पड़ोस वाली हॉट आंटी प्रिया को जमकर चोदा
hot aunty sex story
मेरा नाम राहुल है। उम्र 21 साल। मैं मुंबई के एक हाईराइज अपार्टमेंट में अकेला रहता हूँ क्योंकि मेरे पेरेंट्स दूसरे शहर में हैं। मेरे बगल वाले फ्लैट में प्रिया आंटी रहती हैं। उनकी उम्र 38 साल है लेकिन शरीर देखकर कोई भी 25-26 साल की समझ ले। गोरी चमड़ी, काले घने बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, मोटे-मोटे होंठ। फिगर 36-28-38। छातियाँ इतनी बड़ी और भरी हुई कि ब्लाउज में दबकर बाहर आने को तैयार रहती हैं। कमर पतली और गांड इतनी गोल-भारी कि साड़ी पहनने पर भी हिलती रहती है। उनके पति बिजनेसमैन हैं और ज्यादातर महीने भर बाहर रहते हैं।
कहानी की शुरूआत…
यह सब शुरू हुआ दो महीने पहले। मैं अक्सर अपनी बालकनी में खड़ा होकर प्रिया आंटी को देखता रहता था। एक शाम वो अपनी बालकनी में साड़ी पहनकर खड़ी थीं। हवा चल रही थी और साड़ी का पल्लू उड़ गया। उनकी गहरी नाभि और ब्लाउज की ऊपरी दरार साफ दिख रही थी। मैं देखता ही रह गया। अचानक उनकी नजर मुझ पर पड़ गई। उन्होंने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया। मैं शरमा कर अंदर भाग गया।
अगले दिन दोपहर में प्रिया आंटी ने मुझे बुलाया। “राहुल बेटा, मेरे लैपटॉप में वायरस आ गया है। तुम्हें कंप्यूटर आता है ना? आ जाओ ना थोड़ी देर।”
मैं गया। अंदर जाकर देखा कि आज उन्होंने बहुत ही सेक्सी ब्लाउज पहना था — गहरा कट, ऊपर से आधा स्तन बाहर आ रहा था। जब वो मुझे लैपटॉप दिखाने के लिए झुकीं तो उनकी छातियों की गहरी घाटी मेरे चेहरे के ठीक सामने आ गई। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैंने हाथ से छुपाने की कोशिश की लेकिन प्रिया आंटी ने देख लिया।
“क्या हुआ राहुल? चेहरा इतना लाल क्यों हो रहा है?” उन्होंने पूछा, मुस्कुराते हुए। “न-नहीं आंटी… कुछ नहीं।” “झूठ मत बोलो। आंटी की छातियाँ देखकर तुम्हारा मन बदल गया ना?”
मैं चुप रहा। उन्होंने लैपटॉप ठीक करते हुए मेरी जांघ पर हाथ रख दिया। “राहुल, मैं जानती हूँ तुम मुझे देखते हो। रोज बालकनी में खड़े होकर घूरते हो। तुम्हारी नजरें मेरी गांड और छातियों पर घूमती रहती हैं।”
मैं घबरा गया। “आंटी… मैं…” “शश… कुछ मत बोलो।” उन्होंने मेरी तरफ झुककर कान में फुसफुसाया, “मुझे भी तुम्हारी जवानी पसंद है। मेरे पति तो बूढ़े हो गए हैं… बेड में कोई मजा नहीं देते। मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ।”
उस दिन से रोज कुछ न कुछ बहाना बनाकर वो मुझे बुलाने लगीं। कभी बल्ब बदलने के लिए, कभी पंखा ठीक करने के लिए। हर बार वो और भी कम कपड़े पहनतीं। एक दिन तो सिर्फ नाइटी में थीं, अंदर ब्रा नहीं थी। निप्पल साफ दिख रहे थे। मैं देखता रह गया।
“पसंद आ रहा है?” उन्होंने सीधे पूछा। “आंटी…” “प्रिया बोलो। आज से कोई आंटी-भतीजा नहीं।”
फिर एक शाम भारी बारिश हो रही थी। प्रिया आंटी ने फोन किया — “राहुल, बिजली चली गई है। अकेली बहुत डर लग रहा है। आ जाओ ना थोड़ी देर। पति 10 दिन के लिए दिल्ली गए हैं।”
मैं गया। डोर खोली तो उन्होंने एक लाल रंग की पतली नाइटी पहनी थी। बारिश में भीगने की वजह से नाइटी उनके शरीर से चिपक गई थी। अंदर ब्रा-पैंटी दोनों साफ दिख रहे थे। मैं अंदर आया। सोफे पर बैठे। उन्होंने वाइन की बोतल निकाली। दोनों ने दो-दो गिलास पी लिए।
“राहुल, आज रात कोई रोकने वाला नहीं है।” उन्होंने मेरी शर्ट के बटन खोलते हुए कहा। “प्रिया… अगर किसी ने देख लिया तो?” “कोई नहीं देखेगा।”
