फैमिली में चुदाई मां बहन को जमकर चोदा family chudai story
यह एक नई इंटरएक्टिव कहानी है। सभी पात्र 18+ वयस्क हैं। पूरी कहानी फिक्शनल है।
मैं राहुल, 22 साल का कॉलेज स्टूडेंट। परिवार मुंबई के छोटे फ्लैट में रहता है – पापा रमेश (50, बैंक मैनेजर, अक्सर टूर पर), मम्मी सुनीता (45, गृहिणी) और बहन प्रिया (20, कॉलेज स्टूडेंट)। मम्मी की बॉडी किसी भी आदमी को पागल कर दे – गोरी चमकदार त्वचा, काले घने बाल, मोटे होंठ, बड़ी-बड़ी आँखें, 36-28-38 का फिगर। भारी-भारी स्तन जो नाइटी में अटते नहीं, पतली कमर और गोल-गोल मोटी गांड।
कहानी शुरू हुई सस्पेंस से…
पापा 12 दिनों के लिए दिल्ली टूर पर गए थे। घर पर सिर्फ मम्मी, प्रिया और मैं। प्रिया ज्यादातर फ्रेंड के घर रहती। एक शाम अचानक बिजली चली गई। पूरा फ्लैट अंधेरा। मम्मी किचन में अकेली थीं। मैं पानी लेने गया तो मम्मी ने आवाज दी – “बेटा, अंधेरा है… आ जा मेरे पास, डर लग रहा है।”
मैं उनके पास गया। अंधेरे में मम्मी लड़खड़ा गईं और सीधे मेरे ऊपर गिर पड़ीं। उनका पूरा शरीर मुझसे सट गया। पतली नाइटी के अंदर ब्रा नहीं थी। उनके भारी स्तन मेरे सीने से दब गए। निप्पल्स सख्त होकर मेरी शर्ट से टकरा रहे थे। उसी वक्त मेरा लंड खड़ा हो गया और मम्मी की जांघ से टकराया।
मम्मी: (फुसफुसाते हुए, सांस तेज) “अरे बेटा… सॉरी… लेकिन… तू मुझे पकड़ ले ना… डर लग रहा है।”
मैंने उनकी कमर पकड़ ली। हम दोनों की सांसें एक-दूसरे के चेहरे पर पड़ रही थीं। मम्मी ने हटने की कोशिश नहीं की। उल्टे और पास आ गईं।
मम्मी: “बेटा… तू अब इतना बड़ा हो गया है। मम्मी को लग रहा है जैसे तू मेरा… पति हो। पापा मुझे समय नहीं देते… न प्यार, न सेक्स। मैं अकेली महसूस करती हूँ।”
मैं: (घबराते हुए लेकिन लंड और सख्त हो रहा था) “मम्मी… आप क्या कह रही हैं? आप बहुत सुंदर हो… मैं अक्सर आपकी तरफ देखता हूँ।”
मम्मी ने मेरे कान में फुसफुसाया: “सच? तो फिर बता… मम्मी के स्तन देखकर तेरा लंड खड़ा होता है ना?”
मैं: “हाँ मम्मी… बहुत। मैं सोचता हूँ कि आपकी चूत में अपना लंड डालकर चोदूँ।”
मम्मी चुप रही। फिर धीरे से हँसी और मेरे लंड को पैंट के ऊपर से हाथ से पकड़ लिया। “वाह बेटा… कितना मोटा और हार्ड हो गया है। मम्मी की चूत गीली हो रही है।”
बिजली आ गई। लेकिन हम अलग नहीं हुए। मम्मी की आँखों में lust की चमक थी। उन्होंने मेरी शर्ट के अंदर हाथ डाला और मेरी छाती सहलाने लगीं।
अगले दिन प्रिया कॉलेज गई हुई थी। मम्मी ने मुझे उनके बेडरूम में बुलाया। दरवाजा लॉक कर दिया। मम्मी ने लाल रंग की पतली नाइटी पहनी हुई थी। क्लिवेज साफ दिख रहा था। ब्रा का स्ट्रैप कंधे से फिसल रहा था।
मम्मी: (बेड पर बैठी, मुझे पास बुलाते हुए) “आ जा बेटा… आज हम अकेले हैं। कल रात जो हुआ… वह गलत था ना? लेकिन मम्मी को बहुत अच्छा लगा। तू मम्मी का लंड छूना चाहता है?”
मैं उनके पास बैठ गया। मम्मी ने सीधे मेरी पैंट का जिप खोला और अंदर हाथ डाल दिया। मेरे नंगे लंड को पकड़ लिया और धीरे से हिलाने लगीं।
मम्मी: “इतना गर्म… इतना मोटा… मम्मी को बहुत दिनों से चाहिए था। बेटा, मम्मी की चूत देखना चाहता है?”
मैं: “हाँ मम्मी… बहुत।”
मैंने उनकी नाइटी ऊपर की। ब्रा के ऊपर से उनके भारी स्तनों को दोनों हाथों से दबाया। मम्मी की सांस तेज हो गई।
मम्मी: (आँखें बंद करके, होंठ काटते हुए) “आह्ह्ह… बेटा… जोर से दबा… मम्मी मर गई… तू मम्मी का लंड चोदेगा ना? मेरी चूत फाड़ देगा?”
