प्रिया की वर्जिन सील तोड़ने की सस्पेंसफुल सेक्स कहानी
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मेरा नाम राहुल है। मैं 25 साल का हूँ और दिल्ली में एक अच्छी जॉब करता हूँ। 7 महीने पहले मेरी जिंदगी में प्रिया आई। प्रिया 22 साल की, कॉलेज में पढ़ती है और सच में बहुत हॉट है। गोरी चमड़ी, लंबे घने काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, मोटे होंठ और कमाल का फिगर – 34-28-36। जब वो टाइट टॉप और शॉर्ट्स पहनती है तो उसके बड़े-बड़े boobs और गोल-मटोल गांड देखकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता है।
हमारी मुलाकात एक पार्टी में हुई थी। पहले हम दोस्त बने, फिर धीरे-धीरे प्यार हो गया। हम डेट पर जाते, मूवी देखते, पार्क में घूमते। पहला किस बहुत रोमांटिक था – बारिश में कार के अंदर। उसके बाद हमारे बीच इंटिमेसी बढ़ गई। हम चूमते, गले मिलते, मैं उसके boobs दबाता, वो मेरे लंड को जींस के ऊपर से सहलाती। लेकिन जब भी मैं आगे बढ़ने की कोशिश करता, वो मेरा हाथ रोक लेती।
एक शाम हम उसके घर के पास पार्क में बैठे थे। मैंने पूछा, “प्रिया, तुम मुझे इतना क्यों नहीं करने देती? मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।” प्रिया शर्मा गई और बोली, “राहुल, मैं वर्जिन हूँ। मेरे घर वाले बहुत स्ट्रिक्ट हैं। मुझे डर लगता है। शादी के बाद ही सब कुछ करना चाहती हूँ।” मैंने उसे गले लगाते हुए कहा, “जानू, मैं तुम्हारा इंतजार करूँगा। लेकिन तुम्हें पता है मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता।”
फिर एक दिन प्रिया ने फोन किया। उसकी आवाज में कुछ अलग था। “राहुल, मेरे मम्मी-पापा आज शाम को नानी के घर गए हैं। कल शाम तक वापस आएंगे। घर पर मैं अकेली हूँ। आज रात तुम आओगे ना? मैं डिनर बनाऊँगी।”
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। मैं तुरंत तैयार हो गया और शाम 7 बजे उसके घर पहुँच गया। फूलों का गुलदस्ता लेकर। जब उसने दरवाजा खोला तो मैं देखता ही रह गया। प्रिया ने रेड कलर का बहुत टाइट टॉप पहना था, जिसमें उसके ब्रा के निशान साफ दिख रहे थे, और नीचे छोटा सा डेनिम शॉर्ट्स था। उसकी गोरी जांघें चमक रही थीं। बाल खुले थे, हल्का मेकअप – वो बिल्कुल हॉट लग रही थी।
“वाओ प्रिया! आज तो तुम बिल्कुल आग लगा रही हो,” मैंने कहा। प्रिया मुस्कुराते हुए बोली, “थैंक्यू बेबी। आज मैंने स्पेशली तुम्हारे लिए तैयार किया है। आओ अंदर।”
हमने डिनर किया – कैंडल लाइट, रोमांटिक म्यूजिक, वाइन भी। खाते-खाते मैंने कहा, “प्रिया, तुम्हें पता है मैं तुम्हें कितना चाहता हूँ? आज से मैं सिर्फ तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ।” प्रिया ने मेरी तरफ देखा, उसकी आँखों में शरारत और थोड़ा डर दोनों था। “राहुल, मैं भी बहुत सोच रही थी। हम 7 महीने से साथ हैं। आज मैं तैयार हूँ… लेकिन थोड़ा घबराहट भी हो रही है।”
मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा, “जानू, मैं तुम्हें कभी हर्ट नहीं करूँगा। अगर तुम नहीं चाहती तो हम कुछ भी नहीं करेंगे। लेकिन अगर तैयार हो तो आज हमारी पहली बार होगी। मैं बहुत धीरे-धीरे और प्यार से करूँगा।”
डिनर के बाद हम उसके बेडरूम में गए। कमरा अंधेरा, सिर्फ बेडसाइड लैंप जल रहा था। म्यूजिक ऑन था। हम बेड पर बैठ गए। मैंने उसे अपनी बाहों में लिया और उसके होंठों पर किस किया। वो भी जोश से किस करने लगी। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं।
