रात को अकेले में भाई ने बहन की गांड में लंड ठोक दिया | bhai behen chudai story

रात को अकेले में भाई ने बहन की गांड में लंड ठोक दिया

bhai behen chudai story

रात के 1 बजे थे। घर में सन्नाटा था। मम्मी-पापा बाहर शहर गए हुए थे और कल सुबह लौटने वाले थे। रोहन (25 साल) अपने कमरे में लेटा हुआ था, लेकिन नींद नहीं आ रही थी।

बगल वाले कमरे में उसकी छोटी बहन नेहा (20 साल) भी जाग रही थी। नेहा कॉलेज की दूसरी साल की छात्रा थी – गोरी, नाजुक काया, भरे हुए स्तन, गोल गान्ड और लंबे बाल। दोनों भाई-बहन बचपन से ही बहुत क्लोज थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनके बीच की नजदीकी में एक गर्माहट घुल गई थी।

अचानक रोहन को प्यास लगी। वह पानी पीने उठा और नेहा के कमरे से हल्की रोशनी और कराह की आवाज सुनाई दी। उसने धीरे से दरवाजा खोला। नेहा बेड पर लेटी हुई थी, एक हाथ अपनी जांघों के बीच में था और आंखें बंद करके हल्की-हल्की कराह रही थी।

रोहन का दिल जोर से धड़कने लगा। वह चुपके से अंदर आ गया। नेहा ने आंखें खोलकर चौंककर कहा, “भैया… तुम? मैं… मैं सो नहीं पा रही थी।”

रोहन मुस्कुराया और बेड के पास बैठ गया, “मुझे भी नींद नहीं आ रही थी। तुम क्या कर रही थीं नेहा? सच बताओ।”

नेहा शर्म से लाल हो गई। उसने सिर झुका लिया और धीरे से बोली, “भैया… मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था… नीचे… मैं बस छू रही थी। आप मत पूछो ना।”

रोहन ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला, “नेहा, हम दोनों अकेले हैं। आज रात कुछ भी छुपाने की जरूरत नहीं। मुझे भी तुम्हें देखकर बहुत दिनों से मन अजीब हो रहा है। तुम्हारी ये गोल गान्ड… तुम्हारा बदन… मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं।”

नेहा ने आंखें बड़ी करके देखा, “भैया… ये गलत है ना? हम भाई-बहन हैं… लेकिन… मुझे भी जब आप मुझे गले लगाते हो तो गर्मी सी हो जाती है।”

रोहन ने धीरे से नेहा को गले लगाया। दोनों की सांसें तेज हो गईं। रोहन ने नेहा के होंठों पर किस किया। नेहा पहले झिझकी, फिर जवाब देने लगी। किस गहरा होता गया। रोहन ने नेहा की गर्दन चूमनी शुरू की।

“भैया… धीरे… मुझे डर लग रहा है,” नेहा फुसफुसाई।

रोहन ने उसके कान में कहा, “डरो मत। आज रात मैं तुम्हें पूरी तरह अपनी बना लूंगा। तुम्हारी चूत के बाद… तुम्हारी गांड भी मेरी होगी।”

नेहा शर्म और उत्तेजना से कांप गई, लेकिन रुकी नहीं। रोहन ने उसे बेड पर लिटाया और धीरे-धीरे उसके नाइट सूट की जिप खोलनी शुरू की।

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रोहन नेहा के कपड़े पूरी तरह उतारकर उसके स्तनों को चूसता है और उंगलियों से उसकी गांड को तैयार करता है।

नेहा बेड पर लेटी हुई थी। उसकी सांसें तेज चल रही थीं और आंखों में शर्म व उत्तेजना का मिश्रण था। रोहन ने धीरे-धीरे नेहा के नाइट सूट की जिप को नीचे खोला। सूट के दोनों कंधों से उतारते हुए नेहा का गोरा, नाजुक बदन सामने आ गया। अंदर हल्के नीले रंग की लेस वाली ब्रा थी, जिसमें उसके भरे-भरे, गोल-गोल स्तन दबे हुए थे। ब्रा के ऊपर से ही निप्पल की उभान साफ दिख रही थी।

