ससुर ने बहू को बेडरूम मिरर के सामने चोदा
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यह कहानी शुरू होती है एक छोटे से शहर के शांत इलाके से। राजेश 52 साल के विधुर ससुर थे। उनकी पत्नी कई साल पहले चल बसी थीं। उनका इकलौता बेटा नीरज 30 साल का था, जिसकी शादी नेहा से हुई थी। नेहा सिर्फ 25 साल की थी — गोरी चमड़ी, लंबी कद-काठी, भरे हुए बड़े स्तन, पतली कमर और भारी-भरकम गोल नितंब। नीरज प्राइवेट कंपनी में काम करता था और अक्सर लंबे टूर पर जाता रहता था।
इस बार नीरज 20 दिनों के टूर पर दिल्ली चला गया था। घर में अब सिर्फ राजेश और नेहा रह गए थे।
पहले दो-तीन दिन सब सामान्य लगा। नेहा सुबह उठकर घर का काम करती, खाना बनाती, राजेश अखबार पढ़ते या पार्क में टहलने जाते। लेकिन धीरे-धीरे राजेश को नेहा की तरफ एक तीव्र आकर्षण महसूस होने लगा। वह चोरी-छुपे उसे देखते — जब वह झुककर फर्श साफ करती, जब वह रसोई में पसीने से भीग जाती, जब वह नाइट ड्रेस में घूमती। नेहा भी अकेलेपन से परेशान थी। पति की गोद में सोने की आदत, उसकी छुअन की कमी उसे रातों को बेचैन कर देती।
पहली शाम — डिनर के बाद लिविंग रूम में
राजेश: “नेहा बेटा, नीरज के बिना घर बहुत सूना लग रहा है ना? अगर कोई तकलीफ हो तो बता देना, मैं हूं ना।”
नेहा (थोड़ी उदास): “हां पापा… रात को अकेले बेड पर लेटते ही नींद नहीं आती। पति की याद आती है। आप कैसे रहते हो इतने अकेले?”
राजेश (गहरी सांस लेते हुए): “मैं तो अभ्यस्त हो गया हूं बेटा… लेकिन तुम्हारी जैसी बहू घर में हो तो मन अजीब सा हो जाता है। तुम बहुत सुंदर हो, नेहा।”
नेहा शर्मा गई, लेकिन उसकी आंखें चमक उठीं।
दूसरे दिन शाम — सोफे पर टीवी देखते हुए
बिजली चली गई। अंधेरा छा गया। नेहा डर गई। राजेश मोबाइल की टॉर्च जलाकर उसके पास सोफे पर बैठ गए। टॉर्च की रोशनी में नेहा की पतली नाइट ड्रेस में उसके स्तनों का उभार साफ दिख रहा था। राजेश की नजरें बार-बार वहीं टिक जातीं।
राजेश: “डरो मत बेटा… मैं पास बैठा हूं। तुम्हारी सांसें तेज क्यों चल रही हैं?”
नेहा (फुसफुसाते हुए): “पापा… आप मुझे ऐसे क्यों देख रहे हो? शर्म आती है।”
राजेश: “माफ करना… लेकिन पिछले कुछ दिनों से मैं खुद को रोक नहीं पा रहा। तुम्हारी हर हरकत मुझे दीवाना बना रही है। नीरज के जाने के बाद से रात को नींद नहीं आती।”
नेहा चुप रही। उसने राजेश के कंधे पर हाथ रख दिया। राजेश ने भी उसका हाथ थाम लिया। दोनों की सांसें एक-दूसरे से टकरा रही थीं।
तीसरे दिन दोपहर — बेडरूम मिरर के सामने
गर्मी बहुत थी। नेहा ने एक पतली सिल्क की नाइट ड्रेस पहनी हुई थी, जो उसके शरीर पर चिपक गई थी। ब्रा नहीं पहनी थी, इसलिए उसके गुलाबी निप्पल साफ उभर रहे थे। वह बेडरूम के बड़े मिरर के सामने खड़ी होकर बाल संवार रही थी। अचानक राजेश ने दरवाजा खटखटाया।
राजेश: “नेहा, लंच तैयार है। आओ।”
नेहा: “पापा, अंदर आ जाइए… मैं तैयार हो रही हूं।”
राजेश अंदर दाखिल हुए। जैसे ही उनकी नजर नेहा पर पड़ी — पतली नाइट ड्रेस में, मिरर के सामने, निप्पल उभरे हुए — उनकी सांस रुक गई। नेहा ने मिरर में ही राजेश को देख लिया।
नेहा (शर्माते हुए): “पापा… आप अंदर क्यों आ गए बिना बताए?”