मैं: “हाँ मम्मी… मैं आपकी गीली चूत में लंड घुसाकर जोर-जोर से चोदूंगा। आपकी गांड भी मारूंगा।”
मम्मी ने मेरा लंड और तेजी से हिलाया। “बहुत गंदी बातें करता है मेरा बेटा… लेकिन मम्मी को पसंद आ रहा है। देख… मम्मी की आँखें कितनी लाल हो गई हैं।”
हम दोनों पागल हो चुके थे। मम्मी ने मुझे खींचकर अपने होठों से चूम लिया। लंबा, गहरा किस। जीभ से जीभ मिल रही थी। मेरा एक हाथ उनकी नाइटी के अंदर गया, पैंटी के ऊपर से चूत सहलाने लगा। चूत पूरी गीली हो चुकी थी। मम्मी की सांसें भारी, स्तन उछल रहे थे।
मम्मी: (मेरे कान में फुसफुसाते हुए) “बेटा… अब और इंतजार नहीं हो रहा। आज रात जब प्रिया सो जाएगी… तू मम्मी के कमरे में आ जाना। हम पूरी चुदाई करेंगे। लेकिन बता… तू मम्मी को कैसे चोदेगा? पहले चूत चाटेगा? या सीधे लंड अंदर डालेगा? क्या पोजीशन पसंद है?”
मैं: “मम्मी… मैं पहले आपकी चूत चाटूंगा, फिर लंड अंदर डालकर मिशनरी में चोदूंगा… फिर डॉगी स्टाइल में आपकी गांड थप्पड़ मारते हुए चोदूंगा।”
मम्मी की आँखें चमक उठीं। “बहुत बढ़िया… मम्मी भी तेरे लंड को मुंह में लेकर चूसेगी। अब बता… हम इसे कैसे शुरू करें?”
मम्मी की सांसें तेज, होंठ काट रही थीं, स्तन नाइटी में उछल रहे थे, चूत मेरी उंगली से गीली हो रही थी। मेरा चेहरा लाल, लंड फड़फड़ा रहा था, मन में डर भी था – अगर प्रिया जल्दी आ गई तो? अगर पापा का वीडियो कॉल आ गया तो? लेकिन lust इतना ज्यादा था कि रुक नहीं पा रहे थे।
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मिशनरी पोजीशन में पहली चुदाई
मैंने मम्मी को धीरे से बेड पर लिटा दिया। मम्मी की आँखें लाल हो चुकी थीं, होंठ काट रही थीं। मैं उनके ऊपर चढ़ गया और जोर से किस करने लगा। हमारी जीभें एक-दूसरे के मुंह में घुस रही थीं। मम्मी की सांसें बहुत तेज थीं।
मैंने उनकी नाइटी के दोनों कंधों से स्ट्रैप नीचे खींचा। नाइटी ऊपर की और उनके भारी-भारी स्तन बाहर आ गए। ब्रा नहीं थी, इसलिए सीधे नंगे स्तन मेरे सामने थे। गोल-गोल, भारी, निप्पल्स सख्त और खड़े। मैंने दोनों हाथों से उनके स्तनों को दबाया। मम्मी की आँखें बंद हो गईं।
मम्मी: (आह भरते हुए) “आह्ह्ह… बेटा… मम्मी के स्तन दबा… कितने दिनों बाद किसी ने छुआ है…”
मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। दूसरा निप्पल उंगलियों से मसल रहा था। मम्मी की कमर ऊपर उठ रही थी।
मैंने नाइटी पूरी तरह उतार दी। अब मम्मी सिर्फ पैंटी में थीं। मैंने उनकी पैंटी के किनारे पकड़े और धीरे-धीरे नीचे खींचा। पैंटी उतरते ही उनकी चूत सामने आ गई – गीली, चमकदार, बालों वाली लेकिन साफ, होंठ फूले हुए। चूत से पानी टपक रहा था।
मैं नीचे गया। मम्मी की टांगें फैला दीं। उनकी चूत के पास मुंह ले गया और एक लंबी चाट मारी। मम्मी का शरीर काँप उठा।
मम्मी: (चीखते हुए) “आह्ह्ह्ह… बेटा… मम्मी की चूत चाट… हाँ… जीभ अंदर डाल… आह्ह्ह… मम्मी मर गई रे…”
मैं उनकी चूत चाट रहा था – जीभ अंदर-बाहर कर रहा था, क्लिट को चूस रहा था। मम्मी की टांगें मेरे सिर पर चढ़ गईं। उनकी गांड हिल रही थी। मम्मी दोनों हाथों से मेरे बाल पकड़कर अपना चेहरा मेरे मुंह में दबा रही थीं।
मम्मी: “आह्ह्ह… बेटा… मम्मी की चूत का स्वाद ले… मम्मी तुझे चोदने के लिए पागल हो गई है…”
मैं ऊपर आया। मम्मी ने खुद मेरी पैंट और अंडरवियर उतार दी। मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था – मोटा, लंबा, नसें उभरी हुई, सिरा लाल। मम्मी ने उसे हाथ में लिया और अपनी चूत पर रगड़ने लगीं।
मैंने उनकी टांगें और फैलाईं। मम्मी की आँखें मेरे लंड पर टिकी थीं। मैंने लंड का सिरा उनकी चूत के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया।
मम्मी: (आँखें बंद, मुंह खुला) “आह्ह्ह्ह… बेटा… धीरे… मम्मी की चूत टाइट है… आह्ह्ह… लंड अंदर जा रहा है… मम्मी की चूत फट रही है…”
मैंने और दबाया। लंड का आधा हिस्सा अंदर चला गया। मम्मी की चूत बहुत गर्म और टाइट थी। मम्मी का चेहरा दर्द और मजे के मिश्रण से तन गया था। आँखें बंद, होंठ काँप रहे थे।
मैंने और जोर लगाया। पूरा लंड अंदर घुस गया। मम्मी की चूत ने मेरे लंड को कस लिया।
मम्मी: (जोर से चीखी) “आह्ह्ह्ह्ह… बेटा… पूरा लंड अंदर… मम्मी की चूत भर गई… आह्ह्ह… मम्मी तेरा लंड ले रही है…”
मैंने मिशनरी पोजीशन में चोदना शुरू किया। धीरे-धीरे अंदर-बाहर। हर धक्के पर मम्मी की भारी गांड बेड पर टकरा रही थी। उनके स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। मम्मी की आँखें आधी खुली थीं, मुंह खुला, जीभ बाहर निकली हुई।
मम्मी: (हर धक्के पर) “आह… आह… बेटा… और जोर से… मम्मी की चूत चोद… हाँ… तेरी मम्मी तेरी चूत बन गई… आह्ह्ह… मम्मी मर गई…”
मेरा चेहरा भी pleasure से विकृत हो रहा था। दांत किटकिटा रहे थे, पसीना आ रहा था। मैं मम्मी की कमर पकड़े हुए था और जोर-जोर से धक्के लगा रहा था।
मैं: (साँस फूलते हुए) “मम्मी… तुम्हारी चूत कितनी टाइट और गीली है… आह… मैं अपनी मम्मी को चोद रहा हूँ… मम्मी… तुम मेरी चूत हो…”
मम्मी ने मेरी कमर को अपनी टांगों से जकड़ लिया। मैं और तेज हो गया। बेड हिल रहा था। मम्मी के स्तन मेरे सीने से टकरा रहे थे।
मम्मी: (आँखें घुमाते हुए, चीखते हुए) “आह्हhhhh… बेटा… मम्मी आ रही है… मम्मी झड़ने वाली है… आह्ह्ह… चोद… चोद… मम्मी की चूत फाड़ दे…”
मम्मी का शरीर काँप उठा। उनकी चूत ने मेरे लंड को और कस लिया। मम्मी जोर से चीखी और झड़ गई। उनकी चूत से पानी निकल रहा था।
मैं भी अंतिम सीमा पर था। मैंने और तेज धक्के लगाए।
मैं: “मम्मी… मैं भी आने वाला हूँ… मम्मी के अंदर ही डाल दूँ?”
