नौकरी के इंटरव्यू के लिए आई साली और जीजू की चुदाई | Jija Sali Sex Kahani

मेरा नाम अमित है। उम्र 29 साल। दिल्ली में रहता हूँ। शादी को 3 साल हो गए हैं। पत्नी का नाम प्रिया है। वो एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है और ज्यादातर समय बहुत व्यस्त रहती है।

प्रिया की छोटी बहन रिया 21 साल की है। वो कानपुर में पढ़ाई कर रही थी। हाल ही में उसका ग्रेजुएशन पूरा हुआ और उसे दिल्ली में एक अच्छी कंपनी में इंटरव्यू का कॉल आया।

प्रिया ने कहा कि रिया हमारे घर पर ही रुके। इंटरव्यू के 4-5 दिन बाद वो वापस चली जाएगी।

रिया आ गई। वो काफी मॉडर्न और खुली हुई लड़की थी। देखने में बहुत खूबसूरत — गोरी, लंबी और फिगर भी अच्छा था। पहले दो दिन सब नॉर्मल चला। प्रिया सुबह जल्दी ऑफिस चली जाती और रात को देर से आती।

तीसरे दिन प्रिया को अचानक ऑफिस से बाहर जाना पड़ा। उसे 2 दिन के लिए मुंबई जाना था।

घर पर अब मैं और रिया अकेले रह गए।

शाम को रिया ने कहा, “जीजू, आज रात बाहर खाना खा लेते हैं?”

मैंने कहा, “ठीक है।”

हम दोनों बाहर गए, खाना खाया और घर लौटे। रात के करीब 11 बजे थे।

रिया ने नहा लिया और एक हल्की सी नाइट ड्रेस पहन ली। वो सोफे पर बैठकर मोबाइल चला रही थी। मैं भी उसके पास बैठ गया।

कुछ देर बातें हुईं। फिर रिया ने कहा, “जीजू… दीदी तो ज्यादातर व्यस्त रहती हैं ना?”

मैंने कहा, “हाँ, जॉब की वजह से।”

रिया थोड़ी देर चुप रही, फिर बोली, “आपको अकेलापन नहीं लगता?”

मैंने उसे देखा। रिया सीधा मेरी आँखों में देख रही थी।

मैंने कहा, “कभी-कभी लगता है।”

रिया ने धीरे से कहा, “मुझे भी कभी-कभी अकेलापन लगता है… खासकर रात को।”

कमरे में थोड़ी देर खामोशी रही।

फिर रिया ने खुद मेरे पास सरकते हुए कहा, “जीजू… अगर आप चाहें तो आज रात मैं अकेलापन दूर कर सकती हूँ।”

मैं चौंक गया। रिया ने मेरे हाथ पर हाथ रख दिया।

“रिया… ये ठीक नहीं। तू मेरी साली है।”

रिया मुस्कुराई और बोली, “जीजू… मैं बच्ची नहीं हूँ। मुझे पता है क्या कर रही हूँ। दीदी को कभी पता नहीं चलेगा।”

उसने खुद मेरे गले में हाथ डाल दिया और मेरे होंठों पर किस कर लिया।

मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया। मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और गहरे किस करने लगा।

रिया ने खुद अपनी नाइट ड्रेस उतार दी। अंदर ब्लैक ब्रा और पैंटी थी। मैंने ब्रा का हुक खोला और उसके दूध बाहर निकाल लिए।

मैंने एक दूध मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। रिया सिसक उठी।

“जीजू… आह्ह्ह…”

मैंने उसकी पैंटी उतार दी। उसकी चूत साफ और गीली थी। मैंने उंगली डाली तो रिया ने मेरे बाल पकड़ लिए।

“जीजू… जल्दी करो… मुझे बहुत दिनों से चाहिए था।”

मैंने अपना लंड निकाला। रिया ने उसे हाथ में लेकर हिलाया।

मैंने उसे सोफे पर लिटाया और उसके पैर फैलाए। लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटके में अंदर घुसा दिया।

“आह्ह्ह… जीजू!” रिया चीख पड़ी।

रिया वर्जिन नहीं थी, लेकिन उसकी चूत काफी टाइट थी। मैं जोर-जोर से चोदने लगा। रिया नीचे से गांड उछाल रही थी।

“हाँ जीजू… और जोर से… आह्ह्ह!”

मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और तेजी से चोदने लगा। रिया की चीखें पूरे घर में गूंज रही थीं।

10 मिनट बाद रिया का शरीर काँप उठा। “जीजू… मैं झड़ रही हूँ… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

हम दोनों सोफे पर लेट गए। रिया ने मेरे सीने पर सिर रखकर कहा, “जीजू… ये रात बहुत अच्छी थी।”

मैंने उसे गले लगाया।

रिया ने फिर से कहा, “दीदी 2 दिन बाद आएंगी। तब तक… हम दोनों को और मौका मिलेगा।”

सुबह की चुदाई – रिया का सर्ज

अगले दिन सुबह 7 बजे की बात है।

मैं अभी भी गहरी नींद में था। अचानक मुझे गर्माहट महसूस हुई। आँखें खोली तो देखा — रिया मेरे ऊपर चढ़ी हुई थी। वो पूरी तरह नंगी थी।

उसने मेरी पैंट नीचे खींच दी थी और मेरा लंड हाथ में लेकर हिला रही थी।

“जीजू… उठ जाओ…” उसने धीरे से कहा।

मैं आँखें मलते हुए बोला, “रिया… सुबह हो गई है…”

रिया मुस्कुराई और बोली, “हाँ… इसलिए तो उठाया है। सुबह-सुबह बीवी को चोदना नहीं चाहिए क्या?”

उसने मेरे लंड को अपनी चूत पर रखा और धीरे से बैठ गई।

“आह्ह्ह…” रिया सिसक उठी।

सुबह की हल्की रोशनी कमरे में आ रही थी। रिया धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी। उसके बाल खुले हुए थे और सुबह की रोशनी में उसका नंगा शरीर बहुत सुंदर लग रहा था।

“जीजू… सुबह का लंड बहुत अच्छा लगता है…” वो फुसफुसाई।

मैंने उसके कूल्हे पकड़ लिए। रिया झुककर मेरे ऊपर आ गई और मेरे होंठों पर किस करने लगी।

“आज सुबह से शुरू करते हैं…” वो बोली।

मैंने उसे नीचे लिटाया और खुद ऊपर आ गया। रिया ने खुद अपनी टाँगें फैला दीं।

“जल्दी करो जीजू… मुझे सुबह-सुबह चोदो…”

मैंने लंड उसकी चूत में डाला और धीरे-धीरे चोदने लगा। रिया की आँखें बंद थीं। वो सुबह की शांति में भी जोर-जोर से सिसकारें भर रही थी।

“आह्ह्ह… जीजू… कितना अच्छा लग रहा है सुबह चुदवाई… आह्ह्ह!”

मैंने रफ्तार बढ़ा दी। रिया के दूध उछल रहे थे। मैंने एक दूध मुंह में लिया और चूसते हुए चोदता रहा।

रिया मेरे बाल पकड़कर बोली, “और जोर से… आज पूरा दिन मुझे चोदना है… आह्ह्ह!”

10 मिनट बाद रिया का शरीर काँपने लगा। “जीजू… मैं झड़ रही हूँ… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी नहीं रुक पाया और सुबह-सुबह ही उसकी चूत के अंदर झड़ गया।

रिया ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और बोली, “अब उठो… नहा-धोकर नाश्ता कर लो। दोपहर को फिर मिलेंगे… और तब और जोर से चोदना।”

घर लौटते ही दीवार से सटाकर चुम्मियाँ

रिया सुबह 9 बजे इंटरव्यू के लिए निकल गई। मैं भी ऑफिस चला गया। दिन भर काम में व्यस्त रहा।

शाम के करीब 6:30 बजे जब मैं घर लौटा, तो देखा कि रिया पहले से ही घर आ चुकी थी। वो सोफे पर बैठी मोबाइल चला रही थी।

जैसे ही मैं अंदर आया और दरवाजा बंद किया, रिया ने तुरंत उठकर मेरी तरफ बढ़ना शुरू कर दिया।

उसने मुझे अचानक दीवार से सटा दिया।

“रिया… क्या कर रही है?” मैंने कहा।

रिया ने मेरे दोनों हाथ दीवार से दबा दिए और सीधा मेरे होंठों पर मुंह लगा दिया। वो जोर-जोर से चूमने लगी। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई।

“आज मैं आपको नहीं छोडूंगी जीजा जी…” उसने साँस फूलते हुए कहा।

फिर वो फिर से चूमने लगी। इस बार और ज्यादा जोर से। उसके हाथ मेरे बालों में घुस गए थे।

“रिया… रुक जा… अभी-अभी घर आया हूँ…” मैंने कहा।

रिया ने मेरे बाल खींचते हुए बोली, “नहीं… आज नहीं छोडूंगी। पूरा दिन आपका इंतजार कर रही थी।”

उसने मेरी कमीज़ के बटन खोल दिए और अंदर हाथ डालकर मेरे सीने को सहलाने लगी। फिर उसने मेरी पैंट का नाड़ा भी खोल दिया।

