भैया घर पर थे फिर भी भाभी को पटाया और जमकर चोदा
मेरा नाम आर्यन है। उम्र 23 साल। मैं इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ। हमारे घर में मम्मी-पापा, भैया और भाभी रहते हैं। भैया का नाम रोहन है। वो बहुत स्ट्रिक्ट और ईर्ष्यालु स्वभाव के हैं। जॉब के साथ-साथ वो घर पर भी ज्यादातर रहते हैं। वर्क फ्रॉम होम करते हैं।
भाभी का नाम रिया है। उम्र 27 साल। गोरी, लंबी और बेहद खूबसूरत। उनकी बॉडी देखकर मन करता है कि बस चूम लूँ। भैया भाभी से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन साथ ही उन पर बहुत कंट्रोल भी रखते हैं। भाभी ज्यादातर घर में ही रहती हैं।
शुरू में भाभी से मेरी बातें बहुत कम होती थीं। लेकिन धीरे-धीरे हम दोनों में अच्छी केमिस्ट्री बनने लगी। भाभी हँसमुख थीं और मुझे भी उनके साथ मजाक करने में मजा आता था। भैया जब ऑफिस जाते थे तो भाभी और मैं ज्यादा बातें करते थे।
एक दिन भैया घर पर ही वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। भाभी किचन में खाना बना रही थीं। मैं भी किचन में जाकर उनके साथ बातें करने लगा। भैया हॉल में लैपटॉप लेकर बैठे थे।
मैंने भाभी से कहा, “भाभी, आज आप बहुत अच्छी लग रही हैं।”
भाभी मुस्कुराकर बोलीं, “अरे, क्या बात है आज?”
मैंने धीरे से कहा, “सच में… आपकी ये स्माइल बहुत खतरनाक है।”
भाभी शरमा गईं लेकिन कुछ नहीं बोलीं। भैया हॉल में थे, इसलिए हम दोनों चुप हो गए।
उस दिन के बाद से मैं भाभी को ज्यादा ध्यान देने लगा। जब भी मौका मिलता, उनकी तारीफ करता, हल्का-हल्का फ्लर्ट करता। भाभी पहले तो मना करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे वो भी मेरे साथ ज्यादा खुलने लगीं।
एक शाम भैया हॉल में सोफे पर लेटकर मोबाइल देख रहे थे। भाभी अपने कमरे में थीं। मैं चुपके से उनके कमरे में गया। भाभी अकेली थीं।
मैंने कहा, “भाभी, आज भैया बहुत व्यस्त लग रहे हैं।”
भाभी ने कहा, “हाँ, जॉब का प्रेशर है।”
मैंने उनके पास जाकर बैठते हुए कहा, “भाभी, आप बहुत अकेली लगती हैं।”
भाभी ने मेरी तरफ देखा। उनकी आँखों में कुछ अलग सा भाव था। मैंने धीरे से उनका हाथ पकड़ लिया। भाभी ने हाथ छुड़ाने की कोशिश नहीं की।
मैंने कहा, “भाभी, मैं आपसे बहुत दिनों से कुछ कहना चाहता था…”
भाभी ने पूछा, “क्या?”
मैंने उनकी आँखों में देखते हुए कहा, “भाभी, मैं आपसे प्यार करता हूँ। बहुत दिनों से।”
भाभी कुछ देर चुप रहीं, फिर बोलीं, “आर्यन… ये गलत है। भैया घर पर हैं।”
मैंने उनका हाथ और कसकर पकड़ लिया। “भाभी, भैया को कभी पता नहीं चलेगा। बस एक बार… मुझे मौका दो।”
भाभी ने मेरी तरफ देखा। उनकी साँसें थोड़ी तेज हो गई थीं। मैंने उन्हें अपनी तरफ खींचा और उनके गाल पर किस कर दिया। भाभी ने आँखें बंद कर लीं।
फिर मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। भाभी ने पहले तो मना किया, लेकिन 10 सेकंड बाद उन्होंने भी किस करना शुरू कर दिया।
हम दोनों जोर से किस कर रहे थे। भाभी की साँसें बहुत तेज हो गई थीं। मैंने उनका सूट ऊपर खींचा और ब्रा के ऊपर से उनकी छातियाँ दबाने लगा। भाभी ने मेरी कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
अचानक बाहर से भैया की आवाज आई — “रिया! पानी ला दो!”
