पड़ोसन आंटी की चुदाई neighbor aunty sex story
मेरा नाम राहुल है। उम्र 23 साल। मैं मुंबई में एक छोटे से 2BHK फ्लैट में अकेला रहता हूँ। मेरे बगल वाले फ्लैट में नई पड़ोसन आंटी शिफ्ट हुई हैं। उनका नाम अंजलि आंटी है। उम्र 35 साल।
अंजलि आंटी बहुत ही हॉट और सेक्सी हैं। गोरी रंगत, काले बाल कंधों तक, बड़ी-बड़ी आँखें और सबसे खास — उनका शरीर। छातियाँ बहुत बड़ी और भारी, कमर पतली और गांड गोल-भारी। वो अक्सर टाइट टॉप और जींस पहनती हैं या कभी-कभी साड़ी भी। उनके पति दूसरे शहर में जॉब करते हैं और हफ्ते में सिर्फ एक-दो दिन आते हैं।
कहानी की शुरूआत…
एक शाम मैं बालकनी में खड़ा था। अचानक नीचे से ट्रक आया और सामान उतरने लगा। एक महिला सामान संभालने की कोशिश कर रही थी। मैंने देखा — वो बहुत खूबसूरत थी। टाइट ब्लैक टॉप और जींस पहने हुए। छातियाँ टॉप में दबकर बाहर आने को तैयार थीं।
मैं नीचे गया और मदद करने लगा।
“आंटी, मैं मदद कर देता हूँ।”
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे शुक्रिया बेटा। मेरा नाम अंजलि है।”
“मेरा नाम राहुल है आंटी।”
सामान उठाते समय उनकी छातियाँ मेरे हाथ से रगड़ खा गईं। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। अंजलि आंटी ने शायद महसूस कर लिया। उन्होंने मेरी तरफ देखा और हल्का सा मुस्कुरा दीं।
उस दिन से रोज कुछ न कुछ होता रहा।
अगले दिन उन्होंने मुझे चाय पीने बुलाया।
“राहुल, नया फ्लैट है तो थोड़ा अकेलापन लग रहा है। आ जाओ चाय पी लो।”
मैं गया। उन्होंने लो नेक वाली टॉप पहनी थी। जब वो चाय लेकर झुकीं तो उनकी छातियों की गहरी दरार मेरे सामने आ गई। मैं देखता रह गया।
“क्या देख रहे हो राहुल?” उन्होंने सीधे पूछा।
“न-नहीं आंटी… कुछ नहीं।”
“झूठ मत बोलो। आंटी की छातियाँ देख रहे थे ना?”
मैं शरमा गया।
अंजलि आंटी हँस पड़ीं। “कोई बात नहीं। तुम जवान हो, देखोगे तो।”
फिर उन्होंने बात शुरू की।
“मेरे पति ज्यादातर बाहर रहते हैं। हफ्ते में दो दिन ही आते हैं। घर में बहुत अकेलापन लगता है। और… बेड में भी कोई मजा नहीं।”
उन्होंने मेरी जांघ पर हाथ रख दिया।
“तुम जैसे लड़के देखकर मन करता है…”
मैं कुछ बोल नहीं पाया।
अगले कुछ दिनों में अंजलि आंटी ने मुझे कई बार बुलाया — पंखा ठीक करने, वाई-फाई कनेक्ट करने, सामान रखने में मदद के लिए। हर बार उनका कपड़ा और कम होता गया।
एक शाम उन्होंने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया —
“राहुल, बिजली चली गई है। अकेली डर लग रहा है। आ जाओ ना थोड़ी देर।”
मैं गया। अंदर जाकर देखा कि उन्होंने सिर्फ एक पतली नाइटी पहनी थी। नाइटी इतनी पतली थी कि अंदर ब्रा और पैंटी साफ दिख रही थी।
“बैठो।”
हम सोफे पर बैठे। अंजलि आंटी ने दो गिलास वाइन निकाली। दोनों ने थोड़ा पिया।
“राहुल, मैं जानती हूँ तुम मुझे देखते हो। रोज बालकनी में खड़े होकर घूरते हो।”
“आंटी…”
“प्रिया बोलो। आज से आंटी नहीं।”
उन्होंने मेरी तरफ झुककर कहा, “तुम्हें मेरी छातियाँ और गांड पसंद हैं ना?”
