड उसकी टाइट चूत के छेद पर रखा और जोर से धक्का दिया।

“आआआह्ह्हhhh…!!” अनन्या चीख उठी। विक्रम का लंड सिर्फ सिरा ही अंदर गया था। अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। उसकी टाइट कुंवारी चूत फटने लगी थी।

“आराम से जीजा जी… बहुत दर्द हो रहा है…” अनन्या रोते हुए बोली।

विक्रम रुका नहीं। उसने अनन्या को चूमते हुए एक और जोरदार धक्का दिया। आधा लंड अंदर चला गया। अनन्या की चूत से खून की हल्की धार निकली। विक्रम ने पूरे जोर से एक और झटका मारा और पूरा मोटा लंड अनन्या की कुंवारी चूत में घुस गया।

“मम्मी मर गई… आआह्ह्ह… निकालो जीजा जी… बहुत फट गई…” अनन्या जोर-जोर से चीख रही थी। उसके नाखून विक्रम की पीठ में गड़ गए थे।

विक्रम ने अनन्या को कसकर पकड़ लिया और धीरे-धीरे चुदाई शुरू कर दी। हर धक्के के साथ “पच… पच… पच…” की आवाज हो रही थी। अनन्या की चूत बहुत टाइट थी, विक्रम को भी बहुत मज़ा आ रहा था।

धीरे-धीरे अनन्या का दर्द कम होने लगा और वो “आह… उह्ह… जीजा जी… और जोर से…” कहने लगी।

विक्रम ने रफ्तार बढ़ा दी। वो अनन्या की चूचियों को दबाते हुए, उसके होंठ चूसते हुए और गर्दन पर काटते हुए पूरी तेजी से चोद रहा था। अनन्या की जांघें विक्रम की कमर के चारों तरफ लिपट गई थीं।

“अनन्या… तेरी चूत बहुत टाइट है… मैं जल्दी झड़ने वाला हूँ…” विक्रम ने हाँफते हुए कहा।

“जीजा जी… मुझे भी कुछ हो रहा है… आह्ह्ह… तेज… तेज…” अनन्या भी चीख रही थी।

कुछ ही देर में दोनों एक साथ झड़ गए। विक्रम का गर्म वीर्य अनन्या की कुंवारी चूत में भर गया। दोनों पसीने से तर होकर एक-दूसरे से चिपके पड़े थे।

अनन्या की आँखें बंद थीं। उसके चेहरे पर दर्द, शर्म और संतोष का मिश्रण था।

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विक्रम अनन्या को दूसरी राउंड में कुत्ते की स्टाइल (doggy) में चोदता है

दोनों कुछ देर सोफे पर लेटे रहे। विक्रम का लंड अभी भी अनन्या की चूत के अंदर था। अनन्या की साँसें अभी भी तेज थीं। उसकी चूत से विक्रम का वीर्य और हल्का खून बाहर निकल रहा था।

विक्रम ने अनन्या के कान में फुसफुसाया, “अनन्या… अभी तो शुरुआत है। मैं तुझे आज रात भर चोदने वाला हूँ।”

अनन्या ने शर्माते हुए कहा, “जीजा जी… बहुत दर्द हो रहा है… लेकिन… मज़ा भी आ रहा है।”

विक्रम ने अपना लंड निकाला। अनन्या की चूत अब थोड़ी खुली हुई लग रही थी। विक्रम ने अनन्या को पेट के बल घुमा दिया। अनन्या कुत्ते की स्टाइल (doggy style) में आ गई। उसकी गोरी टाइट गांड ऊपर की तरफ थी। विक्रम ने दोनों हाथों से अनन्या की गांड को फैलाया।

“वाह… कितनी सुंदर गांड है तेरी,” कहते हुए विक्रम ने अनन्या की गांड पर जोर से थप्पड़ मारा। अनन्या की चीख निकल गई।

विक्रम ने फिर से अपना लंड अनन्या की चूत पर रगड़ा। चूत अब पहले से ज्यादा गीली थी। उसने एक जोरदार धक्का दिया और पूरा लंड एक ही बार में अंदर घुसा दिया।

“आआआह्ह्हhhh…!! जीजा जी… बहुत गहरा जा रहा है…” अनन्या ने तकिए में मुँह दबाकर चीखा।

विक्रम ने अनन्या की कमर पकड़ ली और तेज-तेज धक्के मारने लगा। “पच… पच… पच… पच…” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। अनन्या की टाइट चूत अब विक्रम के मोटे लंड को अच्छे से निचोड़ रही थी।

विक्रम ने एक हाथ से अनन्या के बाल पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी गांड को सहलाने लगा। उसकी उंगली अनन्या की गांड के छोटे से गुलाबी छेद पर घूमने लगी।

अनन्या चौंक गई, “जीजा जी… वहाँ मत छुओ… शर्म आ रही है…”

