38 साल की मालती को 22 साल के रोहन से हुआ प्यार जमकर चुदी | aunty ne ladke ko choda

मालती की कहानी: 22 साल के रोहन से प्यार और चुदाई

aunty ne ladke ko choda

मैं मालती हूँ। उम्र 38 साल। पति अक्सर बाहर रहते हैं बिजनेस के सिलसिले में। घर सूना, शरीर भरा हुआ – मेरे बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर के नीचे मोटी गोल गाँड़, गोरी त्वचा। अंदर सालों से दबी हुई आग थी।

रोहन मेरी सहेली का बेटा था। 22 साल का, तगड़ा और जवां। पहले तो वो सिर्फ “बेटा” था, लेकिन जब वो कॉलेज से लौटा तो मेरी नजरें बदल गईं। मैं डरती थी – उम्र का फर्क, रिश्ता, इज्जत, अगर किसी को पता चला तो क्या होगा? लेकिन दिल और चूत दोनों ने साथ नहीं दिया।

कैसे शुरू हुआ – सस्पेंस के साथ पूरा डिटेल

एक शाम मेरी सहेली ने रोहन को मेरे पास भेजा कुछ काम से। मैंने दरवाजा खोला। रोहन सामने खड़ा था। उसकी आँखें मेरे ब्लाउज में अटक गईं। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “आओ रोहन, अंदर आओ बेटा।”

हम लिविंग रूम में बैठे। मैंने जानबूझकर उसके पास बैठकर पूछा, “कैसे हो रोहन? कॉलेज कैसा चल रहा है? कोई girlfriend बनाई?”

रोहन शर्मा कर बोला, “नहीं आंटी… अभी पढ़ाई पर ध्यान है।”

मैं और करीब आ गई। मेरी जाँघ उसकी जाँघ से छू रही थी। मैंने कहा, “अरे वाह, इतने समझदार हो गए हो। लेकिन जवानी का मजा भी लेना चाहिए ना? देख रही हूँ… तुम कितने बड़े और तगड़े हो गए हो। कोई बड़ी उम्र की औरत पसंद आती है क्या?”

रोहन घबरा गया, लेकिन उसकी आँखें मेरे स्तनों पर थीं।

कुछ दिन बाद फिर मौका बना। पति शहर से बाहर थे। मैंने खुद रोहन को फोन किया – “रोहन, थोड़ी मदद करनी है, आ जाना।”

जब वो आया तो मैंने लाल रंग की टाइट साड़ी और ब्लाउज पहना था। जानबूझकर झुककर पानी देने लगी। मेरे स्तनों की गहरी दरार साफ दिख रही थी। रोहन की नजरें वहीं अटक गईं।

मैंने सीधा सवाल किया, “रोहन, तुम मुझे ऐसे क्यों देख रहे हो?”

रोहन ने हिम्मत करके कहा, “आंटी… आप बहुत सेक्सी हो। आपकी बॉडी देख के मेरा लंड खड़ा हो जाता है। मुझे आपसे प्यार हो गया है।”

मेरा दिल जोरों से धड़का। चूत अंदर से गीली हो गई। मैंने डरते हुए कहा, “बेटा… ये गलत है। मैं तुम्हारी माँ की सहेली हूँ। उम्र में इतना फर्क… अगर किसी को पता चल गया तो मेरी इज्जत चली जाएगी।”

लेकिन रोहन ने मेरा हाथ पकड़ लिया। “आंटी, कोई नहीं जानेगा। ये सिर्फ हम दोनों के बीच रहेगा।”

मैंने हाथ नहीं छुड़ाया। वो करीब आया। उसने मुझे गले लगा लिया। उसके सीने से मेरे भारी स्तन दब रहे थे। फिर उसने मेरे होठों पर किस किया। मैंने भी मुंह खोला और उसकी जीभ को अंदर आने दिया। हम दोनों साँसें तेज हो गई थीं।

सस्पेंस भरा खतरनाक पल: हम गर्म हो चुके थे। अचानक बाहर से आवाज आई – पड़ोसी ने दरवाजा बजाया। “आंटी, urgent बात है, खोलो!” हम घबरा गए। रोहन जल्दी से अलग हुआ। मैंने तुरंत साड़ी का पल्लू ठीक किया, ब्लाउज के बटन बंद किए। दिल धड़क रहा था, चूत तर थी, लेकिन डर भी था कि कहीं पकड़े न जाएँ। रोहन ने फुसफुसा कर कहा, “आंटी मैं जाता हूँ।” मैंने कहा, “कल आना… अकेले।”