मैंने हिम्मत करके कहा, “हाँ… बहुत पसंद हैं।”
अंजलि आंटी मुस्कुराईं। उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर अपनी छाती पर रख दिया।
“तो फिर आज क्या रुके हो?”
अब हम दोनों सोफे पर बहुत करीब बैठे थे। उनकी नाइटी का फीता ढीला हो चुका था। उनकी एक छाती का ऊपरी हिस्सा साफ दिख रहा था।
उन्होंने मेरी जांघ पर हाथ फेरा और धीरे से मेरे कान में कहा, “राहुल… आज रात क्या करना चाहते हो?”
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पड़ोसन अंजलि आंटी को जमकर चोदा
मैंने सारी हिम्मत जुटाई और अंजलि आंटी के मोटे, मुलायम होंठों पर अपना मुंह रख दिया। जोरदार किस किया।
पहले तो उन्होंने थोड़ी सांस ली, लेकिन अगले ही पल उन्होंने भी मुझे जोर से पकड़ लिया। उनकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। दोनों की साँसें तेज हो गईं। मैंने उन्हें और जोर से अपनी बाहों में भर लिया।
“mmmmhh…” अंजलि आंटी के मुंह से पहली सिसकारी निकली।
मैंने एक हाथ उनकी कमर पर रखा और दूसरे हाथ से नाइटी का पतला फीता खींच लिया। फीता खुल गया। मैंने नाइटी को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ खींचना शुरू किया।
नाइटी उनके घुटनों तक, फिर जांघों तक, फिर कमर तक चढ़ गई। अब उनकी काली ब्रा और मैचिंग पैंटी साफ दिख रही थी।
अंजलि आंटी ने आँखें बंद कर लीं। उनके होंठ काँप रहे थे।
“राहुल…” उन्होंने धीरे से कहा।
मैंने नाइटी को उनके सिर के ऊपर से उतार दिया। अब अंजलि आंटी सिर्फ ब्रा और पैंटी में मेरे सामने थीं।
उनकी छातियाँ ब्रा में दबकर बाहर आने को तैयार थीं। मैंने ब्रा के हुक पीछे से खोले। ब्रा ढीली हो गई। मैंने ब्रा को उनके कंधों से नीचे उतार दिया।
अंजलि आंटी की नंगी छातियाँ पहली बार मेरी आँखों के सामने थीं।
दोनों छातियाँ बड़ी, गोरी और भारी थीं। निप्पल गुलाबी रंग के और सख्त खड़े थे।
मैंने एक छाती को मुंह में लिया और जोर से चूसने लगा।
“आआआह्ह्ह…!” अंजलि आंटी जोर से सिसकारी मारकर पीछे झुक गईं। उन्होंने मेरा सिर अपनी छाती से दबा लिया।
“राहुल… और जोर से चूसो… हाँ… ऐसे ही…”
उनकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला था। चेहरा लाल हो रहा था।
मैंने दूसरी छाती भी चूसी, काटा और जीभ से चाटा। अंजलि आंटी की साँसें अब बहुत तेज हो गई थीं।
फिर मैंने नीचे की तरफ बढ़ा। उनकी काली पैंटी पर हाथ रखा। पैंटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी का इलास्टिक पकड़ा और धीरे-धीरे नीचे उतारा।
पैंटी जांघों तक, फिर घुटनों तक, फिर पैरों से उतर गई।
अब अंजलि आंटी पूरी तरह नंगी थीं।
उनकी चूत साफ शेव की हुई थी — मोटी, गुलाबी और पहले से ही गीली।
अंजलि आंटी ने मुझे सोफे पर लिटा दिया। उन्होंने मेरी पैंट और अंडरवियर एक साथ उतार दी। मेरा लंड बाहर आ गया — 7 इंच लंबा और मोटा।
उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया।
“वाह… कितना हार्ड है…”
फिर उन्होंने मेरे ऊपर चढ़कर लंड को अपनी चूत पर रखा और धीरे-धीरे नीचे बैठने लगीं।
“आआआह्ह्ह्ह…!”