रोहन ने ब्रा के हुक पीछे से खोले। ब्रा को दोनों तरफ से खींचकर उतारा। नेहा के दोनों स्तन उछलकर बाहर आ गए। गुलाबी-गुलाबी निप्पल पहले से ही सख्त हो चुके थे। रोहन ने दोनों स्तनों को हाथों में भर लिया और जोर-जोर से मसलने लगा।

“आह्ह्ह… भैया… धीरे…” नेहा ने कराहते हुए कहा। उसकी आंखें बंद हो गईं और होंठ कट गए।

रोहन ने एक स्तन को मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगा, जीभ से निप्पल घुमाता, हल्का-हल्का काटता। नेहा की कमर उठने लगी। “उम्म्म… रोहन भैया… बहुत अच्छा लग रहा है… ahhh… और चूसो…”

रोहन ने दूसरे स्तन को भी वैसा ही किया। नेहा के स्तन अब लाल हो गए थे और उन पर रोहन के दांतों के निशान पड़ गए थे।

फिर रोहन नीचे सरका। उसने नेहा की पैंटी के किनारे पर उंगलियां फेरी। पैंटी पहले से ही चूत के रस से भीगी हुई थी। रोहन ने धीरे-धीरे पैंटी को जांघों तक उतारा, फिर पूरी तरह निकालकर फेंक दिया। अब नेहा पूरी तरह नंगी लेटी थी। उसकी चूत गुलाबी और साफ थी, ऊपर थोड़े बाल थे। लेकिन रोहन की नजर उसकी गोल, मोटी गांड पर थी।

रोहन ने नेहा को पेट के बल लिटा दिया। नेहा की गोल-गोल, सफेद गांड ऊपर उठी हुई थी। रोहन ने दोनों हाथों से गांड के फूलों को फैलाया। बीच में छोटा-सा गुलाबी गांड का छेद दिख रहा था।

“भैया… वहां मत देखो… बहुत शर्म आ रही है,” नेहा ने तकिए में मुंह छुपाते हुए कहा।

रोहन बोला, “नेहा, तुम्हारी गांड बहुत सुंदर है। आज मैं इसे भी अपनी बनाऊंगा।” उसने अपनी उंगली पर थूक लगाया और गांड के छेद पर हल्का-हल्का घुमाने लगा। नेहा सिहर उठी।

“आह्ह्ह… भैया… अजीब लग रहा है…”

रोहन ने धीरे से उंगली अंदर डालने की कोशिश की। नेहा की गांड बहुत टाइट थी। आधी उंगली अंदर गई तो नेहा जोर से कराही, “दर्द हो रहा है भैया… धीरे…”

रोहन ने दूसरी हाथ से नेहा की चूत को सहलाना शुरू किया। उंगलियों से क्लिटोरिस पर दबाव डाला। नेहा की कराह अब मजा वाली हो गई। रोहन ने गांड में उंगली पूरी तरह अंदर डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा। फिर दूसरी उंगली भी डाल दी।

नेहा अब जोर-जोर से कराह रही थी, “हां भैया… और करो… ahhh… मेरी गांड में उंगली अच्छा लग रही है… तेज करो…”

रोहन ने नेहा की गांड को अच्छे से तैयार कर लिया। गांड का छेद अब थोड़ा ढीला हो गया था और अंदर-बाहर आसानी से हो रहा था। नेहा की चूत से लगातार रस बह रहा था।

रोहन ने अपनी पैंट उतारी। उसका मोटा, 7.5 इंच लंबा और बहुत मोटा लंड पहले से ही पूरा खड़ा था। उसने लंड पर थूक लगाया और नेहा की गांड के छेद पर रख दिया।

नेहा ने घबराकर कहा, “भैया… वो बहुत बड़ा है… मेरी गांड फट जाएगी… धीरे करना प्लीज…”

रोहन ने नेहा की कमर पकड़ ली और बोला, “आराम से ले लूंगी तुम… बस थोड़ा दर्द सहना पड़ेगा।”

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रोहन धीरे-धीरे अपना पूरा लंड नेहा की गांड में ठोक देता है और धीमी गति से गांड चोदना शुरू करता है।

