मेरी रियल गर्लफ्रेंड अंजलि की पहली चुदाई – सस्पेंस और प्यार भरी सेक्स स्टोरी
real girlfriend chudai story
मेरा नाम रोहन है। मैं 26 साल का हूँ और एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। 8 महीने पहले मेरी जिंदगी में अंजलि आई। अंजलि 23 साल की है, मेरे ऑफिस के पास वाली कॉफी शॉप में काम करती है। पहली बार जब मैंने उसे देखा तो दिल की धड़कन रुक सी गई। गोरी-गोरी त्वचा, लंबे घने बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, मोटे होंठ और कमाल का फिगर – 34-26-36। जब वो टाइट टॉप और जींस पहनती थी तो उसके बड़े स्तन और गोल गांड देखकर कोई भी लड़का दीवाना हो जाता।
हमारी मुलाकात कॉफी शॉप में हुई। पहले हम दोस्त बने, फिर धीरे-धीरे बातें बढ़ीं। डेट्स पर जाते, मूवी देखते, पार्क में घूमते। पहला किस बहुत खास था – बारिश में कार के अंदर। उसके बाद हमारे रिश्ते में इंटिमेसी बढ़ गई। हम चूमते, गले मिलते, मैं उसके स्तनों को दबाता, वो मेरे लंड को जींस के ऊपर से सहलाती। लेकिन जब भी मैं आगे बढ़ने की कोशिश करता, वो मेरा हाथ रोक लेती।
एक शाम हम उसके घर के पास बैठे थे। मैंने पूछा, “अंजलि, तुम मुझे इतना क्यों नहीं करने देती? मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।”
अंजलि शर्मा गई और बोली, “रोहन, मैं वर्जिन हूँ। मेरे परिवार वाले बहुत स्ट्रिक्ट हैं। मुझे डर लगता है कि अगर हम सेक्स कर लेंगे तो क्या होगा। मैं शादी के बाद ही सब कुछ करना चाहती हूँ।”
मैंने उसे गले लगाते हुए कहा, “जानू, मैं तुम्हारा इंतजार करूँगा। लेकिन तुम्हें पता है मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता। तुम मेरी रियल गर्लफ्रेंड हो, मैं तुम्हें कभी हर्ट नहीं करूँगा।”
फिर एक दिन अंजलि ने फोन किया। उसकी आवाज में कुछ खास था। “रोहन, मेरे फ्लैटमेट्स 3 दिन के लिए अपने घर गए हैं। फ्लैट पर मैं अकेली हूँ। आज रात तुम आओगे ना? मैं डिनर बनाऊँगी।”
मेरा दिल जोर से धड़कने लगा। मैं समझ गया कि आज कुछ बड़ा होने वाला है। शाम 7 बजे मैं उसके फ्लैट पहुँचा। फूल और चॉकलेट लेकर। जब उसने दरवाजा खोला तो मैं देखता ही रह गया। अंजलि ने लाल रंग का बहुत टाइट टॉप पहना था, जिसमें उसके ब्रा के निशान साफ दिख रहे थे, और नीचे छोटा सा शॉर्ट्स था। उसकी गोरी जाँघें चमक रही थीं। बाल खुले थे, हल्का मेकअप – वो बिल्कुल हॉट लग रही थी।
“वाओ अंजलि! आज तो तुम बिल्कुल आग लगा रही हो,” मैंने कहा। अंजलि मुस्कुराते हुए बोली, “थैंक्यू बेबी। आज मैंने स्पेशली तुम्हारे लिए तैयार किया है। आओ अंदर।”
हमने डिनर किया – कैंडल लाइट, रोमांटिक म्यूजिक। खाते-खाते मैंने कहा, “अंजलि, तुम्हें पता है मैं तुम्हें कितना चाहता हूँ? आज से मैं सिर्फ तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ।”
अंजलि ने मेरी तरफ देखा, उसकी आँखों में शरम और थोड़ा डर दोनों था। “रोहन, मैं भी बहुत सोच रही थी। हम 8 महीने से डेटिंग कर रहे हैं। मैं तुमसे प्यार करती हूँ। आज मैं तैयार हूँ… लेकिन थोड़ा घबराहट भी हो रही है।”
मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा, “जानू, मैं तुम्हें कभी हर्ट नहीं करूँगा। अगर तुम नहीं चाहती तो हम कुछ भी नहीं करेंगे। लेकिन अगर तैयार हो तो आज हमारी पहली बार होगी। मैं बहुत धीरे-धीरे और प्यार से करूँगा।”
डिनर के बाद हम उसके बेडरूम में गए। कमरा अंधेरा, सिर्फ बेडसाइड लैंप जल रहा था। म्यूजिक ऑन था। हम बेड पर बैठ गए। मैंने उसे अपनी बाहों में लिया और उसके होठों पर किस किया। वो भी जोश से किस करने लगी। हमारी जीभें एक-दूसरे से लड़ रही थीं।
मेरा हाथ उसके टॉप के अंदर चला गया। मैंने ब्रा के ऊपर से उसके नरम स्तनों को दबाया। अंजलि सिसकारियाँ लेने लगी, “आआह्ह… रोहन… अच्छा लग रहा है।”
मैंने उसका टॉप ऊपर खींचकर उतार दिया। अब वो सिर्फ ब्लैक ब्रा में थी। उसके स्तन ब्रा से बाहर आने को बेकरार थे। मैंने ब्रा का हुक खोला और ब्रा उतार दी। उसके दोनों बड़े, गोरे स्तन मेरे सामने थे। पिंक निप्पल्स खड़े हो चुके थे। मैंने एक निप्पल मुँह में लिया और चूसने लगा। अंजलि की आँखें बंद हो गईं, सिर पीछे झुक गया। “ओह्ह रोहन… तुम बहुत अच्छा चूस रहे हो… मेरा पूरा शरीर काँप रहा है… आआह्ह… और जोर से चूसो…”
वो मेरी शर्ट के बटन खोलकर शर्ट उतारने लगी। मेरी छाती चूमती हुई नीचे गई। उसने मेरी जींस का जिप खोला और अंदर हाथ डालकर मेरा 7 इंच मोटा लंड पकड़ लिया। “वाह रोहन… इतना बड़ा और मोटा! मैंने पहले कभी नहीं छुआ इतना बड़ा,” अंजलि बोली, उसकी आवाज में घबराहट और एक्साइटमेंट दोनों थे।
मैंने कहा, “ये सब तुम्हारे प्यार के लिए है जान। आज मैं तुम्हारी वर्जिन सील तोड़ दूँगा। लेकिन पहले तुम्हें पूरा मजा दूँगा।”
फिर मैंने उसे लिटा दिया और उसके शॉर्ट्स का बटन खोला। शॉर्ट्स उतार दिया। अब अंजलि सिर्फ ब्लैक पैंटी में लेटी हुई थी। पैंटी के बीच में गीला धब्बा साफ दिख रहा था। मैंने पैंटी के ऊपर हाथ फेरा और उसकी चूत को रगड़ने लगा। अंजलि की कमर ऊपर उठने लगी। “रोहन… आआह्ह… वहाँ मत छुओ… मुझे बहुत अजीब सा लग रहा है… लेकिन अच्छा भी लग रहा है।”
मैंने पैंटी के किनारे से उँगली डाली और उसकी गीली, गर्म, टाइट चूत को छुआ। धीरे से एक उँगली अंदर डाली तो अंजलि चीख सी पड़ी, “आआह्ह… दर्द हो रहा है… लेकिन रुको मत…”
अब हम दोनों की साँसें बहुत तेज थीं। मेरा लंड पैंटी के ऊपर से उसकी चूत से रगड़ रहा था। अंजलि ने मुझे गले लगाया और कान में फुसफुसाया, “रोहन, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आज मैं पूरी तरह तैयार हूँ। मेरी सील तोड़ दो। लेकिन प्लीज… बहुत धीरे-धीरे करना। दर्द होगा तो रुक जाना। मैं तुम पर भरोसा करती हूँ।”
मैंने कहा, “हाँ अंजलि, मैं तुम्हें हमेशा खुश रखूँगा।
real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story |
अंजलि की सील तोड़ी जमकर चोदा
“अब आगे क्या करें?” — मेरे ये शब्द सुनते ही अंजलि ने मुझे और टाइट गले लगाया। उसकी आँखों में प्यार, डर और उत्तेजना तीनों थे। उसने धीरे से कहा, “रोहन… अब मत रुको। मेरी सील तोड़ दो। मैं तुम्हारी हूँ आज से।”
मैंने उसे चूमा और कहा, “ठीक है मेरी जान… आज मैं तेरी वर्जिन चूत में अपना लंड डालूँगा। लेकिन बहुत धीरे-धीरे। अगर दर्द हो तो बोल देना।”
