दारू पी कर बेटी को चोदने लगा | baap beti ki chudai story

नशे में बेटी की चुदाई baap beti ki chudai story

मैं राजेश हूं, 41 साल का। मेरी बेटी प्रिया 19 साल की है। वो कॉलेज में पढ़ती है और घर पर ही रहती है। पत्नी (प्रिया की माँ) पिछले साल गुजर गईं, इसलिए घर में सिर्फ हम दोनों रहते हैं।

पिछले कुछ महीनों से मैं अकेलापन महसूस कर रहा था। आज ऑफिस से घर आते समय मैंने काफी शराब पी ली थी। सिर घूम रहा था और मन में कुछ अजीब सी उत्तेजना थी।

रात के करीब 11 बजे जब मैं घर पहुँचा तो प्रिया लिविंग रूम में सोफे पर बैठी हुई थी। वो अपने लैपटॉप पर कुछ काम कर रही थी। उसने हल्का सा टॉप और शॉर्ट्स पहना हुआ था।

जैसे ही मैं अंदर आया, प्रिया ने मुझे देखा।

“पापा, इतनी देर से आ रहे हो? और… शराब पीकर आए हो?” उसने नाक सिकोड़ते हुए कहा।

मैं मुस्कुराया और सोफे पर उनके पास बैठ गया। “हाँ बेटा… आज मन था। थोड़ा पिया है।”

प्रिया ने लैपटॉप बंद कर दिया और मेरी तरफ मुड़ी। “पापा, आप ज्यादा मत पिया करो। सेहत के लिए अच्छा नहीं है।”

मैंने उनकी तरफ देखा। आज वो बहुत अच्छी लग रही थी। उसके टॉप से उसकी क्लीवेज थोड़ी सी दिख रही थी। शॉर्ट्स में उसकी जांघें नंगी थीं। शराब के नशे में मेरी नजरें बार-बार उसकी जांघों और स्तनों पर जा रही थीं।

“प्रिया… तू बहुत बड़ी हो गई है। अब तो कॉलेज में पढ़ती है।” मैंने कहा।

प्रिया हँसी। “हाँ पापा, अब मैं 23 साल की हूँ।”

मैं उनके पास और पास खिसक गया। “तू बहुत खूबसूरत है बेटा। तेरी माँ के बाद घर में तू ही सबसे अच्छी लगती है।”

प्रिया शरमा गई। “पापा… आप क्या बोल रहे हो?”

मैंने उनकी जांघ पर हाथ रख दिया। “सच बोल रहा हूँ। जब से तेरी माँ नहीं रही, मैं बहुत अकेला महसूस करता हूँ। और तू… तू मुझे बहुत अच्छी लगती है।”

प्रिया ने मेरे हाथ को हटाने की कोशिश नहीं की। वो चुप रही।

“पापा… आप नशे में हो। कल सुबह पछताओगे।” उसने धीरे से कहा।

मैंने उनकी जांघ को हल्का सा दबाया। “नहीं बेटा… आज मन कर रहा है। तू मुझे अकेला छोड़कर नहीं जा सकती।”

प्रिया ने मेरी तरफ देखा। उसकी साँसें थोड़ी तेज हो गई थीं। “पापा… ये गलत है। मैं आपकी बेटी हूँ।”

मैंने उनके बालों को पीछे किया। “मुझे पता है… लेकिन आज कुछ होने वाला है।”

प्रिया चुप रही। वो मेरी आँखों में देख रही थी। मैंने उनकी कमर पर हाथ रख लिया। अब हम दोनों बहुत पास थे।

“पापा… मत करो…” उसने फुसफुसाया, लेकिन उसकी आवाज में कोई ताकत नहीं थी।

मैंने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया। अब प्रिया मेरे सीने से लग गई थी। उसकी साँस मेरे गले पर पड़ रही थी।

baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story |

मैं आगे बढ़कर प्रिया को जमकर चोदा

मैं आगे बढ़ा और प्रिया को जोर से अपनी बाहों में भर लिया। उसने पहले थोड़ा सा विरोध किया।

