भाई ने बहन की कुँवारी चूत फाड़कर पहली बार चोदा | bhai bahan incest sex

भाई ने बहन की कुँवारी चूत फाड़कर पहली बार चोदा

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रात के 11:30 बज चुके थे। पूरा घर सुनसान पड़ा हुआ था। मम्मी-पापा तीन दिन के लिए दादी के पास गांव गए हुए थे। बाहर हल्की-हल्की बारिश हो रही थी, जिसकी आवाज घर की खामोशी को और गहरा बना रही थी।

रोहन अपने कमरे में बेड पर लेटा हुआ था, लेकिन नींद उससे कोसों दूर थी। उसके मन में पिछले कई हफ्तों से एक अनजानी उथल-पुथल चल रही थी। बगल वाले कमरे में उसकी छोटी बहन अनन्या भी जाग रही थी।

अनन्या कॉलेज की फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। गोरी-चिट्टी रंग, लंबे काले घने बाल, पतली कमर, भरे-भरे स्तन और नाजुक चेहरे वाली लड़की। बचपन से दोनों भाई-बहन बहुत क्लोज थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनके बीच की दोस्ती में एक नया रंग घुलने लगा था। अनन्या अब रोहन को सिर्फ भाई की नजर से नहीं देखती थी।

अचानक बिजली चली गई। पूरा घर अंधेरे में डूब गया। सिर्फ बाहर की बारिश की आवाज और कभी-कभी बिजली की चमक ही रोशनी का सहारा थी। अनन्या डरी हुई आवाज में चिल्लाई, “भैया… रोहन भैया! बिजली चली गई… मुझे बहुत डर लग रहा है।”

रोहन तुरंत उठा। मोबाइल की टॉर्च जलाकर अनन्या के कमरे की तरफ गया। अनन्या अपने बेड पर घुटनों को छाती से सटाकर बैठी थी। वह हल्के गुलाबी रंग के शॉर्ट नाइट सूट में थी, जिसकी वजह से उसकी गोरी जांघें आधी दिख रही थीं। उसके बाल बिखरे हुए थे और चेहरा डर से थोड़ा लाल हो रहा था।

रोहन उसके पास बैठ गया और धीरे से उसके कंधे पर हाथ रखा, “अनन्या, डरो मत। मैं यहीं हूं ना। बारिश की वजह से शायद ट्रांसफॉर्मर ट्रिप हो गया होगा। थोड़ी देर में आ जाएगी।”

अनन्या ने रोहन का हाथ पकड़ लिया और बोली, “भैया, अकेले में बहुत डर लग रहा है। तुम यहां मेरे पास बैठो ना।”

दोनों एक ही बेड पर बैठ गए। टॉर्च की हल्की रोशनी में अनन्या का चेहरा और भी आकर्षक लग रहा था। पहले तो बातें सामान्य थीं – कॉलेज, दोस्त, फिल्में। फिर धीरे-धीरे बातें गहरी होने लगीं।

अनन्या ने शर्माते हुए कहा, “भैया… तुम्हें कभी कोई लड़की पसंद आई? मैं तो अभी तक किसी लड़के से डेट तक नहीं की। सब कहते हैं मैं बहुत सीधी-सादी हूं। लेकिन सच कहूं तो… मुझे कभी-कभी अजीब सा लगता है।”

रोहन का दिल जोरों से धड़क रहा था। उसने हिम्मत जुटाकर अनन्या के हाथ को थाम लिया और बोला, “अनन्या, मैं भी तुमसे कुछ छुपा रहा हूं। पिछले दो-तीन महीनों से जब भी तुम मेरे पास आती हो, मुझे तुम्हारी खुशबू, तुम्हारा स्पर्श… सब कुछ अलग लगता है। तुम सिर्फ मेरी बहन नहीं, मेरी सबसे खूबसूरत ख्वाहिश भी बन गई हो।”

अनन्या चौंककर रोहन की तरफ देखने लगी। उसकी सांसें तेज हो गईं। “भैया… ये क्या कह रहे हो? हम भाई-बहन हैं… समाज क्या कहेगा? लेकिन… मैं भी झूठ नहीं बोल सकती। जब तुम मुझे गले लगाते हो ना, तो मुझे अच्छा लगता है। बहुत अच्छा।”