मम्मी: (हाँफते हुए) “हाँ बेटा… मम्मी के अंदर ही निकाल… मम्मी तेरा पानी पीना चाहती है… आह्ह्ह…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और मम्मी की चूत के अंदर ही झड़ गया। गरम-गरम पानी मम्मी की चूत में भर गया। मम्मी ने आँखें बंद करके मेरा नाम लिया।
हम दोनों थककर एक-दूसरे पर गिर गए। मेरा लंड अभी भी मम्मी की चूत में अंदर था। मम्मी मेरे बाल सहला रही थीं। दोनों की सांसें बहुत तेज थीं। मम्मी का चेहरा खुशी और संतुष्टि से चमक रहा था।
मम्मी: (धीरे से) “बेटा… मम्मी को इतना मजा कभी नहीं आया… तू सच में मम्मी का लंड चोदना जानता है…”
मैं: “मम्मी… आपकी चूत इतनी अच्छी है… मैं बार-बार चोदना चाहता हूँ।”
हम दोनों गले मिले रहे। मेरा लंड अभी भी अंदर था, धीरे-धीरे नरम हो रहा था।
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प्रिया का शामिल होना और तीनों की सेक्स
हम दोनों थोड़ी देर आराम करने के बाद फिर से जोश में आ गए। मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था। मम्मी ने मुझे ऊपर खींचा और बोलीं, “बेटा… एक बार और चोद मम्मी को… मम्मी अभी और लेना चाहती है।”
मैंने फिर से मिशनरी पोजीशन में मम्मी को लिटाया। उनकी टांगें फैलाईं। लंड को गीली चूत पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया।
मम्मी: (आँखें बंद करके, चीखते हुए) “आह्ह्ह्ह… बेटा… फिर से… मम्मी की चूत भर गई… आह्ह्ह… जोर से चोद… मम्मी तेरा लंड ले रही है…”
मैं चोद रहा था – जोर-जोर से। बेड हिल रहा था। मम्मी के भारी स्तन उछल रहे थे। मम्मी मेरी कमर को अपनी टांगों से जकड़ रही थीं। हर धक्के पर मम्मी की चूत से “पच-पच” की आवाज आ रही थी।
मैं: (साँस फूलते हुए) “मम्मी… तुम्हारी चूत फिर से टाइट हो गई… आह… मैं अपनी मम्मी को चोद रहा हूँ…”
मम्मी: “हाँ बेटा… चोद… मम्मी की चूत फाड़ दे… आह्ह्ह… मम्मी झड़ने वाली है…”
ठीक उसी वक्त कमरे का दरवाजा खुला।
प्रिया अंदर आई। वह कॉलेज से लौटी हुई थी। जैसे ही उसने सीन देखा – मम्मी नंगी बेड पर लेटी हुईं, मैं उनके ऊपर चढ़ा हुआ, लंड पूरी चूत में घुसा हुआ, दोनों जोर-जोर से चोद रहे थे – प्रिया की आँखें फटी की फटी रह गईं।
प्रिया: (शॉक में, हाथ मुंह पर) “मम्मी… भाईया… ये… ये क्या कर रहे हो तुम दोनों?! भाईया… मम्मी के साथ…?!”
मम्मी और मैं दोनों रुक गए। मेरा लंड अभी भी मम्मी की चूत में अंदर था। मम्मी की सांसें भारी थीं। प्रिया का चेहरा लाल हो गया था – शॉक, गुस्सा और… कुछ और भी। उसकी आँखें हमारे नंगे शरीर पर टिकी थीं।
मम्मी ने धीरे से कहा, “प्रिया बेटा… आ जा… दरवाजा बंद कर… और आ जा हमारे पास। आज से हम तीनों एक साथ हैं। कोई राज नहीं।”
प्रिया हिचकिचाई। लेकिन उसकी आँखें मेरे लंड पर अटकी हुई थीं जो मम्मी की चूत में अंदर था। उसने धीरे से दरवाजा बंद किया और कमरे में आई।
मम्मी ने हाथ बढ़ाया। “आ जा बेटा… मम्मी और भाईया दोनों तेरे हैं। देख… भाईया मम्मी को कितना अच्छा चोद रहा है। तू भी देखना चाहती है ना?”