मैंने भी कंट्रोल खो दिया। मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और उसके होंठों पर हमला बोल दिया।

रिया ने मेरी कमीज़ उतार दी और खुद भी अपनी टॉप उतार दी। अंदर ब्लैक ब्रा थी। मैंने ब्रा का हुक खोला और उसके दूध बाहर निकाल लिए।

मैंने उसे दीवार से ही लगाकर एक दूध मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। रिया सिर पीछे झटकते हुए सिसक रही थी।

“आह्ह्ह… जीजा जी… और जोर से चूसिए…”

मैंने उसकी स्कर्ट और पैंटी दोनों एक साथ नीचे उतार दी। रिया अब पूरी तरह नंगी दीवार से सटी हुई थी।

मैंने अपना लंड निकाला और बिना किसी देरी के उसकी चूत में घुसा दिया।

“आह्ह्ह… जीजा जी!” रिया जोर से चीख पड़ी।

मैं दीवार से सटाकर उसे जोर-जोर से चोदने लगा। रिया मेरे गले में हाथ डालकर चीख रही थी।

“हाँ जीजा जी… आज मुझे नहीं छोड़ना… आह्ह्ह… और जोर से चोदिए!”

मैंने उसके दोनों हाथ ऊपर दबा दिए और जोर से चोदता रहा। रिया के दूध उछल रहे थे।

कुछ देर बाद रिया ने मुझे धक्का देकर सोफे पर लिटा दिया। वो खुद मेरे ऊपर चढ़ गई।

“आज मैं चोदूंगी आपको जीजा जी…” उसने कहा।

रिया जोर-जोर से उछलने लगी। उसकी चीखें अब और तेज हो गई थीं।

“आह्ह्ह… जीजा जी… आपका लंड बहुत अच्छा लग रहा है… आहhhhh!”

मैंने उसे फिर से नीचे लिटाया और इस बार और जोर से चोदने लगा। रिया की टाँगें मेरे कंधों पर थीं।

“आज मैं आपको नहीं छोडूंगी… आह्ह्ह… पूरा दिन चोदते रहिए मुझे… आहhhhh!”

करीब 15-16 मिनट तक लगातार तेज चुदाई के बाद रिया का शरीर काँप उठा। “जीजा जी… मैं झड़ रही हूँ… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

रिया थककर मेरे ऊपर ही लेट गई।

थोड़ी देर बाद उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “जीजा जी… आज रात भी मैं आपको नहीं छोडूंगी।”

रात की इमोशनल चुदाई

रात के 11 बजे थे।

हम दोनों बेडरूम में थे। रिया मेरे ऊपर बैठी हुई थी और धीरे-धीरे उछल रही थी। कमरे में सिर्फ उसकी साँसें और बिस्तर की हल्की आवाज आ रही थी।

रिया अचानक रुक गई। उसने मेरे सीने पर हाथ रखा और नीचे देखते हुए धीरे से बोली:

“जीजा जी… आपका बहुत बड़ा है।”

मैं चुप रहा। रिया आगे बोली:

“आप बहुत देर तक करते हो… मुझे बहुत अच्छा लगता है।”

उसने मेरे बालों में हाथ फेरा और मेरी आँखों में देखते हुए कहा:

“आप मुझे बहुत पसंद हो… आप बहुत सुंदर हो।”

फिर उसकी आवाज थोड़ी भारी हो गई।

“अगर आप मेरे दीदी के पति नहीं होते… तो मैं आपसे शादी कर लेती।”

मैं चौंक गया। रिया की आँखों में आँसू आ गए थे।

“रिया…” मैंने कहा।

रिया ने मेरे सीने पर सिर रख लिया और रोते हुए बोली:

“मुझे आपसे चुदने में बहुत मजा आता है… बहुत ज्यादा। लेकिन कुछ दिन में मुझे जाना होगा… और मैं पूरा मजा करना चाहती हूँ।”

उसकी आवाज काँप रही थी। वो बहुत इमोशनल हो गई थी।

मैंने उसे अपने ऊपर से नीचे लिटाया और खुद उसके ऊपर आ गया। रिया ने खुद अपनी टाँगें फैला दीं।

“जीजा जी… आज रात मुझे और जोर से चोदो… प्लीज…” उसने आँखों में आँसू लिए हुए कहा।

मैंने लंड उसकी चूत में डाला और धीरे-धीरे चोदने लगा। रिया मेरे गले में हाथ डालकर चीख रही थी।

“आह्ह्ह… जीजा जी… और जोर से… आज मुझे अच्छे से चोदो… आह्ह्ह!”

