दीदी के पति ने मेरी कुँवारी सील जबरदस्ती तोड़ी | Jija Sali Sex Story
मेरा नाम अदिति है। उम्र १९ साल। मैं कॉलेज में पढ़ती हूँ। मेरी बड़ी दीदी श्रुति की शादी को तीन साल हो चुके हैं। उनके पति यानी मेरे जीजा अभय ३२ साल के हैं। काफी तगड़े और हैंडसम हैं।
दो हफ्ते पहले दीदी को अचानक अस्पताल जाना पड़ा। डॉक्टर ने कहा कि उन्हें बेड रेस्ट की जरूरत है। इसलिए दीदी और जीजा हमारे घर आ गए। पापा-मम्मी भी गांव गए हुए थे, इसलिए घर पर सिर्फ मैं, दीदी और जीजा थे।
पहले दो दिन सब नॉर्मल था। दीदी कमजोर होने की वजह से ज्यादातर बिस्तर पर ही रहती थीं। जीजा उनका ख्याल रखते थे।
लेकिन तीसरे दिन से मुझे जीजा का व्यवहार थोड़ा अजीब लगने लगा। Jija Sali Sex Story
चौथे दिन — रात
रात के करीब ११ बजे मैं पानी पीने के लिए किचन गई। वहाँ से दीदी के कमरे की आवाजें आ रही थीं। मैं चुपके से पास गई और सुनने लगी।
अंदर से जीजा अभय की आवाज आई — “श्रुति… अदिति तो बहुत बड़ी हो गई है। शरीर देख के तो लंड खड़ा हो जाता है।”
दीदी की कमजोर आवाज आई — “अभय… वो मेरी छोटी बहन है। ऐसी बातें मत करो।”
जीजा बोले, “बात क्या है? पति तो विदेश चला गया है तेरा। तू तो कमजोर भी है। अदिति अकेली है… मैं उसे चोदना चाहता हूँ।”
दीदी चुप रही तो जीजा आगे बोले, “एक बार उसकी सील तोड़ दूं… फिर वो खुद चुदवाने लगेगी। तू मदद कर दे।”
मेरा पूरा शरीर ठंडा हो गया। मैं डर के मारे वहीं खड़ी रह गई।
पाँचवें दिन — दोपहर
दीदी दवाई लेकर सो गई थीं। जीजा हॉल में अखबार पढ़ रहे थे। मैं किचन में पानी पी रही थी। अचानक जीजा मेरे पास आ गए।
“अदिति… तुम बहुत सुंदर हो,” उन्होंने सीधे कहा।
मैं घबरा गई। “जीजा जी… क्या बोल रहे हो?”
जीजा मुस्कुराए और बोले, “सच बोल रहा हूँ। तू बहुत अच्छी लगती है। दीदी तो कमजोर है… तू मुझे थोड़ा प्यार दे दे।”
मैं पीछे हट गई। “जीजा जी… ये गलत है। आप मेरे जीजा हैं।”
जीजा ने मेरी कमर पर हाथ रखा और बोले, “अदिति… दीदी को कुछ मत बताना। और डर मत। मैं तुझे बहुत प्यार से चोदूंगा।”
मैं डर के मारे अपने कमरे में चली गई। पूरी रात मुझे नींद नहीं आई।
छठे दिन — रात
दीदी जल्दी सो गईं। जीजा मेरे कमरे के पास आकर खड़े हो गए।
“अदिति… दरवाजा खोलो,” उन्होंने आवाज दी।
मेरा दिल जोर से धड़क रहा था। Jija Sali Sex Story
जीजा अभय ने जबरदस्ती कमरे में घुसकर अदिति के कपड़े उतारे
रात के करीब ११:३० बजे जीजा अभय ने मेरे कमरे का दरवाजा जोर से खटखटाया।
“अदिति… दरवाजा खोलो,” उन्होंने आवाज दी।
मैं डर के मारे चुप रही। लेकिन उन्होंने दोबारा जोर से दरवाजा खटखटाया और बोले, “अगर नहीं खोलेगी तो मैं तोड़ दूंगा।”