मेरा हाथ उसके टॉप के अंदर चला गया। मैंने ब्रा के ऊपर से उसके नरम boobs दबाए। प्रिया सिसकारियाँ लेने लगी, “आह्ह… राहुल… अच्छा लग रहा है।” मैंने उसका टॉप ऊपर खींचकर उतार दिया। अब वो सिर्फ ब्लैक ब्रा में थी। उसके boobs ब्रा से बाहर आने को बेकरार थे। मैंने ब्रा का हुक खोला और ब्रा उतार दी। उसके दोनों बड़े, गोरे boobs मेरे सामने थे। पिंक निप्पल्स खड़े हो चुके थे। मैंने एक nipple मुंह में लिया और चूसने लगा, दूसरा हाथ दूसरे boob को मसल रहा था।
प्रिया की आँखें बंद हो गईं, सिर पीछे झुक गया। “ओह्ह बेबी… तुम बहुत अच्छा चूस रहे हो… मेरा पूरा शरीर काँप रहा है… आह्ह… और जोर से चूसो… मम्मा…”
वो मेरी शर्ट के बटन खोलकर शर्ट उतारने लगी। मेरी छाती चूमती हुई नीचे गई। उसने मेरी जींस का जिप खोला और अंदर हाथ डालकर मेरा 7 इंच का मोटा, सख्त लंड पकड़ लिया। “वाह राहुल… इतना बड़ा और मोटा! मैंने पहले कभी नहीं देखा इतना बड़ा,” प्रिया बोली, उसकी आवाज में घबराहट और एक्साइटमेंट दोनों थे।
मैंने कहा, “ये सब तुम्हारे प्यार के लिए है बेबी। आज मैं तुम्हारी वर्जिन सील तोड़ दूँगा। लेकिन पहले तुम्हें पूरा मजा दूँगा।”
फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसके शॉर्ट्स का बटन खोला। शॉर्ट्स उतार दिया। अब प्रिया सिर्फ ब्लैक पैंटी में लेटी हुई थी। पैंटी के बीच में गीला धब्बा साफ दिख रहा था। मैंने पैंटी के ऊपर हाथ फेरा और उसकी चूत को रगड़ने लगा। प्रिया की कमर ऊपर उठने लगी। “राहुल… आह्ह… वहाँ मत छुओ… मुझे बहुत अजीब सा लग रहा है… लेकिन अच्छा भी लग रहा है।”
मैंने पैंटी के किनारे से उंगली डाली और उसकी गीली, गर्म, टाइट चूत को छुआ। धीरे से एक उंगली अंदर डाली तो प्रिया चीख सी पड़ी, “आह्ह… दर्द हो रहा है… लेकिन रुको मत…”
अब हम दोनों की साँसें बहुत तेज थीं। मेरा लंड पैंटी के ऊपर से उसकी चूत से रगड़ रहा था। प्रिया ने मुझे गले लगाया और कान में फुसफुसाया, “राहुल, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आज मैं पूरी तरह तैयार हूँ। मेरी सील तोड़ दो। लेकिन प्लीज… बहुत धीरे-धीरे करना। दर्द होगा तो रुक जाना। मैं तुम पर भरोसा करती हूँ।”
मैंने कहा, “हाँ प्रिया, मैं तुम्हें हमेशा खुश रखूँगा।
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हॉट गर्लफ्रेंड प्रिया की सील तोड़ी जमकर चोदा
मैंने प्रिया की आँखों में देखा और धीरे से कहा, “प्रिया जान… अब मैं तेरी पैंटी उतार रहा हूँ। अगर डर लगे तो बोल देना, मैं रुक जाऊँगा।”
प्रिया की साँस बहुत तेज चल रही थी। उसकी आँखें थोड़ी सी गीली थीं, शरम और उत्तेजना दोनों साथ में। उसने धीरे से सिर हिलाया और फुसफुसाई, “हाँ… उतार दो राहुल… मैं तैयार हूँ।”
मैंने उसकी पैंटी के दोनों तरफ अपनी उँगलियाँ डालीं। पैंटी का इलास्टिक उसकी नरम, गर्म त्वचा पर हल्का सा दब रहा था। मैंने धीरे-धीरे नीचे की तरफ खींचना शुरू किया। पैंटी उसके कूल्हों से उतरती हुई उसकी जाँघों तक आ गई। प्रिया ने अपनी कमर थोड़ी सी ऊपर उठाई ताकि पैंटी आसानी से उतर जाए। अब पैंटी उसकी मोटी, गोरी जाँघों के बीच से खिसक रही थी। मैंने और नीचे खींचा – पैंटी उसके घुटनों तक पहुँच गई। प्रिया ने अपने पैर थोड़े से फैलाए और मैंने पैंटी को पूरी तरह उसके पैरों से निकालकर साइड में फेंक दिया।