मैंने अंजलि को बिस्तर पर लिटा दिया। अब वो सिर्फ ब्लैक पैंटी में लेटी हुई थी। मैं उसके पैरों के पास घुटनों के बल बैठ गया। पहले मैंने उसकी जाँघों को दोनों हाथों से सहलाया। फिर धीरे-धीरे अपने हाथ ऊपर ले गया। मैंने पैंटी के दोनों तरफ उँगलियाँ डालीं। पैंटी का इलास्टिक उसकी नरम त्वचा पर हल्का सा दब रहा था।
मैंने पैंटी को बहुत धीरे-धीरे नीचे खींचना शुरू किया। पैंटी उसके कूल्हों से उतरती हुई उसकी जाँघों तक आ गई। अंजलि ने अपनी कमर थोड़ी ऊपर उठाई ताकि पैंटी आसानी से उतर जाए। अब पैंटी उसकी गोरी जाँघों के बीच से खिसक रही थी। मैंने और नीचे खींचा — पैंटी उसके घुटनों तक पहुँच गई। अंजलि ने अपने पैर थोड़े फैलाए और मैंने पैंटी को पूरी तरह उसके पैरों से निकालकर साइड में फेंक दिया।
अब अंजलि बिल्कुल नंगी लेटी हुई थी मेरे सामने। उसकी वर्जिन चूत पहली बार मेरी आँखों के सामने थी। बिल्कुल टाइट, छोटी सी, गुलाबी रंग की। ऊपर हल्का सा ट्रिम किया हुआ छोटा सा जंगल था। चूत के होठ बिल्कुल बंद थे, लेकिन बीच से चमक रही थी क्योंकि वो बहुत गीली हो चुकी थी। क्लिट थोड़ी सी उभरी हुई थी।
अंजलि शर्मा के अपने हाथ से चेहरा छुपाने लगी। “मत देखो ऐसे रोहन… शरम आ रही है…” उसकी आवाज काँप रही थी।
मैंने उसके हाथ हटाए और कहा, “अंजलि, तेरी चूत बहुत सुंदर है जान। मैं तो देख के पागल हो रहा हूँ।” मैंने उसके पैर फैलाए और उसके चूत के पास मुँह ले गया। पहले मैंने चूत के ऊपर हल्का सा किस किया। फिर जीभ से उसके चूत के होठ चाटने लगा। अंजलि की कमर ऊपर को उछल गई। “आआआह्ह्ह… रोहन… ये क्या कर रहे हो… ओह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है…”
मैंने उसकी चूत के अंदर जीभ डाली और अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत का स्वाद थोड़ा नमकीन और मीठा था। मैंने क्लिट को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया। अंजलि अब जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। “आआआह्ह्ह… रोहन… मत रोको… और चूसो… मैं पागल हो जाऊँगी…”
थोड़ी देर बाद मैं ऊपर आया। मैंने उसकी जाँघों को फैलाया और अपना 7 इंच मोटा लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा। लंड का सुपाड़ा उसकी गीली चूत से रगड़ रहा था। अंजलि ने मेरी तरफ देखा और कहा, “रोहन… अब डाल दो… मैं तैयार हूँ।”
मैंने धीरे से दबाव डाला। सिर्फ सुपाड़ा अंदर गया। अंजलि की आँखें फट गईं। “आआआह्ह्ह! रोहन… दर्द हो रहा है बहुत! रुको…” उसकी आँखों में पानी आ गया। उसने मेरे कंधे पकड़ लिए।
मैं रुक गया। मैंने उसके होठों पर किस किया और कहा, “श्श… मेरी जान… मैं रुक गया हूँ। तेरी चूत कितनी टाइट है… बहुत टाइट…” मैं उसके गाल पर किस करता रहा और उसके स्तन दबाता रहा ताकि वो रिलैक्स हो।
थोड़ी देर बाद अंजलि ने कहा, “अब धीरे से आगे बढ़ो… मैं ट्राई करती हूँ।”
मैंने फिर थोड़ा सा दबाव डाला। लंड का सुपाड़ा और अंदर गया। अंजलि की चूत ने मेरा लंड बहुत टाइट पकड़ लिया था। फिर मैंने और थोड़ा सा धक्का दिया — और अचानक रेजिस्टेंस टूट गई। उसकी हाइमन (सील) टूट गई। थोड़ा सा खून निकल आया।
