जीजा ने साली को पटाकर जमकर चोदा | Jija Sali Hardcore Sex Kahani

जीजा ने साली को पटाकर जमकर चोदा

मेरा नाम विक्रम है। उम्र 30 साल। शादी को 4 साल हो गए हैं। पत्नी का नाम निधि है। उसकी छोटी बहन प्रिया 21 साल की है। प्रिया शहर में पढ़ाई करती है और एक छोटे से फ्लैट में अकेली रहती है।

निधि के पapa की तबीयत खराब चल रही थी, इसलिए वो अपने मायके चली गई। घर पर अकेला मैं था।

एक दिन प्रिया ने फोन किया और बोली, “जीजा जी, आप कल मेरे यहाँ आ सकते हैं? मुझे कुछ काम से मदद चाहिए।”

मैंने कहा, “ठीक है, आ जाता हूँ।”

अगले दिन दोपहर को मैं प्रिया के फ्लैट पर पहुँच गया। वो अकेली ही रहती थी। फ्लैट छोटा सा था — एक बेडरूम, हॉल और किचन।

प्रिया ने दरवाजा खोला। उसने हल्का सा टॉप और शॉर्ट्स पहना था। देखकर ही लंड खड़ा हो गया।

“आइए जीजा जी…” उसने मुस्कुराते हुए कहा।

मैं अंदर आया। हम दोनों सोफे पर बैठे। बातें शुरू हुईं। प्रिया ने चाय बनाकर दी।

कुछ देर बाद प्रिया ने कहा, “जीजा जी… दीदी तो ज्यादातर मायके में ही रहती हैं ना?”

मैंने कहा, “हाँ, पapa की तबीयत की वजह से।”

प्रिया थोड़ी देर चुप रही, फिर बोली, “आपको अकेलापन नहीं लगता?”

मैंने उसे देखा। प्रिया सीधा मेरी आँखों में देख रही थी।

मैंने कहा, “कभी-कभी लगता है।”

प्रिया ने धीरे से कहा, “मुझे भी लगता है… खासकर रात को।”

कमरे में खामोशी छा गई।

प्रिया ने खुद मेरे पास सरकते हुए कहा, “जीजा जी… अगर आप चाहें तो आज मैं आपका अकेलापन दूर कर सकती हूँ।”

मैं चौंक गया। प्रिया ने मेरे हाथ पर हाथ रख दिया।

“प्रिया… ये ठीक नहीं। तू मेरी साली है।”

प्रिया मुस्कुराई और बोली, “जीजा जी… मैं बच्ची नहीं हूँ। मुझे पता है क्या कर रही हूँ। दीदी को कभी पता नहीं चलेगा।”

उसने खुद मेरे गले में हाथ डाल दिया और मेरे होंठों पर किस कर लिया।

मैं भी कंट्रोल नहीं कर पाया। मैंने उसे जोर से पकड़ लिया और गहरे किस करने लगा।

प्रिया ने खुद अपना टॉप उतार दिया। अंदर ब्रा थी। मैंने ब्रा का हुक खोला और उसके दूध बाहर निकाल दिए।

मैंने एक दूध मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। प्रिया सिसक उठी।

“जीजा जी… आह्ह्ह…”

मैंने उसकी शॉर्ट्स और पैंटी उतार दी। उसकी चूत साफ और गीली थी। मैंने उंगली डाली तो प्रिया ने मेरे बाल पकड़ लिए।

“जीजा जी… जल्दी करो… मुझे बहुत दिनों से चाहिए था।”

मैंने अपना लंड निकाला। प्रिया ने उसे हाथ में लेकर हिलाया।

मैंने उसे सोफे पर लिटाया और उसके पैर फैलाए। लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटके में अंदर घुसा दिया।

“आह्ह्ह… जीजा जी!” प्रिया चीख पड़ी।

मैं जोर-जोर से चोदने लगा। प्रिया नीचे से गांड उछाल रही थी।

“हाँ जीजा जी… और जोर से… आह्ह्ह!”

मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और तेजी से चोदने लगा। प्रिया की चीखें पूरे फ्लैट में गूंज रही थीं।

10 मिनट बाद प्रिया का शरीर काँप उठा। “जीजा जी… मैं झड़ रही हूँ… आहhhhh!”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से दबाया। मैं भी उसके अंदर झड़ गया।

हम दोनों सोफे पर लेट गए। प्रिया ने मेरे सीने पर सिर रखकर कहा, “जीजा जी… आज बहुत अच्छा लगा।”

मैंने उसे गले लगाया।

प्रिया ने फिर से कहा, “अब आप कभी-कभी मेरे यहाँ आते रहना… जब दीदी मायके में हों।”

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