बारिश तेज हो गई थी। अंधेरे में दोनों के चेहरे पास आ गए। रोहन ने धीरे से अनन्या के गाल पर हाथ फेरा। अनन्या सिहर उठी, लेकिन हटी नहीं। रोहन ने आगे बढ़कर उसके माथे को चूमा, फिर आंखें, फिर नाक। आखिरकार उसके होंठ अनन्या के होंठों पर आ गए।

पहला किस बहुत हल्का था। अनन्या ने आंखें बंद कर लीं। रोहन ने धीरे-धीरे उसके निचले होंठ को चूसा। अनन्या ने भी जवाब दिया। किस गहरा और गीला होता गया। दोनों की जीभें एक-दूसरे से खेलने लगीं। अनन्या की सांसें फूल रही थीं।

“भैया… रोहन… धीरे… मुझे डर लग रहा है,” अनन्या ने किस के बीच में फुसफुसाकर कहा।

रोहन ने उसके कान में गर्म सांस छोड़ते हुए कहा, “डरो मत मेरी जान। मैं तुम्हें कभी दुख नहीं पहुंचाऊंगा। आज रात हम दोनों अकेले हैं। मैं तुम्हें पूरी तरह अपनी बनाना चाहता हूं। तुम भी चाहती हो ना?”

अनन्या ने शर्म से सिर झुकाकर हल्का सा ‘हां’ कहा। रोहन ने उसे जोर से गले लगा लिया। अनन्या का नरम, गर्म बदन रोहन से पूरी तरह सट गया। उसके भरे हुए स्तन रोहन की छाती पर दब रहे थे। रोहन का लंड पहले ही पूरी तरह खड़ा हो चुका था और अनन्या की जांघ से टकरा रहा था।

अनन्या ने महसूस किया और शर्म से कांप गई, “भैया… वो… बहुत सख्त है…”

रोहन मुस्कुराया और बोला, “ये तुम्हारे लिए ही खड़ा है अनन्या।”

दोनों एक-दूसरे को चूमते-चाटते रहे। रोहन ने अनन्या की गर्दन चूमनी शुरू की। अनन्या की कराह सुनाई देने लगी – “उम्म्म… भैया… ahhh…”

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भाई ने बहन की कुँवारी चूत फाड़कर पहली बार चोदा – भाग 2 (नाइट सूट उतारकर फोरप्ले)

बारिश अब और तेज हो चुकी थी। कमरे में सिर्फ मोबाइल की टॉर्च की हल्की-सी रोशनी और बाहर बिजली चमकने की आवाज थी। रोहन और अनन्या एक-दूसरे से चिपके हुए थे। अनन्या की सांसें तेज चल रही थीं और उसके गाल शर्म व उत्तेजना से लाल हो रहे थे।

रोहन ने धीरे से अनन्या को बेड पर लिटा दिया। वह उसके ऊपर झुका हुआ था। उसने अनन्या की आंखों में गहरी नजर डाली और फुसफुसाया, “अनन्या… तुम बहुत खूबसूरत हो। आज मैं तुम्हें पूरी तरह महसूस करना चाहता हूं।”

अनन्या ने शर्म से आंखें बंद कर लीं और सिर्फ हल्का सा सिर हिला दिया। रोहन ने अनन्या के नाइट सूट की जिप को बहुत धीरे-धीरे नीचे खोलना शुरू किया। जिप खुलने की हल्की आवाज के साथ अनन्या का गोरा बदन धीरे-धीरे नजर आने लगा। सूट पूरी तरह खुल गया। अंदर हल्के गुलाबी रंग की लेस वाली ब्रा थी, जिसमें उसके भरे-भरे, गोल स्तन दबे हुए थे।

रोहन ने सूट को दोनों कंधों से उतारा। अनन्या ने थोड़ा सहारा देकर अपना बदन उठाया ताकि सूट पूरी तरह निकल सके। अब अनन्या सिर्फ ब्रा और मैचिंग पैंटी में थी। उसकी गोरी जांघें, सपाट पेट और नाभि रोहन की नजरों के सामने थी।

“भैया… बहुत शर्म आ रही है…” अनन्या ने दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक लिया।