प्रिया शरमा रही थी लेकिन पास आ गई। उसने अपनी टी-शर्ट उतार दी। फिर ब्रा उतारी। उसके स्तन मम्मी से छोटे लेकिन बहुत सुंदर और सख्त थे। निप्पल्स गुलाबी। फिर उसने जींस और पैंटी उतार दी। अब प्रिया भी पूरी तरह नंगी थी – 20 साल की जवां बॉडी, स्लिम कमर, गोल गांड और गीली चूत।
प्रिया बेड के पास खड़ी हो गई। मम्मी ने उसे खींचकर अपने पास लिटा लिया।
मम्मी: “प्रिया… मम्मी की चूत चाट… भाईया अभी चोद रहे हैं…”
प्रिया ने मम्मी की चूत के पास मुंह लगाया। मैं अभी भी चोद रहा था। प्रिया की जीभ मम्मी की चूत और मेरे लंड दोनों को चाट रही थी। हर धक्के पर मेरा लंड प्रिया के मुंह से टकरा रहा था।
मम्मी: (दोनों को चोदते और चाटते हुए) “आह्ह्ह… दोनों बेटे… मम्मी को कितना मजा आ रहा है… प्रिया… जीभ अंदर डाल… भाईया… और जोर से चोद…”
प्रिया: (पहली बार बोलते हुए, शरमाते हुए) “भाईया… मम्मी की चूत… इतनी गीली है… और तेरा लंड… कितना मोटा है…”
मैंने प्रिया के बाल पकड़े और उसका मुंह अपनी तरफ खींचा। प्रिया ने मेरा लंड (जो अभी मम्मी की चूत से निकला था) मुंह में ले लिया और चूसने लगी। मम्मी ने प्रिया की चूत में उंगली डाल दी।
प्रिया: (मुंह में लंड लेकर) “उम्म्म… भाईया…”
मैंने प्रिया को लिटाया। मम्मी प्रिया के ऊपर आ गईं – 69 पोजीशन में। मम्मी प्रिया की चूत चाटने लगीं। मैं प्रिया के पास आया और उसकी चूत में लंड डाल दिया।
प्रिया: (पहली बार चुदते हुए चीखी) “आह्ह्ह्ह… भाईया… धीरे… मेरी चूत… आह्ह्ह… मम्मी… मम्मी चाट रही है… आह्ह्ह… दोनों… मुझे मार रहे हो…”
मैं प्रिया को चोद रहा था। मम्मी प्रिया की चूत चाट रही थीं और प्रिया मम्मी की चूत चाट रही थी। तीनों की सांसें, moans और चीखें कमरे में गूंज रही थीं।
मैं: (प्रिया को चोदते हुए) “प्रिया… तुम्हारी चूत भी बहुत टाइट है… आह… दोनों मम्मी और बहन… मैं दोनों को चोद रहा हूँ…”
मम्मी: “हाँ बेटा… हम दोनों तेरी चूत हैं… चोद… प्रिया को भी चोद… मम्मी भी देख रही है…”
प्रिया का शरीर काँप रहा था। वह झड़ गई। मम्मी ने भी झड़ने का नाटक किया। मैंने प्रिया की चूत में झड़ दिया।
हम तीनों थककर एक-दूसरे पर गिर गए। मम्मी के एक तरफ मैं, दूसरी तरफ प्रिया। तीनों नंगे, पसीने से तर, सांसें भारी।
मम्मी ने दोनों को गले लगाया। “अब से कोई राज नहीं… हम तीनों मिलकर सेक्स करेंगे। पापा को भी शामिल करेंगे एक दिन… पूरी फैमिली एक साथ।”
प्रिया शरमा रही थी लेकिन मुस्कुरा रही थी। “हाँ मम्मी… आज के बाद मैं भी भाग नहीं सकती…”
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पूरी रात तीनों की सेक्स (डॉगी + मम्मी चूसती हुई)
हम तीनों थोड़ी देर एक-दूसरे से सटे लेटे रहे। मम्मी के एक तरफ मैं, दूसरी तरफ प्रिया। तीनों नंगे, पसीने से तर। मेरा लंड अभी भी गीला था प्रिया की चूत के रस से।
मम्मी ने सबसे पहले उठकर मुझे किस किया। फिर प्रिया को भी किस किया।
मम्मी: “बेटा… आज रात हम तीनों को पूरा मजा लेना है। प्रिया… तू भाईया से डॉगी स्टाइल में चुदना चाहती है ना?”