मैं डर गई और धीरे से दरवाजा खोला। जैसे ही दरवाजा खुला, जीजा अंदर घुस आए और तुरंत दरवाजा बंद कर दिया।
“जीजा जी… प्लीज मत करो… मैं डर रही हूँ,” मैं काँपते हुए बोली।
लेकिन जीजा ने मेरी बात सुनी ही नहीं। उन्होंने मुझे जोर से पकड़ लिया और बिस्तर पर पटक दिया। मैं बिस्तर पर गिर गई। जीजा तुरंत मेरे ऊपर चढ़ आए।
जीजा ने सबसे पहले मेरे सूट के बटन खोलने शुरू किए। मैं हाथ से रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वे बहुत ताकतवर थे। एक-एक करके बटन खोलते गए। सूट के बटन पूरी तरह खुलते ही उन्होंने दोनों तरफ से सूट खींचकर मेरे शरीर से अलग कर दिया।
अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में बिस्तर पर लेटी हुई थी।
जीजा ने मेरी ब्रा पर हाथ रखा। मैंने दोनों हाथों से ब्रा को पकड़ लिया। “नहीं जीजा जी… प्लीज…” मैं रोते हुए बोली।
लेकिन उन्होंने जोर से ब्रा का हुक खोला। हुक खुलते ही ब्रा ढीली हो गई। जीजा ने ब्रा की स्ट्रैप्स मेरे कंधों से नीचे खिसकाई और ब्रा पूरी तरह उतार दी। मेरी दोनों चुचियाँ बाहर आ गईं। निप्पल्स ठंडी हवा में सख्त हो गए थे।
मैं शर्मा के दोनों हाथों से अपनी चुचियाँ ढकने लगी। जीजा ने मेरे हाथ पकड़कर अलग किए और बोले, “छुपा मत… आज सब देखना है मुझे।”
फिर जीजा ने मेरी पैंटी पर हाथ रखा। मैंने दोनों टांगें बंद कर लीं। उन्होंने मेरी टांगें जबरदस्ती फैलाईं और पैंटी के दोनों तरफ से हाथ डालकर जोर से खींच लिया। पैंटी मेरी जांघों से सरकती हुई घुटनों तक आ गई। फिर उन्होंने एक झटके में पैंटी पूरी उतार दी।
अब मैं पूरी तरह नंगी थी। Jija Sali Sex Story
चुदाई शुरू: Jija Sali Sex Story
जीजा ने तुरंत अपने कपड़े उतारे। उनका लंड पहले से ही खड़ा था — मोटा और काफी बड़ा। उन्होंने मेरी टांगें जबरदस्ती फैलाईं और अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगे।
“जीजा जी… नहीं… मत करो… दर्द होगा…” मैं रोते हुए चिल्लाई।
लेकिन जीजा ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के मुंह पर सेट किया और जोर से धक्का मारा।
“आह्हhhhh!!” मैं जोर से चीख पड़ी। जीजा का लंड मेरी कुँवारी चूत में घुस गया। दर्द इतना तेज था कि मेरा शरीर काँप उठा और आँखों से आँसू बहने लगे।
जीजा ने अब तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ उनका लंड अंदर-बाहर हो रहा था। चूत से “पुच… पुच…” की आवाजें आ रही थीं।
मेरा चेहरा दर्द से सिकुड़ गया था। आँखें बंद थीं, होठ काँप रहे थे और मैं बार-बार बोल रही थी — “उफ्फ… दर्द हो रहा है… जीजा जी… छोड़ दो… प्लीज…”
लेकिन जीजा रुकने को तैयार नहीं थे। उनकी आँखें आधी बंद थीं और वे मुझे जोर-जोर से चोद रहे थे। उनका चेहरा पसीने से भीग रहा था।
“बहुत टाइट है रे साली…” जीजा बड़बड़ा रहे थे।