अंजलि ने जोर से चिल्लाया, “आआआह्ह्ह! दर्द… बहुत दर्द हो रहा है रोहन… रुक जाओ… प्लीज!” उसकी आँखों से आँसू आ गए। वो मेरे बालों में हाथ डाल के खींच रही थी। उसका चेहरा दर्द से लाल हो गया था, होंठ काट रही थी, आँखें बंद थीं।
मैंने तुरंत रुक जाते हुए उसे चूमा और कहा, “अंजलि मेरी जान… हो गया। तेरी सील टूट गई। अब धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। मैं रुक गया हूँ। तुम ठीक हो?”
अंजलि ने आँसू पोंछते हुए कहा, “हाँ… थोड़ा दर्द है लेकिन… अब आगे बढ़ो। मैं तुमसे प्यार करती हूँ। चोदो मुझे रोहन…”
अब मैंने धीरे-धीरे आगे बढ़ना शुरू किया। मेरा पूरा लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में उतरता गया। जब पूरा लंड अंदर चला गया तो अंजलि की चूत ने मेरा पूरा लंड ग्रिप कर लिया था। वो इतनी टाइट थी कि मुझे लग रहा था मेरा लंड फट जाएगा।
मैंने उसके चेहरे को देखा — दर्द और सुकून का मिश्रण था। उसने आँखें खोली और मुझे देखा। “रोहन… पूरा अंदर आ गया क्या? मुझे बहुत फुल फील हो रहा है…”
मैंने कहा, “हाँ जान… पूरा लंड तेरी चूत में है। तेरी चूत मेरा लंड इतना टाइट पकड़ रही है कि मैं जल्दी झड़ जाऊँगा। तू कितनी टाइट है मेरी जान…”
अब मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। हर बार जब मैं बाहर निकलता तो थोड़ा खून लंड पर लग जाता। अंजलि की चूत गीली हो चुकी थी। धीरे-धीरे उसका दर्द कम होने लगा और उसे मजा आने लगा।
“आआआह्ह्ह… रोहन… अब अच्छा लग रहा है… धीरे से चोदो… ओह्ह्ह येस बेबी… और अंदर… और जोर से…” अंजलि अब अपनी कमर ऊपर उठा के मेरा लंड अंदर ले रही थी। उसकी बड़ी-बड़ी छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैंने उसके एक स्तन को मुँह में लिया और चूसते हुए चुदाई कर रहा था।
अंजलि के एक्सप्रेशन बदल रहे थे — पहले दर्द, अब प्लेजर। वो अपनी आँखें बंद करके मुँह खोल के सिसकारियाँ ले रही थी। “आआआह्ह्ह… रोहन… तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो… मेरी चूत तुम्हारा लंड निगल रही है… ओह्ह्ह… और तेज… मैं तुम्हारी हो गई…”
मैं भी अपने एक्सप्रेशन कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। मेरा चेहरा सुकून से भर गया था। “अंजलि… तेरी चूत कितनी गरम और टाइट है… मैं पागल हो रहा हूँ… ले मेरी जान… ले पूरा लंड… आज मैं तुझे अपनी बना रहा हूँ…” मैं उसके होठों पर किस करता, उसके स्तन दबाता और धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाता गया।
अब अंजलि के मून्स तेज हो गए। “आआआह्ह्ह… रोहन… मैं आ रही हूँ… ओह्ह्ह गॉड… कुछ हो रहा है… आआआह्ह्ह!” उसका पूरा शरीर काँपने लगा। उसकी चूत ने मेरा लंड और टाइट पकड़ लिया। वो ऑर्गेज्म ले रही थी। उसकी आँखें पीछे को हो गईं, मुँह खुला था।
मैंने भी स्पीड बढ़ा दी। अब जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। अंजलि चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… रोहन… और जोर से… मैं तुम्हारी हूँ… चोदो मुझे!”