अब प्रिया बिल्कुल नंगी लेटी हुई थी मेरे सामने। उसकी वर्जिन चूत सामने थी – बिल्कुल टाइट, छोटी सी, गुलाबी रंग की। ऊपर हल्का सा ट्रिम किया हुआ छोटा सा जंगल था। उसकी चूत के होठ बिल्कुल बंद थे, लेकिन बीच से चमक रही थी क्योंकि वह इतनी गीली हो चुकी थी। उसकी क्लिट थोड़ी सी उभर आई थी। मैं कुछ सेकंड उसकी चूत को देखता रहा, जैसे कोई अनमोल चीज।
प्रिया शर्मा के अपने हाथ से आँखें छुपाने लगी। “मत देखो ऐसे राहुल… शरम आ रही है…” उसकी आवाज काँप रही थी।
मैंने उसके हाथ पकड़े और हटाए। “प्रिया, तेरी चूत बहुत सुंदर है जान। मैं तो देख के पागल हो रहा हूँ।” मैंने उसके पैर फैलाए और उसकी चूत के पास अपना मुँह ले गया। पहले मैंने उसकी चूत के ऊपर हल्का सा किस किया। फिर जीभ से उसकी चूत के होठों को चाटने लगा। प्रिया की कमर ऊपर को उछल गई। “आआआह्ह्ह… राहुल… ये क्या कर रहे हो… ओह्ह्ह गॉड… बहुत अच्छा लग रहा है…”
मैंने उसकी चूत के अंदर जीभ डाली और अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत का स्वाद थोड़ा नमकीन और मीठा था। मैंने उसकी क्लिट को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया। प्रिया अब जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। “आआआह्ह्ह… राहुल… मत रोको… और चूसो… मैं पागल हो जाऊँगी… ओह्ह्ह फक… ये पहली बार किसी ने ऐसा किया है…” उसकी आँखें बंद हो गई थीं, मुँह खुला था, जीभ बाहर आ रही थी। उसकी साँस इतनी तेज थी कि उसकी बड़ी-बड़ी छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं।
थोड़ी देर बाद मैं ऊपर आया। मैंने उसके दोनों स्तनों को हाथों में लिया और निप्पल्स चूसते हुए कहा, “प्रिया… अब मैं अंदर डालने वाला हूँ। तेरी सील तोड़ने वाला हूँ। दर्द होगा तो बोलना, मैं रुक जाऊँगा।”
प्रिया ने मुझे गले लगाया और मेरे कान में फुसफुसाया, “डाल दो राहुल… मैं तुम्हारी हूँ आज से… धीरे से डालना… लेकिन डाल दो।”
मैंने अपना 7 इंच मोटा लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा। लंड का सुपाड़ा उसकी गीली चूत के होठों से रगड़ रहा था। मैंने थोड़ा सा आगे बढ़ाया – सिर्फ सुपाड़ा अंदर गया।
प्रिया की आँखें फट गईं। “आआआह्ह्ह! राहुल… दर्द हो रहा है बहुत! रुको… रुको जान…” उसकी आँखों में पानी आ गया। उसने मेरे कंधे पकड़ लिए और नाखून गड़ा दिए।
मैं रुक गया। मैंने उसके होठों पर किस किया और धीरे से कहा, “श्श… मेरी जान… मैं रुक गया हूँ। तेरी चूत कितनी टाइट है… बहुत टाइट… जैसे मेरा लंड नहीं जा पा रहा।” मैं उसके गाल पर किस करता रहा, उसके स्तन दबाता रहा ताकि वह रिलैक्स हो।
थोड़ी देर बाद प्रिया ने कहा, “अब धीरे से आगे बढ़ो… मैं ट्राई करती हूँ।”
मैंने फिर थोड़ा सा दबाव डाला। लंड का सुपाड़ा और थोड़ा अंदर गया। प्रिया की चूत ने मेरा लंड बहुत टाइट पकड़ लिया था। फिर मैंने और थोड़ा सा धक्का दिया – और अचानक रेजिस्टेंस टूट गई। उसकी हाइमन (सील) टूट गई। थोड़ा सा खून निकल आया।
प्रिया ने जोर से चिल्लाया, “आआआह्ह्ह! दर्द… बहुत दर्द हो रहा है राहुल… रुक जाओ… प्लीज!” उसकी आँखों से आँसू आ गए। वह मेरे बालों में हाथ डाल के खींच रही थी। उसका चेहरा दर्द से लाल हो गया था, होंठ काट रही थी, आँखें बंद थीं।
मैंने तुरंत रुक जाते हुए उसके होठों पर किस किया और कहा, “प्रिया मेरी जान… हो गया। तेरी सील टूट गई। अब धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। मैं रुक गया हूँ। तुम ठीक हो?”