उन्होंने मेरी शर्ट पूरी उतार दी। फिर मेरी छाती पर हाथ फेरा। “तुम्हारी बॉडी कितनी हार्ड है।” मैंने हिम्मत करके उनकी जांघ पर हाथ रखा। नाइटी के अंदर से उनकी मुलायम जांघ छू गई। “वाह… कितना हार्ड हो गया है तुम्हारा लंड।” उन्होंने मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए कहा।
मैंने कहा, “प्रिया, मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ।” “तो चोदो ना… लेकिन पहले मुझे तैयार करो।”
उन्होंने मेरी तरफ झुककर मेरे होंठों को अपने होंठों से छुआ। सांसें गर्म हो गई थीं। उनकी आँखों में साफ लालसा थी। मेरी छाती तेज धड़क रही थी। उनका एक हाथ मेरी जांघ पर, दूसरा मेरे चेहरे पर। नाइटी का फीता ढीला हो चुका था।
अब सस्पेंस चरम पर है। हम दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। मेरा लंड पूरी तरह खड़ा है। प्रिया आंटी की चूत गीली हो चुकी है। अब आगे क्या होगा?
hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story
पड़ोस वाली हॉट आंटी प्रिया को जमकर चोदा
मैंने सारी हिम्मत जुटाई और प्रिया आंटी के मोटे, मुलायम और गर्म होंठों पर अपना मुंह रख दिया। जोरदार किस किया। पहले तो वो थोड़ी चौंक गईं, लेकिन अगले ही पल उन्होंने भी अपनी आँखें बंद कर लीं और मेरे होंठों को चूसने लगीं। उनकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। दोनों की सांसें तेज हो गईं। मैंने उन्हें और जोर से अपनी बाहों में भर लिया। उनकी नरम छातियाँ मेरी छाती से दब गईं।
“mmmmhhhhh…” प्रिया आंटी के मुंह से पहली सिसकारी निकली।
मैंने एक हाथ उनकी कमर पर घुमाया और दूसरे हाथ से नाइटी का पतला फीता खींच लिया। फीता खुल गया। मैंने नाइटी को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ खींचना शुरू किया। नाइटी उनके घुटनों तक, फिर जांघों तक, फिर कमर तक चढ़ गई। अब उनकी काली रंग की ब्रा और मैचिंग पैंटी साफ दिख रही थी।
“राहुल… धीरे से…” उन्होंने आँखें बंद करके कहा। उनकी आवाज काँप रही थी।
मैंने नाइटी को उनके सिर के ऊपर से उतार दिया। अब प्रिया आंटी सिर्फ ब्रा और पैंटी में मेरे सामने खड़ी थीं। उनका शरीर देखकर मेरा लंड और भी ज्यादा खड़ा हो गया। बड़ी-बड़ी छातियाँ ब्रा में दबकर बाहर आने को बेताब थीं। पतली कमर और गोल-गोल, भारी गांड।
मैंने उन्हें सोफे पर लिटा दिया। अब मैं उनके ऊपर था। फिर से जोरदार किस किया। इस बार किस और गहरा था। मेरी जीभ उनकी जीभ से लड़ रही थी। लार दोनों के होंठों पर चमक रही थी। प्रिया आंटी की आँखें आधी बंद थीं, होंठ काँप रहे थे।
“आह्ह्ह… राहुल… तुम बहुत अच्छा चूमते हो…” उन्होंने सिसकारते हुए कहा।
मैंने उनके दोनों स्तनों को ब्रा के ऊपर से दबाया। ब्रा के अंदर से उनके निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने ब्रा के हुक पीछे से खोले। ब्रा ढीली हो गई। मैंने ब्रा को धीरे-धीरे उनके कंधों से नीचे उतारा।
पहली बार प्रिया आंटी की नंगी छातियाँ मेरी आँखों के सामने थीं।
दोनों स्तन बड़े, भरे हुए, गोल और सफेद थे। निप्पल गुलाबी-भूरे रंग के और सख्त खड़े थे। मैंने एक स्तन को मुंह में लिया और चूसने लगा।
“आआआह्ह्ह्ह…!” प्रिया आंटी की पीठ झुक गई। उन्होंने मेरा सिर अपनी छाती से दबा लिया। “राहुल… और जोर से चूसो… हाँ… ऐसे ही… आह्ह्ह…”
मैंने दूसरे स्तन को भी चूसा, काटा, जीभ से चाटा। प्रिया आंटी की सांसें अब बहुत तेज हो गई थीं। उनकी आँखें पूरी तरह बंद थीं, मुंह खुला था और बार-बार “आह्ह… उउउफ्फ्फ…” निकल रहा था।