प्रिया शरमा गई लेकिन आँखों में lust था। “हाँ मम्मी… भाईया मुझे पीछे से चोदें…”
मैं उठा। प्रिया को घुटनों के बल बिठाया। उसकी गांड मेरे सामने थी – गोल, सफेद, चूत अभी भी गीली टपक रही थी। मैंने प्रिया की कमर पकड़ी और लंड को उसकी चूत पर रगड़ा।
प्रिया: (आगे झुकते हुए) “आह्ह्ह… भाईया… अंदर डालो…”
मैंने एक जोरदार धक्का मारा। लंड पूरी तरह प्रिया की चूत में घुस गया। प्रिया का सिर बेड में दब गया।
प्रिया: (चीखते हुए) “आह्ह्ह्ह… भाईया… पूरा लंड… मेरी चूत फट रही है… आह्ह्ह… जोर से चोदो…”
मैं प्रिया को डॉगी स्टाइल में चोदने लगा। जोर-जोर से। हर धक्के पर प्रिया की गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। “पच-पच-पच” की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। प्रिया के स्तन नीचे लटक रहे थे और हिल रहे थे।
ठीक उसी वक्त मम्मी मेरे नीचे आ गईं। वह पीठ के बल लेट गईं, मेरा लंड और प्रिया की चूत के ठीक नीचे। मम्मी ने मेरा लंड (जो प्रिया की चूत से निकल रहा था) मुंह में ले लिया और चूसने लगीं।
मम्मी: (मेरे लंड को चूसते हुए) “उम्म्म… बेटा… प्रिया की चूत का स्वाद… और तेरा लंड… दोनों एक साथ… आह्ह्ह…”
मैं प्रिया को चोद रहा था और मम्मी मेरा लंड चूस रही थीं। जब भी लंड बाहर आता, मम्मी उसे मुंह में ले लेतीं और चूसतीं, फिर मैं फिर से प्रिया की चूत में घुसा देता।
प्रिया: (मुंह बेड में दबाकर) “आह्ह्ह… मम्मी… भाईया… दोनों… मुझे मार रहे हो… आह्हhhhh… मम्मी मेरी चूत चाट रही है… भाईया लंड मार रहे हैं… आह्ह्ह… मैं मर गई…”
मम्मी नीचे से प्रिया की चूत भी चाट रही थीं। मेरे लंड के साथ-साथ प्रिया की चूत को भी जीभ से चाट रही थीं। प्रिया का शरीर काँप रहा था।
मैं: (प्रिया की गांड थप्पड़ मारते हुए) “प्रिया… तुम्हारी गांड कितनी मोटी है… आह… मैं अपनी बहन को चोद रहा हूँ… मम्मी… तुम भी मेरा लंड चूस रही हो… कितना गंदा और मजेदार है ये…”
मम्मी: (लंड चूसते हुए) “हाँ बेटा… हम दोनों तेरी चूत बन गई हैं… चोद… प्रिया को और जोर से चोद… मम्मी तेरा पानी पीना चाहती है…”
मैं और तेज हो गया। प्रिया की गांड पर थप्पड़ मारता हुआ चोद रहा था। प्रिया चीख रही थी।
प्रिया: “आह्ह्ह… भाईया… और थप्पड़ मारो… मेरी गांड लाल कर दो… आह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूँ…”
प्रिया जोर से काँपी और झड़ गई। उसकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया। मम्मी नीचे से सब कुछ चाट रही थीं।
मैंने लंड निकाला और मम्मी के मुंह में डाल दिया। मम्मी जोर से चूसने लगीं।
मैं: “मम्मी… मैं आने वाला हूँ…”
मम्मी: “हाँ बेटा… मम्मी के मुंह में निकाल…”
मैं मम्मी के मुंह में झड़ गया। मम्मी ने सब कुछ निगल लिया। फिर मम्मी ने प्रिया को भी किस किया और दोनों ने मेरा लंड साफ किया।
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पापा का शामिल होना और पूरी फैमिली की ग्रुप सेक्स
अगले दिन दोपहर के आसपास पापा घर लौट आए। हम तीनों पहले से तैयार बैठे थे। मम्मी ने बहुत सेक्सी ड्रेस पहनी थी – गहरी नेक वाली टॉप जिसमें क्लिवेज साफ दिख रहा था और टाइट लेगिंग जिसमें उनकी मोटी गांड और जांघें खिंच रही थीं। प्रिया ने भी शॉर्ट टॉप और शॉर्ट्स पहने हुए थे। मैं नॉर्मल टी-शर्ट और ट्रैक पैंट में था।
पापा अंदर आए। मम्मी ने उन्हें गले लगाया। पापा ने मम्मी के स्तनों को महसूस किया और मुस्कुराए।
पापा: “अरे वाह… आज तो बहुत सेक्सी लग रही हो सुनीता।”
मम्मी: (पापा को किस करते हुए) “तुम्हारे लिए ही तो… आओ बेडरूम में… आज कुछ स्पेशल है।”
पापा को बेडरूम में ले गईं। हम तीनों भी पीछे-पीछे गए। पापा को शक हुआ लेकिन कुछ नहीं बोले।
मम्मी ने पापा को बेड पर बैठाया और उनके कपड़े उतारने लगीं। पापा का लंड पहले से ही खड़ा हो रहा था। मम्मी ने पापा का लंड मुंह में लिया और चूसने लगीं।
पापा: “आह… सुनीता… आज तो बहुत जोश में हो…”
ठीक उसी वक्त मैं और प्रिया कमरे में घुसे। हम दोनों भी नंगे थे। पापा की आँखें फटी की फटी रह गईं।
पापा: (शॉक में) “ये… ये क्या… राहुल… प्रिया… तुम दोनों… नंगे…? सुनीता… ये क्या हो रहा है?!”
मम्मी ने पापा का लंड हाथ में लेकर कहा, “रमेश… अब कोई राज नहीं। आज से हम चारों एक साथ हैं। मैं, राहुल, प्रिया… और तुम। पूरी फैमिली। देखो… भाई-बहन और मम्मी पहले से ही सेक्स कर रहे थे। अब तुम भी शामिल हो जाओ।”
पापा हैरान थे लेकिन उनकी आँखें प्रिया के नंगे शरीर पर अटकी हुई थीं। प्रिया शरमा रही थी लेकिन आगे बढ़ गई।
प्रिया: (धीरे से) “पापा… मम्मी सही कह रही हैं… आज हम सब साथ में…”
मैं पापा के पास गया। “पापा… मम्मी बहुत दिनों से अकेली थीं। अब हम सब मिलकर एक-दूसरे को खुश रखेंगे।”
पापा की सांसें तेज हो गईं। उनका लंड और सख्त हो गया। मम्मी फिर से चूसने लगीं।
मम्मी: “रमेश… देखो… प्रिया कितनी जवां हो गई है। तू भी उसे चोद सकता है… और राहुल मुझे चोदेगा… हम सब मिलकर…”
पापा ने हिम्मत करके प्रिया को अपनी तरफ खींच लिया। प्रिया के स्तन दबाए। प्रिया काँप गई।
पापा: “प्रिया बेटा… सच में…?”