रोहन ने उसके हाथ हटाए और बोला, “शर्म मत करो जान। तुम्हारा बदन स्वर्ग से कम नहीं है।” उसने अनन्या की ब्रा के हुक पीछे की तरफ खोले। ब्रा के स्ट्रैप्स को धीरे-धीरे कंधों से उतारा। जैसे ही ब्रा हटी, अनन्या के दोनों गोल, भरे स्तन उछलकर बाहर आ गए। गुलाबी रंग के निप्पल पहले से ही सख्त हो चुके थे।

रोहन ने एक स्तन को हाथ में लिया, उसे हल्का दबाया। अनन्या के मुंह से निकला, “आह्ह्ह… भैया…” रोहन ने दूसरे स्तन को मुंह में ले लिया। वह जोर-जोर से चूसने लगा, जीभ से निप्पल को घुमाता, हल्का-हल्का काटता। अनन्या की कमर उठने लगी। वह कराह रही थी – “उम्म्म… रोहन… धीरे… ahhh… अच्छा लग रहा है…”

रोहन दोनों स्तनों को बारी-बारी चूसता रहा। अनन्या के हाथ रोहन के बालों में फंस गए थे। उसकी आंखें आधी बंद थीं और चेहरा उत्तेजना से लाल हो रहा था।

फिर रोहन नीचे की तरफ सरका। उसने अनन्या की पैंटी के किनारे पर उंगलियां फेरी। पैंटी पहले से ही थोड़ी गीली हो चुकी थी। रोहन ने धीरे-धीरे पैंटी को जांघों तक उतारा। अनन्या ने शर्म से पैर बंद करने की कोशिश की, लेकिन रोहन ने प्यार से पैर अलग किए।

अब अनन्या पूरी तरह नंगी लेटी थी। उसकी कुंवारी चूत गुलाबी और बिना बाल वाली (शेव की हुई) दिख रही थी। हल्की-सी नमी उसकी चूत की लाइन पर चमक रही थी।

रोहन ने अपनी उंगलियों से अनन्या की जांघों को सहलाया, फिर धीरे से चूत के ऊपरी हिस्से (क्लिटोरिस) पर उंगली फेरी। अनन्या जोर से कांपी और चीख पड़ी, “आआह्ह्ह… भैया… वहां… बहुत संवेदनशील है…”

रोहन ने उंगली को धीरे-धीरे चूत की लाइन पर ऊपर-नीचे घुमाना शुरू किया। अनन्या की चूत से अब ज्यादा रस निकलने लगा। रोहन ने एक उंगली धीरे से अंदर डालने की कोशिश की। अनन्या ने दर्द भरी आवाज में कहा, “दर्द हो रहा है भैया… लेकिन रुकना मत…”

रोहन ने उंगली अंदर-बाहर करना शुरू किया। धीरे-धीरे अनन्या की चूत ढीली पड़ने लगी और वह कराहने लगी, “हां… और करो… ahhh… रोहन… मुझे अच्छा लग रहा है…”

रोहन की दूसरी उंगली भी अंदर गई। वह उंगलियों से अनन्या की चूत को अच्छे से तैयार कर रहा था। अनन्या की कमर बार-बार ऊपर उठ रही थी। उसके चेहरे पर पसीना आ गया था। आंखें बंद, होंठ कटे हुए, और मुंह से लगातार कराह निकल रही थी।

“भैया… मुझे कुछ हो रहा है… ahhh… मैं… मैं…” अनन्या पहली बार झड़ गई। उसका पूरा बदन सख्त हो गया और चूत से रस बहने लगा।

रोहन ने मुस्कुराते हुए अनन्या को चूम लिया और बोला, “अब तुम पूरी तरह तैयार हो मेरी जान।”

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हन अपनी पैंट उतारकर अपना मोटा लंड अनन्या के मुंह के पास ले जाता है और उसे चूसने को कहता है

अनन्या अभी भी अपने झड़ने के बाद हांफ रही थी। उसका गोरा बदन पसीने से चमक रहा था। आंखें आधी बंद, होंठ सूजे हुए और चूत से रस टपक रहा था। रोहन ने उसे प्यार से चूमा और बोला, “अब मेरी बारी है अनन्या।”

रोहन बेड पर खड़ा हो गया। अनन्या की नजरें उसकी तरफ उठीं। रोहन ने अपनी टी-शर्ट उतारी। उसका मजबूत सीना, पेट की लकीरें और हल्के बाल अनन्या को देखते ही और उत्तेजित कर रहे थे। फिर रोहन ने अपनी पैंट की जिप खोली और धीरे-धीरे पैंट उतार दी। अब सिर्फ काली बॉक्सर बाकी थी, जिसमें उसका मोटा, खड़ा लंड तंबू बना रहा था।