फिर मैंने नीचे की तरफ बढ़ा। उनकी काली पैंटी पर हाथ रखा। पैंटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी का इलास्टिक पकड़ा और धीरे-धीरे नीचे की तरफ खींचा।
पैंटी जांघों तक, घुटनों तक, फिर पैरों से उतर गई।
अब प्रिया आंटी पूरी तरह नंगी थीं।
उनकी चूत साफ दिख रही थी — साफ शेव की हुई, मोटी और गुलाबी। चूत के होठ फूले हुए थे और बीच से चमकदार पानी निकल रहा था।
“राहुल… अब मुझे मत छेड़ो… मुझे चोदो…” उन्होंने आँखें खोलकर मुझसे कहा। उनकी आँखों में आग थी।
मैं भी जल्दी से खड़ा हुआ। अपनी पैंट और अंडरवियर एक साथ उतार दिया। मेरा लंड बाहर आ गया — 7 इंच लंबा, मोटा और नसों से भरा हुआ। लंड का सिरा चमक रहा था।
प्रिया आंटी ने मेरा लंड देखा और उनकी आँखें चौड़ी हो गईं। “वाह… इतना बड़ा और मोटा… मेरे पति से तो दोगुना है…” उन्होंने कहा और अपना हाथ बढ़ाकर मेरे लंड को पकड़ लिया।
उन्होंने लंड को ऊपर-नीचे करना शुरू किया। फिर उन्होंने मुझे सोफे पर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गईं।
“अब मैं ऊपर बैठकर चुदवाती हूँ…”
उन्होंने अपने एक हाथ से मेरे लंड को सीधा किया और अपनी चूत के ऊपर रखा। फिर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगीं।
लंड का सिरा उनकी चूत के होठों को चीरता हुआ अंदर घुसने लगा।
“आआआह्ह्ह्ह…!” प्रिया आंटी जोर से चीख पड़ीं। आँखें बंद, मुंह खुला, सिर पीछे की तरफ झुक गया।
लंड धीरे-धीरे उनकी गीली और गर्म चूत में घुसता गया। आधा लंड अंदर जाने के बाद उन्होंने रुककर सांस ली।
“बहुत मोटा है… आह्ह… धीरे से…”
फिर उन्होंने और नीचे बैठना शुरू किया। पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया।
“उउउफ्फ्फ्फ… पूरा अंदर… राहुल… मेरा पेट फट रहा है…”
अब प्रिया आंटी मेरे ऊपर बैठी थीं। मेरा पूरा लंड उनकी चूत में दबा हुआ था। उन्होंने हिलना शुरू किया। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज।
“आह्ह… आह्ह… आह्ह…” हर बार जब वो नीचे बैठतीं तो उनका मोटा गांड मेरी जांघों से टकराता।
उनकी छातियाँ मेरे चेहरे के सामने लटक रही थीं। मैंने दोनों हाथों से उनकी छातियाँ पकड़ लीं और जोर-जोर से दबाने लगा।
प्रिया आंटी की आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला था। जीभ बाहर निकली हुई थी। पसीना उनके माथे और छाती पर चमक रहा था।
“राहुल… और जोर से… चोदो मुझे… हाँ… ऐसे ही… आआआह्ह्ह्ह…!”
मैंने भी नीचे से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ प्रिया आंटी की चूत से “पचक… पचक… पचक…” की आवाज आ रही थी।
“आह्ह… राहुल… मैं मर जाऊंगी… इतना मोटा लंड… आह्ह… मेरी चूत फट रही है…”
उनकी आँखें अब पूरी तरह बंद थीं। चेहरा लाल हो गया था। शरीर काँप रहा था।
मैंने उन्हें पकड़कर उल्टा लिटा दिया — मिशनरी पोजीशन। अब मैं उनके ऊपर था।
मैंने उनके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और जोर-जोर से चोदने लगा।
“आआआह्ह्ह्ह… राहुल… और तेज… और तेज चोदो… हाँ… हाँ… मैं झड़ने वाली हूँ…”
प्रिया आंटी की चीखें और तेज हो गईं। उनकी चूत मेरे लंड को और भी ज्यादा कस रही थी।
“आह्ह… आह्ह… आआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर अचानक कड़ा हो गया। आँखें पीछे की तरफ घूम गईं। मुंह खुला रहा।
“राहुल… मैं झड़ रही हूँ… आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…!”