प्रिया: “हाँ पापा… आज से मैं भी आपकी हूँ…”
अब पूरी फैमिली की ग्रुप सेक्स शुरू हो गई।
पहला सीन – मम्मी और प्रिया पापा को चूस रही हैं
मम्मी और प्रिया दोनों घुटनों के बल बैठ गईं। मम्मी एक तरफ से पापा का लंड चूस रही थीं, प्रिया दूसरी तरफ से। दोनों की जीभें पापा के लंड पर घूम रही थीं। पापा का सिर पीछे झुक गया।
पापा: “आह्ह्ह… दोनों… मेरी बीवी और बेटी… मेरा लंड चूस रही हैं… आह्ह्ह…”
मैं मम्मी के पीछे गया और उनकी चूत में लंड डाल दिया। मम्मी चूसते हुए भी moans कर रही थीं।
दूसरा सीन – पापा प्रिया को चोद रहे हैं
पापा ने प्रिया को बेड पर लिटाया। प्रिया की टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया।
प्रिया: (पहली बार पापा से चुदते हुए चीखी) “आह्ह्ह्ह… पापा… आपका लंड… अंदर… आह्ह्ह… मम्मी… भाईया… देखो… पापा मुझे चोद रहे हैं…”
मम्मी प्रिया के स्तन चूस रही थीं। मैं मम्मी के पीछे से चोद रहा था।
तीसरा सीन – डबल पेनिट्रेशन जैसा
पापा प्रिया को डॉगी स्टाइल में चोद रहे थे। मैं मम्मी को सामने से चोद रहा था। मम्मी और प्रिया एक-दूसरे को किस कर रही थीं।
मम्मी: “आह्ह्ह… रमेश… प्रिया को जोर से चोद… राहुल… मम्मी को चोद… हम सब एक हो गए…”
प्रिया: “पापा… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… भाईया… मम्मी को भी… आह्ह्ह…”
चौथा सीन – पापा मम्मी को चोद रहे हैं
पापा ने मम्मी को लिटाया और उनकी चूत में लंड घुसा दिया। मैं प्रिया को चोद रहा था। प्रिया मम्मी के स्तन चूस रही थी।
पापा: “सुनीता… आज के बाद तू मेरी नहीं… हम सबकी है… आह…”
मम्मी: “हाँ रमेश… अब हम चारों… एक परिवार… एक सेक्स… चोदो मुझे…”
हम सब झड़ चुके थे। पापा मम्मी के अंदर झड़े। मैं प्रिया के अंदर झड़ा। मम्मी और प्रिया एक-दूसरे को चूम रही थीं।
चारों थककर बेड पर गिर गए। पापा ने मम्मी को गले लगाया, फिर प्रिया को, फिर मुझे।
पापा: “अब से ये हमारा राज है… पूरी फैमिली… कोई बाहर नहीं जानना चाहिए… लेकिन अंदर हम सब एक-दूसरे के हैं।”
मम्मी: “हाँ… अब रोज ऐसा होगा…”
प्रिया: (मुस्कुराते हुए) “हाँ पापा… भाईया… मम्मी… मैं भी…”
मैं: “अब पूरी फैमिली की secret chudai शुरू हो गई…”
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सुबह की रूटीन (मम्मी + प्रिया मुझे चोदती हैं)
हर सुबह 7 बजे मम्मी और प्रिया मेरे कमरे में आतीं। दोनों नंगी।
मम्मी मेरे सिरहाने बैठ जातीं और मेरे लंड को मुंह में ले लेतीं। प्रिया मेरे पैरों के पास आकर मेरे अंडकोष चाटने लगती।
मम्मी: (लंड चूसते हुए) “उठ जा बेटा… मम्मी और बहन दोनों तेरे लंड का नाश्ता कर रही हैं… आह्ह्ह… कितना मोटा हो गया सुबह-सुबह…”
प्रिया: (अंडकोष चाटते हुए) “भाईया… आज कौन पहले चोदेगा? मम्मी या मैं?”
मैं आँखें खोलता। दोनों मुस्कुरा रही होतीं।
मैं पहले प्रिया को ऊपर खींचता और उसे काउगर्ल पोजीशन में बिठा देता। प्रिया मेरे लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होने लगती।
प्रिया: (आँखें बंद, स्तन उछालते हुए) “आह्ह्ह… भाईया… सुबह-सुबह तेरा लंड… आह्ह्ह… मम्मी देखो… भाईया मुझे चोद रहे हैं…”
मम्मी मेरे मुंह पर बैठ जातीं। मैं मम्मी की चूत चाटता जबकि प्रिया मुझे चोदती।
मम्मी: “आह्ह्ह… बेटा… मम्मी की चूत चाट… प्रिया… भाईया को जोर से चोद… हम दोनों मिलकर अपना भाई/बेटा चोद रहे हैं…”
10-15 मिनट बाद मैं प्रिया के अंदर झड़ जाता। प्रिया उतरती तो मम्मी तुरंत मेरे लंड को साफ करके चूस लेतीं और खुद मेरे ऊपर बैठ जातीं।
मम्मी: “अब मम्मी की बारी… बेटा… मम्मी को भी चोद… आह्ह्ह…”
मैं मम्मी को मिशनरी में चोदता। प्रिया मम्मी के स्तन चूसती और मुझे किस करती।
मम्मी: (हर धक्के पर) “आह… आह… बेटा… मम्मी की चूत… तेरी है… प्रिया… देख… भाईया मम्मी को चोद रहा है…”
इस तरह हर सुबह दोनों मुझे चोदतीं। कभी-कभी दोनों एक साथ — एक चूसती, एक चुदती।
शाम की रूटीन (पापा के आने के बाद पूरा फैमिली ग्रुप सेक्स)
शाम 7 बजे पापा घर आते। जैसे ही दरवाजा बंद होता, हम चारों नंगे हो जाते।
पापा सबसे पहले मम्मी को जोर से किस करते और उनकी चूत में उंगली डाल देते।
पापा: “सुनीता… आज कौन-कौन चोदेगा तुझे?”