राजेश धीरे-धीरे उसके करीब आया। दोनों अब मिरर में एक-दूसरे को देख रहे थे। राजेश नेहा के पीछे खड़ा हो गया।
राजेश (फुसफुसाते हुए, उसके कान के पास): “नेहा… मैं और नहीं रोक सकता। तुम इतनी खूबसूरत हो कि मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा। पिछले कई दिनों से मैं तुम्हारे बारे में सोचता रहता हूं… तुम्हारे स्तन, तुम्हारी कमर, तुम्हारी गांड… सब कुछ।”
नेहा की सांसें तेज हो गईं। वह मिरर में राजेश की आंखें देख रही थी, जो उसकी छाती पर टिकी हुई थीं।
नेहा: “पापा… ये गलत है… आप मेरे ससुर हो… नीरज आपका बेटा है…”
राजेश: “मुझे पता है बेटा… लेकिन दिल नहीं मानता। देखो मिरर में… हम दोनों कितने अच्छे लग रहे हैं साथ में। तुम मेरी हो जाओ ना आज… सिर्फ आज… किसी को पता नहीं चलेगा।”
राजेश ने धीरे से अपने हाथ नेहा की कमर पर रख दिए। नेहा कांप गई, लेकिन उसने हाथ नहीं हटाया। राजेश ने उसे पीछे से अपनी तरफ खींच लिया। उसका सख्त लंड अब नेहा की नरम गांड पर दब रहा था। दोनों मिरर में एक-दूसरे के चेहरे देख रहे थे।
राजेश: “अगर तुम सच में नहीं चाहती तो मैं अभी रुक जाऊंगा… बोलो नेहा।”
नेहा की आंखें मिरर में गीली हो गई थीं। उसकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं। राजेश के हाथ अब उसकी कमर से ऊपर स्तनों की तरफ बढ़ रहे थे।
नेहा (कांपती आवाज में): “पापा… मैं डर रही हूं… लेकिन… आपका स्पर्श… अच्छा लग रहा है। मैं भी… बहुत दिनों से कुछ महसूस कर रही थी…”
राजेश के हाथ अब उसके स्तनों के ठीक नीचे थे। नाइट ड्रेस की पतली कपड़े के नीचे से उसकी उंगलियां नेहा के नरम स्तनों को छू रही थीं। नेहा की आंखें बंद हो गईं, मुंह थोड़ा खुल गया। राजेश का लंड और सख्त होकर उसकी गांड में दब रहा था।
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राजेश नेहा को धीरे-धीरे घुमाया। अब दोनों आमने-सामने थे, लेकिन मिरर अभी भी उनके बगल में था। राजेश ने एक हाथ नेहा की कमर पर रखा और दूसरे हाथ से उसका चेहरा ऊपर उठाया।
“नेहा…” उसने फुसफुसाया और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए।
यह कोई साधारण किस नहीं था। राजेश ने नेहा के होंठों को जोर से चूसा, अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी और उसे गहराई से चूमने लगा। नेहा की सांस रुक गई। उसने भी राजेश के गले में हाथ डाल दिए और जवाब में किस किया। दोनों की जीभें आपस में लिपट गईं। राजेश ने नेहा के निचले होंठ को दांतों से हल्का काट लिया। नेहा “आह…” की आवाज निकालते हुए और जोर से चिपक गई।
किस करते-करते राजेश ने अपने दोनों हाथ नेहा की नाइट ड्रेस के हेम पर रख दिए। उसने धीरे-धीरे ड्रेस को ऊपर खींचना शुरू किया। रेशमी कपड़ा नेहा की जांघों से सरकता हुआ ऊपर आ रहा था। राजेश ने ड्रेस को उसकी कमर तक खींचा, फिर और ऊपर… अब ड्रेस उसके स्तनों के नीचे आ गई थी।
राजेश ने एक झटके में पूरी नाइट ड्रेस नेहा के सिर के ऊपर से उतार दी और फेंक दी।
अब नेहा पूरी तरह नंगी ऊपर से थी। उसके बड़े-बड़े गोरे स्तन पूरी तरह खुल गए थे। गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे। राजेश की आंखें चमक उठीं।