प्रिया ने आँसू पोंछते हुए कहा, “हाँ… थोड़ा दर्द है लेकिन… अब आगे बढ़ो। मैं तुमसे प्यार करती हूँ। चोदो मुझे राहुल…”
अब मैंने धीरे-धीरे आगे बढ़ना शुरू किया। मेरा पूरा लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में उतरता गया। जब पूरा लंड अंदर चला गया तो प्रिया की चूत ने मेरा पूरा लंड ग्रिप कर लिया था। वह इतनी टाइट थी कि मुझे लग रहा था मेरा लंड फट जाएगा।
मैंने उसके चेहरे को देखा – दर्द और सुकून का मिश्रण था। उसने आँखें खोली और मुझे देखा। “राहुल… पूरा अंदर आ गया क्या? मुझे बहुत फुल फील हो रहा है…”
मैंने कहा, “हाँ जान… पूरा लंड तेरी चूत में है। तेरी चूत मेरा लंड इतना टाइट पकड़ रही है कि मैं जल्दी झड़ जाऊँगा। तू कितनी टाइट है मेरी जान…”
अब मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। हर बार जब मैं बाहर निकलता तो थोड़ा खून लंड पर लग जाता। प्रिया की चूत गीली हो चुकी थी। धीरे-धीरे उसका दर्द कम होने लगा और उसे मजा आने लगा।
“आआआह्ह्ह… राहुल… अब अच्छा लग रहा है… धीरे से चोदो… ओह्ह्ह येस बेबी… और अंदर… और जोर से…” प्रिया अब अपनी कमर ऊपर उठा के मेरा लंड अंदर ले रही थी। उसकी बड़ी-बड़ी छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैंने उसके एक स्तन को मुँह में लिया और चूसते हुए चुदाई कर रहा था।
प्रिया के एक्सप्रेशन बदल रहे थे – पहले दर्द, अब प्लेजर। वह अपनी आँखें बंद करके मुँह खोल के सिसकारियाँ ले रही थी। “आआआह्ह्ह… राहुल… तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो… मेरी चूत तुम्हारा लंड निगल रही है… ओह्ह्ह फक… और तेज… मैं तुम्हारी हो गई…”
मैं भी अपने एक्सप्रेशन कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। मेरा चेहरा सुकून से भर गया था। “प्रिया… तेरी चूत कितनी गरम और टाइट है… मैं पागल हो रहा हूँ… ले मेरी जान… ले पूरा लंड… आज मैं तुझे अपनी बना रहा हूँ…” मैं उसके होठों पर किस करता, उसके स्तन दबाता और धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाता गया।
अब प्रिया के मून्स तेज हो गए। “आआआह्ह्ह… राहुल… मैं आ रही हूँ… ओह्ह्ह गॉड… कुछ हो रहा है… आआआह्ह्ह!” उसका पूरा शरीर काँपने लगा। उसकी चूत ने मेरा लंड और टाइट पकड़ लिया। उसकी टाँगें मेरे कमर के चारों ओर लिपट गईं। वह ऑर्गेज्म ले रही थी – पहली बार किसी लंड से। उसकी आँखें पीछे को हो गईं, मुँह खुला था, आवाज निकल नहीं पा रही थी सिर्फ सिसकारियाँ।
मैंने उसके ऑर्गेज्म के दौरान स्पीड बढ़ा दी। अब मैं तेज धक्के लगा रहा था। प्रिया के स्तन हिल रहे थे। मैंने कहा, “प्रिया… मैं भी झड़ने वाला हूँ… अंदर निकालूँ या बाहर?”