मम्मी: “तुम… राहुल… और प्रिया भी… हम सब मिलकर…”
फिर हम चारों बेडरूम में चले जाते।
एक आम शाम का सीन:
- पापा प्रिया को डॉगी स्टाइल में चोदते। प्रिया चीखती, “आह्ह्ह… पापा… जोर से… मेरी चूत…”
- मैं मम्मी को सामने से चोदता। मम्मी पापा को किस करतीं।
- फिर पोजीशन बदलती — पापा मम्मी को चोदते, मैं प्रिया को।
- कभी-कभी डबल — पापा और मैं दोनों मम्मी को एक साथ चोदते (एक चूत में, एक मुंह में) जबकि प्रिया नीचे लेटकर सब कुछ चाटती।
मम्मी: “आह्ह्ह… रमेश… राहुल… दोनों… मम्मी की चूत फट रही है… प्रिया… मम्मी की चूत चाट…”
प्रिया: “हाँ मम्मी… पापा… भाईया… सब मिलकर चोदो… आह्ह्ह…”
पापा: “सुनीता… प्रिया… दोनों मेरी चूतें हो… राहुल… तू भी अपनी मम्मी और बहन को चोद… हम चारों पागल हो गए हैं…”
रात 11-12 बजे तक हम सेक्स करते। कभी-कभी दो राउंड, कभी तीन। हर बार अलग पोजीशन — मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, 69, फेस-सिटिंग।
सोने से पहले मम्मी कहतीं, “अब से ये हमारी जिंदगी है… सुबह दोनों बेटे मुझे और प्रिया को चोदेंगे… शाम को पापा आएंगे और हम सब मिलकर…”
पापा हँसते, “हाँ… अब कोई बाहर नहीं जानना चाहिए… लेकिन अंदर हम चारों एक-दूसरे के गुलाम हैं।”
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वीकेंड रिसॉर्ट ट्रिप (3 दिन नंगी फैमिली सेक्स)
अगले वीकेंड हम चारों ने एक प्राइवेट विला बुक किया। दूर जंगल के पास, प्राइवेट स्विमिंग पूल, कोई पड़ोसी नहीं, सिर्फ हम चारों। वहाँ पहुँचते ही हमने कपड़े उतार दिए। 3 दिन तक कोई कपड़ा नहीं पहनना था।
दिन 1 – आगमन + पूल साइड ग्रुप सेक्स
हम पूल के किनारे नंगे बैठे थे। मम्मी और प्रिया मेरे और पापा के लंड चूस रही थीं।
मम्मी: “रमेश… राहुल… आज से 3 दिन हम चारों नंगे रहेंगे… जितना मन हो चोदना…”
प्रिया: (मेरा लंड चूसते हुए) “पापा… भाईया… हम दोनों को पूरा इस्तेमाल करना…”
पापा ने प्रिया को उठाया और पूल के किनारे लिटा दिया। उनकी टांगें फैलाईं और लंड अंदर घुसा दिया।
प्रिया: (चीखते हुए) “आह्ह्ह… पापा… पूल के किनारे… आह्ह्ह… जोर से…”
मैं मम्मी को डॉगी स्टाइल में चोद रहा था। मम्मी प्रिया के स्तन चूस रही थीं।
मम्मी: “आह्ह्ह… रमेश… प्रिया को चोद… राहुल… मम्मी की चूत फाड़… हम सब नंगे… कोई रोक नहीं…”
पहली रात हमने पूल में ही सेक्स किया। पानी में तैरते हुए, एक-दूसरे को चोदते हुए। मम्मी और प्रिया दोनों को बारी-बारी से चोदा। आखिर में पापा और मैं दोनों मम्मी को एक साथ चोदे (एक चूत में, एक मुंह में) जबकि प्रिया नीचे बैठकर सब कुछ चाट रही थी।
दिन 2 – सुबह से रात तक नई पोजीशन्स
सुबह 8 बजे ही सेक्स शुरू हो गया।
नई पोजीशन 1: मम्मी और प्रिया 69 पोजीशन में एक-दूसरे की चूत चाट रही थीं। पापा प्रिया को पीछे से चोद रहे थे, मैं मम्मी को।
मम्मी: (प्रिया की चूत चाटते हुए) “आह्ह्ह… प्रिया… तेरी चूत… पापा और भाईया दोनों चोद रहे हैं… आह्ह्ह…”
प्रिया: “मम्मी… आह्ह्ह… पापा का लंड… भाईया का लंड… दोनों… मम्मी… मैं मर गई…”
नई पोजीशन 2 (डबल टीम): प्रिया मेरे ऊपर काउगर्ल में बैठी थी। पापा उसके पीछे से उसकी गांड में उंगली डाल रहे थे (बाद में लंड भी)। मम्मी मेरे मुंह पर बैठ गईं।
प्रिया: (दोनों तरफ से चुदते हुए) “आह्हhhhh… पापा… भाईया… दोनों… मेरी चूत और गांड… फट रही है… मम्मी… देखो…”
नई पोजीशन 3: रात को बेड पर — मम्मी और प्रिया आमने-सामने खड़ी हो गईं। पापा प्रिया को, मैं मम्मी को पीछे से चोद रहे थे। दोनों मम्मी-बेटी एक-दूसरे को किस कर रही थीं।
मम्मी: “रमेश… राहुल… दोनों अपनी चूतें चोद रहे हो… आह्ह्ह… प्रिया… मम्मी को किस कर…”
दिन 3 – आखिरी दिन (सबसे वाइल्ड)
सुबह पूल में फिर से। दोपहर को विला के अंदर — हमने एक नई चेन बनाई:
- प्रिया पापा का लंड चूस रही थी
- मम्मी प्रिया की चूत चाट रही थी
- मैं मम्मी को पीछे से चोद रहा था
शाम को आखिरी बड़ा सीन: पापा और मैं दोनों मम्मी को एक साथ चोद रहे थे (डबल पेनिट्रेशन)। प्रिया मम्मी के मुंह में लंड डालकर चूसवा रही थी।
मम्मी: (दोनों लंड अंदर लेकर चीखते हुए) “आह्हhhhh… दोनों… मम्मी की चूत… फट गई… रमेश… राहुल… आह्ह्ह… प्रिया… मम्मी का मुंह भर दो…”
प्रिया: “मम्मी… पापा… भाईया… सब… मम्मी को मार रहे हो… आह्ह्ह…”
हम चारों एक साथ झड़े। मम्मी के अंदर पापा और मेरा दोनों का पानी भर गया। प्रिया ने मम्मी का मुंह चूम लिया।
रात को विदा लेते वक्त मम्मी ने कहा, “ये 3 दिन जिंदगी भर याद रहेंगे… अब घर जाकर भी रोज ऐसा ही करेंगे…”
पापा: “हाँ… अब हम चारों पूरी तरह एक हो गए… secret chudai हमेशा चलेगी।”
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मम्मी प्रेग्नेंट + सेक्स सेलिब्रेशन
रिसॉर्ट से लौटने के 3 हफ्ते बाद मम्मी को शक हुआ। पीरियड मिस हो गया था। हमने घर पर ही प्रेग्नेंसी किट से टेस्ट किया। दो लाइनें साफ आ गईं।
मम्मी ने हमें तीनों को बेडरूम में बुलाया। वह नंगी बैठी थीं, हाथ में प्रेग्नेंसी किट लिए।
मम्मी: (थोड़ी घबराई हुई लेकिन आँखों में चमक) “रमेश… राहुल… प्रिया… मैं प्रेग्नेंट हूँ।”
पापा पहले तो चुप रहे, फिर धीरे से मुस्कुराए।
पापा: “किसका बच्चा है…?”