आखिर में मैंने जोर से चिल्लाया, “अंजलि… मैं निकल रहा हूँ!” और उसकी चूत में ही अपना सारा गरम वीर्य छोड़ दिया। लंड के अंदर ही झड़ रहा था। अंजलि ने मुझे और टाइट पकड़ा।
दोनों थक कर एक-दूसरे के ऊपर लेट गए। मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था। मैंने उसे चूमा और कहा, “अंजलि… तू ठीक है ना?”
अंजलि ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ रोहन… अब बिल्कुल ठीक हूँ। पहले बहुत दर्द था लेकिन बाद में बहुत मजा आया। तुमने बहुत प्यार से किया। मैं तुमसे और ज्यादा प्यार करती हूँ अब।”
real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story |
अंजलि की डॉगी स्टाइल वाली हार्ड चुदाई – दूसरा राउंड
पहले राउंड के बाद हम दोनों थक कर एक-दूसरे के ऊपर लेट गए। अंजलि की चूत से अभी भी थोड़ा खून और मेरा वीर्य बह रहा था। मैंने उसे अपनी बाहों में लिया और उसके बालों में उँगलियाँ फेरते हुए कहा, “अंजलि जान… तू ठीक है ना? बहुत दर्द तो नहीं हुआ?”
अंजलि ने मेरी छाती पर सिर रखा और मुस्कुराते हुए बोली, “हाँ रोहन… पहले बहुत दर्द था लेकिन बाद में इतना मजा आया कि मैं भूल ही गई। अब मुझे फिर से तुम चाहिए…” उसकी आवाज में अभी भी थोड़ी शरम थी लेकिन आँखों में नई चमक थी।
हम दोनों कुछ मिनट चुपचाप लेटे रहे। मैं उसके नंगे शरीर को सहला रहा था — उसकी पीठ, कमर और गोल-मटोल गांड। मेरी उँगलियाँ उसकी गांड के बीच घूम रही थीं। अंजलि की साँस फिर से तेज होने लगी। उसने मेरे कान में फुसफुसाया, “रोहन… फिर से करो ना… मुझे और चाहिए।”
मैंने उसे ऊपर से उठाया और उसके होठों पर गहरा किस किया। “ठीक है मेरी जान… अब दूसरा राउंड। लेकिन इस बार मैं तुझे डॉगी स्टाइल में चोदूँगा। तेरी गांड देख के मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया है।”
अंजलि की आँखें चमक उठीं। वह शर्मा के बोली, “डॉगी स्टाइल? वो कैसे होता है?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “तू घुटनों के बल बैठ जा… मैं पीछे से अंदर डालूँगा। बहुत मजा आएगा।”
अंजलि धीरे से उठी। उसका पूरा नंगा शरीर मेरे सामने था। मैंने उसे घुटनों के बल लिटा दिया। अब वह बेड पर चारों हाथ-पैरों के बल थी — डॉगी पोजीशन में। उसकी गोरी, गोल और मोटी गांड मेरे सामने थी। उसकी चूत अभी भी गीली थी और थोड़ा खून लगा हुआ था। मैं उसके पीछे घुटनों के बल बैठ गया।
मैंने पहले उसकी गांड को दोनों हाथों से दबाया। “वाह अंजलि… तेरी गांड कितनी सुंदर और मोटी है।” मैंने उसकी गांड पर हल्का सा थप्पड़ मारा। “चप्प!” की आवाज आई। अंजलि चौंक गई और चीख पड़ी, “आआह्ह… रोहन!” लेकिन उसकी आवाज में दर्द नहीं, उत्तेजना थी।