लंड का सिरा उनकी चूत में घुसने लगा। आधा लंड अंदर जाने के बाद उन्होंने रुककर सांस ली।
“बहुत मोटा है राहुल… आह्ह…”
फिर उन्होंने और नीचे बैठना शुरू किया। पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया।
अब अंजलि आंटी मेरे ऊपर घुड़सवार बनकर बैठी थीं।
उन्होंने हिलना शुरू किया। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज।
“आह्ह… आह्ह… राहुल… तुम्हारा लंड… आआआह्ह्ह…”
उनकी बड़ी छातियाँ मेरे सामने लटककर ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैंने दोनों हाथ बढ़ाकर उनकी छातियाँ पकड़ लीं और जोर से दबाने लगा।
अंजलि आंटी की आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला था। चेहरा पसीने से भीग रहा था।
“राहुल… और जोर से… चाची की चूत फाड़ दो… हाँ… ऐसे ही…”
मैंने भी नीचे से धक्के मारने शुरू कर दिए।
“पचक… पचक… पचक…”
अंजलि आंटी अब बहुत तेजी से चोद रही थीं। उनकी गांड मेरी जांघों से टकरा रही थी।
“आआआह्ह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ… आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर काँपने लगा। चूत ने मेरे लंड को जोर से कस लिया।
मैं भी रुक नहीं सका।
“आंटी… मैं भी…”
“अंदर छोड़ दो… पूरा अंदर…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और सारा माल उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
अंजलि आंटी मेरे ऊपर गिर पड़ीं। दोनों साँस लेने के लिए रुक गए।
उनके बाल मेरे चेहरे पर फैले हुए थे।
“राहुल… आज तक इतना मजा कभी नहीं आया…” उन्होंने धीरे से कहा।
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69 पोजीशन में चोदा
अंजलि आंटी अभी भी मेरे ऊपर लेटी थीं। दोनों साँस लेने के लिए रुक गए थे।
उन्होंने मेरे होंठों पर हल्का सा किस किया और कहा, “चलो बेडरूम में चलते हैं… अभी और मजा करना है।”
दोनों नंगे ही उठे और बेडरूम में चले गए। अंजलि आंटी ने मुझे बेड पर पीठ के बल लिटा दिया।
“अब तुम लेट जाओ…”
वे मेरे ऊपर चढ़ गईं लेकिन उल्टी तरफ। अब उनका चेहरा मेरे लंड की तरफ था और उनकी चूत मेरे मुंह के ठीक ऊपर।
69 पोजीशन।
अंजलि आंटी ने मेरा लंड दोनों हाथों से पकड़ लिया। अभी भी मेरे माल से भीगा हुआ था। उन्होंने पहले लंड के सिरे को चूमा, फिर धीरे-धीरे मुंह में ले लिया।
“mmmmhh…”
उन्होंने लंड को चूसना शुरू कर दिया। उनकी जीभ लंड के नीचे घूम रही थी। वे जोर-जोर से चूस रही थीं।
मैंने भी उनकी चूत को दोनों हाथों से खोला और जीभ बाहर निकालकर चाटना शुरू कर दिया।
अंजलि आंटी की चूत अभी भी गीली थी। स्वाद नमकीन-मीठा था। मैंने उनकी चूत के होठों को चूसा और जीभ अंदर डाल दी।
“आआआह्ह्ह…!” अंजलि आंटी के मुंह से आवाज निकली (मेरे लंड के साथ)।
उन्होंने और जोर से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। अब लंड उनका गला तक जा रहा था।
मैंने उनकी गांड दोनों हाथों से पकड़ लिया और उनकी चूत को जोर से चाटने लगा। जीभ से ऊपर-नीचे घुमाया, फिर क्लिट को चूसा।
अंजलि आंटी का शरीर काँप रहा था।
“राहुल… तुम्हारी जीभ… आह्ह… बहुत अच्छी है…”
उनकी आवाज काँप रही थी क्योंकि मुंह में मेरा लंड भरा हुआ था।