मैंने रफ्तार बढ़ा दी। रिया की चीखें अब और ज्यादा आ रही थीं।

“जीजा जी… आप मुझे बहुत पसंद हो… आह्ह्ह… अगर दीदी ना होतीं तो मैं आपकी हो जाती… आहhhhh!”

मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और गहरे-गहरे चोदने लगा। रिया मेरे बाल पकड़कर दबा रही थी।

“आज रात मुझे पूरा चोदो जीजा जी… कल से और जोर से… आह्ह्ह… मुझे जाना है ना… इसलिए आज पूरा मजा दो… आहhhhh!”

मैंने उसे doggy position में कर दिया। उसके बाल पकड़कर पीछे खींचे और जोर-जोर से चोदने लगा।

रिया चीख-चीख कर बोल रही थी:

“जीजा जी… आप बहुत अच्छे हो… आह्ह्ह… मुझे आपसे बहुत प्यार हो गया है… आहhhhh!”

करीब 15 मिनट तक लगातार चुदाई के बाद रिया का शरीर जोर से काँप उठा।

“जीजा जी… मैं झड़ रही हूँ… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

रिया थककर बिस्तर पर गिर पड़ी। मैं उसके पीछे लेट गया और उसे गले लगाया।

रिया मेरे सीने पर सिर रखकर रोते हुए बोली:

“जीजा जी… मुझे बहुत बुरा लग रहा है… मुझे जाना पड़ेगा… लेकिन जब तक हूँ… मुझे पूरा चोदना… प्लीज।”

रिया की इमोशनल बातें

रात के बाद हम दोनों चुपचाप बिस्तर पर लेटे थे। रिया मेरे सीने पर सिर रखकर लेटी हुई थी। उसकी आँखें अभी भी नम थीं।

कुछ देर बाद रिया ने धीरे से कहा:

“जीजा जी… अगर मैं आपकी पत्नी होती… तो कितना मजा करती।”

मैं चुप रहा। रिया आगे बोली:

“पूरी जिंदगी आपसे चुदाती… हर रोज… हर रात… सुबह हो या शाम… जब मन करता, चोद लेते।”

उसकी आवाज में दर्द और प्यार दोनों थे।

“हमारे बच्चे भी होते… एक लड़का और एक लड़की… और हम तीनों… या चारों… खुशी से रहते।”

रिया की आँखों से फिर आँसू निकल आए। उसने मेरे सीने पर सिर और जोर से दबा दिया।

“लेकिन… मैं आपकी पत्नी नहीं हूँ… मैं आपकी साली हूँ… और कुछ दिनों में मुझे जाना होगा।”

उसकी आवाज काँप रही थी।

मैंने उसे और जोर से गले लगाया। रिया ने सिर उठाकर मेरी आँखों में देखा और बोली:

“जीजा जी… जब तक हूँ… मुझे इतना चोदो कि याद रखने लायक हो जाए। पूरी जिंदगी याद आए।”


उसी रात की दूसरी चुदाई

रिया ने खुद मुझे ऊपर खींच लिया। उसने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा:

“आज रात मुझे धीरे-धीरे चोदो… जैसे पत्नी को चोदते हैं।”

मैंने लंड उसकी चूत में डाला और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। रिया मेरे गले में हाथ डालकर सिसक रही थी।

“आह्ह्ह… जीजा जी… अगर आप मेरे पति होते… तो मैं हर रोज यही करती… आह्ह्ह…”

मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और गहरे-गहरे चोदने लगा। रिया की चीखें अब इमोशनल हो गई थीं।

“पति जी… आपकी बीवी को चोद रहे हैं… आह्ह्ह… बीवी आपको कभी नहीं छोड़ेगी… आहhhhh!”

रिया बार-बार “पति जी” और “बीवी” बोल रही थी। वो जानती थी कि ये सिर्फ फैंटेसी है, लेकिन फिर भी बोल रही थी।

करीब 12-13 मिनट तक धीमी लेकिन गहरी चुदाई के बाद रिया का शरीर काँप उठा।

“पति जी… बीवी झड़ रही है… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

रिया ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और रोते हुए बोली:

“जीजा जी… मुझे बहुत बुरा लग रहा है… मैं नहीं जाना चाहती… लेकिन जाना पड़ेगा।”

मैंने उसके बाल सहलाते हुए कहा, “रिया… जो समय बचा है, उसे अच्छे से बिताते हैं।”

रिया ने मेरे सीने पर सिर रखकर धीरे से कहा:

“पति जी… कल से और ज्यादा चोदना… जितना हो सके… क्योंकि मुझे जाना है।”