नेहा पेट के बल लेटी हुई थी। उसकी गोल-मोटी सफेद गांड ऊपर उठी हुई थी। रोहन उसके पीछे घुटनों पर बैठा था। उसका मोटा, नसों वाला लंड नेहा की गांड के छेद पर टिका हुआ था। नेहा की सांसें तेज हो रही थीं और पूरा बदन हल्का-हल्का कांप रहा था।

रोहन ने नेहा की कमर को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ लिया। लंड के सिर पर थूक लगाकर धीरे-धीरे दबाव डालना शुरू किया।

“भैया… धीरे… बहुत डर लग रहा है…” नेहा ने तकिए को कसकर पकड़ते हुए कहा।

रोहन ने आहिस्ते से लंड का सिर नेहा की कसी हुई गांड में धकेला। गांड का छेद थोड़ा फैला और लंड का टॉप अंदर चला गया। नेहा जोर से चीखी, “आआआह्ह्ह्ह… भैया… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो… मेरी गांड फट रही है!”

रोहन रुक गया। उसने नेहा की पीठ पर प्यार से हाथ फेरा और बोला, “बस थोड़ा सह लो नेहा… तुम्हारी गांड बहुत टाइट है… धीरे-धीरे पूरा अंदर कर लूंगा।”

कुछ सेकंड रुकने के बाद रोहन ने फिर दबाव बढ़ाया। लंड का आधा हिस्सा नेहा की गांड में घुस गया। नेहा की आंखों से आंसू बहने लगे। उसका बदन तन गया था और वह लगातार कराह रही थी, “उफ्फ… भैया… बहुत मोटा है… दर्द कर रहा है… ahhhh…”

रोहन ने एक जोरदार धक्का दिया। “पचक्” की आवाज के साथ उसका पूरा मोटा लंड नेहा की कुँवारी गांड में पूरी तरह समा गया। नेहा ने मुंह से तकिया दबाकर जोर से चिल्लाई। उसकी गांड पूरी तरह फट चुकी थी। रोहन का लंड गांड के अंदर तक गहराई में चला गया था।

रोहन ने नेहा को थोड़ी देर ऐसे ही चिपके रहने दिया ताकि वह आदत डाल सके। उसने नेहा की गान्ड के दोनों फूलों को सहलाया, चूम लिया। धीरे-धीरे नेहा की कराह दर्द वाली से मजा वाली होने लगी।

रोहन ने बहुत धीमी गति से लंड को थोड़ा बाहर निकाला और फिर अंदर डाला। नेहा अब कराह रही थी, “भैया… धीरे… हां… ऐसा ही… ahhh… अजीब सा लग रहा है… लेकिन दर्द कम हो गया है…”

रोहन की गति धीरे-धीरे बढ़ने लगी। अब वह पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से पूरी ताकत से अंदर ठोक रहा था। हर धक्के पर नेहा की गोल गांड हिल रही थी। चुट-चुट-चुट… की आवाज कमरे में भर गई थी।

“कैसी लग रही है मेरी गांड चुदाई नेहा?” रोहन ने पूछा।

नेहा कराहते हुए बोली, “भैया… अब बहुत अच्छा लग रहा है… मेरी गांड आपकी हो गई… जोर से चोदो… ahhh… और तेज… हां… फाड़ दो मेरी गांड…”

रोहन ने नेहा की कमर को और मजबूती से पकड़ा और तेज धक्के मारने लगा। उसका मोटा लंड नेहा की गांड में बार-बार पूरी तरह घुस रहा था। नेहा की गांड अब पूरी तरह खुल चुकी थी। रोहन का लंड गांड के अंदर की दीवारों को रगड़ रहा था।

नेहा की चूत से भी रस टपक रहा था। रोहन ने एक हाथ आगे बढ़ाकर नेहा की चूत में दो उंगलियां डाल दीं और दोनों जगहों पर एक साथ काम करने लगा।

नेहा पागल हो गई, “आह्ह्ह… भैया… मैं झड़ने वाली हूं… गांड में चोदते हुए… ahhhhh!” नेहा का पूरा बदन सख्त हो गया और वह जोर से झड़ गई। उसकी गांड रोहन के लंड को जोर-जोर से दबाने लगी।