उनकी चूत ने मेरे लंड को जोर से निचोड़ा। गर्म-गर्म पानी निकला।
मैं भी रुक नहीं सका।
“प्रिया… मैं भी… आ रहा हूँ…”
“अंदर ही छोड़ दो… पूरा अंदर… आह्ह…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और अपना सारा माल उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
दोनों सांस लेने के लिए रुक गए। प्रिया आंटी की छाती तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। उनकी आँखें अभी भी आधी बंद थीं। चेहरा संतुष्टि से भरा हुआ था।
मैंने उन्हें चूमा। उन्होंने भी मुझे चूमा।
“राहुल… आज तक इतना मजा कभी नहीं आया…” उन्होंने धीरे से कहा।
अब दोनों थोड़ी देर चुपचाप लेटे रहे। मेरा लंड अभी भी उनकी चूत के अंदर था।
hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story
प्रिया आंटी ने मेरे लंड को मुंह में लेकर साफ किया
दोनों अभी भी सोफे पर लेटे थे। प्रिया आंटी मेरे ऊपर लेटी हुई थीं। मेरी चूत के अंदर से अभी भी मेरा और उनका मिश्रित रस बाहर निकल रहा था।
अचानक प्रिया आंटी ने मेरे होंठों पर एक लंबा किस किया और धीरे-धीरे नीचे की तरफ सरकने लगीं।
उनकी आँखें मेरी आँखों में गड़ी हुई थीं। लालसा अभी भी कम नहीं हुई थी।
वे मेरे पेट के नीचे आ गईं। मेरा लंड अभी भी आधा खड़ा था — पूरा चमकदार, हमारे दोनों के रस से भीगा हुआ।
प्रिया आंटी ने मेरे लंड को दोनों हाथों से पकड़ लिया। उन्होंने पहले तो उसे ऊपर-नीचे सहलाया। फिर उन्होंने अपना चेहरा मेरे लंड के पास ले जाया।
“देखो… कितना गंदा हो गया है तुम्हारा लंड… मेरे और तुम्हारे रस से…”
उन्होंने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराई। फिर उन्होंने जीभ बाहर निकाली और लंड के सिरे पर लगे सफेद माल को चाट लिया।
“mmmmmm…”
उनकी आँखें आधी बंद हो गईं। चेहरा एक अलग ही मस्ती से भर गया। जैसे उन्हें स्वाद बहुत पसंद आ रहा हो।
उन्होंने लंड के सिरे को होठों से चूम लिया। फिर धीरे-धीरे मुंह खोला और लंड का ऊपरी हिस्सा अपने गर्म मुंह में ले लिया।
“आह्ह्ह…” मेरे मुंह से अनजाने में आवाज निकल गई।
प्रिया आंटी ने आँखें बंद करके लंड को चूसना शुरू किया। उनकी जीभ लंड के नीचे की नसों पर घूम रही थी। वे मेरे और उनके मिश्रित रस को चाट-चाटकर साफ कर रही थीं।
“चुप… चुप…” की गीली आवाज आ रही थी।
वे और गहरा लेने लगीं। लंड आधा उनके गले में चला गया।
“उउउफ्फ्फ…!” उन्होंने हल्का सा घुटने की आवाज निकाली, लेकिन रुकी नहीं। आँखें पानी से भर गईं, लेकिन उन्होंने जारी रखा।
मैं नीचे लेटा हुआ उन्हें देख रहा था। मेरे एक्सप्रेशन में हैरानी और जबरदस्त मजा दोनों थे। मैंने अपना एक हाथ उनकी लंबी काली बालों में डाल दिया और धीरे से उनका सिर पकड़ लिया।
“प्रिया… तुम… आह्ह… बहुत अच्छा चूस रही हो…”
प्रिया आंटी ने मेरी तरफ देखा। उनकी आँखें चमक रही थीं। मुंह में मेरा लंड भरा हुआ था। उन्होंने धीरे-धीरे सिर हिलाया — जैसे कह रही हों “और जोर से…”
मैंने उनकी बात समझ ली। मैंने उनके सिर को थोड़ा और नीचे दबाया।
अब लंड लगभग पूरा उनके मुंह में था। वे जोर-जोर से चूस रही थीं। लार उनके मुंह से निकलकर मेरे लंड और अंडकोष पर बह रही थी।
“आह्ह… प्रिया… मैं फिर से हार्ड हो रहा हूँ…”
लंड अब फिर से पूरा खड़ा हो चुका था — उनकी गर्म साँस और जीभ की वजह से।