वो चला गया। मैं रात भर सो नहीं पाई। सोच रही थी – “क्या कर रही हूँ मालती? ये गलत है… लेकिन मुझे इतना प्यार और सेक्स चाहिए।”

अगली बार जब रोहन आया, मैंने खुद पहल की। मैंने कहा, “रोहन, मैं भी तुमसे प्यार करने लगी हूँ। लेकिन ये secret रहेगा। कोई नहीं जानेगा।”

उसने मुझे जोर से गले लगा लिया। इस बार हम सीधे बेडरूम में गए। उसने मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए। मैंने कमजोर आवाज में कहा, “रोहन… धीरे… कोई आ जाएगा…” लेकिन मैंने उसे रोक नहीं पाया। उसने मेरे ब्लाउज उतार दिया, फिर ब्रा का हुक खोला। मेरे नंगे स्तन उसके सामने थे। उसने एक निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा। मैं “आह्ह… उमhh… रोहन… धीरे बेटा…” बोल रही थी। मेरे शरीर में बिजली दौड़ गई।

उसने मेरी साड़ी उठाई, मेरी पैंटी के ऊपर हाथ फेरा। मैं पूरी गीली थी। उसने उँगली अंदर डालने की कोशिश की, लेकिन मैंने कहा, “आज नहीं… अगली बार पूरा करेंगे।” (समय और डर की वजह से रोका)

लेकिन अब मेरी कहानी यहाँ आकर रुकी हुई है। मैं रोहन को चोदने वाली हूँ।

aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda

38 साल की मालती को 22 साल के रोहन से हुआ प्यार जमकर चुदी

मैंने फैसला कर लिया। अब और इंतजार नहीं। मैंने रोहन का हाथ पकड़ लिया और उसे अपने बेडरूम में ले गई। कमरे में सिर्फ हम दोनों थे। मैंने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। रोहन की साँसें तेज थीं, उसकी आँखों में डर और लालच दोनों थे।

मैंने उसे बेड के पास धक्का देकर लिटा दिया। “आज मैं तुम्हें चोदूंगी रोहन,” मैंने सीधे कहा। “तुम बस लेटे रहो और मुझे चोदने दो।”

कपड़े उतारने का क्रम – पूरा डिटेल

पहले मैंने उसके कपड़े उतारे। मैं उसके ऊपर झुकी, उसके शर्ट के बटन एक-एक करके खोले। शर्ट उतार दी। उसकी छाती नंगी थी। मैंने उसके निप्पल पर मुंह रखा और चूसा। रोहन सिसकारियाँ लेने लगा, “आंटी… आह्ह…”

फिर मैंने उसके पैंट का बटन खोला, जिपर नीचे खींची। पैंट और अंडरवियर एक साथ नीचे खींच दिए। उसका लंड खड़ा हो चुका था – मोटा, गर्म और नसों से भरा। मैंने उसे हाथ में लिया। गर्म था। मैंने सबसे पहले उसके लंड के सिरे पर किस किया, फिर जीभ से चाटा। रोहन की आँखें बंद हो गईं, “आंटी… वाह…”

मैंने उसका पूरा लंड मुंह में लिया। ऊपर-नीचे करने लगी। गला भर रहा था लेकिन मैंने और गहरा लिया। रोहन का हाथ मेरे बालों में घुस गया। वह हल्का-हल्का कूल्हे उठा रहा था। मैं चूस रही थी, “उम्म… गर्म… स्वादिष्ट…”

अब मेरी बारी थी। मैं बेड से उठी। सबसे पहले साड़ी का पल्लू खींचकर गिरा दिया। साड़ी को खोलकर पूरी तरह उतार दी। अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट रह गया था।

मैंने रोहन से कहा, “मेरा ब्लाउज उतारो।” उसने हाथ काँपते हुए ब्लाउज के हुक खोले। एक-एक हुक खुलता गया। ब्लाउज उतार दिया। अब मेरी ब्रा दिख रही थी।

मैंने खुद पीछे हाथ डालकर ब्रा का हुक खोला। हुक खुला। ब्रा ढीली हो गई। मैंने ब्रा उतारकर फेंक दिया। मेरे भारी स्तन बाहर आ गए। निप्पल सख्त और खड़े थे। रोहन की आँखें फटी की फटी रह गईं।