रोहन भी रुक नहीं सका। उसने आखिरी कुछ तेज धक्के मारे और चीखते हुए बोला, “नेहा… मैं भर रहा हूं तुम्हारी गांड में…” और गर्म-गर्म वीर्य नेहा की गांड के अंदर छोड़ दिया।

दोनों थककर बेड पर लेट गए। रोहन ने नेहा को अपनी बाहों में भर लिया। नेहा उसकी छाती पर सिर रखकर बोली, “भैया… दर्द के बाद बहुत मजा आया… मैं अब आपकी पूरी तरह हूं… गांड भी, चूत भी।”

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दर्द के बाद प्यार और मसाज

नेहा बेड पर पेट के बल लेटी हुई थी। उसकी गांड अभी भी लाल और सूजी हुई थी। रोहन का वीर्य उसकी गांड से थोड़ा-थोड़ा बाहर निकल रहा था। नेहा की आंखों में आंसू थे और वह हल्की-हल्की सिसक रही थी।

रोहन ने तुरंत नेहा को अपनी बाहों में लिया और प्यार से चूमते हुए बोला, “मेरी जान… बहुत दर्द हुआ ना? सॉरी नेहा… मैंने थोड़ा तेज कर दिया था। अब रुक जाता हूं।”

नेहा ने रोहन की छाती में मुंह छुपाते हुए कहा, “भैया… बहुत जलन और दर्द हो रहा है गांड में… लेकिन मैंने आपको रोका नहीं… मुझे भी मजा आया था।”

रोहन ने नेहा को पेट के बल लिटा दिया। उसने ऑयल की बोतल (जो कमरे में रखी थी) निकाली और अपने हाथों पर भरपूर ऑयल लगाया। फिर नेहा की पीठ पर धीरे-धीरे मसाज शुरू कर दी।

“उम्म्म…” नेहा ने राहत की सांस ली।

रोहन ने पहले नेहा की कमर, फिर दोनों कंधों और गर्दन की मसाज की। उसके हाथ बहुत प्यार से चल रहे थे। फिर वह नीचे आया। नेहा की दोनों गोल गांडों को हल्के हाथों से सहलाया और ऑयल लगाकर धीरे-धीरे मसलने लगा।

“दर्द हो रहा है ना यहां?” रोहन ने पूछा।

नेहा ने सिर हिलाया, “हां भैया… लेकिन आपके हाथ लगते ही अच्छा लग रहा है।”

रोहन ने गांड के दोनों फूलों को अलग-अलग करके बीच वाले छेद पर भी हल्का-हल्का ऑयल लगाया और उंगली से बहुत धीरे से मसाज की। नेहा अब कराह रही थी, लेकिन यह दर्द वाली नहीं, राहत वाली कराह थी।

“भैया… आप बहुत प्यार करते हो ना मुझसे?” नेहा ने आंखें बंद करके पूछा।

रोहन ने झुककर नेहा की गांड के ऊपर किस किया और बोला, “बहुत प्यार करता हूं नेहा। तुम मेरी जान हो। चाहे चूत हो या गांड, मैं हमेशा तुम्हारा ख्याल रखूंगा। दर्द हो तो तुरंत बताना। मैं तुम्हें कभी जबरदस्ती नहीं करूंगा।”

रोहन ने नेहा को पलटकर अपनी गोद में लिया। उसने नेहा के स्तनों पर भी हल्का ऑयल लगाकर मसाज की। स्तनों को प्यार से दबाते, चूमते और चूसते हुए कहा, “तुम्हारा हर अंग मेरा है, लेकिन तुम्हारी खुशी सबसे पहले है।”

नेहा की आंखों में अब आंसू खुशी के थे। उसने रोहन को जोर से गले लगा लिया और बोली, “भैया… मैं बहुत खुश हूं। दर्द अब कम हो गया है। आपने मुझे इतना प्यार दिया… मैं आपकी हूं… हमेशा।”

रोहन ने नेहा को देर तक चूमता रहा। दोनों एक-दूसरे से लिपटकर लेटे रहे। नेहा की गांड अब थोड़ी ठंडी और आराम वाली महसूस हो रही थी।