“पापा… नहीं… ये गलत है…” उसने कहा, लेकिन मैंने उसे और कसकर पकड़ लिया।

मैंने उसके होंठों पर जोर से किस किया। पहले वो थोड़ा पीछे हटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैंने उसके होंठों को चूसते हुए किस जारी रखा। धीरे-धीरे उसकी रेसिस्टेंस कम होने लगी।

प्रिया ने आँखें बंद कर लीं और अपना मुंह थोड़ा खोल दिया। अब हम दोनों passionately किस कर रहे थे। उसकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। “mmmmhh…” उसकी पहली हल्की सी सिसकारी निकली।

मैंने एक हाथ उसके टॉप पर रखा और जोर से दबाया। उसके स्तन मेरे हाथ में आ गए। प्रिया और जोर से किस करने लगी।

मैंने उसके टॉप के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके बटन खोलते हुए टॉप खोल दिया। अंदर काला ब्रा था। उसके गोरे स्तन ब्रा से बाहर आने को बेताब थे।

मैंने ब्रा के हुक पीछे से खोले और ब्रा उतारकर फेंक दिया।

प्रिया के दोनों स्तन आजाद हो गए — गोरे, मध्यम आकार के और गुलाबी निप्पल्स खड़े हो चुके थे।

“पापा…” प्रिया ने शरमाते हुए कहा, लेकिन अब वो पूरी तरह समर्पण कर चुकी थी।

मैंने एक स्तन मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। प्रिया ने सिर पीछे झुका लिया।

“aaahhh… पापा… धीरे…” उसकी आँखें बंद थीं, निचला होंठ दांतों से काट रही थी।

मैंने दूसरे स्तन को हाथ से मसलते हुए चूसना जारी रखा। फिर मैंने उसके शॉर्ट्स का बटन खोला और शॉर्ट्स नीचे उतार दिया। अब सिर्फ काली पैंटी बची थी।

मैंने पैंटी के किनारे पकड़े और धीरे-धीरे नीचे खींच दिया। प्रिया की चूत सामने आ गई — साफ और थोड़ी सी गीली।

अब प्रिया पूरी तरह नंगी मेरे सामने थी।

मैंने भी अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी। मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था।

मैंने प्रिया को सोफे पर लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा।

“aaahhh… पापा…” प्रिया सिसकारी ले रही थी।

मैंने जोर लगाया। मेरा लंड उसकी चूत में घुसने लगा।

“aaahhhhh… पापा… धीरे…” उसकी आँखें खुल गईं। मैंने और जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड अंदर चला गया।

“aaahhhhhh… पापा… पूरा अंदर…” प्रिया चीख पड़ी।

अब मैं तेजी से चोदने लगा। सोफे हिल रहा था।

प्रिया के एक्सप्रेशन: आँखें कभी बंद, कभी आधी खुली, मुंह खुला, सिर इधर-उधर हिला रही थी। हर धक्के के साथ “aaahh… पापा… और जोर से… aaahhh…” बोल रही थी। निचला होंठ काट रही थी, स्तन उछल रहे थे।

मेरे एक्सप्रेशन: मैं उसकी उछलती जांघों और स्तनों को देख रहा था। “प्रिया… तेरी चूत कितनी टाइट है… पापा तुझे चोद रहा है…” मैं गालियां देते हुए जोर-जोर से धक्के मार रहा था।

मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं और और गहराई से चोदने लगा।

“aaahhh… पापा… आ रहा है…” प्रिया की बॉडी काँपने लगी।

मैंने भी रफ्तार बढ़ा दी। आखिरकार दोनों साथ झड़ गए। मैंने उसकी चूत में अपना पानी छोड़ा।

प्रिया सोफे पर लेटी हुई साँसें ले रही थी। उसके शरीर पर पसीना चमक रहा था।

baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story |

सोफे पर दूसरी लंबी चुदाई (मिशनरी पोजीशन)

पहली चुदाई के बाद प्रिया सोफे पर लेटी हुई थी। उसकी साँसें अभी भी तेज थीं। उसके स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। मेरे लंड से उसकी चूत में छोड़ा हुआ मेरा पानी उसके जांघों से टपक रहा था।