मैंने अपनी उँगली उसकी चूत में डाली। अभी भी बहुत टाइट और गीली थी। मैंने दो उँगलियाँ डालकर अंदर-बाहर किया। अंजलि सिर नीचे झुकाए सिसकारियाँ ले रही थी। “आआआह्ह्ह… रोहन… अच्छा लग रहा है…”
अब मैंने अपना लंड (जो फिर से पूरी तरह खड़ा और सख्त हो चुका था) उसकी चूत के मुँह पर रखा। इस बार मैंने बिना रुके धीरे से दबाव डाला। लंड का सुपाड़ा आसानी से अंदर चला गया क्योंकि चूत पहले से ही गीली और खुली हुई थी।
अंजलि ने सिर उठाया और जोर से सिसकारी ली, “आआआह्ह्ह… रोहन… और अंदर… पूरा डाल दो…” मैंने उसके कूल्हों को दोनों हाथों से पकड़ा और एक जोर का धक्का मारा। मेरा पूरा 7 इंच लंड एक ही झटके में उसकी चूत में घुस गया। “प्लॉप!” की आवाज आई।
अंजलि का सिर तकिये में दब गया। वह चिल्ला पड़ी, “आआआह्ह्ह्ह! रोहन… बहुत गहरा गया… ओह्ह्ह माई गॉड… बहुत मोटा लग रहा है…” उसकी आवाज दब गई तकिये में। उसका शरीर काँप रहा था।
मैं रुक गया और उसके बालों में हाथ फेरते हुए पूछा, “दर्द तो नहीं हो रहा जान?” अंजलि ने तकिये से मुँह निकालकर साँस लेते हुए कहा, “नहीं… अब दर्द नहीं… बस बहुत फुल फील हो रहा है… अब चोदो मुझे… और जोर से…”
मैंने उसके कूल्हों को और मजबूती से पकड़ा और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। हर धक्के के साथ उसकी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। “थप-थप-थप” की आवाज कमरे में गूँज रही थी। अंजलि की बड़ी-बड़ी छातियाँ नीचे लटक रही थीं और हर धक्के के साथ हिल रही थीं।
मैंने स्पीड बढ़ाई। अब जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। अंजलि का चेहरा तकिये में दबा हुआ था। वह जोर-जोर से चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… रोहन… और तेज… हाँ… ऐसे ही चोदो… मेरी चूत फट रही है… ओह्ह्ह येस बेबी… और गहरा… आआआह्ह्ह!”
मैंने एक हाथ उसकी गांड पर रखा और जोर से थप्पड़ मारा। “चप्प!” अंजलि ने सिर उठाया और चीख पड़ी, “आआह्ह… और मारो… मुझे अच्छा लग रहा है…” मैंने फिर थप्पड़ मारा और कहा, “ले मेरी जान… ले मेरा लंड अपनी चूत में… तेरी गांड कितनी मोटी और सुंदर है… मैं तेरी चूत फाड़ दूँगा आज…”
अंजलि अब पूरी तरह खो चुकी थी। उसका मुँह खुला था, जीभ बाहर, आँखें आधी बंद। वह बार-बार कह रही थी, “रोहन… मैं तुम्हारी हूँ… चोदो मुझे… मैं तुम्हारी रंडी हूँ आज… आआआह्ह्ह… और जोर से… मुझे ऑर्गेज्म हो रहा है…”
मैंने और तेज धक्के लगाए। उसकी चूत अब और भी ज्यादा गीली हो चुकी थी। लंड अंदर-बाहर आसानी से जा रहा था। मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसे और नीचे झुकाया ताकि लंड और गहरा जाए। अंजलि चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… रोहन… मैं आ रही हूँ… ओह्ह्ह गॉड… आआआह्ह्ह!”