अंत में मैंने पेटीकोट का नाड़ा खोला और पेटीकोट गिरा दिया। अब सिर्फ पैंटी रह गई थी। मैंने पैंटी का इलास्टिक पकड़ा और धीरे-धीरे नीचे खींचा। पैंटी उतारकर एक तरफ फेंक दी। मेरी चूत पूरी तरह नंगी और गीली थी।

रोहन ने देखा और फुसफुसाया, “आंटी… आप बहुत खूबसूरत हो…”

चुदाई शुरू – पूरा डिटेल

मैं बेड पर चढ़ी। रोहन के ऊपर आ गई। घुटनों के बल बैठ गई। मैंने उसके लंड को फिर से हाथ में लिया। ऊपर-नीचे हिलाया। फिर मैंने अपने शरीर को ऊपर उठाया, अपनी चूत को उसके लंड के सिरे पर रखा।

धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी। उसका मोटा लंड मेरी चूत के होठों को चीरता हुआ अंदर घुसने लगा। “आह्ह्ह… रोहन…” मैं चीख पड़ी। लंड आधा अंदर चला गया। चूत खिंच रही थी। दर्द भी था लेकिन मजा ज्यादा था।

मैं और नीचे बैठी। पूरा लंड मेरी चूत में समा गया। “उम्म्म… कितना मोटा है तेरा लंड…” मैंने कहा।

अब मैं ऊपर-नीचे होने लगी। पहले धीरे-धीरे। फिर तेज। मेरे स्तन उछल रहे थे। रोहन ने दोनों हाथ ऊपर बढ़ाए और मेरे स्तन पकड़ लिए। वह निप्पल चूसने लगा। मैं और जोर से चोदने लगी।

“हाँ रोहन… चूस मेरे स्तन… और जोर से चोद… मेरी चूत फाड़ दो आज…” मैं ऊपर-नीचे हो रही थी। मेरी गाँड़ उसके कूल्हों से टकरा रही थी। “प्लॉप… प्लॉप…” की आवाजें आ रही थीं। मेरी चूत से पानी निकल रहा था।

रोहन के एक्सप्रेशन: शुरू में वो घबरा रहा था। आँखें खुली हुई, “आंटी… अगर कोई आ गया तो…” लेकिन जैसे ही मेरा लंड उसके अंदर पूरा घुसा, उसकी आँखें बंद हो गईं। मुंह खुला, “आह्ह… आंटी… आप बहुत टाइट हो… वाह…” जब मैं तेजी से चोदने लगी तो उसका चेहरा लाल हो गया। वह मेरी गाँड़ दबा रहा था, कूल्हे ऊपर उठा रहा था ताकि और गहरा घुसे। “आंटी… आह्ह… मैं… मैं जड़ने वाला हूँ…”

मेरे एक्सप्रेशन: मैं आँखें बंद करके चोद रही थी। मुंह खुला, “आह्ह… उमhh… रोहन… और… और जोर से…” जब लंड गहरा जाता तो मैं सिर पीछे झुकाती, बाल खुले होकर मेरे चेहरे पर आ जाते। स्तन उछलते, पसीना निकल रहा था। मैं काट रही थी अपने होठ। “हाँ बेटा… आज मैं तुम्हें चोदूंगी… तुम मेरे हो…”

मैं और तेज हो गई। रोहन के स्तन चूस रही थी। वह भी जोर से मेरी गाँड़ दबा रहा था।

अंत में मेरा ऑर्गेज्म आ गया। मेरा पूरा शरीर काँपने लगा। चूत सिकुड़ गई। “आह्ह्ह्ह… रोहन… मैं… आह्ह…” मैं चीख पड़ी। आँखें बंद, मुंह खुला, शरीर झटके ले रहा था।

रोहन भी रुक नहीं पाया। उसने जोर से कूल्हे उठाए और अंदर ही झड़ गया। गर्म पानी मेरी चूत में भर गया। उसका चेहरा तन गया, आँखें बंद, “आंटी… आह्ह… वाह…”

मैं उसके ऊपर ही लेट गई। हम दोनों साँसें ले रहे थे। उसका लंड अभी भी मेरी चूत में था। मैंने उसके गाल पर किस किया।

“रोहन… आज तुम्हें मैंने चोद दिया,” मैंने फुसफुसाया। “ये हमारा secret रहेगा।”