मैं उसके ऊपर झुका हुआ था। प्रिया ने आँखें खोलीं और मेरी तरफ देखा। उसका चेहरा लाल हो रहा था।

“पापा… अभी और…” उसने धीरे से कहा।

मैंने उसके बालों को पीछे किया और उसके होंठों पर हल्का सा किस किया। “हाँ बेटा… अभी और चोदना है तुझे।”

प्रिया ने मेरी गर्दन पर हाथ रखा। “पापा… आज तुम मुझे जितना चाहो उतना चोदो।”

मैंने उसके दोनों स्तनों को हाथों में लिया और जोर से दबाया। प्रिया सिसकारी ले रही थी। मैंने उसके एक निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। वो जोर से साँस ले रही थी।

“aaahhh… पापा… चूसो…”

मैंने दोनों स्तनों को अच्छे से चूसा। फिर मैं उसके दोनों पैरों को फैलाकर उसके ऊपर पूरी तरह चढ़ गया। मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था। मैंने उसे उसकी चूत पर रखा और धीरे से दबाया।

लंड फिर से उसकी गीली चूत में घुसने लगा।

“aaahhhhh… पापा…” प्रिया की आँखें बंद हो गईं।

मैंने एक जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड अंदर चला गया। प्रिया की चूत अभी भी पहली चुदाई से गर्म और गीली थी।

अब मैं धीरे-धीरे चोदने लगा।

हर धक्के के साथ मेरा लंड उसकी चूत में गहराई तक जाता। प्रिया की जांघें मेरी कमर के दोनों तरफ फैली हुई थीं। मैं उसके ऊपर लेटा हुआ उसे जोर-जोर से चोद रहा था।

प्रिया के एक्सप्रेशन: उसकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला हुआ था। हर धक्के के साथ “aaahh… पापा… और जोर से… aaahhh…” की आवाज निकल रही थी। कभी वो अपने निचले होंठ को दांतों से काट रही थी, कभी जीभ बाहर निकाल रही थी। उसके स्तन मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे। उसके चेहरे पर दर्द और मजे का मिश्रण साफ दिख रहा था।

मेरे एक्सप्रेशन: मैं उसकी आँखों में देख रहा था। “प्रिया… तेरी चूत आज कितनी गर्म है… पापा तुझे आज अच्छे से चोदेगा…” मैं उसकी कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मार रहा था। कभी-कभी मैं उसके स्तन चूसता, कभी उसके होंठों पर किस करता।

मैंने रफ्तार बढ़ा दी। अब सोफे पर “प्लक-प्लक-प्लक” की तेज आवाज आ रही थी। प्रिया की चूत मेरा लंड निगल रही थी।

“aaahhh… पापा… और गहरा… और जोर से चोदो मुझे…” प्रिया चीख रही थी।

मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया। अब लंड और गहराई से जा रहा था। प्रिया की आँखें पूरी तरह बंद हो गईं। उसका मुंह खुला हुआ था और वो लगातार सिसकारियाँ ले रही थी।

“पापा… मैं फिर झड़ने वाली हूँ…” उसने काँपते हुए कहा।

मैंने और तेजी से चोदना शुरू कर दिया। प्रिया की बॉडी काँपने लगी।

“aaahhhhhh… पापा… आ गया… aaahhh…”

उसकी चूत ने मेरे लंड को जोर से कस लिया। वो जोर से काँप रही थी।

मैंने भी रफ्तार नहीं रोकी। लगातार धक्के मारता रहा। प्रिया की चूत अभी भी मेरे लंड को निचोड़ रही थी।

कुछ देर बाद मैं भी जोर से काँपा।

“प्रिया… पापा भी आ रहा है…”

मैंने आखिरी जोरदार धक्के मारे और दूसरी बार उसकी चूत में अपना गर्म पानी छोड़ दिया।

दोनों की साँसें बहुत तेज थीं। मैं अभी भी उसके ऊपर लेटा हुआ था। मेरा लंड उसकी चूत में ही था। प्रिया की आँखें बंद थीं। उसके पूरे शरीर पर पसीना चमक रहा था।