वे लगातार धक्के लगा रहे थे। मैं बिस्तर पर लेटी हुई थी, हाथ ऊपर दबे हुए थे। मेरी चुचियाँ ऊपर-नीचे हिल रही थीं। दर्द के साथ-साथ मेरे मुंह से अनजाने में हल्की-हल्की कराह भी निकल रही थी।
कुछ देर बाद जीजा ने जोर से अंतिम धक्का मारा और मेरी चूत में गरम-गरम रस छोड़ दिया।
जैसे ही उन्होंने लंड बाहर निकाला, मेरी चूत से खून और सफेद रस दोनों बहने लगा।
मैं थककर बिस्तर पर लेटी रही। आँखों से आँसू बह रहे थे। शरीर काँप रहा था।
जीजा अभय ने पहली चुदाई के बाद मुझे घोड़ी बनाकर फिर चोदा
पहली चुदाई के बाद जीजा अभय ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला। मेरी चूत से खून और रस दोनों बह रहे थे। मैं थककर बिस्तर पर लेटी हुई थी, आँखें बंद थीं और साँसें तेज चल रही थीं।
लेकिन जीजा अभी रुकने को तैयार नहीं थे।
उन्होंने अचानक मेरी कमर पकड़ ली और मुझे जोर से घुमा दिया। मैं अब घोड़ी बनकर चौके के बल खड़ी हो गई थी। मेरी गांड ऊपर उठ गई थी और सिर नीचे झुक गया था।
“जीजा जी… नहीं… और मत करो… दर्द हो रहा है…” मैं रोते हुए बोली।
लेकिन जीजा ने मेरी बात सुनी ही नहीं। उन्होंने मेरी कमर दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया और बोले, “अभी और चोदना बाकी है साली… आज तुझे अच्छे से चोदूंगा।” Jija Sali Sex Story
दूसरी चुदाई (घोड़ी बनाकर):
जीजा ने मेरी गांड के दोनों हिस्सों को हाथों से अलग किया और अपना लंड मेरी चूत पर लगा दिया। फिर उन्होंने जोर से कमर आगे की और लंड मेरी चूत में घुसा दिया।
“आह्हhhhh!” मेरे मुंह से फिर से चीख निकली। इस बार लंड पहले से ज्यादा गहराई तक चला गया।
जीजा ने अब तेज-तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ उनकी जांघें मेरी गांड से टकरा रही थीं और “चप्पाक-चप्पाक” की तेज आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
मेरा शरीर आगे-पीछे हिल रहा था। मेरी चुचियाँ नीचे लटककर हिल रही थीं। जीजा मेरी कमर को इतनी जोर से पकड़े हुए थे कि उनके नाखून मेरी त्वचा में गड़ रहे थे।
“बहुत टाइट चूत है रे…” जीजा बड़बड़ा रहे थे। उनकी साँसें बहुत तेज थीं और चेहरा पसीने से भीग रहा था।
मैं दर्द से तड़प रही थी। आँखें बंद थीं, आँसू बह रहे थे और मैं बार-बार बोल रही थी — “उफ्फ… दर्द… जीजा जी… धीरे… प्लीज…”
लेकिन जीजा और तेज हो गए। वे मेरी कमर को अपनी तरफ खींचते हुए जोर-जोर से धक्के लगा रहे थे। उनका लंड पूरी तरह मेरी चूत में जाता और बाहर आता।
कुछ देर बाद जीजा ने एक हाथ आगे बढ़ाकर मेरी चुची पकड़ ली और जोर से दबाने लगे। दूसरा हाथ मेरी कमर पर था। वे लगातार चोद रहे थे और गंदी-गंदी बातें बोल रहे थे —
“आज से तू मेरी साली रंडी है… समझ गई?”