प्रिया आंटी ने लंड को मुंह से बाहर निकाला। लंड अब चमक रहा था — साफ और चिकना।
उन्होंने लंड के नीचे के हिस्से को भी चाटा, अंडकोष को मुंह में लिया और चूसा।
“अब… बेडरूम चलो…” उन्होंने साँस लेते हुए कहा।
वे उठीं और मेरा हाथ पकड़कर मुझे खींचा। दोनों पूरी तरह नंगे थे।
हम बेडरूम में गए। अंदर जाकर प्रिया आंटी ने मुझे दीवार से टिका दिया।
“अब खड़े होकर चोदो मुझे…”
उन्होंने मेरी गर्दन पकड़ी और जोर से किस किया। फिर उन्होंने एक पैर उठाकर मेरी कमर पर लपेट लिया।
मैंने उनकी भारी गांड दोनों हाथों से पकड़ ली। वे मेरी गर्दन से लटक गईं।
मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा। चूत अभी भी गीली और फूली हुई थी।
एक जोरदार धक्का मारा।
“आआआह्ह्ह्ह…!” प्रिया आंटी जोर से चीख पड़ीं।
लंड पूरा अंदर चला गया। अब वे दीवार से टिकी हुई थीं और मैं उन्हें पकड़े हुए खड़े होकर चोद रहा था।
हर धक्के के साथ उनकी गांड दीवार से टकराती।
“आह्ह… आह्ह… राहुल… खड़े होकर चोदना… बहुत मस्त है…”
उनकी छातियाँ मेरी छाती से रगड़ खा रही थीं। निप्पल सख्त हो चुके थे।
मैंने उनकी गांड और जोर से पकड़ लिया और तेजी से धक्के मारने लगा।
“फचक… फचक… फचक…”
प्रिया आंटी की आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला था। हर धक्के के साथ उनकी सिसकारियाँ निकल रही थीं।
“राहुल… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… आआआह्ह्ह्ह…!”
मैंने उनकी एक छाती मुंह में ले ली और चूसते हुए चोदता रहा।
प्रिया आंटी ने मेरे बालों में हाथ डाल दिया और मेरे सिर को अपनी छाती से दबा लिया।
“आह्ह… हाँ… ऐसे ही… चूसो… और चोदो…”
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। अब दीवार थोड़ी हिल रही थी।
प्रिया आंटी की चीखें और तेज हो गईं।
“आआआह्ह्ह्ह… राहुल… मैं फिर झड़ने वाली हूँ… आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर काँपने लगा। चूत ने मेरे लंड को जोर से निचोड़ा।
मैं भी रुक नहीं सका।
“प्रिया… मैं भी…”
“हाँ… अंदर छोड़ दो… पूरा…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और तीसरी बार उनकी चूत के अंदर अपना माल छोड़ दिया।
प्रिया आंटी का सिर मेरे कंधे पर गिर गया। दोनों साँस लेने के लिए रुक गए।
मेरा लंड अभी भी उनकी चूत के अंदर था। दोनों के शरीर पसीने से तर थे।
“राहुल… आज तुमने मुझे तीन बार झड़ा दिया…” उन्होंने धीरे से कहा।
hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story
- दीदी के सामने जीजा ने जबरदस्ती तोड़ी मेरी कुँवारी सील
- प्रिया भाभी को होटल में जमकर चोदा
- माँ बेटे की असली चुदाई की कहानी
- 20 साल की रानी को ट्रेन में चोदने में आया खूब मज़ा
hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story
✅ अगले दिन…
रात भर की चुदाई के बाद दोनों थककर सो गए थे। प्रिया आंटी मेरी बाहों में नंगी लेटी हुई थीं। मेरा एक हाथ उनकी एक छाती पर रखा था। दोनों के शरीर अभी भी हल्के पसीने और रस से भीगे हुए थे।
अगले दिन सुबह 7 बजे…
सूरज की पहली किरणें पर्दे से छनकर बेडरूम में आ रही थीं। प्रिया आंटी की आँखें खुलीं। उन्होंने घड़ी देखी — अभी सुबह के 7 बज रहे थे।
वे मेरी तरफ मुड़ीं। मैं अभी भी गहरी नींद में था।