लेकिन विक्रम ने नहीं माना। उसने उंगली पर थूक लगाया और धीरे से अनन्या की गांड में उंगली डाल दी।

“उम्म्म्म… आह्ह्ह… जीजा जी… क्या कर रहे हो…” अनन्या की आवाज में दर्द और नया सा मज़ा दोनों था।

विक्रम अब पूरे जोर से चोद रहा था। लंड चूत में घुस रहा था और उंगली गांड में अंदर-बाहर हो रही थी। अनन्या की दोनों तरफ की छेदों में एक साथ उत्तेजना हो रही थी। उसके मुँह से अब लगातार “फाड़ दो जीजा जी… और जोर से चोदो… आह्ह्ह… मैं आपकी रंडी हूँ…” जैसी बातें निकल रही थीं।

विक्रम की रफ्तार और तेज हो गई। वो अनन्या की गांड पर थप्पड़ मारता, बाल खींचता और पूरी ताकत से पीछे से चोदता जा रहा था। अनन्या की जांघें काँप रही थीं। उसकी आँखें उलट गई थीं और मुँह खुला हुआ था।

“अनन्या… मैं फिर से झड़ने वाला हूँ…” विक्रम ने कहा।

“मुझे भी… आ रहा है जीजा जी… तेज… तेज… आह्ह्हhhh!!” अनन्या चीखते हुए झड़ गई। उसकी चूत विक्रम के लंड को जोर से निचोड़ रही थी।

विक्रम ने भी आखिरी जोरदार धक्के मारे और दूसरी बार अनन्या की चूत में गर्म वीर्य भर दिया। दोनों थककर सोफे पर गिर पड़े। अनन्या की गांड पर विक्रम के थप्पड़ों के लाल निशान पड़ गए थे। उसकी चूत और गांड दोनों लाल और फूली हुई थीं।

अनन्या ने विक्रम की तरफ देखा। उसकी आँखों में अब शर्म कम और प्यार ज्यादा था। “जीजा जी… मैं अब आपकी हो गई हूँ… पूरी तरह।”

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जीजा ने साली की टाइट कुँवारी चूत को पहली बार फाड़ा भाग 4

कुछ देर बाद दोनों ने जल्दी से कपड़े पहन लिए। अनन्या की चाल में अब थोड़ी लड़खड़ाहट थी। उसकी चूत अभी भी दर्द कर रही थी और विक्रम का वीर्य उसकी पैंटी में रिस रहा था। विक्रम ने अनन्या को प्यार से चूमकर कहा, “सामान्य रहना, प्रिया आ रही है।”

ठीक उसी समय दरवाजे की घंटी बजी। प्रिया घर आ गई थी।

प्रिया थकी हुई लग रही थी। “आज कितना ट्रैफिक था यार!” उसने कहा और बैग रख दिया। उसने अनन्या को देखा जो सोफे पर बैठी थी।

“अनन्या, तू ठीक तो है? चेहरा थोड़ा लाल लग रहा है,” प्रिया ने पूछा।

अनन्या शर्मा गई और मुस्कुराते हुए बोली, “दीदी, कॉलेज में आज बहुत दौड़-भाग हुई थी, थक गई हूँ बस।”

विक्रम ने पीछे से आकर प्रिया को गले लगाया, “आ गईं तुम। मैं खाना ऑर्डर कर देता हूँ।”

तीनों ने मिलकर चाइनीज खाना ऑर्डर किया। जब तक खाना आता, प्रिया फ्रेश होने चली गई।

खाना आ गया। तीनों डाइनिंग टेबल पर बैठ गए। प्रिया बीच में, विक्रम और अनन्या आमने-सामने।

खाते-खाते विक्रम और अनन्या की नजरें बार-बार मिल रही थीं। अनन्या हर बार शरमाकर मुस्कुरा रही थी। विक्रम की आँखों में अभी भी वही भूख थी।

प्रिया कुछ नहीं समझ पा रही थी। वो बोल रही थी, “अनन्या, कल से तेरी पढ़ाई ज्यादा हो जाएगी। विक्रम, तुम भी उसकी मदद करना।”

विक्रम मुस्कुराते हुए बोला, “हाँ प्रिया, मैं अनन्या की पूरी मदद करूँगा।” कहते हुए उसकी नजर अनन्या की छातियों पर पड़ी, जिन पर अभी भी उसके दांतों के हल्के निशान थे जो टॉप से छुपे हुए थे।

अनन्या ने पैर नीचे टेबल के अंदर विक्रम के पैर से रगड़ा। विक्रम का लंड फिर से खड़ा होने लगा। दोनों एक-दूसरे को देखकर चुपके से मुस्कुरा रहे थे। प्रिया बिल्कुल अनजान थी कि उसकी बहन और पति के बीच क्या हो चुका है।