रोहन ने मुझे गले लगा लिया। “आंटी… आप… आपने मुझे स्वर्ग दिखा दिया…”

aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda

दूसरी बार चुदाई (मालती की जुबानी – बहुत डिटेल में)

मैं रोहन के ऊपर ही लेटी हुई थी। उसका लंड अभी भी मेरी चूत के अंदर नरम पड़ चुका था, लेकिन उसके अंदर का गर्म-गर्म पानी मेरी चूत में भरा हुआ था। हम दोनों की साँसें भारी थीं। पसीना हमारे शरीर पर चमक रहा था। रोहन ने मुझे गले लगा रखा था।

“आंटी… आपने मुझे स्वर्ग दिखा दिया,” उसने फुसफुसाया।

मैं मुस्कुराई। लेकिन तभी मुझे महसूस हुआ – उसका लंड मेरी चूत के अंदर फिर से सख्त हो रहा है। धीरे-धीरे फूल रहा था। मैंने हल्का सा कूल्हा हिलाया। लंड अंदर ही अंदर और मोटा होता गया।

“देखो… फिर खड़ा हो गया रोहन,” मैंने उसके कान में कहा। “अब दूसरी बार चोदूंगी तुझे। इस बार और लंबे समय तक।”

मैं धीरे से उठी। उसका लंड मेरी चूत से बाहर निकला। “प्लॉप” की आवाज आई। मेरी चूत से उसका गाढ़ा पानी और मेरी चूत का रस दोनों मिलकर बह रहे थे। मेरी जाँघों पर चिपचिपा हो रहा था।

मैं फिर से उसके ऊपर घुटनों के बल बैठ गई। उसके लंड को हाथ में लिया। अभी भी गर्म था। मैंने ऊपर-नीचे हिलाया। लंड पूरी तरह खड़ा हो गया – नसें फूल गई थीं, सिरा चमक रहा था।

“अब अंदर डालूँगी,” मैंने कहा।

मैंने अपने शरीर को ऊपर उठाया। एक हाथ से उसके लंड को पकड़ा और अपनी गीली चूत के होठों पर रखा। फिर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी।

इस बार लंड आसानी से अंदर घुस गया क्योंकि चूत पहले से ही खुली हुई और गीली थी। “आह्ह्ह… रोहन…” मैं सिसकारियाँ लेते हुए बोली। पूरा लंड दूसरी बार मेरी चूत में समा गया। अंदर का गर्म पानी अभी भी था। मुझे बहुत अजीब और मजेदार लगा।

अब मैं चोदने लगी।

पहले धीरे-धीरे। ऊपर-नीचे। मेरी चूत उसके लंड को कसकर पकड़ रही थी। “गुप… गुप…” की गीली आवाजें आ रही थीं। मैंने अपने बाल पीछे किए और रोहन की आँखों में देखते हुए चोदने लगी।

“हाँ बेटा… मेरी चूत अभी भी तेरे पानी से भरी हुई है… अब और गहरा डाल…” मैं तेज हो गई। ऊपर-नीचे की रफ्तार बढ़ा दी। मेरे भारी स्तन उछल-उछल कर रोहन के चेहरे के सामने आ रहे थे।

रोहन के एक्सप्रेशन: शुरू में उसकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला हुआ। “आंटी… आपकी चूत… इतनी गर्म… इतनी टाइट…” वह बार-बार मेरी गाँड़ दबा रहा था। जब मैं तेजी से नीचे बैठती तो वह कूल्हे ऊपर उठा देता था ताकि लंड और गहरा घुसे। उसका चेहरा लाल हो रहा था। पसीना उसके माथे पर था। वह मेरे स्तनों को देख रहा था और कभी-कभी एक निप्पल मुंह में लेकर चूस लेता था। “आह्ह… आंटी… आप बहुत अच्छा चोद रही हो… मैं… मैं फिर से जड़ने वाला हूँ…”

मेरे एक्सप्रेशन: मैं आँखें आधी बंद करके चोद रही थी। होठ काट रही थी। जब लंड गहरा जाता तो मैं “उम्म्म… आह्ह…” की आवाजें निकालती। मेरे बाल खुले होकर मेरे चेहरे और स्तनों पर आ रहे थे। पसीना मेरे स्तनों से टपक रहा था। मैं झुककर रोहन के ऊपर आ गई ताकि मेरे स्तन उसके मुंह के पास हों। उसने एक स्तन मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा। मैं और जोर से चोदने लगी।