सुबह-सुबह इमोशनल ब्लोज़ॉब

सुबह 6:30 बजे की बात है।

मैं अभी भी सो रहा था। अचानक मुझे गर्माहट और नरम होंठों का एहसास हुआ। आँखें खोली तो देखा — रिया मेरे पैरों के पास बैठी हुई थी।

उसने मेरी पैंट नीचे खींच दी थी और मेरा लंड हाथ में लेकर चूम रही थी।

रिया ने मेरी तरफ देखा। उसकी आँखें थोड़ी नम थीं।

“पति जी…” उसने धीरे से कहा।

फिर उसने बिना कुछ और बोले, मेरे लंड को मुंह में ले लिया।

वो धीरे-धीरे चूसने लगी। उसकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी। रिया की आँखें बंद थीं। वो बहुत ध्यान से चूस रही थी।

कुछ देर बाद रिया का चेहरा बदल गया। उसकी आँखों में आँसू आ गए। वो लंड को मुंह में लेकर ही रोने लगी।

मैंने उसके बाल पकड़कर धीरे से कहा, “रिया… क्या हुआ?”

रिया ने लंड को मुंह से बाहर निकाला। उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे।

“जीजा जी…” उसकी आवाज काँप रही थी।

“अगर मैं आपकी पत्नी होती… तो हर सुबह यही करती… आपका लंड मुंह में लेती… और आपको खुश करती…”

उसने फिर से लंड मुंह में लिया और जोर से चूसने लगी। लेकिन अब वो इमोशनल हो चुकी थी। उसके आँसू मेरे लंड पर गिर रहे थे।

रिया ने लंड को मुंह से बाहर निकालकर बोली:

“पति जी… मुझे बहुत बुरा लग रहा है… मुझे जाना है… लेकिन मैं नहीं जाना चाहती… आह्ह्ह…”

फिर उसने फिर से लंड मुंह में लिया और तेजी से चूसने लगी। उसके आँसू अभी भी बह रहे थे।

मैंने उसके बाल पकड़कर कहा, “रिया… रुक जा…”

रिया ने सिर हिलाया और बोली, “नहीं… आज सुबह मुझे आपका पानी पीना है… बीवी को अपना हक चाहिए…”

उसने और जोर से चूसना शुरू कर दिया। उसके दोनों हाथ मेरे लंड के नीचे थे। वो बहुत इमोशनल तरीके से चूस रही थी — जैसे आखिरी बार कर रही हो।

कुछ देर बाद मेरा शरीर काँप उठा।

“रिया… मैं झड़ने वाला हूँ…” मैंने कहा।

रिया ने लंड और गहराई में लिया और मेरे सारे पानी को मुंह में ले लिया। उसने सब कुछ निगल लिया।

फिर वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे सीने पर सिर रखकर रोने लगी।

“पति जी… मुझे बहुत प्यार हो गया है आपसे… लेकिन मुझे जाना है… ये बहुत बुरा लग रहा है…”

मैंने उसे गले लगाया और चुप कराने की कोशिश की।

रिया ने आँखें पोंछते हुए कहा:

“पति जी… आज दिन में भी मुझे चोदना… जितना हो सके… क्योंकि मुझे जाना है…”

दोपहर की इमोशनल चुदाई – “बीवी बोलकर चोदो”

आज रविवार था, इसलिए मैं घर पर ही था। प्रिया अभी भी मुंबई में थी।

दोपहर के 1 बजे की बात है।

रिया किचन में कुछ बना रही थी। मैं सोफे पर लेटा मोबाइल चला रहा था। रिया अचानक कमरे में आई। उसकी आँखें फिर से नम थीं।

वो सीधा मेरे पास आई और मेरे ऊपर चढ़ गई।

“पति जी…” उसने धीरे से कहा।

मैंने उसे देखा। रिया ने मेरे होंठों पर किस किया और बोली:

“आज दोपहर में मुझे चोदो… लेकिन एक शर्त है।”

“क्या शर्त?” मैंने पूछा।

रिया ने मेरी आँखों में देखते हुए कहा:

“मुझे बीवी बोलकर चोदो… आज दोपहर मुझे अपनी बीवी समझकर चोदो।”

उसकी आवाज में दर्द और चाहत दोनों थे।

मैंने उसे उठाया और सीधे बेडरूम में ले गया। रिया ने खुद अपने कपड़े उतार दिए। मैं भी नंगा हो गया।

रिया बिस्तर पर लेट गई और अपनी टाँगें फैला दी।

“आओ पति जी… अपनी बीवी को चोदो…” उसने आँखों में आँसू लिए हुए कहा।

मैं उसके ऊपर चढ़ गया। लंड उसकी चूत पर रखा और धीरे से अंदर घुसा दिया।

“आह्ह्ह… पति जी…” रिया सिसक पड़ी।

मैं धीरे-धीरे चोदने लगा। रिया ने मेरे गले में हाथ डाल दिया।

“पति जी… बीवी को और जोर से चोदिए… आह्ह्ह…”

मैंने रफ्तार बढ़ा दी। रिया की चीखें अब इमोशनल हो गई थीं।

“पति जी… अगर मैं सच में आपकी बीवी होती… तो आज भी यही करती… आह्ह्ह… पूरी जिंदगी आपसे चुदाती… आहhhhh!”

मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और गहरे-गहरे चोदने लगा।

रिया बार-बार बोल रही थी:

“पति जी… आपकी बीवी को चोद रहे हैं… आह्ह्ह… बीवी आपको बहुत पसंद करती है… आहhhhh!”

मैंने उसे doggy position में कर दिया। उसके बाल पकड़कर पीछे खींचे और जोर से चोदने लगा।

रिया चीख रही थी:

“पति जी… बीवी की चूत फाड़ दीजिए… आह्ह्ह… आज मुझे अपनी बीवी समझकर चोदिए… आहhhhh!”

करीब 12-13 मिनट तक लगातार चुदाई के बाद रिया का शरीर काँप उठा।

“पति जी… बीवी झड़ रही है… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

रिया थककर बिस्तर पर गिर पड़ी। मैं उसके पीछे लेट गया और उसे गले लगाया।

रिया ने मेरे हाथ को अपने दूध पर रखते हुए रोते हुए कहा:

“पति जी… मुझे बहुत अच्छा लगा… जब आप मुझे बीवी बोलकर चोदते हो… लेकिन मुझे जाना है ना… इसलिए जितना समय बचा है… उतना मुझे बीवी बनाकर चोदो…”

रिया अब सिर्फ “बीवी” बन गई

दोपहर की चुदाई के बाद रिया मेरे सीने पर सिर रखकर लेटी थी। कुछ देर चुप रहने के बाद उसने धीरे से कहा:

“पति जी… अब से आप मुझे रिया मत बोलिए।”

मैंने उसे देखा।

रिया ने सिर उठाकर मेरी आँखों में देखते हुए कहा:

“अब से आप मुझे सिर्फ बीवी बोलकर बुलाइए। रिया नाम मत लीजिए। जब तक मैं यहाँ हूँ… मैं आपकी बीवी हूँ।”

उसकी आवाज में गंभीरता थी।

“बीवी…” मैंने कहा।

रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ पति जी… अब से सिर्फ यही नाम। सुबह हो या रात, घर में या बाहर… आप मुझे बीवी ही बोलिए।”

उसने मेरे गले में हाथ डाल दिया और बोली:

“अब से मैं आपकी बीवी हूँ… और आप मेरे पति।”


रात की चुदाई – बीवी वाली बातें

रात के 10 बजे हम दोनों बेडरूम में थे। रिया ने खुद मेरे कपड़े उतार दिए और मुझे बिस्तर पर लिटा दिया।

वो मेरे ऊपर चढ़ गई और धीरे से बोली:

“पति जी… आज रात अपनी बीवी को चोदिए…”

मैंने लंड उसकी चूत में डाला। रिया ने आँखें बंद कर लीं और धीरे से उछलने लगी।

“आह्ह्ह… पति जी… बीवी को चोद रहे हैं…” वो सिसक पड़ी।

मैंने रफ्तार बढ़ा दी। रिया अब बार-बार “बीवी” वाली बातें बोल रही थी।

“पति जी… आपकी बीवी को और जोर से चोदिए… आह्ह्ह…”

“हाँ पति जी… बीवी आपको बहुत पसंद करती है… आहhhhh!”

मैंने उसे नीचे लिटाया और उसके ऊपर आ गया। रिया ने खुद अपनी टाँगें मेरी कमर में लपेट लीं।

“पति जी… बीवी को चोदिए… आह्ह्ह… अगर मैं सच में आपकी बीवी होती तो पूरी जिंदगी यही करती… आहhhhh!”

मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और गहरे चोदने लगा।

रिया चीख रही थी:

“पति जी… आपकी बीवी की चूत फाड़ दीजिए… आह्ह्ह… बीवी को अपनी बीवी समझकर चोदिए… आहhhhh!”

मैंने उसे doggy position में कर दिया। उसके बाल पकड़कर पीछे खींचे और जोर-जोर से चोदने लगा।

रिया जोर-जोर से चीख रही थी:

“पति जी… बीवी को चोद रहे हैं… आहhh… बीवी आपको कभी नहीं भूलेगी… आहhhhh!”