“कितने सुंदर हैं तेरे स्तन बेटा…” राजेश ने दोनों हाथों से नेहा के स्तनों को जोर से दबाया। नेहा की आंखें बंद हो गईं। “आह… पापा…”
राजेश ने उसके स्तनों को मसलते हुए मिरर की तरफ देखा। नेहा भी मिरर में देख रही थी — राजेश उसके स्तनों को जोर-जोर से दबा रहा था, उंगलियां निप्पल पर घूम रही थीं। राजेश ने एक निप्पल को अंगूठे और तर्जनी के बीच पकड़कर घुमाया। नेहा के शरीर में झुरझुरी दौड़ गई।
फिर राजेश ने अपना मुंह नीचे किया और नेहा के दाएं स्तन को पूरे जोर से चूस लिया।
“आआआह… पापा…!” नेहा की आवाज पूरे कमरे में गूंजी। उसने राजेश के बालों में हाथ डाल दिए। राजेश ने स्तन को चूसते हुए जीभ से निप्पल को चाटा, फिर दांतों से हल्का काट लिया। नेहा का शरीर कांप रहा था। राजेश ने दूसरा स्तन भी उसी तरह चूसा — जोर-जोर से, लालच से। नेहा की आंखें आधी बंद थीं, मुंह खुला था, सिसकियां निकल रही थीं।
“पापा… मेरा दूध पी लो… आह… अच्छा लग रहा है…”
राजेश स्तनों को चूसते-चूसते नीचे की तरफ बढ़ा। उसने नेहा की पेंटी के किनारे पर हाथ रखा। एक झटके में उसने पेंटी को घुटनों तक खिसका दिया। नेहा ने खुद एक पैर उठाकर पेंटी को पूरी तरह उतार दिया। अब नेहा पूरी तरह नंगी थी।
राजेश नेहा को मिरर के सामने ही घुमा दिया — अब नेहा का मुंह मिरर की तरफ था, राजेश उसके पीछे खड़ा था। नेहा ने दोनों हाथ ड्रेसिंग टेबल पर रख दिए। मिरर में वह खुद को नंगी देख रही थी — स्तन लटक रहे थे, राजेश उसके पीछे खड़ा था।
राजेश ने अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी। उसका मोटा, सख्त लंड बाहर आ गया — 7 इंच से ज्यादा लंबा और मोटा। वह नेहा की गांड के बीच में घिसने लगा।
“देख मिरर में नेहा… देख कैसे तेरा ससुर तुझे चोदने वाला है…”
राजेश ने एक हाथ से नेहा की चूत पर हाथ रखा। वह पहले से ही बहुत गीली थी। उसने दो उंगलियां अंदर डाल दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा।
“आह… आह… पापा… उंगली मत डालो… लंड डालो ना… मुझे चोदो…” नेहा चीख पड़ी। उसकी आंखें मिरर में आधी बंद थीं, मुंह खुला था, जीभ बाहर निकल रही थी।
राजेश ने उंगलियां निकालीं और अपना लंड नेहा की चूत के मुंह पर रखा। एक जोरदार धक्का मारा।
“आआआआह… पापा…!”
लंड आधा अंदर चला गया। राजेश ने फिर जोर मारा — पूरा लंड नेहा की तंग चूत में घुस गया। नेहा का शरीर आगे की तरफ झुक गया। राजेश ने उसकी कमर पकड़ ली और तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।
“थप-थप-थप-थप…”
नेहा की गांड राजेश के पेट से टकरा रही थी। उसके स्तन मिरर में आगे-पीछे हो रहे थे। राजेश एक हाथ से नेहा के बाल पकड़कर पीछे खींच रहा था, दूसरा हाथ उसके स्तन को जोर से दबा रहा था।
नेहा के एक्सप्रेशन:
- आंखें आधी बंद, कभी-कभी पूरी बंद हो जातीं pleasure में
- मुंह खुला, लगातार “आह… आह… पापा… और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो…”
- जीभ कभी बाहर निकल आती, कभी वह अपने होंठ काट लेती
- चेहरा लाल हो गया था, पसीना आ रहा था
- शरीर कांप रहा था, जांघें लड़खड़ा रही थीं
राजेश के एक्सप्रेशन:
- दांत भींचे हुए, आंखें मिरर में नेहा के चेहरे पर टिकी हुईं
- पसीने से भीगा चेहरा
- लगातार grunt कर रहा था — “हां… ले… ले मेरी बहू… तेरी चूत कितनी तंग है… आज मैं तुझे अच्छे से चोदूंगा…”
- कभी-कभी वह नेहा के स्तन जोर से दबा देता, कभी उसकी गांड पर थप्पड़ मारता
राजेश की रफ्तार बढ़ गई। वह अब बहुत तेज धक्के मार रहा था। नेहा की चूत से “पच-पच-पच” की आवाजें आ रही थीं।
“पापा… मैं झड़ने वाली हूं… आह… आह…!” नेहा चीखी।
उसका शरीर अचानक अकड़ गया। उसकी चूत ने राजेश के लंड को जोर से दबाया। नेहा जोर-जोर से कांपने लगी। उसकी आंखें पूरी तरह बंद हो गईं, मुंह खुला रहा, और वह “पापा… पापा…” की आवाज निकालते हुए झड़ गई।
राजेश ने भी रफ्तार और बढ़ा दी। दस-बारह जोरदार धक्कों के बाद उसने नेहा की कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और अपना पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
“आह… नेहा… ले… ले मेरा पानी…”
राजेश का लंड फड़कने लगा और उसने गरम-गरम वीर्य नेहा की चूत में छोड़ दिया। दोनों एक साथ कांप रहे थे। राजेश नेहा के ऊपर झुक गया, उसके स्तनों को दोनों हाथों से दबाए हुए, और उसकी गर्दन को चूम रहा था।
नेहा मिरर में देख रही थी — उसका चेहरा पूरी तरह संतुष्ट और थका हुआ था, बाल बिखरे हुए, स्तन लाल हो गए थे राजेश के दबाने से, और राजेश उसके पीछे सांसें ले रहा था।
दोनों कुछ देर उसी हालत में खड़े रहे। राजेश का लंड अभी भी नेहा की चूत में था। वीर्य उसके जांघों से बह रहा था।
लेकिन राजेश की आंखों में अभी भी भूख बाकी थी।
वह धीरे से नेहा के कान में फुसफुसाया — “अभी तो शुरुआत है बेटा… अभी और बहुत कुछ बाकी है…”
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- भाई के मोटे लंड से चुदते-चुदते चीख-चीखकर पानी छोड़ने लगी
- दीदी की मोटे लंड से चुदाई की चीखे निकाल दी
- बुआ की कुंवारी बेटी ने मुझे गर्म करके सील तुड़वाई – पहली चुदाई की पूरी कहानी
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राजेश ने अपना लंड नेहा की चूत से बाहर निकाला। गरम-गरम वीर्य उसकी चूत से बहता हुआ जांघों पर गिर रहा था। नेहा अभी भी सांसें ले रही थी, मिरर के सामने झुकी हुई।
राजेश ने उसके नंगे कूल्हे पर जोर से थप्पड़ मारा।
“अभी खत्म नहीं हुआ बेटा… अब मैं तुझे डॉगी स्टाइल में चोदूंगा… मिरर के सामने… ताकि तू अपनी शक्ल देख सके कि तेरे ससुर तुझे कैसे चोद रहा है।”
नेहा की सांसें और तेज हो गईं। राजेश ने उसे बेड की तरफ घुमाया। नेहा बेड पर चढ़ गई। राजेश ने उसे घुटनों के बल बिठाया और आगे की तरफ झुकाया। अब नेहा दोनों हाथों और घुटनों के बल थी — डॉगी स्टाइल पोजीशन में। राजेश ने उसे ठीक मिरर के सामने पोजीशन किया ताकि नेहा सीधे मिरर में अपना चेहरा और शरीर देख सके।
राजेश भी बेड पर घुटनों के बल आ गया उसके पीछे। उसने नेहा की कमर पकड़ ली। उसका लंड अभी भी आधा सख्त था। उसने एक हाथ से नेहा की चूत पर हाथ फेरा, वीर्य और उसके रस को फैलाया और फिर अपना लंड फिर से उसकी चूत के मुंह पर रख दिया।
एक जोरदार धक्का —
“आआआह… पापा… फिर से अंदर…!”