“हाँ रोहन… चूस… और जोर से चूस… मेरी चूत फाड़ दो आज… तेरी आंटी तेरे लिए पागल हो गई है…” मैं गोल-गोल घुमाने लगी। लंड मेरी चूत के अंदर घूम रहा था। क्लिट उसके पेट से रगड़ खा रही थी। मुझे दूसरा ऑर्गेज्म आने लगा।

मेरा शरीर अचानक काँपने लगा। “आह्ह्ह्ह… रोहन… आ रहा है… आह्ह…” मैं जोर से नीचे बैठ गई। चूत सिकुड़ गई। पूरा शरीर झटके ले रहा था। आँखें बंद, मुंह खुला, सिर पीछे झुका हुआ। मैं चीख रही थी। मेरी चूत उसके लंड को इतनी जोर से निचोड़ रही थी कि रोहन भी रुक नहीं पाया।

“आंटी… आह्ह… मैं भी…” उसने जोर से मेरी गाँड़ दबाई और अंदर ही झड़ गया। दूसरी बार गर्म पानी मेरी चूत में भर गया। उसका चेहरा पूरी तरह तन गया था। आँखें बंद, दाँत किटकिटा रहे थे। “वाह… आंटी… आप… आप मुझे मार डालोगी…”

मैं उसके ऊपर ही लेट गई। लंड अभी भी मेरी चूत में था। हम दोनों पसीने से तर थे। मैंने उसके होंठों पर लंबी किस की।

“रोहन… ये हमारा राज रहेगा। मैं तुम्हें बार-बार चोदूंगी,” मैंने फुसफुसाया।

वह थका हुआ मुस्कुराया और मुझे और जोर से गले लगा लिया।

aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda

aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda

अगले दिन की चुदाई (मालती की जुबानी – पूरा डिटेल)

अगले दिन सुबह पति फिर से शहर से बाहर चले गए। जैसे ही उनका गाड़ी बाहर गई, मैंने तुरंत रोहन को फोन किया।

“आजा… आज पूरा दिन अकेले हैं। जितनी बार चाहे चोदना मुझे,” मैंने सीधे कहा।

रोहन 15 मिनट में आ गया। मैंने नीली साड़ी और मैचिंग ब्लाउज पहना हुआ था। बाल खुले, होंठों पर लाइट लिपस्टिक। दरवाजा खोला तो रोहन की आँखें चमक उठीं।

“अंदर आ,” मैंने कहा और दरवाजा बंद करते ही उसे दीवार से लगा दिया। हम दोनों जोर से किस करने लगे। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई। मैंने उसके बाल पकड़ लिए।

बेडरूम में – कपड़े उतारने का क्रम

मैंने उसे बेडरूम में खींच लिया। बेड पर धक्का देकर लिटा दिया।

पहले मैंने उसके कपड़े उतारे। शर्ट के बटन खोले, शर्ट उतारी। उसकी छाती चाटी। फिर पैंट का बटन खोला, जिपर खींची। पैंट और अंडरवियर एक साथ उतार दिए। उसका लंड पहले से ही आधा खड़ा था। मैंने उसे हाथ में लिया और दो-तीन बार ऊपर-नीचे किया।

अब मेरी बारी। मैंने साड़ी का पल्लू खींचकर गिरा दिया। साड़ी को खोलकर पूरी उतार दी। अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट।

“मेरा ब्लाउज उतार,” मैंने कहा। रोहन ने हाथ काँपते हुए ब्लाउज के हुक खोले। एक-एक हुक खुलता गया। ब्लाउज उतार दिया। अब ब्रा दिख रही थी।

मैंने खुद ब्रा का हुक पीछे से खोला और ब्रा उतार दी। मेरे भारी स्तन बाहर आ गए। निप्पल पहले से ही सख्त थे।

अंत में पेटीकोट का नाड़ा खोला। पेटीकोट गिरा दिया। अब सिर्फ पैंटी रह गई। मैंने पैंटी उतारकर एक तरफ फेंक दी। मेरी चूत नंगी और पहले से ही गीली थी।

चुदाई शुरू – पूरा डिटेल

मैं बेड पर चढ़ी और रोहन के ऊपर आ गई। घुटनों के बल बैठ गई। मैंने उसके लंड को हाथ में लिया। पूरी तरह खड़ा हो चुका था। मैंने उसे अपनी चूत के होठों पर रखा और धीरे-धीरे नीचे बैठ गई।