मम्मी ने मेरी तरफ देखा, फिर पापा की तरफ। “पता नहीं… रिसॉर्ट में दोनों ने अंदर निकाला था… शायद राहुल का… शायद तुम्हारा… या दोनों का…”
प्रिया की आँखें फटी रह गईं। मैं स्तब्ध था। लेकिन अजीब सा रोमांच भी हो रहा था।
मम्मी ने किट टेबल पर रख दी और बोलीं, “अब ये बच्चा हम चारों का है। चाहे जिसका भी हो… हम सब मिलकर पालेंगे। अब से और भी गहरा राज…”
पापा ने मम्मी को गले लगाया। फिर प्रिया ने। फिर मैंने।
मम्मी: “अब सेलिब्रेट करते हैं… इस खबर को… सेक्स के साथ।”
सेलिब्रेशन सेक्स – पूरी रात
हम चारों तुरंत नंगे हो गए। मम्मी के पेट पर अभी कुछ नहीं दिख रहा था, लेकिन हम सब जानते थे कि अंदर हमारा बच्चा है।
पहला सीन – मम्मी को केंद्र में रखकर मम्मी बेड पर लेट गईं। पापा उनके ऊपर चढ़े और धीरे से लंड अंदर डाला।
पापा: “सुनीता… तू अब हमारी बच्चे की माँ बनने वाली है… आह… तेरी चूत में मेरा या राहुल का बच्चा…”
मैं मम्मी के मुंह में लंड डाल दिया। मम्मी दोनों लंड चूस रही थीं — एक पापा का, एक मेरा। प्रिया नीचे बैठकर मम्मी की चूत चाट रही थी।
मम्मी: (मुंह में लंड लेकर) “उम्म्म… दोनों… मेरे अंदर बच्चा… आह्ह्ह… प्रिया… मम्मी की चूत चाट…”
दूसरा सीन – प्रिया और मम्मी साथ प्रिया मम्मी के ऊपर 69 पोजीशन में आ गई। दोनों एक-दूसरे की चूत चाट रही थीं। पापा प्रिया को पीछे से चोद रहे थे, मैं मम्मी को।
प्रिया: (मम्मी की चूत चाटते हुए) “मम्मी… अब तू प्रेग्नेंट है… भाईया या पापा का बच्चा… आह्ह्ह… पापा… मुझे भी चोदो…”
मम्मी: “हाँ बेटी… मम्मी प्रेग्नेंट है… लेकिन अभी भी चुद सकती है… आह्ह्ह… राहुल… जोर से… बच्चे को महसूस करा…”
तीसरा सीन – डबल पेनिट्रेशन + प्रेग्नेंसी टॉक पापा और मैं दोनों मम्मी को एक साथ चोदने लगे। एक चूत में, दूसरा मुंह में। प्रिया मम्मी के स्तनों को चूस रही थी।
मम्मी: (दोनों लंड लेते हुए चीखते हुए) “आह्हhhhh… दोनों… मेरे अंदर… बच्चा है… रमेश… राहुल… तुम दोनों ने मुझे प्रेग्नेंट किया… आह्ह्ह… प्रिया… मम्मी के स्तन चूस… जल्दी दूध आएगा…”
पापा: “सुनीता… अब तू हमारी प्रेग्नेंट चूत है… आह… मैं तेरे पेट वाले बच्चे को चोद रहा हूँ…”
मैं: “मम्मी… शायद मेरा बच्चा है… आह… मैं अपनी मम्मी को प्रेग्नेंट करके चोद रहा हूँ…”
प्रिया: (उत्तेजित होकर) “मम्मी… भाईया… पापा… सब… मम्मी को प्रेग्नेंट कर दिया… अब मम्मी और भी हॉट लग रही है…”
हम सब झड़ चुके थे। मम्मी के अंदर पापा और मेरा दोनों का पानी था। प्रिया ने मम्मी के पेट पर हाथ रखा और किस किया।
मम्मी: (संतुष्ट होकर) “अब ये बच्चा हम चारों का राज है… जितने महीने भी लगें… हम सेक्स जारी रखेंगे…”
पापा: “हाँ… प्रेग्नेंट मम्मी को और भी जोश से चोदेंगे।”
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