प्रिया ने मुझे और टाइट पकड़ा और कहा, “अंदर ही निकाल दो… मैं तुम्हारी हूँ… चोद दो मुझे और तेज…”
मैंने और 10-12 तेज धक्के मारे और फिर जोर से चिल्लाया, “प्रिया… मैं निकल रहा हूँ… ओह्ह्ह फक… ले ले मेरा पानी अपनी चूत में!” मैंने अपना सारा गरम वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया। लंड के अंदर ही अंदर झड़ रहा था। प्रिया ने भी मुझे और टाइट पकड़ा।
दोनों थक कर एक-दूसरे के ऊपर लेट गए। मेरा लंड अब भी उसकी चूत में ही था। हम दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। मैंने उसके गाल पर किस किया और कहा, “प्रिया… तू ठीक है ना? दर्द तो नहीं हो रहा अब?”
प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ राहुल… अब बिल्कुल ठीक हूँ। पहले बहुत दर्द था लेकिन बाद में बहुत मजा आया। तुमने बहुत प्यार से किया। मैं तुमसे और ज्यादा प्यार करती हूँ अब।”
हम दोनों किस करते रहे। मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी चूत से बाहर निकल आया। थोड़ा खून और मेरा वीर्य उसकी चूत से बाहर आ रहा था। प्रिया ने नीचे देखा और शर्मा के बोली, “देखो कितना खून और पानी निकल रहा है… पर अच्छा लगा।”
मैंने उसे अपनी बाहों में लिया और कहा, “ये सिर्फ शुरुआत है जान। अब हम और भी मजा करेंगे।”
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प्रिया को डॉगी स्टाइल में जमकर चोदा
पहले राउंड के बाद हम दोनों थक कर एक-दूसरे के ऊपर लेट गए। मेरा लंड अभी भी प्रिया की चूत से बाहर निकल चुका था और थोड़ा खून और मेरा वीर्य उसकी जाँघों पर लग रहा था। प्रिया मेरी बाहों में सिमट गई थी। उसकी साँस अभी भी तेज चल रही थी। मैंने उसके बालों में उँगलियाँ फेरते हुए कहा, “प्रिया जान… तू ठीक है ना? बहुत दर्द तो नहीं हुआ?”
प्रिया ने मेरी छाती पर सिर रखा और मुस्कुराते हुए बोली, “हाँ राहुल… पहले बहुत दर्द था लेकिन बाद में इतना मजा आया कि मैं भूल ही गई। तुमने बहुत प्यार से किया। अब मुझे फिर से तुम चाहिए…” उसकी आवाज में अभी भी थोड़ी शरम थी लेकिन आँखों में नई चमक थी।
हम दोनों कुछ मिनट चुपचाप लेटे रहे। मैं उसके नंगे शरीर को सहला रहा था – उसकी पीठ, कमर, गोल-मटोल गांड। मेरी उँगलियाँ उसकी गांड के बीच घूम रही थीं। प्रिया की साँस फिर से तेज होने लगी। उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “राहुल… फिर से करो ना… मुझे और चाहिए।”
मैंने उसे ऊपर से उठाया और उसके होठों पर गहरा किस किया। “ठीक है मेरी जान… अब दूसरा राउंड। लेकिन इस बार मैं तुझे डॉगी स्टाइल में चोदूँगा। तेरी गांड देख के मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है।”
प्रिया की आँखें चमक उठीं। वह शर्मा के बोली, “डॉगी स्टाइल? वो कैसे होता है?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “तू घुटनों के बल बैठ जा… मैं पीछे से अंदर डालूँगा। बहुत मजा आएगा।”
प्रिया धीरे से उठी। उसका पूरा नंगा शरीर मेरे सामने था। मैंने उसे घुटनों के बल लिटा दिया। अब वह बेड पर चारों हाथ-पैरों के बल थी – डॉगी पोजीशन में। उसकी गोरी, गोल और मोटी गांड मेरे सामने थी। उसकी चूत अभी भी गीली थी और थोड़ा खून लगा हुआ था। मैं उसके पीछे घुटनों के बल बैठ गया।
मैंने पहले उसकी गांड को दोनों हाथों से दबाया। “वाह प्रिया… तेरी गांड कितनी सुंदर और मोटी है।” मैंने उसकी गांड पर हल्का सा थप्पड़ मारा। “चप्प!” की आवाज आई। प्रिया चौंक गई और चीख पड़ी, “आह्ह… राहुल!” लेकिन उसकी आवाज में दर्द नहीं, उत्तेजना थी।