खाना खत्म होने के बाद प्रिया बोली, “मैं थक गई हूँ, सोने जा रही हूँ। तुम दोनों भी जल्दी सो जाना।”

प्रिया बेडरूम में चली गई।

अब विक्रम और अनन्या फिर से अकेले थे। अनन्या ने विक्रम की तरफ देखा, उसकी आँखों में फिर से वही शरारत और चाहत थी।

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जीजा ने साली की टाइट कुँवारी चूत को पहली बार फाड़ा भाग 5

अगली सुबह प्रिया जल्दी उठी और ऑफिस के लिए तैयार होने लगी। अनन्या और विक्रम भी उठ चुके थे, लेकिन दोनों की आँखों में अभी भी पिछली रात की भूख बाकी थी।

प्रिया ने जल्दी-जल्दी नाश्ता किया और बोली, “मैं शाम को 7 बजे तक आऊँगी। अनन्या, पढ़ाई कर लेना। विक्रम, तुम घर पर ही हो ना?”

विक्रम मुस्कुराया, “हाँ, मैं पूरा दिन घर पर हूँ। अनन्या की देखभाल कर लूँगा।”

जैसे ही प्रिया दरवाजा बंद करके चली गई, विक्रम ने अनन्या को कसकर अपनी तरफ खींच लिया और जोर से चूमने लगा।

“आज पूरा दिन सिर्फ हम दोनों… और हम दोनों पूरी तरह नंगे रहेंगे,” विक्रम ने कहा।

अनन्या ने शरमाते हुए सिर हिलाया। दोनों ने तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए। अब पूरा घर में दोनों बिल्कुल नंगे घूम रहे थे। अनन्या की टाइट चूत अभी भी हल्की सूजी हुई थी, लेकिन वो विक्रम को देखकर फिर से गीली हो रही थी।

पहली राउंड (किचन में): विक्रम ने अनन्या को किचन काउंटर पर बिठा दिया। उसने अनन्या की जांघें फैलाईं और घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत चाटने लगा। अनन्या ने विक्रम के सिर को अपनी चूत पर दबाया और कराह रही थी, “जीजा जी… आह्ह्ह… आपकी जीभ बहुत अच्छी है… चाटो और जोर से…”

विक्रम ने अच्छे से चूत चाटी, फिर खड़ा होकर अपना मोटा लंड अनन्या की चूत में घुसा दिया। किचन में खड़े-खड़े जोर-जोर से चुदाई हुई। अनन्या की चीखें पूरे घर में गूंज रही थीं।

दूसरी राउंड (शावर में): नाश्ते के बाद दोनों नहाने गए। शावर के नीचे गर्म पानी चल रहा था। अनन्या घुटनों के बल बैठ गई और विक्रम का लंड मुँह में ले लिया। वो पहली बार लंड चूस रही थी, लेकिन उत्साह से भरपूर थी। विक्रम ने उसके बाल पकड़कर मुँह में ठोका। फिर उसने अनन्या को दीवार से सटाकर पीछे से चोदा। पानी के साथ “पच पच” की आवाज हो रही थी।

तीसरी राउंड (बेडरूम में – Doggy & Missionary): दोपहर में दोनों बेडरूम गए। अनन्या को चारों खाने पर करवाकर विक्रम ने फिर गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोदा। बीच-बीच में उसकी गांड में उंगली भी डालता रहा। फिर पोजीशन बदलकर missionary में बहुत देर तक चोदा। अनन्या बार-बार झड़ रही थी।

“जीजा जी… मैं मर जाऊँगी… इतना मज़ा… आह्ह्ह… फाड़ दो मेरी चूत को…” अनन्या चिल्ला रही थी।

चौथी राउंड (सोफे पर – Riding): शाम ढलते-ढलते अनन्या ने खुद पहल की। विक्रम सोफे पर लेटा था। अनन्या उसके ऊपर सवार हो गई और खुद ही लंड अपनी चूत में डालकर उछल-उछलकर चुदाई करने लगी। उसकी छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। विक्रम नीचे से जोर से धक्के दे रहा था।

दोनों पूरे दिन नंगे ही रहे। खाना भी नंगे बैठकर खाया। बीच-बीच में छोटी-छोटी चुदाई होती रही। अनन्या की चूत अब पूरी तरह विक्रम के लंड की आदी हो चुकी थी।

शाम 6:30 बजे दोनों ने जल्दी से कपड़े पहन लिए। घर में सेक्स की महक फैली हुई थी। अनन्या की चाल अब और भी लड़खड़ाती हुई थी।

विक्रम ने अनन्या को आखिरी बार चूमते हुए कहा, “आज के बाद रोज ऐसा ही होगा जब प्रिया ऑफिस जाएगी।”

अनन्या मुस्कुराई, “जीजा जी… मैं अब आपकी गुलाम हूँ।”

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