मैंने उनकी चूत में जीभ घुसाकर अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। साथ ही एक उंगली भी अंदर डाल दी।
अंजलि आंटी अब बहुत तेजी से मेरा लंड चूस रही थीं। लार उनके मुंह से निकलकर मेरे अंडकोष पर बह रही थी।
“आह्ह… आह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ…”
उनका शरीर और ज्यादा काँपने लगा।
मैंने उनकी चूत को और जोर से चाटा और क्लिट को तेजी से चूसा।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
अंजलि आंटी का शरीर अचानक कड़ा हो गया। उनकी चूत ने मेरे मुंह पर जोर से दबाव डाला। गर्म-गर्म पानी मेरे मुंह में आ गया।
वे जोर से काँप रही थीं।
“राहुल… आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उन्होंने मेरा लंड मुंह से बाहर निकाला और सिर नीचे झुका लिया।
मैंने भी उनकी चूत को चाटते हुए उनका सारा रस पी लिया।
अंजलि आंटी कुछ देर तक ऐसे ही लेटी रहीं। फिर उन्होंने मुड़कर मेरी तरफ देखा।
उनकी आँखें अभी भी आधी बंद थीं। चेहरा संतुष्टि से भरा हुआ था।
“राहुल… तुमने बहुत अच्छा किया…”
वे मेरे पास लेट गईं और मुझे चूम लिया।
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डॉगी स्टाइल चुदाई
69 के बाद अंजलि आंटी अभी भी साँस ले रही थीं। मैंने उन्हें धीरे से उठाया और कान में फुसफुसाया, “अब पीछे से चोदता हूँ आंटी…”
अंजलि आंटी ने मेरी तरफ देखा। उनकी आँखों में अभी भी भूख थी। उन्होंने बिना कुछ बोले घुटनों के बल हो गईं। अब वे बेड पर चारों हाथ-पैरों के बल थीं।
उनकी भारी गांड मेरी तरफ उठी हुई थी। पीठ थोड़ी झुकी हुई थी और बाल एक तरफ गिर रहे थे।
मैं उनके पीछे घुटनों के बल बैठ गया।
अंजलि आंटी की गांड देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। चूत अभी भी गीली थी और 69 के बाद और भी ज्यादा चमक रही थी।
मैंने उनकी गांड के दोनों तरफ हाथ रखे और जोर से दबाया।
“आह्ह…” अंजलि आंटी ने सिर नीचे झुकाया।
मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा।
“आआआह्ह्ह्ह…!” अंजलि आंटी जोर से चीख पड़ीं।
पूरा लंड अंदर चला गया।
अब मैं पीछे से चोदने लगा।
हर धक्के के साथ अंजलि आंटी की भारी गांड आगे-पीछे होती थी। “पचक… पचक… पचक…” की तेज आवाज कमरे में गूंज रही थी।
अंजलि आंटी का चेहरा तकिये में दबा हुआ था। मुंह खुला था। आँखें बंद थीं।
“आह्ह… आह्ह… राहुल… और जोर से… चाची की गांड मारो… हाँ…”
मैंने उनकी कमर दोनों हाथों से पकड़ लिया और और तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए।
अंजलि आंटी की बड़ी-बड़ी छातियाँ नीचे लटककर आगे-पीछे हो रही थीं।
“राहुल… चाची की चूत फट रही है… आआआह्ह्ह्ह…”
उनकी आवाज में दर्द और मजे का मिश्रण था। चेहरा लाल हो चुका था। पसीना उनकी पीठ पर चमक रहा था।
मैंने उनकी एक गांड पर जोर से थप्पड़ मारा।
“आह्ह…!” अंजलि आंटी चौंककर आगे झुक गईं।
“आंटी… तुम्हारी गांड कितनी मोटी और सेक्सी है…” मैंने कहा।
“हाँ बेटा… चाची की गांड मारो… जितना मारना है मारो…”
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। अब अंजलि आंटी का पूरा शरीर आगे-पीछे हो रहा था।
“आह्ह… आह्ह… आआआआह्ह्ह्ह्ह… राहुल… मैं फिर झड़ने वाली हूँ…!”