भाभी घबरा गईं। मैंने तुरंत उन्हें छोड़ दिया। भाभी ने सूट ठीक किया और बाहर चली गईं।
रात को जब भैया सो गए, भाभी ने मुझे मैसेज किया — “आज रात मत आना… बहुत रिस्क है।”
लेकिन मैं रुक नहीं पाया। रात के 2 बजे मैं चुपके से भाभी के कमरे में घुस गया। भाभी जाग रही थीं।
“आर्यन… भैया सोए हैं, लेकिन डर लग रहा है,” भाभी फुसफुसाईं।
मैंने उन्हें चुप कराते हुए कहा, “कोई नहीं आएगा भाभी।”
मैंने भाभी को बेड पर लिटा दिया और उनके कपड़े उतारने लगे। भाभी ने भी मेरे कपड़े उतार दिए। मेरा लंड पहले से ही खड़ा था। भाभी ने उसे देखा और कहा —
“तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है…”
मैंने भाभी की टाँगें फैलाईं और कंडोम लगाकर लंड उनकी चूत पर रखा। भाभी ने मेरी कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
एक जोरदार धक्के में मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया। भाभी का मुंह खुल गया।
“आह्ह… आर्यन… धीरे… बहुत मोटा है…”
लेकिन मैंने रुकने का नाम नहीं लिया। मैं जोर-जोर से धक्के लगाने लगा। भाभी ने तकिया मुंह में दबा लिया ताकि आवाज बाहर न जाए।
“आह… आह… आर्यन… भैया घर पर हैं… फिर भी तू मुझे चोद रहा है… आह…”
मैंने भाभी को घुमाकर डॉगी स्टाइल में कर दिया। उनकी गोरी गांड मेरे सामने थी। मैंने जोर-जोर से धक्के लगाए। भाभी की गांड लाल हो रही थी।
“आर्यन… और जोर से… हाँ… भैया कभी इतना जोर से नहीं चोदता…”
करीब 20 मिनट तक लगातार चोदने के बाद भाभी जोर से काँपकर झड़ गईं। मैं भी उनके अंदर ही झड़ गया।
हम दोनों पसीने से लथपथ होकर एक-दूसरे से लिपट गए।
भाभी ने मेरे कान में फुसफुसाया —
“आर्यन… आज तूने मुझे सच में पट लिया। भैया घर पर थे, फिर भी तूने मुझे चोद लिया।”
मैंने भाभी को गले लगाते हुए कहा, “ये सिर्फ शुरुआत है भाभी… अब तो रोज चोदूंगा।”
भैया घर पर थे, फिर भी भाभी को पटाया और जमकर चोदा
पिछली रात की चुदाई के बाद भाभी और मैं दोनों बहुत डर गए थे, लेकिन साथ ही और भी ज्यादा excited हो गए थे। भैया अगले दिन सुबह 10 बजे तक घर पर ही रहे। वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे।
पूरे दिन भाभी और मैं एक-दूसरे को देखकर शरमा रहे थे। भैया जब भी किचन में आते, भाभी तुरंत मेरी तरफ से दूर हो जातीं। लेकिन उनकी आँखों में वो चमक थी जो बता रही थी कि वो भी फिर से चुदवाना चाहती हैं।
रात के करीब 11 बजे भैया अपने कमरे में चले गए। भाभी ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया —
भाभी: “आज बहुत रिस्क है आर्यन। भैया जाग रहे हैं। मत आना।”
लेकिन मैं रुक नहीं पाया। रात के 12:30 बजे मैं चुपके से भाभी के कमरे में घुस गया। भाभी बेड पर लेटी हुई थीं। जैसे ही मैं अंदर आया, उन्होंने मुझे डाँटते हुए कहा —
“पागल हो गए हो क्या? भैया अभी सोए नहीं हैं। बाहर टीवी चल रहा है।”
मैंने भाभी को चुप कराते हुए बेड पर चढ़ गया और उन्हें गले लगा लिया। “भाभी, एक बार तो कर लें… मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा।”
भाभी ने मना किया, लेकिन जब मैंने उनके स्तन दबाए तो उनकी साँसें बदल गईं। मैंने उनका नाइट सूट उतार दिया। भाभी नंगी हो गईं। मैंने भी कपड़े उतार दिए। मेरा लंड पहले से खड़ा था।
भाभी ने फुसफुसाते हुए कहा, “आर्यन… दरवाजा खुला है। भैया आ सकते हैं।”
मैंने कहा, “कोई नहीं आएगा।”
मैंने कंडोम लगाया और भाभी को मिशनरी पोजीशन में लिटा दिया। जैसे ही लंड उनकी चूत में घुसा, भाभी ने तकिया मुंह में दबा लिया।
“आह… आर्यन… धीरे… भैया जाग जाएंगे…”
लेकिन मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। भाभी की चूत बहुत तंग थी। मैंने भाभी की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और गहरे धक्के लगाने लगा।
भाभी की आँखें बंद थीं। वे तकिये में मुंह दबाए सिसकारियाँ ले रही थीं।
“तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है… आह… गहराई तक जा रहा है…”
अचानक बाहर से भैया की आवाज आई — “रिया! पानी पिला दो ना!”