मैंने अपनी उँगली उसकी चूत में डाली। अभी भी बहुत टाइट और गीली थी। मैंने दो उँगलियाँ डालकर अंदर-बाहर किया। प्रिया सिर नीचे झुकाए सिसकारियाँ ले रही थी। “आआआह्ह्ह… राहुल… अच्छा लग रहा है…”
अब मैंने अपना लंड (जो फिर से पूरी तरह खड़ा और सख्त हो चुका था) उसकी चूत के मुँह पर रखा। इस बार मैंने बिना रुके धीरे से दबाव डाला। लंड का सुपाड़ा आसानी से अंदर चला गया क्योंकि चूत पहले से ही गीली और खुली हुई थी।
प्रिया ने सिर उठाया और जोर से सिसकारी ली, “आआआह्ह्ह… राहुल… और अंदर… पूरा डाल दो…” मैंने उसके कूल्हों को दोनों हाथों से पकड़ा और एक जोर का धक्का मारा। मेरा पूरा 7 इंच लंड एक ही झटके में उसकी चूत में घुस गया। “प्लॉप!” की आवाज आई।
प्रिया का सिर तकिये में दब गया। वह चिल्ला पड़ी, “आआआह्ह्ह्ह! राहुल… बहुत गहरा गया… ओह्ह्ह माई गॉड… बहुत मोटा लग रहा है…” उसकी आवाज दब गई तकिये में। उसका शरीर काँप रहा था।
मैं रुक गया और उसके बालों में हाथ फेरते हुए पूछा, “दर्द तो नहीं हो रहा जान?” प्रिया ने तकिये से मुँह निकालकर साँस लेते हुए कहा, “नहीं… अब दर्द नहीं… बस बहुत फुल फील हो रहा है… अब चोदो मुझे… और जोर से…”
मैंने उसके कूल्हों को और मजबूती से पकड़ा और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। हर धक्के के साथ उसकी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। “थप-थप-थप” की आवाज कमरे में गूँज रही थी। प्रिया की बड़ी-बड़ी छातियाँ नीचे लटक रही थीं और हर धक्के के साथ हिल रही थीं।
मैंने स्पीड बढ़ाई। अब जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। प्रिया का चेहरा तकिये में दबा हुआ था। वह जोर-जोर से चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… राहुल… और तेज… हाँ… ऐसे ही चोदो… मेरी चूत फट रही है… ओह्ह्ह येस बेबी… और गहरा… आआआह्ह्ह!”
मैंने एक हाथ उसकी गांड पर रखा और जोर से थप्पड़ मारा। “चप्प!” प्रिया ने सिर उठाया और चीख पड़ी, “आह्ह… और मारो… मुझे अच्छा लग रहा है…” मैंने फिर थप्पड़ मारा और कहा, “ले मेरी जान… ले मेरा लंड अपनी चूत में… तेरी गांड कितनी मोटी और सुंदर है… मैं तेरी चूत फाड़ दूँगा आज…”
प्रिया अब पूरी तरह खो चुकी थी। उसका मुँह खुला था, जीभ बाहर, आँखें आधी बंद। वह बार-बार कह रही थी, “राहुल… मैं तुम्हारी हूँ… चोदो मुझे… मैं तुम्हारी रंडी हूँ आज… आआआह्ह्ह… और जोर से… मुझे ऑर्गेज्म हो रहा है…”
मैंने और तेज धक्के लगाए। उसकी चूत अब और भी ज्यादा गीली हो चुकी थी। लंड अंदर-बाहर आसानी से जा रहा था। मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसे और नीचे झुकाया ताकि लंड और गहरा जाए। प्रिया चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… राहुल… मैं आ रही हूँ… ओह्ह्ह गॉड… आआआह्ह्ह!”
उसका पूरा शरीर अकड़ गया। उसकी चूत ने मेरा लंड और टाइट पकड़ लिया। वह जोर से ऑर्गेज्म ले रही थी। उसकी टाँगें काँप रही थीं। वह तकिये को कस के पकड़े हुए थी।
मैंने भी स्पीड बढ़ा दी। अब बहुत तेज और हार्ड चुदाई कर रहा था। “थप-थप-थप-थप” की आवाज और जोर से आ रही थी। प्रिया की गांड लाल हो गई थी थप्पड़ों से। मैंने कहा, “प्रिया… मैं भी झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?”