अंजलि आंटी का शरीर अचानक काँपने लगा। चूत ने मेरे लंड को जोर से निचोड़ा।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनकी चूत से गर्म पानी निकला और मेरी जांघों पर बहने लगा।
मैं भी रुक नहीं सका।
“आंटी… मैं भी…”
“अंदर छोड़ दो… पूरा अंदर…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और सारा माल उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
अंजलि आंटी थककर बेड पर गिर पड़ीं। मैं भी उनके बगल में लेट गया।
दोनों साँस लेने के लिए रुक गए।
अंजलि आंटी ने पीछे हाथ बढ़ाकर मेरे चेहरे को छुआ।
“राहुल… आज चाची को सच में बहुत मजा आया…”
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✅ अगले दिन… जमकर चोदा
रात भर की जोरदार चुदाई के बाद दोनों थककर सो गए थे। अगले दिन सुबह 8 बजे मेरी आँखें खुलीं।
अंजलि आंटी मेरे बगल में नंगी लेटी हुई थीं। उनके बाल अस्त-व्यस्त थे और शरीर पर कल रात के निशान साफ दिख रहे थे।
मैं अभी भी आधा सोया हुआ था कि अंजलि आंटी ने मेरी तरफ मुड़कर मुझे चूमा।
“जाग गए?” उन्होंने धीरे से कहा।
“हाँ आंटी…”
उन्होंने मेरे ऊपर चढ़कर मुझे जोर से चूमा। फिर उन्होंने मेरा लंड पकड़ लिया। सुबह की हार्डनेस के कारण लंड पहले से ही खड़ा था।
“आज भी चाची को चोदोगे?” उन्होंने शरारत से पूछा।
मैंने उन्हें पकड़कर नीचे लिटा दिया। अब मैं ऊपर था।
“हाँ… आज भी चोदूंगा।”
मैंने उनके दोनों पैर उठाकर अपने कंधों पर रख दिए और एक जोरदार धक्का मारा।
“आआआह्ह्ह…!” अंजलि आंटी जोर से चीख पड़ीं।
लंड पूरा अंदर चला गया।
अब मैं सुबह की रोशनी में उन्हें जोर-जोर से चोद रहा था।
अंजलि आंटी की छातियाँ ऊपर-नीचे हो रही थीं। उनकी आँखें आधी बंद थीं। मुंह खुला था।
“राहुल… सुबह-सुबह इतना जोर से… आह्ह… चाची की चूत फाड़ दी…”
मैंने उनकी छातियाँ दोनों हाथों से पकड़ लिया और दबाते हुए चोदता रहा।
अंजलि आंटी ने मेरी कमर को दोनों पैरों से कस लिया।
“और जोर से… हाँ… ऐसे ही… आआआह्ह्ह्ह…”
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। बेड हिल रहा था।
अंजलि आंटी का चेहरा लाल हो चुका था। पसीना उनके माथे और छाती पर चमक रहा था।
“राहुल… चाची झड़ने वाली है… आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर काँपने लगा। चूत ने मेरे लंड को जोर से कस लिया।
मैं भी रुक नहीं सका।
“आंटी… मैं भी…”
“अंदर छोड़ दो… पूरा…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और सारा माल उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
दोनों थककर एक-दूसरे पर गिर गए।
अंजलि आंटी ने मुझे चूमा और कहा, “राहुल… आज पूरा दिन चाची तुझे चोदेगी। पति शाम को आएंगे… तब तक जितना चाहे चोद ले।”
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शावर के नीचे चुदाई
सुबह की चुदाई के बाद अंजलि आंटी ने मुझे चूमा और कहा, “चलो… नहा लेते हैं।”