मेरा चेहरा दर्द और शर्म से लाल हो गया था। मैं सिर्फ कराह रही थी — “आह्ह… उफ्फ… मर गई रे…”
लगभग १०-१२ मिनट तक जीजा ने मुझे घोड़ी बनाकर चोदा। आखिर में उन्होंने जोर से मेरी कमर को अपनी तरफ खींचा और मेरी चूत में फिर से गरम-गरम रस छोड़ दिया।
जैसे ही उन्होंने लंड बाहर निकाला, मेरी चूत से रस और खून दोनों बहने लगे।
मैं थककर बिस्तर पर गिर पड़ी। शरीर काँप रहा था। आँखों से आँसू बह रहे थे।
जीजा मेरे ऊपर झुककर मेरे कान में बोले, “अभी रात बाकी है अदिति… आज तुझे और चोदूंगा।” Jija Sali Sex Story
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जीजा अभय ने मुझे जबरदस्ती घुटनों के बल बैठाकर मुंह में लंड डाला
घोड़ी बनाकर चोदने के बाद जीजा अभय ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला। मैं थककर बिस्तर पर लेटी हुई थी। मेरी चूत दर्द कर रही थी और रस बह रहा था।
लेकिन जीजा अभी भी रुकने को तैयार नहीं थे।
उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए और मुझे जोर से खींचकर बिस्तर से नीचे उतार दिया। मैं घुटनों के बल फर्श पर बैठ गई।
“जीजा जी… क्या कर रहे हो… प्लीज छोड़ दो…” मैं रोते हुए बोली।
जीजा ने मेरे बाल और कसकर पकड़ लिया और अपना लंड मेरे चेहरे के सामने ला दिया। उनका लंड अभी भी खड़ा था और मेरी चूत के रस और खून से गीला था।
“मुंह खोल,” जीजा ने सख्त आवाज में कहा।
मैं डर के मारे मुंह बंद किए हुए थी। जीजा ने मेरे गाल पर जोर से थप्पड़ मारा। “मुंह खोल हरामजादी… वरना और मारूंगा!”
मैं डर के मारे मुंह खोलने लगी। जैसे ही मेरा मुंह थोड़ा खुला, जीजा ने अपना लंड मेरे मुंह में ठूंस दिया।
मुंह चुदाई की डिटेल: Jija Sali Sex Story
जीजा का मोटा लंड मेरे मुंह में घुस गया। मैं गला दबने की वजह से “उम्म्फ… उम्म्फ…” की आवाजें निकालने लगी। लंड मेरे गले तक पहुँच रहा था।
जीजा ने मेरे बाल पकड़कर मेरे सिर को आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। उनका लंड मेरे मुंह में आता-जाता रहा।
“अच्छे से चूस… साली रंडी,” जीजा बोले। उनकी आँखें आधी बंद थीं और चेहरा सुख से भरा हुआ था।
मैं दम घुटने की वजह से आँसू बहा रही थी। मेरी आँखें लाल हो गई थीं। लार मेरे मुंह से निकलकर ठोड़ी पर बह रही थी। जीजा का लंड मेरे गले में बार-बार टकरा रहा था।
“आँखें बंद मत कर… ऊपर देख,” जीजा ने कहा।
मैं डर के मारे ऊपर देखने लगी। जीजा मुझे घूर रहे थे। उनका चेहरा सुख और हावी होने के एहसास से भरा हुआ था।
वे मेरे सिर को और तेजी से आगे-पीछे कर रहे थे। उनका लंड मेरे मुंह में तेजी से आता-जाता था। मैं गला दबने और उल्टी आने की वजह से बार-बार “उम्म्फ… उग्ग…” जैसी आवाजें निकाल रही थी।
कुछ देर बाद जीजा ने मेरे सिर को और जोर से अपनी तरफ खींचा और लंड मेरे गले में गहराई तक घुसा दिया।
“पी जा साली… सारा रस पी जा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने मेरे मुंह में गरम-गरम रस छोड़ दिया। रस मेरे गले में उतर रहा था। मैं दम घुटने की वजह से खाँसने लगी, लेकिन जीजा ने मेरे सिर को तब तक पकड़े रखा जब तक उनका सारा रस मेरे मुंह में नहीं छूट गया।
आखिर में उन्होंने लंड बाहर निकाला। लार और रस मेरे मुंह से निकलकर ठोड़ी पर बह रहा था। मेरी आँखें आँसुओं से भीग गई थीं।
जीजा ने मेरे बाल सहलाते हुए बोले, “अच्छा चूसा तूने…