दीदी की मोटे लंड से चुदाई की चीखे निकाल दी

दीदी की मोटे लंड से चुदाई की चीखे निकाल दी

मेरा नाम रोहन है। उम्र 22 साल। मेरी बड़ी दीदी का नाम प्रिया है। उम्र 26 साल। दीदी की शादी को दो साल हो चुके हैं। वो कभी-कभी मायके आती रहती है। दीदी की बॉडी बहुत खूबसूरत और भरी हुई है — गोरी त्वचा, बड़ी-बड़ी छातियाँ और मोटी गांड।

इस बार दीदी 8 दिन के लिए मायके आई थी। मम्मी-पापा शादी में गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं और दीदी अकेले थे।

पहले दो दिन तो नॉर्मल बीते। तीसरे दिन शाम को दीदी नहाकर नाइटी पहनकर बाहर आई। नाइटी थोड़ी पतली थी, इसलिए उसकी छातियाँ साफ दिख रही थीं। दीदी सोफे पर मेरे पास बैठ गई।

दीदी ने कहा, “रोहन, तू तो मुझे घूर-घूर के देख रहा है।”

मैं शर्मा गया। दीदी हँसकर बोली, “शर्मा मत… मैंने देख लिया है कि तू मेरी छातियाँ और गांड कैसे देखता है।”

फिर दीदी सीधे बोली, “आज रात तू मुझे चोदेगा?”

मैं हैरान रह गया। दीदी ने मेरे लंड पर हाथ रख दिया। मेरा लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था। दीदी ने कहा, “कितना मोटा है तेरा… आज मेरी बुर फाड़ देना।”

रात को दीदी मेरे कमरे में आई। उसने नाइटी उतार दी। वो पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी थी। मैंने भी कपड़े उतार दिए। मेरा लंड बहुत मोटा और तना हुआ खड़ा था।

दीदी बेड पर लेट गई और टाँगें फैला दीं। मैं उनके बीच में आ गया। दीदी ने कहा, “कंडोम मत लगा… आज मुझे रॉ चोदना।”

मैंने अपना मोटा लंड दीदी की चूत पर रखा और जोर से दबाया। लंड का मोटा सिरा अंदर घुसते ही दीदी की आँखें फट गईं।

“आह्ह… रोहन… रुक… बहुत मोटा है… आह्ह…”

मैंने रुका नहीं। एक और जोरदार धक्का मारा। लंड आधा अंदर चला गया। दीदी जोर से चीख पड़ी —

“आह्ह्ह्ह… मर गई… फट गई मेरी बुर… आह्ह… रोहन… बहुत मोटा है तेरा लंड… आह्ह…”

मैंने दीदी की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। दीदी की चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह… आह… रोहन… रुक… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

हर धक्के के साथ दीदी की चीख और तेज हो रही थी। उसकी बुर मेरे मोटे लंड को कसकर जकड़ रही थी। दीदी की छातियाँ जोर से उछल रही थीं। वह दोनों हाथों से चादर पकड़े हुए चीख रही थी —

“आह्ह्ह… रोहन… मर जाऊँगी… आह्ह… निकाल… फट गई… आह्ह… बहुत जोर से मार रहा है… आह्ह…”

मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। अब दीदी की चीखें और भी तेज हो गईं। वह जोर-जोर से चीख रही थी —

“आह्ह्ह्ह… रोहन… आह्ह… मेरी बुर फट गई… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार जोरदार चुदाई के बाद दीदी का शरीर अकड़ गया। उसकी आँखें पीछे की तरफ चली गईं और वह जोर से काँपने लगी। साथ ही उसकी बुर से पानी की तेज धार निकलने लगी।

दीदी चीखते हुए बोली —
“आह्ह्ह… रोहन… आह्ह… मैं गई… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह…”

मैं भी रुक नहीं पाया। लंड बाहर निकालकर दीदी के पेट और छातियों पर माल छोड़ दिया।

दीदी थककर लेटी रही। उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद दीदी ने कहा —

“रोहन… तूने आज सच में मेरी बुर फाड़ दी। इतनी जोर से चीख मैंने कभी नहीं मारी थी। तेरा लंड बहुत मोटा है… दर्द तो हो रहा था, लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था।”