उनकी नजर मेरे चेहरे पर गई… फिर नीचे मेरे नंगे शरीर पर। मेरा लंड सुबह की हार्डनेस के साथ आधा खड़ा था।
प्रिया आंटी की आँखों में फिर से वही लालसा जग गई।
वे धीरे से मेरे ऊपर चढ़ गईं। उनके बाल अस्त-व्यस्त थे। चेहरा अभी भी नींद से भरा था, लेकिन होंठों पर एक शैतानी मुस्कान थी।
उन्होंने मेरे होंठों पर हल्का सा किस किया। फिर गर्दन पर, फिर छाती पर।
मैं आँखें खोले बिना ही मुस्कुरा दिया।
“जाग गए?” उन्होंने कान में फुसफुसाया।
“हम्म…” मैंने आँखें खोलीं।
प्रिया आंटी मेरे ऊपर बैठी हुई थीं — पूरी तरह नंगी। सुबह की रोशनी में उनका शरीर और भी ज्यादा सेक्सी लग रहा था। उनकी छातियाँ मेरे चेहरे के ठीक सामने लटक रही थीं।
“रात भर इतना चोदा… और सुबह फिर खड़ा हो गया?” उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर कहा।
मैंने उनकी कमर पकड़ ली। “तुम्हारे बिना कैसे नहीं खड़ा होगा प्रिया…”
उन्होंने मेरे लंड को अपनी चूत पर रखा। चूत अभी भी कल रात के रस से थोड़ी गीली थी।
धीरे-धीरे वे नीचे बैठ गईं।
“आआह्ह्ह…” दोनों के मुंह से एक साथ सिसकारी निकली।
सुबह की पहली चुदाई बहुत धीमी और गहरी थी।
प्रिया आंटी ऊपर-नीचे नहीं हो रही थीं, बल्कि धीरे-धीरे घुमाती हुई बैठी थीं। मेरा लंड उनकी चूत के अंदर घूम रहा था।
उनकी आँखें आधी बंद थीं। सुबह की रोशनी में उनका चेहरा और भी ज्यादा खूबसूरत लग रहा था। बाल चेहरे पर बिखरे हुए थे।
“राहुल… सुबह की चुदाई… बहुत मस्त लग रही है…”
मैंने उनकी दोनों छातियाँ पकड़ लीं और दबाते हुए कहा, “तुम सुबह में और भी ज्यादा हॉट लग रही हो प्रिया…”
वे झुक गईं और मेरे होंठों पर किस करने लगीं। हम दोनों एक-दूसरे के मुंह में साँस ले रहे थे।
फिर उन्होंने रफ्तार बढ़ा दी।
“आह्ह… आह्ह… राहुल…”
हर बार जब वे नीचे बैठतीं, तो उनकी गांड मेरी जांघों से टकराती।
मैंने उनकी कमर पकड़कर ऊपर से धक्के मारने शुरू कर दिए।
“आआआह्ह्ह… हाँ… ऐसे ही…”
प्रिया आंटी की आँखें अब पूरी तरह खुली थीं और सीधे मेरी आँखों में देख रही थीं।
“राहुल… आज पूरा दिन तुम्हारा है… पति शाम को आएंगे… तब तक…”
“तब तक क्या?” मैंने पूछा।
“तब तक जितना चाहो चोदो मुझे…”
उनकी बात सुनकर मेरा लंड और भी ज्यादा फूल गया।
मैंने उन्हें पकड़कर पलट दिया — अब मैं ऊपर था।
सुबह की रोशनी में उनकी नंगी छातियाँ और भी ज्यादा चमक रही थीं।
मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू किया।
“आआआह्ह्ह्ह… राहुल… सुबह इतना जोर से… आह्ह…”
प्रिया आंटी की चीखें बेडरूम में गूंज रही थीं।
मैंने उनके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और गहराई से धक्के मारने लगा।
“प्रिया… तुम्हारी चूत आज सुबह और भी ज्यादा टाइट लग रही है…”
“हाँ… क्योंकि कल रात तुमने इतना माल छोड़ा था… आआआह्ह्ह्ह…”
दोनों की साँसें तेज हो गई थीं।
अंत में प्रिया आंटी फिर से झड़ गईं।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह… राहुल…!”
उनकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया।
मैं भी रुक नहीं सका और सुबह का अपना गरम माल उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
दोनों थककर एक-दूसरे पर गिर गए।
प्रिया आंटी ने मुझे चूमा और कहा, “राहुल… आज पूरा दिन हम दोनों का है… क्या करना चाहते हो?”
hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story
शावर के नीचे चुदाई
प्रिया आंटी ने मेरे होंठों पर हल्का सा किस किया और कहा, “पहले नहा लेते हैं राहुल… पूरा दिन बाकी है।”
दोनों अभी भी नंगे थे। मैं उठा और उनका हाथ पकड़ लिया। दोनों बाथरूम की तरफ गए।
बाथरूम में जाकर प्रिया आंटी ने शावर ऑन कर दिया। गर्म पानी की बौछार शुरू हो गई।
पहले तो पानी उनके शरीर पर गिरा। उनके बाल भीग गए और चिपक गए। पानी उनकी बड़ी-बड़ी छातियों पर गिर रहा था और नीचे की तरफ बह रहा था। उनके निप्पल पानी में और भी ज्यादा सख्त हो गए।
प्रिया आंटी ने मुझे अंदर खींच लिया। अब दोनों शावर के नीचे खड़े थे। गर्म पानी हमारे नंगे शरीर पर गिर रहा था।
उन्होंने मेरी तरफ देखा। पानी उनकी आँखों से टपक रहा था। उन्होंने मुझे दीवार से टिका दिया और जोर से किस किया।
पानी हमारे बीच से बह रहा था। हमारे होंठ गीले हो चुके थे। उनकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई।
“mmmmhhh…” प्रिया आंटी के मुंह से सिसकारी निकली।
मैंने भी उन्हें दीवार से टिका दिया। अब पानी सीधे उनकी छातियों पर गिर रहा था। मैंने एक छाती मुंह में ले ली और पानी के साथ चूसने लगा।
“आआह्ह्ह… राहुल…” उन्होंने सिर पीछे झुकाया। पानी उनके चेहरे पर गिर रहा था। उनकी आँखें बंद थीं और मुंह खुला था।
मैंने उनकी दूसरी छाती भी चूसी। पानी उनके शरीर से टपक-टपक कर मेरे मुंह में जा रहा था।
फिर प्रिया आंटी ने मेरे लंड को पकड़ लिया। पानी की वजह से लंड और भी ज्यादा चिकना हो गया था। उन्होंने उसे अपनी चूत पर रखा।
“अब अंदर डालो…” उन्होंने फुसफुसाया।
मैंने उनकी एक जांघ उठा ली और अपने कंधे पर रख दी। फिर धीरे-धीरे लंड को उनकी चूत में घुसाया।
“आआआह्ह्ह्ह…!” प्रिया आंटी जोर से चीख पड़ीं।
गर्म पानी और गर्म चूत — दोनों ने मिलकर मुझे पागल कर दिया।
अब मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा।
“पचक… पचक… पचक…”
पानी हमारे शरीर से टकरा रहा था। प्रिया आंटी की चूत से निकलने वाला रस पानी के साथ मिलकर नीचे बह रहा था।
उनकी आँखें आधी बंद थीं। पानी उनके चेहरे पर गिर रहा था। वे बार-बार होंठ काट रही थीं।
“राहुल… शावर में चोदना… बहुत मस्त लग रहा है… आह्ह…”
मैंने उनकी दूसरी जांघ भी उठा ली। अब वे पूरी तरह मेरे हाथों में लटक रही थीं। मैं उन्हें पकड़े हुए जोर-जोर से चोद रहा था।
“आआआह्ह्ह… राहुल… और जोर से… हाँ… ऐसे ही…”
प्रिया आंटी ने मेरे बालों में हाथ डाल दिया और मुझे अपनी तरफ खींच लिया। हम दोनों गीले होंठों से एक-दूसरे को चूम रहे थे। पानी हमारे मुंह में जा रहा था।
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी।
“फचक… फचक… फचक…”
प्रिया आंटी की चीखें बाथरूम में गूंज रही थीं।
“आह्ह… आह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ… आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर काँपने लगा। चूत ने मेरे लंड को जोर से कस लिया।
मैं भी रुक नहीं सका।
“प्रिया… मैं भी…”
“हाँ… अंदर छोड़ दो… पूरा अंदर…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और सुबह का अपना सारा माल फिर से उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
दोनों सांस लेने के लिए रुक गए। गर्म पानी अभी भी हमारे शरीर पर गिर रहा था।
प्रिया आंटी ने मुझे चूमा और कहा, “राहुल… शावर में चोदना सच में बहुत अच्छा लगता है…”
दोनों अभी भी एक-दूसरे से चिपके हुए खड़े थे। पानी हमारे शरीर से बह रहा था।
hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story | hot aunty sex story
तौलिए से पोंछकर चुदाई