उसका पूरा शरीर अकड़ गया। उसकी चूत ने मेरा लंड और टाइट पकड़ लिया। वह जोर से ऑर्गेज्म ले रही थी। उसकी टाँगें काँप रही थीं। वह तकिये को कस के पकड़े हुए थी।
मैंने भी स्पीड बढ़ा दी। अब बहुत तेज और हार्ड चुदाई कर रहा था। “थप-थप-थप-थप” की आवाज और जोर से आ रही थी। अंजलि की गांड लाल हो गई थी थप्पड़ों से। मैंने कहा, “अंजलि… मैं भी झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?”
अंजलि ने साँस लेते हुए बोली, “अंदर ही… या मेरी गांड पर… जैसा तुम्हें अच्छा लगे…”
मैंने आखिरी कुछ जोर के धक्के मारे और फिर जोर से चिल्लाया, “अंजलि… मैं निकल रहा हूँ!” मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी गोरी गांड पर सारा गरम वीर्य छोड़ दिया। सफेद वीर्य उसकी गांड और कमर पर फैल गया। कुछ बूँदें उसकी चूत में भी चली गईं।
अंजलि थक कर बिस्तर पर लेट गई। मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके गाल पर किस किया। “अंजलि… तू कितनी हॉट है जान… इस बार और भी ज्यादा मजा आया।”
अंजलि ने मुस्कुराते हुए कहा, “रोहन… डॉगी स्टाइल में बहुत अच्छा लगा… तुमने बहुत हार्ड चोदा… मेरी गांड अभी भी जल रही है… लेकिन मजा आ गया।”
real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story |
- दीदी के सामने जीजा ने जबरदस्ती तोड़ी मेरी कुँवारी सील
- प्रिया भाभी को होटल में जमकर चोदा
- माँ बेटे की असली चुदाई की कहानी
- 20 साल की रानी को ट्रेन में चोदने में आया खूब मज़ा
real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story | real girlfriend chudai story |
शावर में अंजलि की वेट और हार्ड चुदाई – तीसरा राउंड
डॉगी स्टाइल वाले दूसरे राउंड के बाद हम दोनों पसीने से तर होकर बिस्तर पर लेटे थे। अंजलि की गोरी गांड अभी भी मेरे वीर्य से चमक रही थी। मैंने उसे गले लगाया और कहा, “अंजलि जान… चल शावर में नहा लेते हैं। पानी के नीचे और मजा आएगा।”
अंजलि ने शरमा के मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है रोहन… लेकिन मुझे अभी भी थोड़ा दर्द हो रहा है। धीरे से करना।”
हम दोनों नंगे ही उठे और बाथरूम में चले गए। मैंने शावर ऑन किया। गरम पानी की बौछार शुरू हो गई। दोनों पानी के नीचे आ गए। पानी हमारे शरीर पर बह रहा था। अंजलि की गीली त्वचा और भी ज्यादा चमक रही थी। उसके बाल पानी से भीग गए थे और उसके बड़े-बड़े स्तन पानी की बूँदों से चमक रहे थे।
मैंने उसे दीवार से टिका दिया। उसकी पीठ दीवार से लगी हुई थी। पानी उसके स्तनों पर गिर रहा था और नीचे बह रहा था। मैं उसके सामने खड़ा हो गया। मेरा लंड फिर से सख्त हो चुका था। मैंने उसे चूमा और कहा, “अंजलि… आज पानी के नीचे मैं तुझे बहुत हार्ड चोदूँगा।”
अंजलि ने मेरी गर्दन में हाथ डाला और बोली, “रोहन… मुझे डर लग रहा है… लेकिन करो… मुझे तुम चाहिए।”