उस रात हमने तीन राउंड और किए। हर बार दीदी की चीखें निकलती रहीं। आखिरी राउंड में दीदी खुद बोली —

“आज रात मुझे और चोद… मैं और चीखना चाहती हूँ।”

अगले दिन की और ज्यादा चुदाई + चीखें (Part 2)

पिछली रात दीदी की चीखें सुनकर मुझे और ज्यादा जोश आ गया था। अगले दिन सुबह से ही दीदी का मूड कुछ अलग था।

सुबह 9 बजे

दीदी नहाकर नाइटी पहनकर मेरे कमरे में आई। उसने सीधे मेरे पास आकर लेटते हुए कहा — “रोहन, आज सुबह से ही मेरी बुर फड़फड़ा रही है। तू मुझे फिर से चोद।”

मैंने दीदी को पेट के बल लिटा दिया। नाइटी ऊपर कर दी और उसके पीछे आ गया। मेरा मोटा लंड पहले से ही खड़ा था। मैंने दीदी की चूत पर लंड रखा और एक जोरदार धक्का मारा।

लंड आधा अंदर जाते ही दीदी जोर से चीख पड़ी —

“आह्ह्ह… रोहन… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… धीरे… आह्ह…”

मैंने रुका नहीं। दूसरा जोरदार धक्का लगाया। पूरा लंड दीदी की बुर में घुस गया। दीदी का शरीर अकड़ गया और वह चीखने लगी —

“आह्हhhhh… मर गई… फट गई… आह्ह… रोहन… बहुत मोटा है… आह्ह… निकाल… आह्ह…”

मैंने दीदी की कमर दोनों हाथों से पकड़ ली और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। दीदी की चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह…”

हर धक्के के साथ दीदी की चीख और तेज हो रही थी। वह तकिये में मुंह दबाए चीख रही थी, लेकिन आवाज फिर भी बाहर आ रही थी।

10 मिनट बाद दीदी फिर से जोर से काँपने लगी। उसकी बुर से पानी की धार निकलने लगी। दीदी चीखते हुए बोली —

“आह्ह्ह… रोहन… आह्ह… फिर आ गया… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह…”

दोपहर 2 बजे – किचन में

हम दोनों किचन में खाना बना रहे थे। दीदी ने अचानक मुझे दीवार से लगा लिया और कहा, “रोहन… मेरी बुर फिर से फड़फड़ा रही है।”

मैंने दीदी को किचन के स्लैब पर बैठा दिया। उसकी नाइटी ऊपर कर दी और उसके पैर फैला दिए। बिना देर किए मैंने मोटा लंड उसकी चूत में घुसा दिया।

इस बार मैं और जोर से चोद रहा था। दीदी स्लैब को दोनों हाथों से पकड़े हुए थी। हर धक्के के साथ दीदी जोर से चीख रही थी —

“आह्ह… रोहन… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह… जोर से… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार जोरदार चुदाई के बाद दीदी फिर से झड़ गई। इस बार पानी की धार और तेज थी। दीदी की चीखें इतनी तेज थीं कि मुझे डर लग रहा था कि कोई सुन न ले।

रात 10 बजे – बेड पर सबसे रफ चुदाई

रात को दीदी ने खुद डॉगी स्टाइल में होकर कहा — “आज रात मुझे और जोर से चोद… मैं और चीखना चाहती हूँ।”

मैंने दीदी की कमर पकड़ ली और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। दीदी की मोटी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। हर धक्के के साथ दीदी की चीख निकल रही थी —

“आह्ह… रोहन… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह… और जोर से… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

मैंने दीदी के बाल पकड़ लिए और और तेजी से चोदने लगा। दीदी की चीखें अब चीख में बदल गई थीं। वह जोर-जोर से चीख रही थी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट गई… आह्ह… बहुत मोटा है… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

20 मिनट तक लगातार रफ चुदाई के बाद दीदी तीन बार झड़ चुकी थी। आखिरी बार जब वह झड़ी तो उसकी चीख इतनी तेज थी कि मैंने उसका मुंह बंद कर दिया।

दीदी थककर बेड पर गिर पड़ी। उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद दीदी ने कहा —