शावर बंद करने के बाद दोनों अभी भी गीले-गीले नंगे खड़े थे। प्रिया आंटी ने एक बड़ा तौलिया उठाया।
उन्होंने पहले मुझे पोंछना शुरू किया।
तौलिए से उन्होंने मेरी छाती, पेट, फिर नीचे की तरफ… धीरे-धीरे मेरे लंड को पोंछा। लंड अभी भी थोड़ा खड़ा था। उन्होंने तौलिए से उसे सहलाते हुए कहा, “अभी भी खड़ा है… कितना लालची है तेरा लंड।”
उनकी आवाज में शरारत थी। पानी की बूंदें अभी भी उनके शरीर से टपक रही थीं। उनके बाल भीगे हुए चिपके हुए थे।
फिर उन्होंने खुद को भी थोड़ा पोंछा — खासकर अपनी छातियों और चूत को।
“चलो… बेड पर चलते हैं।”
उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बेडरूम में ले आईं।
बेड पर जाकर उन्होंने मुझे पीठ के बल लिटा दिया।
“अब तुम लेट जाओ… मैं ऊपर बैठकर चुदवाती हूँ।”
प्रिया आंटी मेरे ऊपर चढ़ गईं। उनके भीगे बाल मेरे चेहरे पर गिर रहे थे। पानी की छोटी-छोटी बूंदें अभी भी उनकी छातियों पर चमक रही थीं।
उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया। अभी भी थोड़ा गीला था। उन्होंने उसे अपनी चूत पर रखा और धीरे-धीरे नीचे बैठ गईं।
“आआह्ह्ह…”
लंड फिर से उनकी गर्म चूत में घुस गया।
अब प्रिया आंटी मेरे ऊपर घुड़सवार बनकर बैठी थीं। उन्होंने अपने दोनों हाथ मेरी छाती पर रखे और हिलना शुरू किया।
पहले धीरे-धीरे…
ऊपर-नीचे… ऊपर-नीचे…
हर बार जब वे नीचे बैठतीं, तो उनकी गीली चूत मेरे लंड को पूरा निगल लेती।
उनके भीगे बाल आगे की तरफ झूल रहे थे। पानी की बूंदें उनकी छातियों से गिरकर मेरी छाती पर पड़ रही थीं।
“राहुल… सुबह-सुबह इतना मोटा लंड… आह्ह…”
उनकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह थोड़ा खुला था। हर हरकत के साथ उनकी सिसकारियाँ निकल रही थीं।
“आह्ह… आह्ह… राहुल…”
मैं नीचे लेटा हुआ उन्हें देख रहा था। मेरे एक्सप्रेशन में जबरदस्त मजा था। मैंने दोनों हाथ बढ़ाकर उनकी कमर पकड़ ली।
“प्रिया… तुम आज सुबह और भी ज्यादा सेक्सी लग रही हो…”
उन्होंने रफ्तार बढ़ा दी। अब वे तेजी से ऊपर-नीचे होने लगीं।
“फचक… फचक… फचक…”
उनकी भारी छातियाँ मेरे सामने लटककर ऊपर-नीचे हो रही थीं। पानी की बूंदें उड़ रही थीं।
प्रिया आंटी ने सिर पीछे झुकाया। उनकी आँखें अब पूरी तरह बंद थीं।
“आआआह्ह्ह… राहुल… बहुत अच्छा लग रहा है… हाँ… ऐसे ही…”
मैंने उनकी दोनों छातियाँ पकड़ लीं और जोर से दबाने लगा।
“उउउफ्फ्फ… राहुल… छातियाँ मत दबाओ… मैं और तेज हो जाऊंगी…”
लेकिन मैंने दबाना बंद नहीं किया।
प्रिया आंटी अब बहुत तेजी से चोद रही थीं। उनकी गांड मेरी जांघों से जोर-जोर से टकरा रही थी।
“आह्ह… आह्ह… आआआह्ह्ह्ह…!”
उनकी चीखें और तेज हो गईं।
“राहुल… मैं फिर झड़ने वाली हूँ… आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर अचानक कड़ा हो गया। चूत ने मेरे लंड को बहुत जोर से कस लिया।
मैं भी नीचे से धक्के मारने लगा।
“प्रिया… मैं भी… आ रहा हूँ…”
“हाँ… अंदर छोड़ दो… पूरा अंदर… आह्ह…”
मैंने उनकी कमर दोनों हाथों से पकड़ लिया और आखिरी जोरदार धक्का मारा।
चौथी बार मेरा गरम माल उनकी चूत के अंदर छूट गया।
प्रिया आंटी मेरे ऊपर गिर पड़ीं। दोनों की साँसें बहुत तेज चल रही थीं।
उनके भीगे बाल मेरे चेहरे पर फैले हुए थे।
“राहुल… आज सुबह तुमने मुझे दो बार झड़ा दिया…” उन्होंने धीरे से कहा।
मैंने उन्हें चूमा।
दोनों अभी भी एक-दूसरे से चिपके हुए लेटे थे।
hot aunty sex story, पड़ोस वाली आंटी चुदाई, hot aunty sex story, प्रिया आंटी सेक्स, neighbor aunty chudai, desi hot aunty sex, hot neighbor aunty, priya aunty hardcore, पड़ोस की आंटी चोदाई, hot aunty chudai