प्रिया ने साँस लेते हुए बोली, “अंदर ही… या मेरी गांड पर… जैसा तुम्हें अच्छा लगे…”
मैंने आखिरी कुछ जोर के धक्के मारे और फिर जोर से चिल्लाया, “प्रिया… मैं निकल रहा हूँ!” मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी गोरी गांड पर सारा गरम वीर्य छोड़ दिया। सफेद वीर्य उसकी गांड और कमर पर फैल गया। कुछ बूँदें उसकी चूत में भी चली गईं।
प्रिया थक कर बिस्तर पर लेट गई। मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके गाल पर किस किया। “प्रिया… तू कितनी हॉट है जान… इस बार और भी ज्यादा मजा आया।”
प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “राहुल… डॉगी स्टाइल में बहुत अच्छा लगा… तुमने बहुत हार्ड चोदा… मेरी गांड अभी भी जल रही है… लेकिन मजा आ गया।”
हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे। मैंने उसे गले लगाया और उसके बालों में उँगलियाँ फेरते हुए कहा, “ये सिर्फ शुरुआत है… अब और भी राउंड होंगे।”
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प्रिया ने मेरा लंड को मुंह में लेकर साफ किया
डॉगी स्टाइल वाले दूसरे राउंड के बाद हम दोनों पसीने से तर होकर बिस्तर पर लेट गए। प्रिया की गोरी गांड अभी भी मेरे वीर्य से चमक रही थी। मैं उसके पास लेटा हुआ था और उसके नंगे शरीर को सहला रहा था। प्रिया मेरी छाती पर सिर रखे हुए साँस ले रही थी। थोड़ी देर चुप रहने के बाद उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “राहुल… अब मैं तुम्हें कुछ देना चाहती हूँ।”
मैंने उसे ऊपर से देखा, “क्या देना चाहती है जान?” प्रिया शर्मा के मुस्कुराई और मेरे लंड की तरफ देखते हुए बोली, “मैं तुम्हारा लंड मुँह में लेना चाहती हूँ… ब्लो जॉब देना चाहती हूँ। पहले कभी नहीं किया लेकिन आज तुम्हारे लिए ट्राई करना चाहती हूँ।”
मेरे लंड ने फिर से हिलना शुरू कर दिया। मैंने उसे चूमा और कहा, “ठीक है मेरी जान… आज तू मेरी लंड चूस ले। लेकिन धीरे-धीरे करना, मैं तुझे गाइड करूँगा।”
प्रिया ने मुझे पीठ के बल लिटा दिया। मैं बिस्तर पर लेटा हुआ था, मेरा लंड फिर से सख्त और खड़ा हो चुका था। प्रिया मेरे पैरों के बीच घुटनों के बल बैठ गई। उसकी बड़ी-बड़ी छातियाँ लटक रही थीं। उसने पहले मेरे लंड को दोनों हाथों से पकड़ा। उसके हाथ अभी भी काँप रहे थे।
“इतना मोटा और गर्म है…” वह फुसफुसाई।
उसने पहले मेरे लंड के सुपाड़े पर हल्का सा किस किया। फिर जीभ निकालकर सुपाड़े को चाटने लगी। उसकी गर्म जीभ मेरे लंड पर घूम रही थी। मैंने सिर पीछे झुकाया और कहा, “आह्ह… प्रिया… बहुत अच्छा लग रहा है जान…”
प्रिया ने अब पूरा सुपाड़ा मुँह में ले लिया और धीरे से चूसने लगी। “चूस-चूस” की आवाज आ रही थी। उसकी लार मेरे लंड पर बह रही थी। उसने आँखें उठाकर मुझे देखा – उसकी आँखों में शरम और उत्तेजना दोनों थीं। मैंने उसके बालों में हाथ डाला और कहा, “और अंदर ले… अच्छा कर रही है तू…”
प्रिया ने और कोशिश की। उसने लंड को और गहरा मुँह में लिया। उसका मुँह फैल गया। लंड उसकी जीभ पर दब रहा था। वह धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करने लगी। उसकी लार मेरे अंडकोष तक बह रही थी। मैंने कहा, “प्रिया… तेरी जीभ बहुत अच्छी है… और जोर से चूस…”