भाभी का चेहरा सफेद पड़ गया। मैंने तुरंत लंड बाहर निकाला। भाभी ने जल्दी से नाइट सूट पहना और बाहर चली गईं।
मैं बेड के नीचे छुप गया। भैया कमरे में आए। “इतनी देर से क्या कर रही थी?” भैया ने पूछा।
भाभी ने घबराकर कहा, “कुछ नहीं… सोने जा रही थी।”
भैया पानी पीकर चले गए। भाभी ने दरवाजा बंद किया और ताला लगा दिया। फिर वे मेरे पास आईं।
“आर्यन… आज बहुत डर लग रहा है।” भाभी बोलीं।
मैंने उन्हें फिर से बेड पर लिटा दिया। इस बार भाभी खुद ने मेरे लंड को हाथ में लिया और अपनी चूत पर रख दिया।
“जल्दी करो… और जोर से चोदो… लेकिन आवाज मत निकालना।”
मैंने एक जोरदार झटका लगाया। भाभी ने तुरंत मेरे होंठों पर किस कर लिया ताकि उनकी चीख बाहर न जाए।
अब मैं तेजी से चोदने लगा। भाभी की छातियाँ उछल रही थीं। भाभी ने मेरी पीठ पर नाखून गाड़ दिए।
“आह… आर्यन… भैया अगले कमरे में हैं… फिर भी तू मुझे चोद रहा है… कितना बदमाश है तू…”
मैंने भाभी को घुमाकर डॉगी स्टाइल में कर दिया। भाभी घुटनों के बल हो गईं। मैं पीछे से आया और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा। भाभी की गोरी गांड मेरे सामने थी। मैं एक हाथ से उनकी गांड मार रहा था।
“आह… आर्यन… और मार… हाँ… भैया कभी इतना जोर से नहीं मारते…”
भाभी तीन बार झड़ चुकी थीं। आखिर में जब मैं झड़ने वाला था, तभी बाहर से भैया की खाँसी की आवाज आई। भाभी घबरा गईं।
मैंने लंड बाहर निकाला और हम दोनों तुरंत कपड़े पहन लिए। भैया कमरे के बाहर खड़े थे।
“रिया, दरवाजा खोलो।”
भाभी ने घबराकर दरवाजा खोला। भैया अंदर आए और चारों तरफ देखा। “तुम्हारा चेहरा लाल क्यों है?”
भाभी ने कहा, “गर्मी लग रही थी… पंखा बंद कर दिया था।”
भैया ने मुझे संदिग्ध नजर से देखा और चले गए।
जैसे ही भैया चले गए, भाभी ने मुझे फिर से खींच लिया। “आर्यन… आज के लिए बस… बहुत डर लग रहा है।”
लेकिन मैंने भाभी को दीवार से लगा लिया। “एक बार और… बहुत जल्दी।”
भाभी ने मना किया, लेकिन जब मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा तो वे फिर से पिघल गईं। हमने खड़े-खड़े ही चोदना शुरू कर दिया। भाभी ने मेरे होंठों पर किस किया और फुसफुसाई —
“आर्यन… तेरा लंड भैया से बहुत ज्यादा बड़ा है… आज तो सच में पकड़े जाते।”
करीब 5 मिनट में ही हम दोनों झड़ गए।
भाभी ने कहा, “अब जा… सुबह भैया शक करेंगे।”
मैं चुपके से अपने कमरे में चला आया।
उस रात के बाद भैया का शक और भी बढ़ गया था।