“आह्ह्ह… रोहन…” लंड मेरी चूत में घुसता गया। आज चूत और भी ज्यादा गीली थी। पूरा लंड अंदर चला गया।

मैं चोदने लगी। पहले धीरे-धीरे। ऊपर-नीचे। मेरी चूत उसके लंड को कसकर पकड़ रही थी। “गुप… गुप…” की गीली आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।

“हाँ बेटा… आज पूरा दिन तेरा है… जितनी बार चाहे चोद अपनी आंटी को…” मैं तेज हो गई। मेरे स्तन उछल रहे थे। रोहन ने दोनों हाथ ऊपर बढ़ाए और मेरे स्तन पकड़ लिए। वह जोर से निप्पल चूसने लगा।

मैं झुक गई। मेरे स्तन उसके मुंह के पास आ गए। वह एक-एक करके चूस रहा था। मैं और जोर से चोदने लगी। मेरी गाँड़ उसके कूल्हों से टकरा रही थी।

रोहन के एक्सप्रेशन: उसकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला। “आंटी… आपकी चूत… आज और भी ज्यादा गर्म… आह्ह…” वह मेरी गाँड़ दबा रहा था और कूल्हे ऊपर उठा-उठा कर लंड और गहरा घुसा रहा था। उसका चेहरा लाल हो रहा था। पसीना उसके माथे और गर्दन पर था। जब मैं तेजी से नीचे बैठती तो वह “वाह… आंटी… आप मुझे पागल कर रही हो…” बोलता।

मेरे एक्सप्रेशन: मैं आँखें बंद करके चोद रही थी। होठ काट रही थी। बाल खुले होकर मेरे चेहरे और स्तनों पर आ रहे थे। जब लंड गहरा जाता तो मैं “उम्म्म… आह्ह… रोहन… और… और जोर से…” चीखती। पसीना मेरे स्तनों से टपक रहा था। मैं काँप रही थी।

मैंने पोजीशन बदली। अब मैं सीधी बैठ गई और गोल-गोल घुमाने लगी। लंड मेरी चूत के अंदर घूम रहा था। क्लिट उसके पेट से रगड़ खा रही थी।

“रोहन… देख… तेरी आंटी तेरे लंड पर नाच रही है…” मैंने गंदी बात कही।

मेरा पहला ऑर्गेज्म आ गया। मेरा शरीर अचानक काँपने लगा। चूत सिकुड़ गई। “आह्ह्ह्ह… रोहन… आ रहा है… आह्ह…” मैं जोर से चीख पड़ी। आँखें बंद, मुंह खुला, सिर पीछे झुका। पूरा शरीर झटके ले रहा था।

लेकिन मैं रुकी नहीं। मैं और तेज चोदने लगी।

रोहन भी रुक नहीं पाया। उसने जोर से मेरी गाँड़ दबाई और अंदर ही झड़ गया। गर्म पानी मेरी चूत में भर गया। उसका चेहरा पूरी तरह तन गया था। “आंटी… आह्ह… वाह…” वह सिसकारियाँ ले रहा था।

मैं उसके ऊपर ही लेट गई। लंड अभी भी अंदर था। हम दोनों भारी साँसें ले रहे थे।

थोड़ी देर बाद मैं फिर उठी। लंड बाहर निकाला। मेरी चूत से दोनों का पानी बह रहा था।

“अभी खत्म नहीं हुआ,” मैंने कहा। “दूसरी बार चोदूंगी।”

मैं फिर से उसके ऊपर चढ़ गई। इस बार लंड पहले से ही गीला था। आसानी से अंदर चला गया। मैं फिर से चोदने लगी। इस बार और लंबे समय तक। रोहन मेरे स्तन चूसता रहा और मैं उसकी कमर पकड़कर जोर-जोर से ऊपर-नीचे होती रही।

दूसरी बार जब हम झड़े तो मैं रोहन के ऊपर ही बेहोश सी हो गई।

हम दोनों नंगे लेटे रहे। मैंने उसे गले लगाया। “रोहन… आज का मजा मुझे कभी नहीं भूलना,” मैंने कहा।

वह मुस्कुराया और मेरे स्तन पर सिर रखकर लेट गया।

aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda | aunty ne ladke ko choda

Leave a Comment