करीब 15 मिनट तक लगातार तेज चुदाई के बाद रिया का शरीर काँप उठा।

“पति जी… बीवी झड़ रही है… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

रिया थककर बिस्तर पर लेट गई। मैं उसके पीछे लेट गया और उसे गले लगाया।

रिया ने मेरे हाथ को अपने दूध पर रखते हुए धीरे से कहा:

“पति जी… अब से मैं सिर्फ आपकी बीवी हूँ। आप मुझे बीवी के अलावा कुछ मत बोलिए।”

मैंने उसे चूमते हुए कहा, “ठीक है… बीवी।”

रिया मुस्कुरा दी, लेकिन उसकी आँखें फिर नम हो गईं।

“पति जी… मुझे जाना है ना… इसलिए जितना समय बचा है… उतना मुझे अपनी बीवी बनाकर चोदो…”

रात की इमोशनल बातें – “लंड मुंह में लेकर सोना चाहती हूँ”

रात के 11:30 बजे थे।

हम दोनों बिस्तर पर लेटे थे। रिया मेरे सीने पर सिर रखकर लेटी हुई थी। कमरे में सिर्फ पंखे की आवाज आ रही थी।

रिया काफी देर से चुप थी। फिर उसने धीरे से कहा:

“पति जी… मैं एक बात कहूँ?”

“बोलो बीवी…” मैंने कहा।

रिया ने मेरे सीने पर सिर और जोर से दबाया और बोली:

“पति जी… रात को आपका लंड मुंह में लेकर सोना चाहती हूँ।”

मैं चौंक गया। रिया ने सिर उठाकर मेरी तरफ देखा। उसकी आँखें नम थीं।

“बीवी…” मैंने कहा।

रिया ने आगे बढ़कर मेरे लंड को हाथ में लिया और धीरे से बोली:

“मुझे अच्छा लगता है… जब आपका लंड मेरे मुंह में होता है। रात को सोते समय भी… मैं चाहती हूँ कि आपका लंड मेरे मुंह में रहे।”

उसकी आवाज में इमोशन था। वो बहुत गंभीर हो गई थी।

“पति जी… मुझे जाना है ना… इसलिए जितना समय बचा है… उतना मैं आपसे जुड़ी रहना चाहती हूँ। रात को भी… लंड मुंह में लेकर सोना चाहती हूँ।”

मैंने उसे गले लगाया। रिया ने मेरे लंड को फिर से हाथ में लिया और धीरे-धीरे हिलाने लगी।

“पति जी… आज रात मुझे लंड मुंह में लेकर सोने दीजिए… प्लीज…”

मैंने सिर हिलाया। रिया ने मेरे लंड को चूमा और फिर धीरे से मुंह में ले लिया।

वो चुपचाप लंड चूस रही थी। उसके आँसू फिर से निकल आए। रिया लंड को मुंह में लेकर ही रो रही थी।

कुछ देर बाद रिया ने लंड को मुंह से बाहर निकाला और बोली:

“पति जी… मुझे बहुत बुरा लग रहा है… मुझे आपसे बहुत प्यार हो गया है… लेकिन मुझे जाना है… इसलिए आज रात मुझे लंड मुंह में लेकर सोने दीजिए…”

मैंने उसे ऊपर खींच लिया और उसके होंठों पर किस किया। रिया ने फिर से मेरे लंड को मुंह में लिया और इस बार धीरे-धीरे चूसने लगी।

रिया की आँखें बंद थीं। वो बहुत प्यार से लंड चूस रही थी। बीच-बीच में वो रुककर मेरे लंड को चूमती और फिर से मुंह में ले लेती।

कुछ देर बाद रिया ने लंड को मुंह में लेकर ही धीरे से कहा:

“पति जी… अब सो जाइए… बीवी आपका लंड मुंह में लेकर सो जाएगी…”

रात को लंड मुंह में लेकर सोना

रात के 12 बजे के करीब हम दोनों बिस्तर पर लेट गए।

रिया ने खुद मेरे लंड को मुंह में लिया और धीरे से चूसने लगी। कुछ देर बाद वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर लेट गई।

“पति जी… आज रात मैं आपके लंड को मुंह में लेकर ही सोऊंगी…” उसने धीरे से कहा।

मैंने उसके बाल सहलाए। रिया ने लंड को मुंह में लेकर ही आँखें बंद कर लीं।

शुरुआत में सब ठीक रहा। रिया लंड को मुंह में लेकर सो गई। लेकिन जब वो गहरी नींद में चली गई, तो लंड धीरे-धीरे उसके मुंह से बाहर निकल गया।