मैंने उसकी एक टाँग उठाई और अपनी कमर के चारों ओर लपेट ली। अब वो एक पैर पर खड़ी थी और दूसरी टाँग मेरी कमर में लिपटी हुई थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा। पानी की वजह से सब कुछ फिसलन भरा हो गया था। मैंने धीरे से दबाव डाला। लंड का सुपाड़ा उसकी गीली चूत में घुस गया।
अंजलि ने सिर पीछे झुकाया और जोर से सिसकारी ली, “आआआह्ह्ह… रोहन… पानी के साथ और भी गहरा लग रहा है…” मैंने उसके कूल्हों को दोनों हाथों से पकड़ा और एक जोर का धक्का मारा। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। पानी की आवाज के साथ “प्लॉप” की आवाज आई।
अंजलि चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह्ह! रोहन… बहुत गहरा… ओह्ह्ह… पानी के कारण और भी ज्यादा फिसल रहा है…” उसकी आँखें बंद थीं, मुँह खुला था। पानी उसके चेहरे पर गिर रहा था।
मैंने उसकी टाँग और ऊपर उठाई और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। “थप-थप-थप” की आवाज पानी की आवाज के साथ मिक्स हो रही थी। अंजलि की गीली छातियाँ मेरी छाती से रगड़ रही थीं। पानी उसके स्तनों पर गिर रहा था और नीचे बह रहा था। मैंने उसके एक स्तन को मुँह में लिया और पानी के साथ चूसने लगा।
अंजलि जोर-जोर से चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… रोहन… और जोर से… हाँ… ऐसे ही चोदो… पानी के नीचे बहुत अच्छा लग रहा है… ओह्ह्ह येस बेबी… मेरी चूत फट रही है…”
मैंने उसकी दूसरी टाँग भी उठा ली। अब वो पूरी तरह दीवार से टिकी हुई थी और दोनों टाँगें मेरी कमर में लिपटी हुई थीं। मैं उसे पकड़े हुए जोर-जोर से चोद रहा था। पानी हमारे शरीर के बीच से बह रहा था। अंजलि की आँखें आधी बंद थीं, होंठ काट रही थीं और बार-बार चीख रही थीं।
“रोहन… मुझे बहुत अच्छा लग रहा है… पानी के साथ और भी ज्यादा मज़ा आ रहा है… आआआह्ह्ह… और तेज… मुझे ऑर्गेज्म हो रहा है…” उसका शरीर काँपने लगा। उसकी चूत ने मेरा लंड और टाइट पकड़ लिया। वो जोर से ऑर्गेज्म ले रही थी। पानी के साथ उसकी चीखें और भी ज्यादा गूँज रही थीं।
मैंने भी स्पीड बढ़ा दी। अब बहुत हार्ड और तेज धक्के लगा रहा था। “थप-थप-थप” की आवाज बाथरूम में गूँज रही थी। अंजलि चीख रही थी, “आआआह्ह्ह… रोहन… मैं फिर से आ रही हूँ… ओह्ह्ह गॉड… मत रुको…”
आखिर में मैंने जोर से चिल्लाया, “अंजलि… मैं निकल रहा हूँ!” और उसकी चूत में ही अपना सारा गरम वीर्य छोड़ दिया। पानी के साथ मेरा वीर्य उसकी जाँघों पर बहने लगा।
दोनों थक कर एक-दूसरे से लिपटे रहे। पानी अभी भी हमारे शरीर पर गिर रहा था। मैंने उसे चूमा और कहा, “अंजलि… शावर में चुदाई का मजा ही कुछ और है।”
अंजलि ने मुस्कुराते हुए कहा, “रोहन… पानी के नीचे बहुत अच्छा लगा… लेकिन अब मेरी टाँगें काँप रही हैं…”
real girlfriend chudai story, रियल गर्लफ्रेंड चुदाई, real girlfriend chudai story, अंजलि गर्लफ्रेंड सील तोड़ी, virgin real girlfriend sex, first time real girlfriend chudai, real girlfriend seal todna, real desi girlfriend chudai, अंजलि की पहली चुदाई, real girlfriend hardcore story