प्रिया अब और तेजी से चूसने लगी। उसका सिर ऊपर-नीचे हो रहा था। “गल्प-गल्प” की आवाज आ रही थी। कभी-कभी लंड उसके गले तक पहुँच जाता और वह हल्का सा काँप जाती। उसकी आँखों में आँसू आ गए लेकिन वह रुकी नहीं। वह मेरे अंडकोष को भी हाथ से सहला रही थी।
मैंने उसकी तारीफ की, “वाह प्रिया… तू बहुत अच्छा ब्लो जॉब दे रही है… मेरा लंड तेरे मुँह में स्वर्ग लग रहा है…” प्रिया ने लंड को मुँह से निकालकर कहा, “अच्छा लग रहा है ना? मैं और अच्छा करूँगी…” फिर उसने लंड को फिर से मुँह में लिया और इस बार और गहरा लिया। उसका गला कस गया। वह कुछ सेकंड ऐसे ही रखे रही, फिर बाहर निकाला और खाँसी आई। लार उसके होंठों से टपक रही थी।
मैंने उसे ऊपर खींचा और गहरा किस किया। “बहुत अच्छा किया तूने जान… अब मैं भी तुझे कुछ दूँगा।”
मैंने प्रिया को लिटा दिया और खुद उसके पैरों के पास आ गया। अब हम 69 पोजीशन में थे। प्रिया मेरे ऊपर थी – उसका मुँह मेरे लंड के पास और मेरी जीभ उसकी चूत के पास।
प्रिया ने फिर से मेरा लंड मुँह में लिया और चूसने लगी। इस बार और जोश से। मैंने उसकी चूत के पास मुँह लगाया। उसकी चूत अभी भी गीली और थोड़ी सूजी हुई थी पिछले राउंड से। मैंने जीभ से उसके चूत के होठ चाटे। प्रिया ने लंड मुँह में रखे हुए ही जोर से सिसकारी ली, “आआआह्ह्ह…”
मैंने उसकी क्लिट को चूसना शुरू किया। साथ ही दो उँगलियाँ उसकी चूत में डालकर अंदर-बाहर करने लगा। प्रिया का सिर हिल रहा था। वह मेरे लंड को जोर-जोर से चूस रही थी। उसकी लार मेरे पूरे लंड और अंडकोष पर लग रही थी।
मैंने उसकी चूत को चाटते हुए कहा, “प्रिया… तेरी चूत का स्वाद बहुत अच्छा है… और चूस… हाँ ऐसे ही…”
प्रिया अब और तेजी से मेरा लंड चूस रही थी। वह कभी सुपाड़े को चूसती, कभी पूरा लंड गले तक लेने की कोशिश करती। उसकी आँखें बंद थीं, चेहरा लाल हो गया था। वह जोर-जोर से “गल्प-गल्प” की आवाज के साथ चूस रही थी।
मैंने उसकी चूत को और जोर से चाटा। उसकी क्लिट को दाँतों से हल्का सा काटा। प्रिया का शरीर अकड़ गया। वह लंड मुँह में रखे हुए ही चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह… राहुल… मत रोको… और चूसो… मैं आ रही हूँ…”
उसकी चूत ने मेरी जीभ पर जोर से दबाव डाला। वह जोर से ऑर्गेज्म ले रही थी। उसका पूरा शरीर काँप रहा था। वह मेरे लंड को और जोर से चूसने लगी।
मैं भी कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। “प्रिया… मैं भी झड़ने वाला हूँ… अगर मुँह में नहीं लेना तो बाहर निकाल ले…”
प्रिया ने लंड को और गहरा मुँह में लिया और हिलाने लगी। मैंने जोर से चिल्लाया, “प्रिया… आ रहा हूँ!” और उसके मुँह में ही अपना गरम वीर्य छोड़ दिया। प्रिया ने सब कुछ निगल लिया। कुछ वीर्य उसके होंठों से बाहर निकल आया। वह लंड को चूसते हुए सारा वीर्य साफ कर रही थी।
दोनों थक कर एक-दूसरे के ऊपर लेट गए। प्रिया ने मेरे लंड को चूमते हुए कहा, “राहुल… तुम्हारा स्वाद बहुत अच्छा था… मैंने सब निगल लिया।”
मैंने उसे गले लगाया और कहा, “प्रिया… तूने बहुत अच्छा किया। अब हम दोनों एक हो गए हैं।”
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