अनन्या शर्म से आंखें फेर रही थी, लेकिन उसकी नजर बार-बार वहां जा रही थी। रोहन ने बॉक्सर भी उतार दी। उसका मोटा, 7 इंच लंबा और मोटा लंड छटाक से बाहर आ गया। सिर लाल और चमकदार, नसें उभरी हुईं।

रोहन अनन्या के पास लेट गया और बोला, “अनन्या, इसे हाथ में लो। डरो मत।”

अनन्या ने कांपते हाथ से रोहन का लंड पकड़ा। उसकी उंगलियां पूरी तरह घेर नहीं पा रही थीं। “भैया… ये तो बहुत मोटा और गर्म है…” उसने धीरे-धीरे सहलाना शुरू किया। रोहन को मजा आ रहा था।

रोहन ने कहा, “अब मुंह में लो जान। चूसो इसे।”

अनन्या शर्म से लाल हो गई, लेकिन उत्सुकता भी थी। उसने झुककर रोहन के लंड के सिर को होंठों से छुआ। पहले हल्का-हल्का चूमा, फिर जीभ निकालकर चाटा। रोहन के मुंह से निकला, “अह्ह्ह… हां अनन्या… और अंदर लो…”

अनन्या ने धीरे-धीरे लंड मुंह में लिया। वह पूरा नहीं ले पा रही थी, लेकिन आधा हिस्सा मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके गाल अंदर-बाहर हो रहे थे। रोहन ने उसके सिर को हल्का दबाकर मदद की। अनन्या की आंखों में पानी आ गया, लेकिन वह रुकी नहीं।

रोहन ने अनन्या को पलटकर 69 पोजीशन में कर लिया। अनन्या के मुंह में लंड था और रोहन की नाक अब अनन्या की गीली चूत के ठीक सामने थी।

रोहन ने जीभ निकालकर अनन्या की कुंवारी चूत चाटनी शुरू की। पहले ऊपर वाले क्लिट पर, फिर पूरी लाइन पर। अनन्या के मुंह से लंड निकल गया और वह जोर से चीखी, “आआआह्ह्ह… भैया… क्या कर रहे हो… ahhh… बहुत अच्छा लग रहा है… मत रुको…”

रोहन ने पूरी जीभ से चूत चाटी। कभी अंदर डालने की कोशिश की, कभी चूस लिया। अनन्या की चूत से लगातार रस निकल रहा था, जो रोहन के मुंह पर फैल रहा था। अनन्या भी रोहन के लंड को फिर से मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी। दोनों की कराहें कमरे में गूंज रही थीं।

“उम्म्म… अनन्या… तुम बहुत अच्छा चूस रही हो…” रोहन ने कहा और दो उंगलियां अनन्या की चूत में डाल दीं। उंगलियां तेजी से अंदर-बाहर करने लगा और साथ-साथ चूत चाटता रहा।

अनन्या का बदन फिर से सख्त हो गया। वह रोहन के लंड को मुंह से निकालकर चीखी, “भैया… फिर हो रहा है… मैं फिर झड़ने वाली हूं… आह्ह्ह्ह!”

अनन्या का दूसरा ऑर्गेज्म आ गया। उसकी चूत सिकुड़ी और रोहन के मुंह पर रस गिरा। रोहन ने सब चाट लिया।

अनन्या हांफते हुए बोली, “भैया… अब मुझे बहुत जरूरत है… मुझे अपनी बनाओ… पर धीरे से…”

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रोहन अनन्या को कुत्ते की स्टाइल (डॉगी) में करवाकर पीछे से चूत में लंड डालता है।

अनन्या अभी भी 69 पोजीशन के बाद हांफ रही थी। उसका चेहरा पसीने से तर था, आंखें नशे में डूबी हुई थीं। रोहन ने उसे प्यार से चूमकर कहा, “अनन्या, अब असली मजा शुरू होता है। घुटनों के बल हो जाओ।”

अनन्या शर्म से लाल हो गई, लेकिन उसने послушी से घुटनों पर आकर डॉगी स्टाइल में खुद को रख लिया। उसकी गोरी, गोल गान्ड ऊपर उठी हुई थी। दोनों जांघें थोड़ी फैली हुईं। बीच में उसकी कुंवारी चूत पूरी तरह गीली और फूली हुई दिख रही थी।