“रोहन… आज तूने सच में मेरी बुर फाड़ दी। इतनी जोर से चीख मैंने कभी नहीं मारी थी। तेरा मोटा लंड मुझे पागल कर रहा है।”

मैंने दीदी को गले लगाते हुए कहा, “कल फिर से इतना ही जोर से चोदूंगा दीदी।”

दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ… लेकिन कल सुबह से शुरू करना। आज रात मुझे तेरे मोटे लंड के साथ सोना है।”

अगले दिन दीदी की गांड में मोटे लंड से चीखे निकाल दी

पिछले दिन की रफ चुदाई के बाद दीदी की बुर में दर्द हो रहा था। सुबह उठते ही दीदी ने कहा —

“रोहन, आज मेरी बुर में दर्द है… आज सिर्फ मेरी गांड मारना।”

मैंने कहा, “ठीक है दीदी, आज सिर्फ गांड।”

सुबह 10 बजे

दीदी नहाकर नाइटी पहनकर मेरे कमरे में आई। मैं बेड पर लेटा था। दीदी ने नाइटी उतार दी और पेट के बल लेट गई। उसकी मोटी, गोरी और भारी गांड मेरे सामने थी।

मैंने दीदी की गांड के दोनों हिस्सों को हाथों से फैलाया। उसका गांड का छेद छोटा और तंग दिख रहा था। मैंने थोड़ा सा तेल लगाया और अपनी उंगली धीरे से उसके अंदर डाली। दीदी ने साँस ली।

फिर मैंने कंडोम लगाया और अपना मोटा लंड दीदी की गांड पर रखा। दीदी ने तकिया मुंह में दबा लिया।

मैंने धीरे से दबाव दिया। लंड का मोटा टोपा अंदर घुसते ही दीदी का शरीर अकड़ गया।

“आह्ह… रोहन… रुक… दर्द हो रहा है… आह्ह…”

मैंने रुका नहीं। एक और जोरदार दबाव दिया। लंड का आधा हिस्सा अंदर चला गया। दीदी जोर से चीख पड़ी —

“आह्हhhhh… मर गई… फट गई मेरी गांड… आह्ह… रोहन… बहुत मोटा है… आह्ह… निकाल… आह्ह…”

मैंने तीसरा जोरदार धक्का लगाया। पूरा मोटा लंड दीदी की गांड में घुस गया। दीदी का शरीर काँप उठा और वह जोर से चीखने लगी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट गई… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

मैंने दीदी की कमर दोनों हाथों से पकड़ ली और धीरे-धीरे बाहर निकालकर फिर अंदर करने लगा। दीदी की गांड मेरे मोटे लंड को बहुत जोर से निचोड़ रही थी। हर धक्के के साथ दीदी की चीख निकल रही थी।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… दर्द हो रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

10 मिनट बाद दीदी की चीखें और भी तेज हो गईं। वह तकिये में मुंह दबाए चीख रही थी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… बहुत मोटा है तेरा… आह्ह… रुक… आह्ह…”

मैंने रफ्तार बढ़ा दी। अब मैं जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। दीदी की मोटी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। दीदी की चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह्ह… रोहन… आह्ह… मेरी गांड फाड़ दी… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार गांड चोदने के बाद दीदी का शरीर जोर से काँपने लगा। उसकी चीखें और तेज हो गईं। साथ ही उसकी बुर से भी पानी निकलने लगा।

दीदी चीखते हुए बोली — “आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मेरी गांड फट गई… आह्ह… पानी भी निकल रहा है… आह्ह…”

मैं भी रुक नहीं पाया। दीदी की गांड में ही झड़ गया। गर्म वीर्य दीदी की गांड में भर गया।

जब मैंने लंड निकाला तो दीदी की गांड का छेद थोड़ा खुला हुआ था और उसमें से मेरा वीर्य धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था।

दीदी थककर बेड पर लेटी रही। उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद दीदी ने कहा —

“रोहन… आज तूने मेरी गांड सच में फाड़ दी। इतनी जोर से चीख मैंने कभी नहीं मारी थी। तेरा मोटा लंड मेरी गांड में बहुत दर्द कर रहा था।”

मैंने दीदी को गले लगाते हुए कहा, “कल फिर से तेरी गांड मारूंगा दीदी।”

दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ… लेकिन कल और जोर से मारना। आज रात मुझे तेरे मोटे लंड के साथ सोना है।”

अगले दिन बुर + गांड दोनों में मोटे लंड से चीखे निकाल दी (Part 4)

पिछले दिन दीदी की गांड में मोटे लंड से चोदने के बाद दीदी पूरी रात थकी हुई सोई रही। अगले दिन सुबह उठते ही दीदी ने कहा —

“रोहन, आज मेरी बुर और गांड दोनों में चोदना। जितना जोर से चोद सके, चोद दे।”

सुबह 9 बजे – बुर चुदाई

दीदी नहाकर नाइटी पहनकर मेरे कमरे में आई। मैं बेड पर लेटा था। दीदी ने नाइटी उतार दी और सीधे मेरे ऊपर बैठ गई। उसकी चूत पहले से ही गीली थी।

दीदी ने मेरे मोटे लंड को अपनी बुर में उतार लिया। जैसे ही लंड अंदर गया, दीदी जोर से चीख पड़ी —

“आह्ह… रोहन… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह…”

मैंने दीदी की कमर पकड़ ली और नीचे से जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। दीदी की छातियाँ उछल रही थीं। वह जोर से चीख रही थी —

“आह… आह… रोहन… आह्ह… मेरी बुर फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह…”

10 मिनट बाद दीदी फिर से काँपने लगी। उसकी बुर से पानी की धार निकलने लगी। दीदी चीखते हुए बोली —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फिर आ गया… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह…”

दोपहर 1 बजे – गांड चुदाई

दोपहर को दीदी ने खुद कहा, “अब मेरी गांड मार।”

दीदी पेट के बल लेट गई। मैंने थोड़ा तेल लगाया और अपना मोटा लंड दीदी की गांड पर रखा। एक जोरदार धक्का लगाया। लंड का मोटा हिस्सा अंदर घुसते ही दीदी जोर से चीख पड़ी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट गई मेरी गांड… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… दर्द हो रहा है… आह्ह…”

मैंने दीदी की कमर पकड़ ली और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। दीदी की चीखें लगातार निकल रही थीं।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… मेरी गांड फाड़ दी… आह्ह… मोटा लंड… फाड़ रहा है… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार गांड चोदने के बाद दीदी का शरीर जोर से काँपने लगा। वह जोर से चीख रही थी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट गई… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह…”

रात 10 बजे – बुर + गांड दोनों में लंबी चुदाई

रात को दीदी ने कहा, “आज रात मुझे दोनों में चोदना… पहले बुर फिर गांड।”

पहले मैंने दीदी की बुर चोदी। दीदी जोर से चीख रही थी। 10 मिनट बाद मैंने लंड बाहर निकाला और सीधे दीदी की गांड में घुसा दिया।

दीदी की चीख और भी तेज हो गई —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… अब गांड में… आह्ह… फट गई… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

मैंने दीदी को डॉगी स्टाइल में कर दिया। अब मैं बारी-बारी से उसकी बुर और गांड में लंड मार रहा था। हर बार जब लंड गांड में जाता, दीदी जोर से चीखती —

“आह्ह… रोहन… आह्ह… गांड में मत… आह्ह… फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह…”

20 मिनट तक लगातार दोनों छेदों में चोदने के बाद दीदी तीन बार झड़ चुकी थी। आखिर में मैं दीदी की गांड में ही झड़ गया।

दीदी थककर बेड पर गिर पड़ी। उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं। थोड़ी देर बाद दीदी ने कहा —

“रोहन… आज तूने मेरी बुर और गांड दोनों फाड़ दी। इतनी जोर से चीख मैंने कभी नहीं मारी थी। तेरा मोटा लंड मुझे पागल कर रहा है।”

मैंने दीदी को गले लगाते हुए कहा, “कल फिर से दोनों में चोदूंगा दीदी।”

दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ… लेकिन कल और ज्यादा जोर से।”

दीदी की चीखों वाला और ज्यादा डिटेल (Part 5 – चीखों पर पूरा फोकस)

रात के 11 बजे दीदी नहाकर मेरे कमरे में आई। उसने नाइटी उतार दी और सीधे बेड पर लेट गई। आज उसका मूड कुछ अलग था।