लगभग 1 घंटे बाद रिया अचानक जाग गई। उसने हाथ से टटोला, लंड उसके मुंह से बाहर निकल चुका था।

रिया ने तुरंत लंड को हाथ में लिया और फिर से मुंह में ले लिया। वो फिर से सो गई।

लेकिन 40-45 मिनट बाद फिर वही हुआ। लंड उसके मुंह से बाहर निकल गया।

रिया फिर जाग गई। इस बार उसने लंड को और गहराई में मुंह में लिया और दोनों हाथों से पकड़कर रख लिया, जैसे वो लंड को बाहर जाने ही नहीं देना चाहती थी।

फिर से वो सो गई।

लेकिन रात में कम से कम 4-5 बार ऐसा हुआ। हर बार जब लंड उसके मुंह से बाहर निकलता, रिया जाग जाती और फिर से मुंह में ले लेती।

एक बार तो उसने आँखें खोलकर ही लंड को मुंह में लिया और बोली:

“पति जी… लंड बाहर मत जाने दीजिए… बीवी को मुंह में रखना है…”

उसकी आवाज में इमोशन था। वो बार-बार जाग रही थी, लेकिन लंड को मुंह में रखने की जिद नहीं छोड़ रही थी।

आखिरी बार जब वो जागी, तो उसने लंड को और गहराई में मुंह में लिया और दोनों हाथों से मेरे कूल्हों को पकड़ लिया, जैसे डर रही हो कि लंड बाहर निकल जाएगा।

रिया आँखें बंद किए हुए ही धीरे से बोली:

“पति जी… मुझे लंड मुंह में लेकर सोना है… बाहर मत निकलिए… प्लीज…”

उस रात रिया ने सच में ज्यादातर समय लंड को मुंह में लेकर ही बिताया। वो बार-बार जागती और फिर से मुंह में ले लेती।

सुबह होते-होते रिया की आँखों के नीचे हल्की कालिख आ गई थी, क्योंकि वो रात में कई बार जागी थी।

सुबह जब मैं उठा, तो रिया अभी भी लंड को मुंह में लेकर सो रही थी।

सुबह – लंड मुंह में लेकर सोती रिया

रात को रिया ने सच में अच्छे से नींद नहीं ली थी। वो बार-बार जागती और मेरे लंड को फिर से मुंह में ले लेती। आखिर में थककर वो लंड को मुंह में लेकर ही सो गई।

सुबह 7 बजे जब मेरी आँखें खुलीं, तो मैंने सबसे पहले रिया को देखा।

वो अभी भी गहरी नींद में थी। उसका सिर मेरे पेट के पास था और मेरा लंड उसके मुंह में था। वो शांत और आराम से सो रही थी। उसके होंठ मेरे लंड को हल्के से पकड़े हुए थे।

मैं कुछ देर तक उसे देखता रहा।

रिया की साँसें धीमी थीं। कभी-कभी वो अनजाने में लंड को हल्का सा चूस लेती, जैसे सपने में भी वो उसे मुंह में रखना चाहती थी। उसके बाल उसके चेहरे पर बिखरे हुए थे। आँखों के नीचे हल्की कालिख आ गई थी क्योंकि रात में वो कई बार जागी थी।

मैं चुपचाप उसे देख रहा था।

रिया की एक हाथ मेरे जांघ पर रखी थी और दूसरा हाथ मेरे लंड के पास था, जैसे डर रही हो कि लंड बाहर निकल जाएगा।

कुछ देर बाद रिया की आँखें धीरे से खुलीं। उसने पहले तो कुछ समझा नहीं। फिर उसे एहसास हुआ कि उसका मुंह अभी भी मेरे लंड से भरा हुआ है।

उसने लंड को मुंह से बाहर निकाले बिना ही मेरी तरफ देखा।

मैंने उसके बाल सहलाते हुए कहा, “बीवी… रात को अच्छे से सो नहीं पाई थी ना?”

रिया ने लंड को मुंह में लेकर ही सिर हिलाया। फिर उसने धीरे-धीरे लंड को मुंह से बाहर निकाला और बोली:

“पति जी… मुझे अच्छा लग रहा था… इसलिए निकाल नहीं पाई।”

उसने फिर से लंड को मुंह में लिया और इस बार धीरे-धीरे चूसने लगी।

रिया की आँखें अभी भी नींद से भरी थीं, लेकिन वो लंड को चूस रही थी। कुछ देर बाद उसने लंड को मुंह से बाहर निकाला और मेरे ऊपर चढ़ गई।

“पति जी… सुबह-सुबह बीवी आपको चोदना चाहती है…” उसने इमोशनल आवाज में कहा।

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