रोहन उसके पीछे घुटनों पर बैठ गया। उसने अनन्या की कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया। अपना मोटा, लाल लंड हाथ में लेकर उसकी चूत की लाइन पर रगड़ने लगा। लंड का सिर चूत के छेद पर बार-बार टकरा रहा था।

अनन्या कांपती हुई बोली, “भैया… डर लग रहा है… वो बहुत मोटा है… धीरे करना प्लीज…”

रोहन ने उसकी पीठ सहलाते हुए कहा, “डरो मत मेरी जान। पहले थोड़ा दर्द होगा, फिर बहुत मजा आएगा। मैं बहुत प्यार से करूंगा।”

उसने लंड का सिर चूत के छेद पर रखा और धीरे-धीरे आगे दबाव डाला। अनन्या की कुंवारी चूत बहुत टाइट थी। लंड का सिर आधा अंदर घुसा तो अनन्या जोर से चीखी, “आआह्ह्ह्ह… भैया… दर्द हो रहा है… ahhh… बहुत बड़ा है…”

रोहन रुक गया। उसने अनन्या की कमर को प्यार से सहलाया और धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। अचानक एक जोरदार धक्का दिया। “फट्” की आवाज के साथ रोहन का मोटा लंड अनन्या की कुंवारी चूत को फाड़ता हुआ आधा अंदर चला गया।

अनन्या ने तकिए को मुंह में दबाकर जोर से चिल्लाई, “मम्मी… भैया… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो… ahhhhh!” उसके आंसू निकल आए। चूत के किनारे से हल्का खून भी निकला।

रोहन रुक गया। उसने झुककर अनन्या की पीठ और गर्दन को चूमना शुरू किया। “बस थोड़ी देर… अब दर्द कम हो जाएगा… तुम बहुत टाइट हो मेरी जान…”

कुछ सेकंड बाद रोहन ने धीरे-धीरे लंड को आगे-पीछे करना शुरू किया। हर धक्के के साथ लंड थोड़ा-थोड़ा और अंदर जा रहा था। अनन्या की चीखें धीरे-धीरे कराह में बदलने लगीं।

“उम्म्म… ahhh… भैया… अब थोड़ा अच्छा लग रहा है… धीरे… हां… और अंदर…”

रोहन की गति बढ़ी। अब वह पूरा लंड अंदर-बाहर कर रहा था। उसके अंडकोश अनन्या की जांघों से टकरा रहे थे। चुट-चुट-चुट की आवाज कमरे में भर गई थी। अनन्या की गान्ड हर धक्के पर हिल रही थी।

रोहन ने अनन्या के बाल पकड़कर हल्का खींचा और जोर-जोर से चोदने लगा। “कैसा लग रहा है अनन्या? बोलो… भाई का लंड कैसा लग रहा है तुम्हारी चूत में?”

अनन्या कराहते हुए बोली, “बहुत अच्छा लग रहा है भैया… अब दर्द नहीं… बस तेज करो… ahhh… मैं तुम्हारी हो गई… चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत…”

रोहन ने तेज धक्के मारने शुरू किए। अनन्या की चूत अब पूरी तरह खुल चुकी थी। रोहन का लंड बार-बार गहराई तक जा रहा था। दोनों के पसीने एक हो रहे थे। अनन्या की चूत से सफेद रस निकलकर रोहन के लंड पर चमक रहा था।

अनन्या फिर से झड़ने वाली थी। उसका पूरा बदन सख्त हो गया। “भैया… मैं आ गई… ahhhhhh!” वह जोर से झड़ गई। चूत सिकुड़-सिकुड़कर रोहन के लंड को दबा रही थी।

रोहन भी रुकने वाला नहीं था। उसने और तेज चोदा। आखिरकार वह भी चीखा, “अनन्या… मैं भर रहा हूं…” और अनन्या की चूत के अंदर गर्म वीर्य छोड़ दिया।

दोनों थककर बेड पर लेट गए। रोहन ने अनन्या को गले लगा लिया। अनन्या उसकी छाती पर सिर रखकर बोली, “भैया… ये सबसे खूबसूरत रात थी… मैं अब हमेशा तुम्हारी हूं।”

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