कुछ देर बाद प्रिया ने आँखें खोलीं और मेरे चेहरे को दोनों हाथों से पकड़ लिया।

“पापा… आज तुमने मुझे बहुत चोदा…” उसने धीरे से कहा।

baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story |

baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story | baap beti ki chudai story |

सोफे पर डॉगी स्टाइल चुदाई

दूसरी चुदाई के बाद भी मेरा जोश कम नहीं हुआ था। प्रिया सोफे पर लेटी हुई साँसें ले रही थी। उसका शरीर पसीने से तर था। मैंने उसे धीरे से पेट के बल लिटा दिया।

“प्रिया… अब पीछे से चोदूंगा तुझे,” मैंने कहा।

प्रिया ने मेरी तरफ देखा लेकिन कुछ नहीं बोली। वो बस मेरी बात मान गई। मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया और उसके पीछे घुटनों के बल बैठ गया।

उसकी मोटी गांड मेरे सामने थी। पहली दो चुदाई से उसकी चूत अभी भी गीली और फूली हुई थी। मैंने उसके बालों में हाथ डाला और जोर से खींचा। उसका सिर पीछे की तरफ झुक गया।

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और एक जोरदार धक्का मारा।

“aaahhhhh… पापा…” प्रिया चीख पड़ी।

पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत में घुस गया। मैंने उसकी कमर दोनों हाथों से पकड़ लिया और तेजी से चोदना शुरू कर दिया।

“प्लक-प्लक-प्लक-प्लक…” की तेज आवाज सोफे पर गूंज रही थी।

मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था। प्रिया की गांड मेरे पेट से टकरा-टकरा के लाल हो रही थी। मैंने उसके बालों को और जोर से खींचा।

प्रिया के एक्सप्रेशन: उसकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला हुआ था। हर धक्के के साथ “aaahh… पापा… और जोर से… aaahhh… मेरी चूत फाड़ दी…” की आवाज निकल रही थी। कभी वो अपने निचले होंठ को काट रही थी, कभी सिर आगे झुका लेती थी। उसके स्तन सोफे से रगड़ खा रहे थे। उसका पूरा शरीर काँप रहा था।

मेरे एक्सप्रेशन: मैं उसकी लहराती हुई गांड को देख रहा था। “प्रिया… तेरी गांड कितनी मोटी है… पापा तुझे पीछे से चोद रहा है…” मैं उसकी कमर पकड़कर जोर-जोर से खींच रहा था और धक्के मार रहा था।

मैंने उसके एक हाथ से बाल खींचे और दूसरे हाथ से उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा।

“थप्पड़!”

“aaahhh… पापा… और मारो…” प्रिया चीख पड़ी।

मैं लगातार थप्पड़ मारते हुए उसे चोद रहा था। उसकी चूत अब और ज्यादा टाइट हो गई थी।

“aaahhh… पापा… मैं फिर झड़ने वाली हूँ…” उसने काँपते हुए कहा।

मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। अब सोफे हिल रहा था। प्रिया की चीखें और तेज हो गई थीं।

“aaahhhhhh… पापा… आ गया… aaahhh…”

उसकी पूरी बॉडी ऐंठ गई। चूत ने मेरे लंड को बहुत जोर से कस लिया।

मैंने भी अंतिम जोरदार धक्के मारे और तीसरी बार उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया।

“aaahhh… प्रिया… ले ले सब…”

दोनों की साँसें बहुत तेज थीं। मैं अभी भी उसके पीछे घुटनों के बल बैठा था। मेरा लंड उसकी चूत में ही था। प्रिया का सिर सोफे पर रखा हुआ था। उसके बाल बिखरे हुए थे। गांड लाल हो चुकी थी थप्पड़ों से।

कुछ देर बाद मैंने लंड बाहर निकाला। प्रिया की चूत से मेरा और उसका रस मिला हुआ टपक रहा था।

प्रिया अभी भी पेट के बल लेटी हुई थी। वो बहुत थक चुकी थी।

baap beti ki chudai story, बाप बेटी चुदाई, baap beti ki chudai story, father daughter incest story, दारू पीकर बेटी चोदाई, real baap beti sex story, baap beti hardcore, father daughter chudai, baap beti family sex story, दारू पीकर बेटी के साथ चुदाई

Leave a Comment