दीदी ने कहा, “रोहन, आज मुझे बहुत जोर से चोदना। मैं चीखना चाहती हूँ। जितना जोर से चीख सकूँ, उतना जोर से मारना।”

मैंने कंडोम लगाया और दीदी के ऊपर चढ़ गया। मेरा लंड पहले से ही बहुत मोटा और तना हुआ था। मैंने दीदी की चूत पर लंड रखा और एक जोरदार धक्का मारा।

लंड अंदर जाते ही दीदी की पहली चीख:

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फट गई… आह्ह…”

दीदी की चीख इतनी तेज थी कि मैंने उसका मुंह बंद कर दिया। लेकिन चीख अभी भी उसके गले से निकल रही थी। मैंने दूसरा जोरदार धक्का लगाया। पूरा मोटा लंड दीदी की बुर में घुस गया।

दीदी का शरीर अकड़ गया। उसकी आँखें फट गईं और वह जोर से चीखने लगी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मर गई रे… फट गई मेरी बुर… आह्ह… बहुत मोटा है तेरा… आह्ह… निकाल… आह्ह… दर्द हो रहा है… आह्ह…”

मैंने दीदी की टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ दीदी की चीख निकल रही थी।

“आह… आह… रोहन… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह…”

दीदी की चीखें लगातार और तेज होती जा रही थीं। वह दोनों हाथों से चादर को इतनी जोर से पकड़े हुए थी कि उसकी उँगलियाँ सफेद हो गई थीं। उसका शरीर आगे-पीछे हो रहा था और हर धक्के के साथ वह जोर से चीख रही थी।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट रही है… आह्ह… बहुत जोर से मार रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… रुक… आह्ह…”

10 मिनट बाद दीदी का शरीर अचानक अकड़ गया। उसकी आँखें पीछे की तरफ चली गईं और वह जोर से काँपने लगी। साथ ही उसकी बुर से पानी की तेज धार निकलने लगी।

दीदी चीखते हुए बोली —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… मैं गई… आह्ह… पानी निकल रहा है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… फाड़ रहा है… आह्ह…”

मैंने रफ्तार और बढ़ा दी। अब दीदी की चीखें और भी तेज हो गईं। वह जोर-जोर से चीख रही थी —

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… फट गई… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… मर गई… आह्ह… रुक… आह्ह… बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह…”

15 मिनट तक लगातार जोरदार चुदाई के बाद दीदी तीन बार झड़ चुकी थी। हर बार जब वह झड़ती, उसकी चीख और तेज हो जाती थी।

आखिर में जब मैं झड़ने वाला था, मैंने लंड दीदी की बुर से निकालकर उसकी गांड में घुसा दिया।

गांड में जाने पर दीदी की चीख:

“आहhhhhhhhh… रोहन… आह्ह… अब गांड में… आह्ह… फट गई… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… मर जाऊँगी… आह्ह… रुक… आह्ह…”

दीदी की चीख इतनी तेज थी कि मैंने उसका मुंह दोनों हाथों से बंद कर दिया। लेकिन फिर भी उसकी चीखें निकल रही थीं। मैंने जोर-जोर से धक्के लगाए। दीदी का शरीर काँप रहा था और वह जोर से चीख रही थी।

“आह्हhhhh… रोहन… आह्ह… गांड फट रही है… आह्ह… मोटा लंड… आह्ह… दर्द… आह्ह… मर गई… आह्ह…”

20 मिनट तक लगातार दोनों छेदों में चोदने के बाद दीदी पूरी तरह थक चुकी थी। उसकी चीखें अब धीमी हो गई थीं, लेकिन फिर भी निकल रही थीं।

आखिर में जब मैं दीदी की गांड में झड़ गया, दीदी जोर से काँपते हुए बोली —

“आह्ह… रोहन… आह्ह… आज तूने सच में मुझे मार डाला… इतनी जोर से चीख मैंने कभी नहीं मारी थी… तेरा मोटा लंड… आह्ह… बहुत कमाल का है…”

दीदी थककर मेरे ऊपर गिर पड़ी। उसकी साँसें बहुत तेज चल रही थीं।

थोड़ी देर बाद दीदी ने कहा, “रोहन… कल फिर से इतना ही जोर से चोदना… मैं और चीखना चाहती हूँ।”

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