पूरा लंड एक ही झटके में नेहा की गीली चूत में घुस गया। राजेश ने दोनों हाथों से नेहा की कमर पकड़ ली और तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।
“थप-थप-थप-थप-थप…”
नेहा की भारी गांड हर धक्के के साथ आगे-पीछे हो रही थी। राजेश ने एक हाथ आगे बढ़ाकर नेहा के बालों में उंगलियां डाल दीं और जोर से खींच लिया। नेहा का सिर ऊपर उठ गया। अब दोनों सीधे मिरर में एक-दूसरे का चेहरा देख रहे थे।
नेहा के एक्सप्रेशन (मिरर में):
- आंखें आधी बंद थीं, pleasure में कभी-कभी पूरी तरह बंद हो जातीं
- मुंह खुला हुआ था, लगातार जोर-जोर से सिसकियां और चीखें निकल रही थीं — “आह… आह… पापा… और जोर से… मेरी चूत को फाड़ दो…”
- जीभ बाहर निकल आई थी, लार उसके होंठों से बह रही थी
- चेहरा पूरी तरह लाल और पसीने से भीगा हुआ
- हर जोरदार धक्के पर उसकी आंखें ऊपर की तरफ चली जातीं, जैसे बेहोश हो रही हो
- वह बार-बार अपने निचले होंठ को काट रही थी
राजेश के एक्सप्रेशन (मिरर में):
- दांत भींचे हुए, आंखें नेहा के चेहरे पर टिकी हुईं
- पसीना उसके माथे और छाती से बह रहा था
- वह मुस्कुरा रहा था — एक गंदी, हावी वाली मुस्कान
- लगातार grunt कर रहा था — “हां… ले… ले मेरी बहू… देख अपनी शक्ल मिरर में… कितनी प्यारी लग रही है तू चुदते हुए…”
- कभी-कभी वह नेहा के बाल और जोर से खींचता, कभी उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारता
राजेश की रफ्तार और बढ़ गई। वह अब बहुत तेज और गहरे धक्के मार रहा था। उसका लंड पूरी तरह अंदर-बाहर हो रहा था। नेहा की चूत से “पचक-पचक-पचक” की गीली आवाजें आ रही थीं।
राजेश ने एक हाथ नेहा के बालों से हटाकर उसके दाएं स्तन पर रख दिया और जोर से दबाने लगा। दूसरा हाथ उसकी कमर पर था। वह झुक गया और नेहा के कान में गंदी बातें करने लगा:
“देख मिरर में… तेरे स्तन कितने हिल रहे हैं… तेरी गांड कितनी लाल हो गई है मेरे थप्पड़ों से… तेरी चूत मेरे लंड को कितनी मजबूती से पकड़ रही है…”
नेहा मिरर में सब कुछ देख रही थी — अपना झूलता हुआ शरीर, राजेश का पसीने से लथपथ चेहरा, और उसका अपना मुंह जो खुला हुआ चीख रहा था।
“पापा… मैं फिर झड़ने वाली हूं… आह… आह… मत रुको… चोदते रहो…!”
राजेश ने रफ्तार और तेज कर दी। अब वह इतनी जोर से चोद रहा था कि बेड हिल रहा था। नेहा के स्तन जोर-जोर से आगे-पीछे हो रहे थे। राजेश ने उसके बाल और जोर से खींचे और एक हाथ से उसकी चूत के आगे हाथ डालकर उसकी चूत को रगड़ने लगा।
नेहा का शरीर अचानक अकड़ गया।
“पापा… आआआआह… मैं झड़ गई…!”
उसकी चूत ने राजेश के लंड को जोर से निचोड़ा। नेहा जोर-जोर से कांपने लगी। उसकी आंखें मिरर में घूम गईं, मुंह पूरी तरह खुला रहा और वह “पापा… पापा…” की आवाज निकालते हुए दूसरी बार झड़ गई। उसका पूरा शरीर लहरा रहा था।
राजेश ने भी रफ्तार बढ़ा दी। दस-बारह जोरदार, गहरे धक्कों के बाद उसने नेहा की कमर को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया और अपना लंड पूरी तरह अंदर घुसा दिया।
“ले… ले मेरा सारा पानी… नेहा…!”
राजेश फिर से गरम-गरम वीर्य नेहा की चूत में छोड़ने लगा। दोनों एक साथ कांप रहे थे। राजेश नेहा के ऊपर झुक गया, उसके बालों को चूम रहा था और उसके स्तनों को दोनों हाथों से दबा रहा था।
कुछ देर दोनों उसी हालत में रहे — नेहा घुटनों के बल, राजेश उसके पीछे लंड अंदर डाले हुए। वीर्य फिर से नेहा की जांघों से बह रहा था।
राजेश ने धीरे से अपना लंड बाहर निकाला। नेहा की चूत से वीर्य की धार बह रही थी। नेहा थककर बेड पर गिर पड़ी, सांसें फूल रही थीं। राजेश उसके बगल में लेट गया और उसे अपनी बाहों में ले लिया।
लेकिन राजेश की आंखों में अभी भी भूख बाकी थी।
वह नेहा के कान में फुसफुसाया — “अभी और चाहिए… तू तैयार है ना मेरी जान?”
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