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आराम करने के बाद नेहा खुद रोहन के लंड को मुंह में लेकर चूसती है

दोनों एक-दूसरे से लिपटकर करीब 15-20 मिनट तक आराम करते रहे। रोहन नेहा के बालों में हाथ फेरता रहा और बार-बार उसके माथे, गाल और होंठों पर किस करता रहा। नेहा का दर्द अब काफी हद तक कम हो चुका था। वह रोहन की छाती पर सिर रखे हुए थी।

थोड़ी देर बाद नेहा ने शर्माते हुए ऊपर देखा और धीरे से बोली, “भैया… अब दर्द कम हो गया है। मैं… मैं कुछ करना चाहती हूं।”

रोहन ने मुस्कुराते हुए पूछा, “क्या करना चाहती हो मेरी जान?”

नेहा ने कुछ नहीं कहा। बस शर्म से लाल होते हुए नीचे सरक गई। रोहन अब पीठ के बल लेट गया था। नेहा उसके पैरों के बीच बैठ गई। रोहन का लंड अभी भी आधा खड़ा था, गांड और वीर्य की गंध से सना हुआ था।

नेहा ने पहली बार झिझकते हुए रोहन के लंड को हाथ में लिया। उसकी छोटी-छोटी उंगलियां लंड को घेर नहीं पा रही थीं। “भैया… ये अभी भी बहुत मोटा है…”

उसने धीरे से लंड को सहलाना शुरू किया। फिर झुककर लंड के सिर को होंठों से चूमा। नेहा की गर्म सांस लंड पर पड़ रही थी। उसने जीभ निकालकर लंड के सिर को चाटा। रोहन के मुंह से आह निकल गई, “अह्ह्ह… नेहा… बहुत अच्छा लग रहा है…”

नेहा हौसला बढ़ाकर लंड का सिर मुंह में ले लिया। वह धीरे-धीरे चूसने लगी। उसके गाल अंदर-बाहर हो रहे थे। रोहन का लंड पूरी तरह खड़ा हो गया और नेहा के मुंह में और भी मोटा लगने लगा।

“उम्म्म… slurp… slurp…” नेहा जोर-जोर से चूस रही थी। वह आधा लंड मुंह में लेकर आगे-पीछे कर रही थी। कभी-कभी लंड को मुंह से निकालकर पूरी लंबाई चाटती, अंडकोश को चूमती।

रोहन ने नेहा के बालों को प्यार से सहलाते हुए कहा, “नेहा… तुम बहुत अच्छा चूस रही हो… हां… और गहरा लो… ahhh…”

नेहा ने हिम्मत करके लंड को गले तक ले जाने की कोशिश की। लंड गले में गया तो उसकी आंखों में पानी आ गया, लेकिन वह रुकी नहीं। वह जोर-जोर से मुंह चला रही थी। लंड पर उसका थूक चमक रहा था।

“भैया… कैसा लग रहा है?” नेहा ने लंड मुंह से निकालकर पूछा, फिर तुरंत फिर से मुंह में ले लिया।

रोहन ने कराहते हुए कहा, “बहुत स्वर्ग जैसा लग रहा है नेहा… तुम मेरी परफेक्ट बहन हो… चूसो और तेज… हां… जैसे वैसी…”

नेहा अब पूरी लगन से लंड चूस रही थी। वह एक हाथ से लंड के नीचे वाले हिस्से को सहला रही थी और मुंह से ऊपरी हिस्से को चूस रही थी। रोहन की सांसें तेज हो गईं। उसका लंड नेहा के मुंह में और भी सख्त हो गया।

नेहा की आंखें ऊपर की तरफ देख रही थीं, जैसे रोहन की प्रतिक्रिया देखना चाह रही हो। रोहन ने नेहा का सिर हल्का पकड़कर लंड को थोड़ा गहरा मुंह में ठेला। नेहा गैग हुई लेकिन चूसती रही।

करीब 10 मिनट तक नेहा इस तरह रोहन का लंड चूसती रही। रोहन को बहुत मजा आ रहा था। उसने नेहा को ऊपर खींचा और जोर से किस किया।

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