दोनों अभी भी नंगे थे। मैं उठा और उनका हाथ पकड़कर बाथरूम की तरफ ले गया।
बाथरूम में जाकर अंजलि आंटी ने शावर ऑन कर दिया। गर्म पानी की बौछार शुरू हो गई।
पहले पानी उनके शरीर पर गिरा। उनके बाल भीग गए और चिपक गए। पानी उनकी बड़ी-बड़ी छातियों पर गिर रहा था और नीचे की तरफ बह रहा था। उनके निप्पल पानी में और भी ज्यादा सख्त हो गए।
अंजलि आंटी ने मुझे अंदर खींच लिया। अब दोनों शावर के नीचे खड़े थे। गर्म पानी हमारे नंगे शरीर पर गिर रहा था।
उन्होंने मेरी तरफ देखा। पानी उनकी आँखों से टपक रहा था। उन्होंने मुझे दीवार से टिका दिया और जोर से किस किया।
पानी हमारे बीच से बह रहा था। हमारे होंठ गीले हो चुके थे।
मैंने एक छाती मुंह में ले ली और पानी के साथ चूसने लगा।
“आआह्ह्ह… राहुल…” अंजलि आंटी सिसकारते हुए बोलीं।
मैंने उनकी दूसरी छाती भी चूसी। पानी उनके शरीर से टपक-टपक कर मेरे मुंह में जा रहा था।
फिर अंजलि आंटी ने मेरे लंड को पकड़ लिया। पानी की वजह से लंड और भी ज्यादा चिकना हो गया था। उन्होंने उसे अपनी चूत पर रखा।
“अब अंदर डालो…” उन्होंने फुसफुसाया।
मैंने उनकी एक जांघ उठा ली और अपने कंधे पर रख दी। फिर धीरे-धीरे लंड को उनकी चूत में घुसाया।
“आआआह्ह्ह्ह…!” अंजलि आंटी जोर से चीख पड़ीं।
गर्म पानी और गर्म चूत — दोनों ने मिलकर मुझे पागल कर दिया।
अब मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा।
“पचक… पचक… पचक…”
पानी हमारे शरीर से टकरा रहा था। अंजलि आंटी की चूत से निकलने वाला रस पानी के साथ मिलकर नीचे बह रहा था।
उनकी आँखें आधी बंद थीं। पानी उनके चेहरे पर गिर रहा था। वे बार-बार होंठ काट रही थीं।
“राहुल… शावर में चोदना… बहुत मस्त लग रहा है… आह्ह…”
मैंने उनकी दूसरी जांघ भी उठा ली। अब वे पूरी तरह मेरे हाथों में लटक रही थीं। मैं उन्हें पकड़े हुए जोर-जोर से चोद रहा था।
“आआआह्ह्ह… राहुल… और जोर से… हाँ… ऐसे ही…”
अंजलि आंटी ने मेरे बालों में हाथ डाल दिया और मुझे अपनी तरफ खींच लिया। हम दोनों गीले होंठों से एक-दूसरे को चूम रहे थे। पानी हमारे मुंह में जा रहा था।
मैंने रफ्तार और बढ़ा दी।
“फचक… फचक… फचक…”
अंजलि आंटी की चीखें बाथरूम में गूंज रही थीं।
“आह्ह… आह्ह… राहुल… मैं झड़ने वाली हूँ… आआआआह्ह्ह्ह्ह…!”
उनका शरीर काँपने लगा। चूत ने मेरे लंड को जोर से निचोड़ा।
मैं भी रुक नहीं सका।
“आंटी… मैं भी…”
“हाँ… अंदर छोड़ दो… पूरा अंदर…”
मैंने आखिरी जोरदार धक्का मारा और सारा माल उनकी चूत के अंदर छोड़ दिया।
दोनों सांस लेने के लिए रुक गए। गर्म पानी अभी भी हमारे शरीर पर गिर रहा था।
अंजलि आंटी ने मुझे चूमा और कहा, “राहुल… शावर में चोदना सच में बहुत अच्छा लगता है…”
दोनों अभी भी एक-दूसरे से चिपके हुए खड़े थे। पानी हमारे शरीर से बह रहा था।
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